कोल्हान

खण्डखोरी में महिला की गला रेतकर हत्या का मामला सुलझा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

खण्डखोरी में महिला की गला रेतकर हत्या का मामला सुलझा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी थाना क्षेत्र अंतर्गत खण्डखोरी गांव में महिला की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या किए जाने के मामले का पुलिस ने त्वरित उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है।


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पुलिस के अनुसार, 1 जून 2026 को खण्डखोरी गांव निवासी शुरू गोप की अज्ञात व्यक्ति द्वारा गला रेतकर हत्या किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के सत्यापन के बाद मृतका के पति देवेन्द्र गोप के फर्दबयान के आधार पर कुमारडुंगी थाना कांड संख्या 15/2026 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 238 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जगन्नाथपुर के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। वैज्ञानिक एवं तकनीकी आधार पर जांच करते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर मामले के नामजद आरोपी पुड़वा उर्फ चोके सिंकु (33 वर्ष) को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया।

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पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सब्जी काटने वाला स्टील का चाकू बरामद कर विधिवत जब्त कर लिया गया।
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि हत्या की यह वारदात पूर्व के आपसी विवाद के कारण अंजाम दी गई थी। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए न्यायालय भेज दिया गया है।

झारखंड में मानसून पूर्व मौसम सुहावना, कई जिलों में बारिश और तेज हवा का येलो अलर्ट

झारखंड में मानसून पूर्व मौसम सुहावना, कई जिलों में बारिश और तेज हवा का येलो अलर्ट

रांची | झारखंड में मानसून के आगमन से पहले ही लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने लगी है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही और छिटपुट बारिश के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना जताई है।


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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), रांची के अनुसार राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब चार डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा। बीते 24 घंटों के दौरान रांची में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना बना रहा और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
इन जिलों में येलो अलर्ट जारी

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मौसम विभाग ने गुमला, सिमडेगा, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने, वज्रपात होने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

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विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले स्थानों में जाने से बचने और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

मनोहरपुर में एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, मासूम की डूबने से मौत, रिश्तेदार सड़क हादसे में घायल

मनोहरपुर में एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, मासूम की डूबने से मौत, रिश्तेदार सड़क हादसे में घायल

मनोहरपुर | आनंदपुर थाना क्षेत्र में एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एक ओर तालाब में डूबने से दो वर्षीय मासूम बच्ची इसिका चंपिया की मौत हो गई, वहीं उसकी मौत की खबर सुनकर अस्पताल जा रहे रिश्तेदार विजय तिर्की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। लगातार हुई इन दो घटनाओं से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झारबेड़ा पंचायत के बांदुनासा गिरजा टोली निवासी दो वर्षीय इसिका चंपिया अपनी मां के साथ छोटाकूड़ना गांव में आयोजित जात्रा मेला देखने आई थी। बताया गया कि दोपहर के समय घर के समीप स्थित तालाब में परिवार के कुछ सदस्य स्नान करने गए थे। इसी दौरान तालाब किनारे खेल रही मासूम बच्ची अचानक गहरे पानी में चली गई और डूब गई।

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घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने बच्ची को तत्काल तालाब से बाहर निकालकर मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

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इधर, बच्ची की मौत की सूचना मिलने पर उसे देखने अस्पताल जा रहे छोटाकूड़ना निवासी विजय तिर्की (35) सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। बताया जाता है कि रायकेरा झंझरी पुलिया के समीप उनकी स्कूटी अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में उनका दायां पैर टूट गया तथा चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
स्थानीय लोगों की सहायता से घायल विजय तिर्की को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें रेफर कर दिया गया।

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पुलिस ने दोनों घटनाओं की जानकारी लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। एक ही परिवार में हुई इन दो दर्दनाक घटनाओं से पूरे इलाके में मातम और शोक की लहर है।

अपना हिस्सा बचाना है तो संघर्ष और एकजुटता ही एकमात्र रास्ता:- रामहरि गोप

अपना हिस्सा बचाना है तो संघर्ष और एकजुटता ही एकमात्र रास्ता:- रामहरि गोप

चाईबासा | गोप गौड़ आरक्षण आंदोलन समिति के केंद्रीय अध्यक्ष रामहरि गोप ने कहा कि झारखंड के पिछड़ा वर्ग समाज से परिसीमन, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक हिस्सेदारी के प्रश्न पर गंभीरता से विचार करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आज समय का सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि समाज की जनसंख्या कितनी है, बल्कि यह है कि उसकी राजनीतिक भागीदारी और निर्णय लेने वाली संस्थाओं में उसकी हिस्सेदारी कितनी है।

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 उन्होंने कहा कि झारखंड का पिछड़ा वर्ग वर्षों से अपनी संख्या के अनुपात में अधिकार, सम्मान और प्रतिनिधित्व से वंचित रहा है। चुनाव के समय समाज की संख्या को वोट बैंक के रूप में याद किया जाता है, लेकिन सत्ता और नीतिगत निर्णयों में उसकी भागीदारी सीमित कर दी जाती है। यह स्थिति लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की मूल भावना के विपरीत है।
    रामहरि गोप ने कहा कि आने वाला परिसीमन केवल नक्शे पर लकीरें खींचने का कार्य नहीं है, बल्कि यह आने वाले कई दशकों तक राजनीतिक शक्ति संतुलन तय करेगा। यदि पिछड़ा वर्ग समाज आज भी चुप बैठा रहा, तो कल उसके हिस्से की आवाज, उसका प्रतिनिधित्व और उसके अधिकार और अधिक कमजोर हो सकते हैं।
    उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि जो समाज अपने अधिकारों के लिए संगठित नहीं होता, उसके अधिकार धीरे-धीरे उससे छीन लिए जाते हैं। अधिकार किसी की कृपा से नहीं मिलते, बल्कि जागरूकता, संघर्ष और एकजुटता से प्राप्त होते हैं।

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  रामहरि गोप ने जोर देकर कहा कि अपना हिस्सा पाने और बचाने के लिए आंदोलन ही सबसे प्रभावी विकल्प है तथा एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत है। सत्ता हमेशा संगठित लोगों की आवाज सुनती है, बिखरे हुए समाज की नहीं। जब तक पिछड़ा वर्ग समाज अपनी सामूहिक शक्ति को नहीं पहचानेगा, तब तक उसकी वास्तविक हिस्सेदारी का सपना अधूरा रहेगा।
    उन्होंने आगे कहा कि आज आवश्यकता है कि पिछड़ा वर्ग समाज जातीय उपविभाजनों, व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और राजनीतिक भ्रमों से ऊपर उठकर एक साझा मंच पर आए। समाज को यह समझना होगा कि यदि आज अधिकारों और प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर आवाज नहीं उठाई गई, तो आने वाली पीढ़ियां पूछेंगी कि जब उनके भविष्य का निर्णय हो रहा था, तब समाज मौन क्यों था।

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   उन्होंने झारखंड के युवाओं, छात्रों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सभी पिछड़ा वर्ग संगठनों से अपील की कि वे गांव-गांव, पंचायत-पंचायत और शहर-शहर जनजागरण अभियान चलाएं तथा समाज को उसके संवैधानिक अधिकारों, राजनीतिक हिस्सेदारी और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जागरूक करें।
    रामहरि गोप ने कहा कि संख्या में बड़ा होने के बावजूद यदि कोई समाज निर्णय लेने की प्रक्रिया में कमजोर है, तो उसे अपनी ताकत को संगठित करने की आवश्यकता है। समय आ गया है कि पिछड़ा वर्ग समाज जागे, संगठित हो और अपने अधिकारों की लड़ाई को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से मजबूत करे। क्योंकि जो समाज अपने हिस्से के लिए संघर्ष नहीं करता, उसके हिस्से का निर्णय दूसरे लोग कर देते हैं।

खनिज संपदा से मालामाल क्षेत्र, फिर भी स्थानीय युवा रोजगार से बेहाल-गुआ, किरीबुरू, मेघाहातुबुरू और सारंडा के आदिवासी-ग्रामीणों के साथ हो रहा अन्याय :- रामहरि गोप

खनिज संपदा से मालामाल क्षेत्र, फिर भी स्थानीय युवा रोजगार से बेहाल-गुआ, किरीबुरू, मेघाहातुबुरू और सारंडा के आदिवासी-ग्रामीणों के साथ हो रहा अन्याय :- रामहरि गोप

चाईबासा | एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष रामहरि गोप ने पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर गुआ, किरीबुरू, मेघाहातुबुरू एवं सारंडा क्षेत्र के स्थानीय लोगों की रोजगार एवं आजीविका संबंधी समस्याओं की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा ठोस कार्रवाई की मांग की है।
रामहरि गोप ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिला देश के सबसे समृद्ध खनिज क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां से प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये मूल्य के लौह अयस्क एवं अन्य खनिज संसाधनों का दोहन किया जाता है। खनन कंपनियां और सरकार इस क्षेत्र से भारी राजस्व अर्जित करती हैं, लेकिन विडंबना यह है कि इसी क्षेत्र के मूल निवासी, आदिवासी एवं ग्रामीण परिवार आज भी रोजगार और सम्मानजनक आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
   उन्होंने बताया कि दिनांक 31 मई 2026 को चाईबासा रेलवे स्टेशन परिसर में गुआ क्षेत्र से आए कई ग्रामीणों से बातचीत के दौरान अत्यंत चिंताजनक तथ्य सामने आए। ग्रामीणों ने बताया कि उनके क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं होने के कारण वे लगभग 100 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर लकड़ी, दातून, पत्ता एवं अन्य वन उत्पाद बेचने के लिए चाईबासा आते हैं।

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 ग्रामीणों के अनुसार वे टाटा-गुआ पैसेंजर ट्रेन से दोपहर में गुआ से प्रस्थान कर शाम को चाईबासा पहुंचते हैं। आर्थिक तंगी के कारण वे किसी होटल या किराए के स्थान पर ठहरने में सक्षम नहीं होते और पूरी रात रेलवे स्टेशन परिसर में ही गुजारते हैं। अगले दिन सुबह लगभग चार बजे उठकर अपने सामान के साथ बाजारों में निकल जाते हैं और दिनभर मेहनत कर सामान बेचने के बाद पुनः रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन से अपने गांव लौटते हैं।
   रामहरि गोप ने कहा कि यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर देने वाला है। जिस धरती की गोद से देश की उद्योग व्यवस्था चलाने वाले खनिज निकाले जा रहे हैं, उसी धरती के लोग रोजगार और सम्मानजनक जीवन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। यह केवल आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, विकास और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।

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 उन्होंने कहा कि यदि खनन परियोजनाओं, औद्योगिक गतिविधियों और विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ स्थानीय लोगों तक नहीं पहुंच रहा है, तो यह पूरे विकास मॉडल पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। खनिज संपदा से प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।
   एंटी करप्शन ऑफ इंडिया ने प्रशासन से मांग की है कि गुआ, किरीबुरू, मेघाहातुबुरू एवं सारंडा क्षेत्र में स्थानीय लोगों की रोजगार एवं आजीविका की वर्तमान स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए। खनन प्रभावित युवाओं के लिए विशेष रोजगार अभियान चलाया जाए तथा वन आधारित आजीविका, लघु उद्योग, स्वरोजगार एवं कौशल विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। साथ ही खनन कंपनियों द्वारा स्थानीय रोजगार, पुनर्वास एवं कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की जाए।

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उन्होंने मांग की कि खनिज संपदा से प्राप्त राजस्व और विकास योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी समुदायों तक पहुंचाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए ठोस एवं समयबद्ध कदम उठाए जाएं।
   रामहरि गोप ने कहा कि यदि खनिज संपदा से समृद्ध क्षेत्र के लोगों को ही रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन का अधिकार नहीं मिल रहा है, तो यह विकास नहीं बल्कि स्थानीय समुदायों के साथ अन्याय है। प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीण परिवारों को अपने ही क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार और बेहतर भविष्य मिल सके।

प्रोजेक्ट समावेश के तहत बीएलओ का प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित, उत्कृष्ट कार्य करने वाले 83 बीएलओ-सुपरवाइजर सम्मानित

प्रोजेक्ट समावेश के तहत बीएलओ का प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित, उत्कृष्ट कार्य करने वाले 83 बीएलओ-सुपरवाइजर सम्मानित

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा “प्रोजेक्ट समावेश” के तहत टाटा कॉलेज, चाईबासा स्थित बहुउद्देशीय सभागार में बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उपायुक्त मनीष कुमार ने की। इस अवसर पर अपर उपायुक्त, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा पोड़ाहाट-चक्रधरपुर एवं सदर चाईबासा के अनुमंडल पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के सफल, पारदर्शी और त्रुटिरहित संचालन के लिए बीएलओ को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों, तकनीकी प्रक्रियाओं और क्षेत्रीय दायित्वों की विस्तृत जानकारी प्रदान करना था, ताकि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और समावेशी बनाया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान बीएलओ को नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत अथवा स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने, मतदाता सूची में त्रुटियों के संशोधन, पते में बदलाव और फोटो अद्यतन सहित अन्य आवश्यक सुधार प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। साथ ही नए मतदाता पंजीकरण, नाम विलोपन, संशोधन एवं स्थानांतरण से संबंधित निर्धारित प्रपत्रों के सही उपयोग और समयबद्ध निष्पादन पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

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इसके अतिरिक्त ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के सत्यापन, डिजिटलीकरण प्रक्रिया तथा संबंधित पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग को लेकर बीएलओ को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में घर-घर जाकर मतदाता सूची का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने, 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल कराने तथा युवाओं, महिलाओं और दिव्यांगजनों को मतदान के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही मृत, स्थानांतरित और दोहराव वाले मतदाताओं की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता सटीक और अद्यतन मतदाता सूची पर आधारित होती है तथा इस पूरी प्रक्रिया में बीएलओ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशिक्षित बीएलओ यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।

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कार्यक्रम के दौरान जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता मैपिंग कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 83 बीएलओ और सुपरवाइजरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इन कर्मियों ने मतदाता मैपिंग अभियान के तहत 90 से 95 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित कर उल्लेखनीय कार्य किया है।
कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने सभी बीएलओ को मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी की शपथ दिलाई तथा बेहतर कार्य के लिए प्रेरित किया। इस दौरान हस्ताक्षर अभियान और सेल्फी कॉर्नर जैसी जनजागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।

खुंटपानी के पुरुनियाँ गांव में नशा मुक्ति को लेकर अहम बैठक, महिलाओं और बच्चों ने लिया नशामुक्त गांव का संकल्प

खुंटपानी के पुरुनियाँ गांव में नशा मुक्ति को लेकर अहम बैठक, महिलाओं और बच्चों ने लिया नशामुक्त गांव का संकल्प

खुंटपानी/पश्चिमी सिंहभूम | पश्चिमी सिंहभूम जिले के खुंटपानी प्रखंड अंतर्गत पुरुनियाँ गांव में महिला समितियों के निर्देशानुसार नशा मुक्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गांव में बढ़ते नशे के प्रचलन और उससे समाज व परिवार पर पड़ रहे दुष्प्रभावों पर गंभीर चर्चा की गई।

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बैठक में ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण कई परिवार टूट रहे हैं और युवा तथा बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। बताया गया कि छोटे-छोटे बच्चे बीड़ी, सिगरेट, गांजा और खैनी जैसी नशीली वस्तुओं के सेवन के आदी बनते जा रहे हैं, जिससे समाज और परिवार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

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इस दौरान गांव की महिला समितियों और बच्चों ने पुरुनियाँ गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में खुंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा और थाना प्रभारी मेघनाथ मंडल भी पहुंचे। दोनों ने ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए इसे त्यागने की अपील की।

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प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है, जो घर-परिवार और बच्चों के भविष्य को बर्बाद कर देती है। उन्होंने कहा कि नशे के कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ती हैं और आर्थिक समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। उन्होंने ग्रामीणों से नशा छोड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने तथा बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देकर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।
बैठक में ग्राम कल्याण प्रगति समिति के अध्यक्ष बागुन होनहागा, सुमन होनहागा, बलराम केसरी, जीवन होनहागा, लक्ष्मी होनहागा, बसंती होनहागा सहित गांव के कई सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे।

चाईबासा: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए स्कूलों में 82% उपस्थिति अनिवार्य, डीसी ने दिए निर्देश

चाईबासा: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए स्कूलों में 82% उपस्थिति अनिवार्य, डीसी ने दिए निर्देश

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में रविवार को जिला स्तरीय स्टीयरिंग एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पीएम पोषण योजना (मिड-डे मील) के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई और शिक्षा व पोषण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में नियमित उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जिले के सभी विद्यालयों में न्यूनतम 82 प्रतिशत छात्र उपस्थिति सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया।

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योजना के प्रभावी संचालन के लिए उपायुक्त ने बीआरपी और सीआरपी को अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करने तथा सप्ताह में कम-से-कम दो दिन शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होने का निर्देश दिया। साथ ही विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता की सतत निगरानी करने पर भी जोर दिया गया।

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उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए, जिसमें स्थानीय और मौसमी फलों को भी शामिल किया जाए। बच्चों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा ताजी सब्जियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल परिसरों में ‘पोषण वाटिका’ विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।

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बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक, सभी बीआरपी, सीआरपी और विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पीएम पोषण योजना के बेहतर क्रियान्वयन और विद्यार्थियों की शिक्षा व स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए समन्वित प्रयासों पर सहमति जताई।

चाईबासा एसीसी प्लांट पर त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा, काम बंद रहने तक सामान की आवाजाही पर रोक: उपायुक्त

चाईबासा एसीसी प्लांट पर त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा, काम बंद रहने तक सामान की आवाजाही पर रोक: उपायुक्त

चाईबासा | चाईबासा स्थित एसीसी सीमेंट प्लांट को बंद होने से बचाने के लिए रविवार को जिला समाहरणालय में एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता झारखंड के भू-राजस्व एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने की। हालांकि कई घंटों तक चली इस वार्ता का कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका और बातचीत बेनतीजा रही।
बैठक में प्लांट प्रबंधन, मजदूर प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। वार्ता विफल रहने के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि जब तक प्लांट में कामकाज बंद रहेगा, तब तक न तो प्लांट से कोई सामान बाहर भेजा जाएगा और न ही किसी प्रकार की सामग्री अंदर लाई जाएगी।

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उपायुक्त ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में धारा 144 लागू करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही एसीसी प्रबंधन को अपने उच्च प्रबंधन, विशेष रूप से अहमदाबाद बोर्ड से वार्ता कर जल्द समाधान निकालने को कहा गया है। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया कि मजदूरों के बकाया भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने तक कर्मचारियों को अन्य कार्यों में नहीं लगाया जाए।

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ग्रामीणों और मजदूरों में बढ़ी चिंता
ग्रामीणों और मजदूर प्रतिनिधियों ने बैठक में आशंका जताई कि 30 अप्रैल से ‘शटडाउन’ के नाम पर स्थानीय मजदूरों की छंटनी की जा रही है और प्लांट का उत्पादन एवं डिस्पैच पूरी तरह बंद है। उनका कहना है कि बिना किसी स्पष्ट नीति के काम बंद होने से उनकी आजीविका पर संकट गहरा गया है।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि प्लांट से कोयला, स्टील और क्लिंकर जैसी सामग्री को गुप्त तरीके से अन्य स्थानों पर भेजे जाने की कोशिश की जा रही है, जिससे यह आशंका बढ़ रही है कि फैक्ट्री को स्थायी रूप से बंद करने की तैयारी चल रही है।
पहले भी हुआ था विरोध प्रदर्शन

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इस मुद्दे को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और मजदूरों ने 29 मई को एसीसी प्रबंधन के खिलाफ पदयात्रा निकालने और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की थी। हालांकि मंत्री दीपक बिरुआ के हस्तक्षेप और त्रिपक्षीय वार्ता के आश्वासन के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि चाईबासा का यह ऐतिहासिक प्लांट केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की पहचान और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। यदि फैक्ट्री पूरी तरह बंद हो जाती है, तो हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
बैठक में पुलिस अधीक्षक, जनप्रतिनिधि, मजदूर संगठनों के सदस्य, संघर्ष समिति के पदाधिकारी और एसीसी प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

चाईबासा: ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा

चाईबासा: ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा

चाईबासा | भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पश्चिमी सिंहभूम के जिला उपायुक्त मनीष कुमार ने सोमवार को सदर अनुमंडल कार्यालय परिसर स्थित ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों के सुरक्षित भंडारण हेतु बनाए गए वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न हुआ।


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निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, प्रवेश एवं निकास नियंत्रण व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, सील की स्थिति तथा संग्रहित मशीनों के रखरखाव का गहन परीक्षण किया गया। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने में ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों का सुरक्षित संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सभी मानकों एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे।

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उन्होंने आगे कहा कि त्रैमासिक निरीक्षण में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सहभागिता निर्वाचन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाती है। इससे निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं में सभी हितधारकों के बीच विश्वास और उत्तरदायित्व की भावना मजबूत होती है।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी वेयरहाउस में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं का अवलोकन किया और संपूर्ण व्यवस्था को संतोषजनक बताया।

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मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी बंधन लॉन्ग, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, निर्वाचन शाखा के कर्मी, सुरक्षा बल के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।