नई दिल्ली | भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर रविवार को नई दिल्ली में भव्य जनजातीय सांस्कृतिक समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रामलीला मैदान से लाल किला तक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और गौरव का भव्य प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोगों एवं कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाया।

शोभायात्रा में पारंपरिक वेशभूषा, सांस्कृतिक झांकियां और जनजातीय कला आकर्षण का केंद्र रहीं। पूरे मार्ग में जनजातीय संस्कृति की विविधता और विरासत की झलक देखने को मिली, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।

कार्यक्रम में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर उरांव, पश्चिम बंगाल सरकार के आदिवासी मंत्री खुदीराम टुडू, अशोक बडाईक, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री आनंद मुर्मू एवं आईटी सेल सह प्रभारी अनिल बोदरा सहित झारखंड से पहुंचे कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस दौरान उपस्थित नेताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, त्याग और आदर्शों को याद करते हुए समाज से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम के माध्यम से जनजातीय समाज की एकता, संस्कृति और परंपराओं को सशक्त बनाने का संदेश दिया गया।



























