सरायकेला। सरायकेला खरसावाँ जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रमुख पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पर्यटन संवर्धन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास, पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जिले के तीन अधिसूचित पर्यटन स्थलों शिव मंदिर (रामगढ़), करकेटा डैम (कुचाई) और भीमखंडा के विकास पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से इन स्थलों की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता, पर्यटकों की आवाजाही और वर्तमान सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने आवश्यक विकास योजनाओं का प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा कि पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा और आकर्षण बढ़ाने के लिए एप्रोच रोड, बैठने एवं विश्राम की व्यवस्था, गजीबो, जिपलाइन, एडवेंचर झूले, बोटिंग, आकर्षक लाइटिंग, सेल्फी प्वाइंट और सूचना बोर्ड जैसी सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम किया जाए। इसके साथ ही पर्यटन स्थलों के आसपास संचालित होटल एवं अन्य प्रतिष्ठानों का नियमानुसार पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में सीतारामपुर डैम, पालना डैम और सतनाला डैम में बोटिंग सुविधा शुरू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने जिला खेल पदाधिकारी-सह-जिला पर्यटन पदाधिकारी को इसके लिए आवश्यक आकलन, प्रस्ताव और प्राक्कलन तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराने को कहा।

इसके अलावा सीतारामपुर डैम, सतनाला डैम, भीमखंडा और श्मशान काली मंदिर सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर चल रही एवं प्रस्तावित विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी स्वीकृत योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने और नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया।

उन्होंने जिले के पर्यटन स्थलों का सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक सरायकेला-खरसावां जिले की ओर आकर्षित हों।
बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी शंकराचार्य सामद, जिला खेल पदाधिकारी-सह-जिला पर्यटन पदाधिकारी अमित कुमार, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे।

