चाईबासा । पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनसहभागिता को बढ़ावा देने तथा स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े जनकल्याणकारी अभियानों को प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सदर चाईबासा प्रखंड की तुईवीर पंचायत सचिवालय परिसर में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सविता टोपनो, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार, सदर अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार तथा सदर प्रखंड प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जगन्नाथ हेंब्रम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पंचायतवासियों के साथ संवाद स्थापित करते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं जागरूकता अभियानों की जानकारी दी।

रात्रि चौपाल में ग्रामीणों, महिलाओं, किशोरियों, युवाओं, स्वयं सहायता समूह की सदस्यों, सहिया, जल सहिया, आंगनबाड़ी सेविकाओं, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना, जागरूकता बढ़ाना तथा उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सीधे सुनना था।
उपायुक्त मनीष कुमार ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि केवल प्रशासनिक प्रयासों से व्यापक सामाजिक परिवर्तन संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सामुदायिक सहभागिता, जनजागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी भी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने की अपील की।
उपायुक्त ने मलेरिया रोकथाम के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से मच्छरदानी का उपयोग करने, पूरे कपड़े पहनकर सोने तथा गर्म पानी के सेवन की सलाह दी।

कार्यक्रम के दौरान 28 मई से 4 जून 2026 तक संचालित “चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो” अभियान के तहत महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर विशेष चर्चा की गई। मासिक धर्म स्वच्छता, एनीमिया, पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता और महिला स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर संवाद करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। महिलाओं एवं किशोरियों से स्वास्थ्य समस्याओं को छिपाने के बजाय समय पर जांच एवं उपचार कराने की अपील की गई।
सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, स्वच्छता और समय पर चिकित्सकीय परामर्श कई गंभीर बीमारियों से बचाव में सहायक हैं। उन्होंने लोगों से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ सहयोग करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर 1 जून से 5 जून 2026 तक चल रहे “स्वच्छ गांव-सुरक्षित जलवायु अभियान” के तहत स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया। ग्रामीणों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, वृक्षारोपण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
उपायुक्त ने कहा कि जलवायु परिवर्तन केवल सरकारी चिंता का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीरता से कार्य करना होगा।

इसके अलावा “प्रोजेक्ट जागृति – बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम” के तहत 1 जून से 8 जून 2026 तक संचालित “मिशन उदय” की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, बच्चों और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण की नियमित निगरानी की जा रही है। सहिया एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच, आवश्यक परामर्श, कुपोषण की पहचान तथा लाभुकों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
साथ ही दिव्यांगजनों के प्रमाण-पत्र निर्माण, कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एकत्र करने का कार्य भी किया जा रहा है। ग्रामीणों से इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई।
कार्यक्रम के दौरान पंचायत सचिवालय परिसर में सैनेटरी पैड निस्तारण हेतु भस्मक (इंसिनरेटर) का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं हरित वातावरण के संदेश के तहत पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं ग्रामीणों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, सुझाव एवं स्थानीय आवश्यकताओं से संबंधित मुद्दे अधिकारियों के समक्ष रखे, जिस पर संबंधित विभागीय अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित पंचायतवासियों, जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं अधिकारियों ने सामूहिक रूप से “चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो”, “स्वच्छ गांव-सुरक्षित जलवायु अभियान” एवं “मिशन उदय” को सफल बनाने की शपथ ली। सभी ने अपने गांव को स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में आदर्श पंचायत बनाने का संकल्प लिया।

