कोल्हान

पीएम आवास योजना की धीमी प्रगति पर सख्ती, 16 लाभुकों ने पहली किस्त मिलने के बाद भी शुरू नहीं किया निर्माण

पीएम आवास योजना की धीमी प्रगति पर सख्ती, 16 लाभुकों ने पहली किस्त मिलने के बाद भी शुरू नहीं किया निर्माण

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा के उद्देश्य से जिला समन्वयक पीएमएवाई-जी मौ. सरफराज ने टोंटो प्रखंड की कोंदवा पंचायत का सघन क्षेत्र भ्रमण एवं निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि योजना के तहत प्रथम किस्त की राशि प्राप्त होने के बावजूद 16 लाभुकों ने अब तक आवास निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया है। क्षेत्र भ्रमण के क्रम में जिला समन्वयक जब चिन्हित लाभुकों के घर पहुंचे तो अधिकांश आवासों में ताला बंद मिला। इस कारण संबंधित लाभुकों से प्रत्यक्ष रूप से बातचीत नहीं हो सकी। वहीं, मौके पर उपस्थित अन्य लाभुकों से संवाद कर आवास निर्माण में आ रही व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी ली गई।

Contact us :- 7004820253

जिला समन्वयक ने मौके पर मौजूद पंचायत सचिव विपिन कुम्हार और प्रखंड समन्वयक जीत सिंह जोजो को निर्देश दिया कि लाभुकों की समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें आवास निर्माण के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजना के तहत राशि प्राप्त होने के बाद आवास निर्माण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

निरीक्षण के दौरान ऐसे लाभुकों को भी शीघ्र आवास निर्माण पूरा करने की कड़ी हिदायत दी गई, जिन्होंने द्वितीय किस्त की राशि प्राप्त करने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा छोड़ रखा है।
इसके अलावा जिला समन्वयक ने स्थानीय मुखिया एवं मुंडा से मुलाकात कर योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग की अपील की। उन्होंने प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि अगले एक-दो दिनों के भीतर विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर चिन्हित लाभुकों को आवास निर्माण के लिए प्रेरित किया जाए।

Contact no :- +91 8553588326

जिला समन्वयक ने कहा कि समय पर आवास निर्माण पूरा होने से न केवल संबंधित परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध होगा, बल्कि गांव और समाज के विकास को भी गति मिलेगी। साथ ही, योजना के तहत वर्तमान आवासों के समय पर पूर्ण होने से भविष्य में गांव के अन्य जरूरतमंद ग्रामीणों के लिए नए आवास स्वीकृत कराने में भी सुविधा होगी।

Contact no :- +91 9337736501
विधायक सोनाराम सिंकु की अनुशंसा पर तीन महत्वपूर्ण जर्जर सड़कों का सर्वे

विधायक सोनाराम सिंकु की अनुशंसा पर तीन महत्वपूर्ण जर्जर सड़कों का सर्वे

जगन्नाथपुर | जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सह पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं झारखंड सरकार के उपमुख्य सचेतक सोनाराम सिंकु की अनुशंसा पर विधानसभा क्षेत्र की तीन महत्वपूर्ण जर्जर सड़कों के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण की दिशा में पहल तेज हो गई है। शुक्रवार को पथ निर्माण विभाग की टीम ने नोवामुंडी एवं जगन्नाथपुर प्रखंड क्षेत्र की इन सड़कों का स्थल निरीक्षण कर सर्वे किया।

Contact us :- 7004820253

सर्वे के दौरान पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार चौधरी, एसडीओ सुनील कुमार श्रीवास्तव, कनीय अभियंता मोनू कुमार पांडेय एवं सर्वेयर प्रिंस पटेल मौजूद रहे।
नोवामुंडी प्रखंड क्षेत्र में जेटेया मोड़ से जेटेया बाजार चौक तथा जेटेया बाजार चौक से कोठगढ़ बस स्टैंड चौक तक करीब 20 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क का सर्वे किया गया। इस सड़क से करीब 40 से 50 गांव जुड़े हुए हैं और लगभग 50 से 60 हजार लोगों के आवागमन के लिए यह महत्वपूर्ण मार्ग है। सड़क की स्थिति लंबे समय से जर्जर होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

वहीं, जगन्नाथपुर प्रखंड के जगन्नाथपुर-जैतगढ़ मुख्य सड़क से ग्राम जिन्तुगाड़ा के टोला बुरूसाई होते हुए तोंडागहातु स्थित पीडब्ल्यूडी मुख्य सड़क तक सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए भी स्थल सर्वे किया गया। इस मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों को प्रखंड एवं अनुमंडल मुख्यालय के साथ-साथ मालुका रेलवे स्टेशन और पीडब्ल्यूडी मुख्य सड़क तक बेहतर संपर्क सुविधा मिलने की उम्मीद है।

Contact no :- +91 8553588326

बताया गया कि ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए विधायक सोनाराम सिंकु ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र की इन महत्वपूर्ण सड़कों के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण की मांग की थी। इसके बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पथ निर्माण विभाग की टीम ने स्थल निरीक्षण एवं सर्वे का कार्य पूरा किया है।

Contact no :- +91 9337736501

विधायक सोनाराम सिंकु ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में नोवामुंडी एवं जगन्नाथपुर प्रखंड की निम्नलिखित सड़कों के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण की मांग की थी—
नोवामुंडी प्रखंड: हाटगम्हरिया-नोवामुंडी एनएच-320 मुख्य सड़क के जेटेया मोड़ से जेटेया बाजार चौक तक सड़क निर्माण।
नोवामुंडी प्रखंड: एनएच-320 स्थित कोठगढ़ बस स्टैंड चौक से जेटेया बाजार चौक तक सड़क निर्माण।
जगन्नाथपुर प्रखंड: ग्राम जिन्तुगाड़ा के टोला बुरूसाई से ग्राम तोंडागहातु स्थित पीडब्ल्यूडी मुख्य सड़क तक सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

विधायक की ओर से मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र में कहा गया था कि उक्त सड़कें कई गांवों को जोड़ती हैं और ग्रामीणों के लिए लाइफलाइन के रूप में काम करती हैं। इन मार्गों से एनएच-320, प्रखंड एवं अनुमंडल मुख्यालय, मालुका रेलवे स्टेशन सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक संपर्क स्थापित होता है। सड़कों की जर्जर स्थिति के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है।

Book your slot today : +91 7250214782

इधर, तीनों सड़कों के सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद क्षेत्र के लोगों में सड़क निर्माण को लेकर उम्मीद जगी है। पथ निर्माण विभाग द्वारा सर्वे के आधार पर नया डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) तैयार कर विभाग को सौंपे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सड़क का निर्माण होने से ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ ही स्थानीय बाजार, व्यापार, शिक्षा और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पश्चिमी सिंहभूम के स्थानीय उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार, निर्यात बढ़ाने पर जोर

पश्चिमी सिंहभूम के स्थानीय उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार, निर्यात बढ़ाने पर जोर

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति (DLEPC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों, कृषि एवं वन आधारित उत्पादों तथा स्थानीय उत्पादों को मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

Contact us :- 7004820253

बैठक में महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र द्वारा जिले में निर्यात प्रोत्साहन के लिए हेवी इंजीनियरिंग उत्पादों के चयन से संबंधित जानकारी दी गई। चर्चा के दौरान बताया गया कि पश्चिमी सिंहभूम खनिज संपदा से समृद्ध जिला है, जहां विशेष रूप से लौह अयस्क एवं चूना पत्थर की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके अलावा खाद्य प्रसंस्करण, सिल्क तथा अन्य स्थानीय उत्पादों को निर्यात के लिए प्रोत्साहित कर जिले की आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी जा सकती है।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

लघु वन उत्पादों के संग्रहण और प्रसंस्करण पर जोर
बैठक में चैंबर प्रतिनिधियों ने जिले में उपलब्ध लघु वन उत्पादों, जैसे नीम, बेर, जामुन एवं विभिन्न जंगली फलों की प्रचुर उपलब्धता की जानकारी दी। इन उत्पादों के व्यवस्थित संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं विपणन की बेहतर व्यवस्था विकसित कर इन्हें बड़े बाजारों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के प्रतिनिधि श्री देव कुमार ने बताया कि जिले के लिए जिला निर्यात कार्ययोजना पूर्व में तैयार की जा चुकी है। बैठक में सहायक निदेशक, डीजीएफटी द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुरूप कार्ययोजना में आवश्यक सुधार कर इसे पुनः समिति के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया, जिस पर समिति के सदस्यों ने सहमति जताई।

Contact no :- +91 8553588326

स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम में प्राकृतिक एवं स्थानीय संसाधनों की व्यापक उपलब्धता है। आवश्यकता इस बात की है कि स्थानीय उत्पादों की पहचान कर उनका मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग और बेहतर बाजार संपर्क सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय उत्पादकों, किसानों, स्वयं सहायता समूहों एवं उद्यमियों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले की निर्यात क्षमता को विकसित करने तथा स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल करने का निर्देश दिया।

Contact no :- +91 9337736501

20 मिनी कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने की पहल
बैठक में उपायुक्त ने जिले में कृषि एवं बागवानी उत्पादों के संरक्षण और भंडारण की बेहतर व्यवस्था के लिए 20 मिनी कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने की दिशा में पहल करने का निर्देश दिया। इसके माध्यम से किसानों को अपने उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के साथ उचित बाजार और बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा जिले में निर्यात की संभावनाओं को देखते हुए मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन को भी प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने आगामी बैठक से पूर्व एपीडा के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर खाद्य प्रसंस्करण एवं कृषि आधारित उत्पादों को निर्यात के लिए प्रोत्साहित करने की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श करने को कहा।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

जेएसएलपीएस सहित विभिन्न विभागों के समन्वय से बनेगी रणनीति
उपायुक्त ने आगामी जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठकों में झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन समिति (JSLPS) को शामिल करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण आजीविका गतिविधियों से जुड़े उत्पादों को भी निर्यात की संभावनाओं से जोड़ना है।
उन्होंने अंतर-विभागीय बैठकें आयोजित कर जिले की निर्यात क्षमता विकसित करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया। बैठक में ‘एक जिला, एक उत्पाद’ के तहत चिरौंजी, महुआ, जामुन, केला, शरीफा, ड्रैगन फ्रूट एवं आम जैसे उत्पादों को शामिल करने की दिशा में आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया गया।

Book your slot today : +91 7250214782

उपायुक्त ने कहा कि स्थानीय संसाधनों और उत्पादों को बाजार से जोड़कर न केवल जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है, बल्कि किसानों, उत्पादकों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों की आय बढ़ाने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं।
बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी, डीजीएफटी के प्रतिनिधि, चैंबर प्रतिनिधि सहित जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

जर्जर विद्यालय भवनों के सुरक्षित निस्तारण को लेकर कार्यशाला, बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता: उपायुक्त

जर्जर विद्यालय भवनों के सुरक्षित निस्तारण को लेकर कार्यशाला, बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता: उपायुक्त

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले में विद्यालयों के जर्जर भवनों के सुरक्षित एवं नियमानुसार निस्तारण को लेकर टाटा कॉलेज, चाईबासा स्थित बहुउद्देशीय सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार ने की। इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे।

Contact us :- 7004820253

कार्यशाला में विद्यालयों से प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर जिले के 254 विद्यालयों में जर्जर भवनों की पहचान किए जाने की जानकारी दी गई। संबंधित विद्यालयों में जर्जर भवनों की वर्तमान स्थिति, उनके सुरक्षित निस्तारण तथा इसके लिए अपनाई जाने वाली आवश्यक प्रक्रिया के संबंध में प्रधानाध्यापकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जर्जर भवनों को चिह्नित कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।

Contact no :- +91 8553588326

उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों को तोड़ने के बाद निकलने वाली सामग्री एवं अपशिष्ट के नियमानुसार निस्तारण से प्राप्त राशि का उपयोग विद्यालय की आवश्यकता के अनुरूप निर्माण कार्य एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास में किया जा सकता है। उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधन समितियों को इस प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरतते हुए पारदर्शिता एवं नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

Contact no :- +91 9337736501

उपायुक्त ने कहा कि “शिक्षा केवल मनुष्य के वर्तमान को नहीं, बल्कि उसके भविष्य को भी संवारती है।” जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो, ताकि वे सशक्त बनकर जीवन में आगे बढ़ सकें। उन्होंने प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

उन्होंने कहा कि जिले के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है कि उन्हें उचित मार्गदर्शन, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और निरंतर प्रोत्साहन मिले। उपायुक्त ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं में पश्चिमी सिंहभूम के विद्यार्थियों से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त करने की अपेक्षा जताई। इसके लिए विद्यालय स्तर पर नियमित अनुश्रवण, कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान और परीक्षा की बेहतर तैयारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

Book your slot today : +91 7250214782

कार्यशाला के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों, प्रधानाध्यापकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने नशामुक्ति की शपथ ली। उपायुक्त ने सभी से अपील की कि वे अपने आसपास किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ के उत्पादन, बिक्री अथवा सेवन को बढ़ावा न मिलने दें। उन्होंने कहा कि बच्चों एवं युवाओं को नशे की गिरफ्त से दूर रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यालय इस दिशा में जागरूकता का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकते हैं और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।

लद्दाख पर्वतारोहण अभियान में शानदार प्रदर्शन करने वाले दृष्टिबाधित पर्वतारोहियों को मिला सम्मान

लद्दाख पर्वतारोहण अभियान में शानदार प्रदर्शन करने वाले दृष्टिबाधित पर्वतारोहियों को मिला सम्मान

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में शुक्रवार को लद्दाख में आयोजित डीज़ो-जोंगो पर्वतारोहण अभियान में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले जिले के दो दृष्टिबाधित पर्वतारोहियों को सम्मानित किया गया। उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने जगन्नाथपुर प्रखंड के तोड़ानहातु निवासी शेखर गोप और नोआमुंडी प्रखंड के बड़ाजामदा निवासी धीरोज कुंभार को सम्मानित करते हुए उनकी उपलब्धियों की सराहना की तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जिला खेल पदाधिकारी मार्कस हेम्ब्रम भी उपस्थित रहे।

Contact us :- 7004820253

शेखर गोप ने लगभग 20,000 फीट ऊंचे डीज़ो-जोंगो शिखर का सफलतापूर्वक आरोहण कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। वहीं, धीरोज कुंभार ने 16,732 फीट की ऊंचाई पर स्थित अभियान के बेस कैंप तक सफलतापूर्वक पहुंच बनाई। दोनों पर्वतारोही जन्म से दृष्टिबाधित हैं और वर्ष 2022 से नोआमुंडी स्थित सबल, टाटा स्टील फाउंडेशन की दिव्यांगता समावेशन पहल, से जुड़े हुए हैं।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

सबल के माध्यम से दोनों ने स्वतंत्र आवागमन, आउटडोर गतिविधियों की तैयारी, डिजिटल कौशल और जीवन कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण ने उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने और पर्वतारोहण जैसे कठिन अभियान के लिए तैयार होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस मौके पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि शेखर गोप और धीरोज कुंभार की उपलब्धि यह साबित करती है कि उचित प्रशिक्षण, अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर दिव्यांगजन भी कठिन से कठिन लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रतिभाओं को उनकी क्षमता और रुचि के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने तथा जिले में समावेशी वातावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

Contact no :- +91 8553588326

पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने भी दोनों पर्वतारोहियों के साहस, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों की सफलता अन्य युवाओं, विशेषकर दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

Contact no :- +91 9337736501

शेखर गोप और धीरोज कुंभार इससे पहले ब्लाइंड फुटबॉल में झारखंड का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। ग्रामीण पश्चिमी सिंहभूम से निकलकर लद्दाख के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र तक पहुंचने की उनकी यात्रा खेल प्रतिभा के साथ-साथ आत्मविश्वास, निरंतर प्रयास और अवसरों की महत्ता को भी दर्शाती है।


अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

जिला प्रशासन द्वारा दोनों पर्वतारोहियों को सम्मानित किया जाना दिव्यांगजनों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और जिले में समान अवसर एवं समावेशी विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। शेखर गोप और धीरोज कुंभार ने अपनी उपलब्धि से न केवल अपने परिवार और क्षेत्र, बल्कि पूरे पश्चिमी सिंहभूम जिले को गौरवान्वित किया है।

Book your slot today : +91 7250214782
सेंट जेवियर्स हाई स्कूल में रोटरी क्लब ने लगाया निःशुल्क नेत्र जांच शिविर, 300 विद्यार्थियों की हुई जांच

सेंट जेवियर्स हाई स्कूल में रोटरी क्लब ने लगाया निःशुल्क नेत्र जांच शिविर, 300 विद्यार्थियों की हुई जांच

चाईबासा | समाज सेवा के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता के तहत रोटरी क्लब ऑफ चाईबासा द्वारा शुक्रवार को सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, लुपुंगुटू में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। क्लब द्वारा प्रत्येक माह आयोजित किए जाने वाले मासिक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर की कड़ी में आयोजित इस शिविर में करीब 300 विद्यार्थियों की आंखों की जांच की गई।

Contact us :- 7004820253

यह शिविर स्वर्गीय रोटेरियन एन.के. ठक्कर की पुण्य स्मृति में रोटेरियन हीना ठक्कर के प्रायोजन से आयोजित किया गया।
रोटरी क्लब ऑफ चाईबासा के अध्यक्ष रोटेरियन अमित पोद्दार ने कहा कि क्लब का उद्देश्य केवल सेवा कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि रोटरी क्लब द्वारा प्रत्येक माह विद्यालयों में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं, ताकि बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान की जा सके और उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब भविष्य में भी इसी प्रकार समाजहित के कार्य निरंतर करता रहेगा।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

क्लब के सचिव रोटेरियन सौरव प्रसाद ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य ही देश का भविष्य है। नियमित स्वास्थ्य जांच से कई बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन के लिए विद्यालय प्रबंधन, संजीव नेत्रालय की टीम और सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Contact no :- +91 8553588326

शिविर में संजीव नेत्रालय, चाईबासा के विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं तकनीकी टीम ने आधुनिक उपकरणों की सहायता से विद्यार्थियों की आंखों की विस्तृत जांच की और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। जिन विद्यार्थियों में नेत्र संबंधी समस्याएं पाई गईं, उन्हें प्रायोजक की ओर से आवश्यक दवाइयां एवं चश्मे उपलब्ध कराए जाएंगे।

Contact no :- +91 9337736501

विद्यालय प्रबंधन समिति ने रोटरी क्लब ऑफ चाईबासा की पहल की सराहना करते हुए कहा कि क्लब पिछले कई वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। विशेष रूप से प्रत्येक माह आयोजित होने वाले स्वास्थ्य जांच शिविर विद्यार्थियों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रहे हैं। विद्यालय परिवार ने रोटरी क्लब के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस तरह के सेवा कार्यों के निरंतर आयोजन की अपेक्षा जताई।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

इस अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ चाईबासा के अध्यक्ष अमित पोद्दार, सचिव सौरव प्रसाद, महेश खत्री, रमेश चंद्र दत्तानी, सुशील मूंधड़ा, दीपक गुप्ता, नवजीत सिंह, विनय लोधा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
विद्यालय की ओर से फादर किशोर लुगुन, विजय पात्रा, आशीष झा, शंकर लाल खंडैत, बिनिता अंजारिया, टिमोथी दास, अभिराम दास, कॉर्नेलियस सोरेन्ग, विजय कुजूर, पुष्पिका और बिमल सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

Book your slot today : +91 7250214782

शिविर में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने रोटरी क्लब ऑफ चाईबासा की इस नियमित जनसेवा पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मासिक स्वास्थ्य जांच शिविर समाज के लिए बेहद उपयोगी हैं और भविष्य में भी इनका आयोजन निरंतर जारी रहना चाहिए।

सखी संवाद कार्यक्रम में महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर, उपायुक्त ने दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश

सखी संवाद कार्यक्रम में महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर, उपायुक्त ने दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर चाईबासा प्रखंड स्थित सामुदायिक आजीविका समूह में सखी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त मनीष कुमार ने समाहरणालय सभागार से उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार एवं सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल की मौजूदगी में वर्चुअल माध्यम से शिरकत की। जिले के सभी प्रखंडों से स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया।

Contact us :- 7004820253

कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचाने तथा लंबित मामलों का नियमित फॉलोअप करने पर जोर दिया।
“पहचान से समृद्धि” अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
बैठक में “पहचान से समृद्धि” अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने जिले के सभी स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों का ई-केवाईसी पूर्ण कराने तथा प्रत्येक सदस्य की व्यक्तिगत बैंक पासबुक को अद्यतन रखने का निर्देश दिया। साथ ही, मोबाइल नंबर का सत्यापन कर संबंधित अभिलेखों एवं पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी को भी अद्यतन करने को कहा।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

उपायुक्त ने कहा कि “पहचान से समृद्धि” अभियान का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उनकी सशक्त पहचान के साथ वित्तीय एवं बैंकिंग सेवाओं, ऋण सुविधा, आजीविका के अवसरों और विभिन्न सरकारी योजनाओं से बेहतर तरीके से जोड़ना है। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान के दौरान किसी भी पात्र सदस्य की जानकारी अधूरी न रहे और प्रत्येक महिला को उसकी पात्रता के अनुसार योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए नियमित फॉलोअप किया जाए।

Contact no :- +91 8553588326

उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बैंकिंग सुविधाओं के प्रति जागरूक करने, बचत की आदत को बढ़ावा देने तथा स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आय के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
पात्र लाभुकों को पशुधन योजना से जोड़ने का निर्देश
पशुपालन एवं आजीविका से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने पशु सखियों की सूची मंगाकर उसका अद्यतन एवं सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों की पहचान कर उन्हें पशुधन योजना से जोड़ा जाए, ताकि ग्रामीण परिवारों एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आजीविका को और मजबूत किया जा सके।

Contact no :- +91 9337736501

मुद्रा ऋण और सीसीएल वितरण में तेजी लाने के निर्देश
उपायुक्त ने मुद्रा ऋण से संबंधित प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने तथा पात्र लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऋण से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब नहीं होने देने तथा पात्र लाभुकों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को कहा।
वित्तीय समावेशन की समीक्षा के क्रम में लंबित मामलों में सीसीएल वितरण की प्रक्रिया में भी तेजी लाने तथा संबंधित मामलों का नियमित फॉलोअप करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होने से उनकी आजीविका गतिविधियों और सामूहिक उद्यमों को गति मिलेगी।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

वर्षा ऋतु में स्वास्थ्य एवं मच्छरजनित रोगों से बचाव को लेकर जागरूकता
वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों के माध्यम से गांवों तक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने सदस्यों एवं ग्रामीण परिवारों को गर्म पानी का सेवन करने तथा मच्छरों से बचाव के लिए नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने के प्रति जागरूक और प्रोत्साहित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने-अपने गांवों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए समूह की बैठकों एवं सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाए।
एसआईआर प्रक्रिया में पात्र व्यक्तियों का नाम सुनिश्चित कराने का निर्देश
बैठक में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी व्यापक जागरूकता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित व्यक्तियों को एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम प्रक्रिया के दौरान छूटने न पाए।

Book your slot today : +91 7250214782

उन्होंने निर्देश दिया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज नहीं है, तो संबंधित व्यक्ति अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए नाम दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों से भी अपने परिवार एवं आसपास के पात्र नागरिकों को इस संबंध में जागरूक करने की अपील की गई।
निर्णयों के समयबद्ध अनुपालन पर जोर
कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को बैठक में लिए गए निर्णयों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने योजनाओं एवं गतिविधियों की नियमित समीक्षा, लंबित मामलों के फॉलोअप तथा प्रगति की निरंतर निगरानी करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
उपायुक्त ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम हैं। समूह की प्रत्येक महिला को उसकी पहचान के साथ वित्तीय अवसरों, आजीविका, ऋण एवं सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

देर रात सदर अस्पताल पहुंचीं सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, मरीजों से लिया स्वास्थ्य सुविधाओं का फीडबैक

देर रात सदर अस्पताल पहुंचीं सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, मरीजों से लिया स्वास्थ्य सुविधाओं का फीडबैक

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और चिकित्सकीय एवं अन्य व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के उद्देश्य से सहायक समाहर्ता सुश्री ईरा जोरवाल ने देर रात जिला अस्पताल, चाईबासा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों एवं वार्डों का भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, मरीजों को मिल रही सुविधाओं तथा ड्यूटी रोस्टर के अनुरूप चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति की जानकारी ली।

Contact us :- 7004820253

सहायक समाहर्ता ने पुरुष वार्ड, महिला वार्ड, लेबर रूम, स्त्री एवं प्रसूति विभाग, इमरजेंसी कक्ष सहित अस्पताल के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने मरीजों से भोजन की उपलब्धता एवं गुणवत्ता, निःशुल्क दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकों द्वारा नियमित विजिट, उपचार की स्थिति तथा अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

इमरजेंसी कक्ष के निरीक्षण के दौरान सहायक समाहर्ता ने वहां की व्यवस्थाओं का विशेष रूप से जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की चिकित्सकीय स्थिति का उचित आकलन कर आवश्यकता एवं सुविधा के अनुसार उन्हें संबंधित वार्ड में समय पर शिफ्ट किया जाए। इससे इमरजेंसी कक्ष में गंभीर एवं आकस्मिक मरीजों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध रह सकेगा।

Contact no :- +91 8553588326

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन मरीजों का उपचार पूरा हो चुका है और चिकित्सकीय दृष्टि से उन्हें अस्पताल में भर्ती रखने की आवश्यकता नहीं है, उनकी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर समय पर डिस्चार्ज की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। साथ ही, इमरजेंसी कक्ष में अनावश्यक रूप से मरीजों एवं उनके परिजनों की भीड़ नहीं लगने देने तथा अस्पताल की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए।

Contact no :- +91 9337736501

सहायक समाहर्ता ने चिकित्सकों, अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों की सुविधा, स्वच्छता, समय पर उपचार, दवाइयों की उपलब्धता तथा चिकित्सकीय सेवाओं की निरंतरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को सम्मानजनक व्यवहार के साथ गुणवत्तापूर्ण, सहज और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601
डेंगू की रोकथाम को लेकर उपायुक्त ने दिए सघन निगरानी और स्वच्छता के निर्देश, 11 सितंबर को छह स्थानों पर होगा रक्तदान शिविर

डेंगू की रोकथाम को लेकर उपायुक्त ने दिए सघन निगरानी और स्वच्छता के निर्देश, 11 सितंबर को छह स्थानों पर होगा रक्तदान शिविर

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डेंगू संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण तथा आगामी 11 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल सहित सिविल सर्जन, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी एवं क्षेत्रीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

Contact us :- 7004820253

डेंगू की रोकथाम के लिए स्वच्छता पर जोर
बैठक में उपायुक्त ने डेंगू के संभावित संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए जिले में सघन निगरानी, मच्छर नियंत्रण, स्रोत नियंत्रण, जांच एवं उपचार के साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डेंगू की रोकथाम में आम नागरिकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समय रहते समाप्त कर डेंगू के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं को लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने का निर्देश देते हुए कहा कि डेंगू फैलाने वाला मच्छर ठहरे हुए साफ पानी में भी पनप सकता है। इसलिए घर, कार्यालय, विद्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा नहीं होने देना जरूरी है।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

उन्होंने कूलर, गमले, पानी की टंकी, बाल्टी, ड्रम, पुराने टायर, टूटे बर्तन, नारियल के खोल सहित ऐसे सभी पात्रों की नियमित सफाई और उनमें जमा पानी की निकासी सुनिश्चित करने को कहा। पानी की टंकियों एवं अन्य जलपात्रों को ढककर रखने तथा सप्ताह में कम से कम एक बार पानी खाली कर पात्रों की अच्छी तरह सफाई करने की अपील की गई।
मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील
उपायुक्त ने जिलेवासियों से पूरी बांह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने तथा मच्छरों से बचाव के सुरक्षित उपाय अपनाने की अपील की। साथ ही जलजमाव वाले स्थानों की तत्काल सूचना संबंधित स्वास्थ्य एवं स्थानीय निकाय के कर्मियों को देने को कहा।

Contact no :- +91 8553588326

क्षेत्रीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को घर-घर संपर्क कर लोगों को डेंगू के लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी देने तथा संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया।
डेंगू के लक्षणों को लेकर रहें सतर्क
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू संक्रमण में सामान्यतः तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, अत्यधिक कमजोरी तथा त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण सामने आने पर लापरवाही न बरतते हुए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की गई।

Contact no :- +91 9337736501

तेज बुखार के साथ लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द, नाक या मसूड़ों से रक्तस्राव, अत्यधिक कमजोरी, बेचैनी अथवा असामान्य रक्तस्राव जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा लेने की सलाह दी गई।
उपायुक्त ने चिकित्सा पदाधिकारियों को संदिग्ध डेंगू मरीजों की समय पर जांच, आवश्यक उपचार एवं निगरानी सुनिश्चित करने तथा जिले में संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डेंगू की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सामूहिक प्रयास से ही इसे प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
11 सितंबर को छह स्थानों पर होगा रक्तदान शिविर
बैठक के दूसरे चरण में 11 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले स्वैच्छिक रक्तदान शिविर की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिले में एक साथ छह स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

रक्तदान शिविर के आयोजन स्थल:
सदर अस्पताल, चाईबासा
अनुमंडल अस्पताल, चक्रधरपुर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बंदगांव
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोईलकेरा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, झींकपानी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तांतनगर
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को शिविर स्थलों पर रक्तदाताओं के पंजीकरण, चिकित्सकीय जांच, रक्त संग्रह, आवश्यक चिकित्सा उपकरण एवं अन्य सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

Book your slot today : +91 7250214782

उन्होंने कहा कि रक्तदान एक महत्वपूर्ण मानवीय सेवा है। आपात स्थिति, दुर्घटना, प्रसव, गंभीर बीमारी एवं अन्य चिकित्सा आवश्यकताओं के दौरान रक्त की उपलब्धता मरीज के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है। उन्होंने स्वस्थ एवं पात्र नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न संस्थाओं से 11 सितंबर को अपने नजदीकी निर्धारित केंद्र पर पहुंचकर स्वैच्छिक रक्तदान में भाग लेने की अपील की।
उपायुक्त ने कहा कि डेंगू की रोकथाम के लिए स्वच्छता और सतर्कता तथा रक्तदान के लिए जनभागीदारी, दोनों ही स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जिलेवासियों से स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन के प्रयासों में सक्रिय सहयोग करने की अपील की।

पीएम श्री विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और संसाधनों का लिया जायजा, ‘प्रोजेक्ट परख-तैयारी उड़ान’ की हुई समीक्षा

पीएम श्री विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और संसाधनों का लिया जायजा, ‘प्रोजेक्ट परख-तैयारी उड़ान’ की हुई समीक्षा

पश्चिमी सिंहभूम | भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव श्री प्रिय रंजन, IFoS के पश्चिमी सिंहभूम जिला आगमन पर उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने परिसदन में पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। जिला भ्रमण के दौरान संयुक्त सचिव ने जिले के विभिन्न पीएम श्री विद्यालयों का निरीक्षण कर वहां की शैक्षणिक व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों एवं संचालित गतिविधियों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों में उपलब्ध प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) सुविधाओं तथा विद्यार्थियों को दी जा रही शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कक्षा-कक्षों का भ्रमण कर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और शिक्षण व्यवस्था, विषयों की समझ तथा विद्यार्थियों के अनुभवों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

Contact us :- 7004820253

पीएम श्री प्लस टू उत्क्रमित राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, चाईबासा का निरीक्षण
संयुक्त सचिव के विद्यालय पहुंचने पर छात्राओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ पारंपरिक एवं आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने प्रधानाध्यापिका से विद्यालय में संचालित शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। विभिन्न कक्षा-कक्षों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने शिक्षकों एवं छात्राओं से संवाद किया तथा पढ़ाए जा रहे विषयों, संबंधित शिक्षकों और विद्यार्थियों की विषयवार समझ के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने विद्यालय की पुस्तकालय, आईसीटी प्रयोगशाला एवं विज्ञान प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। आईसीटी प्रयोगशाला में उपलब्ध कंप्यूटर एवं डिजिटल माध्यम से संचालित शिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। वहीं, विज्ञान प्रयोगशाला में विद्यार्थियों को कराए जा रहे प्रयोगात्मक कार्यों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, विष्टंपुर का किया निरीक्षण
इसके बाद संयुक्त सचिव ने पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, विष्टंपुर का निरीक्षण किया। प्रधानाचार्य कक्ष में उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था, शिक्षकों तथा अन्य कर्मियों की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद विभिन्न कक्षा-कक्षों में जाकर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से संवाद किया और पढ़ाई, विषयों की समझ तथा शिक्षण व्यवस्था के संबंध में विद्यार्थियों से प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया प्राप्त की।
उन्होंने विद्यालय की पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला एवं आईसीटी प्रयोगशाला का निरीक्षण करते हुए उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग की जानकारी ली। साथ ही, शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने को लेकर आवश्यक चर्चा की।
पीएम श्री माध्यमिक विद्यालय, टाटा कॉलेज कॉलोनी का निरीक्षण

Contact no :- +91 8553588326

पीएम श्री माध्यमिक विद्यालय, टाटा कॉलेज कॉलोनी, चाईबासा पहुंचने पर शिक्षकों द्वारा संयुक्त सचिव का स्वागत किया गया। उन्होंने विभिन्न कक्षा-कक्षों में जाकर शिक्षण कार्य का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से संवाद किया।
इस दौरान उन्होंने विज्ञान प्रयोगशाला, आईसीटी प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया। विद्यालय में आयोजित अभिभावक-शिक्षक बैठक के संबंध में जानकारी लेते हुए उन्होंने उपस्थित अभिभावकों से संवाद किया और विद्यालय एवं विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास को लेकर उनकी राय जानी। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

Contact no :- +91 9337736501

पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय, असुरा का निरीक्षण
इसके बाद संयुक्त सचिव ने पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय, असुरा का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों से विद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली। विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के साथ-साथ जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि (DMF) के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों की संख्या एवं उनकी भूमिका के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में जाकर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से संवाद किया तथा शिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। आईसीटी प्रयोगशाला का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को दी जा रही डिजिटल शिक्षा एवं उसके उपयोग की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद विज्ञान प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया।
पीएम श्री एवं उत्कृष्ट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ समीक्षा बैठक
चारों विद्यालयों के निरीक्षण के बाद समाहरणालय सभागार में पीएम श्री एवं उत्कृष्ट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर उपायुक्त, स्थापना उप समाहर्ता सहित शिक्षा विभाग के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

बैठक में संयुक्त सचिव ने सभी प्रधानाध्यापकों से विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों, उपलब्ध संसाधनों तथा उनके प्रभावी उपयोग की जानकारी ली। विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
संयुक्त सचिव श्री प्रिय रंजन ने कहा कि भ्रमण के दौरान जिन चार विद्यालयों का निरीक्षण किया गया, वहां निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप गतिविधियां संचालित होती पाई गईं, जो संतोषजनक है। उन्होंने जिले के पुराने एवं ऐतिहासिक विद्यालयों की व्यवस्थाओं को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने भविष्य में जिले के अन्य विद्यालयों का भी निरीक्षण करने की बात कही।

Book your slot today : +91 7250214782

‘प्रोजेक्ट परख-तैयारी उड़ान’ की उपलब्धियों की दी गई जानकारी
समीक्षा बैठक के दौरान जिला प्रशासन की ओर से ‘प्रोजेक्ट परख-तैयारी उड़ान’ के तहत जिले में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसमें विद्यालयों में संचालित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन एवं परीक्षा परिणाम, विद्यालयों की रैंकिंग एवं उपलब्धियों तथा शिक्षकों के उन्मुखीकरण और क्षमता विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।
जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों से भी संयुक्त सचिव को अवगत कराया गया। प्रस्तुति एवं विभिन्न पहलों पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं शिक्षकों को सामूहिक प्रयासों से पीएम श्री विद्यालयों को और बेहतर स्तर तक ले जाने के लिए प्रेरित किया।
जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
समीक्षा बैठक के बाद संयुक्त सचिव श्री प्रिय रंजन ने ‘प्रोजेक्ट परख-तैयारी उड़ान’ से संबंधित जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर गुब्बारे उड़ाकर शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने और विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
पूरे भ्रमण के दौरान प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा पदाधिकारी सुश्री ईरा जोरवाल एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री प्रिंस कुमार ने संयुक्त सचिव को विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों, उनके उपयोग, वर्तमान शैक्षणिक स्थिति तथा संचालित विभिन्न गतिविधियों के संबंध में क्रमवार जानकारी दी। मौके पर शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।