#विश्वरेबीजदिवस #रेबीजजागरूकता #सदरअस्पताल #चाईबासा #पशुजनितरोग #maskalnews

विश्व रेबीज दिवस पर सदर अस्पताल में जागरूकता रैली, पशु के काटने पर तत्काल उपचार लेने की अपील

विश्व रेबीज दिवस पर सदर अस्पताल में जागरूकता रैली, पशु के काटने पर तत्काल उपचार लेने की अपील

चाईबासा | विश्व रेबीज दिवस-2026 के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिले में रेबीज की रोकथाम, पशुजनित रोगों से बचाव तथा पशु के काटने की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय उपचार के प्रति आमजनों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सदर अस्पताल, चाईबासा में जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

Contact us :- 7004820253

रैली को सिविल सर्जन डॉ. मीणा कलुंडिया, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शिवचरण हांसदा, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. मीनू कुमारी तथा जिला मलेरिया पदाधिकारी-सह-राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी डॉ. जगन्नाथ हेम्ब्रम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

रैली के माध्यम से आमजनों को रेबीज संक्रमण के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। लोगों को बताया गया कि कुत्ते अथवा किसी अन्य संक्रमित पशु के काटने या खरोंच लगने की स्थिति में घाव को तत्काल साबुन और स्वच्छ बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद बिना किसी विलंब के निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक उपचार लेना चाहिए।

Contact no :- +91 8553588326

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने रेबीज जागरूकता की शपथ भी ली। शपथ के माध्यम से प्रतिभागियों ने रेबीज की रोकथाम के संबंध में समुदाय को जागरूक करने, पशु के काटने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्राथमिक उपचार प्रक्रिया की जानकारी देने, हानिकारक पारंपरिक उपचार पद्धतियों से बचने तथा समय पर चिकित्सकीय उपचार लेने के लिए लोगों को प्रेरित करने का संकल्प लिया।

Contact no :- +91 9337736501

कार्यक्रम में बताया गया कि रेबीज एक गंभीर, लेकिन पूरी तरह रोकथाम योग्य रोग है। पशु के काटने अथवा खरोंच लगने के बाद किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। तत्काल प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। समय पर उचित उपचार और टीकाकरण से रेबीज के गंभीर परिणामों से बचाव संभव है।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजनों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी रेबीज की रोकथाम, पशु के काटने के बाद तत्काल उपचार और टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक करें। साथ ही, पशुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए पशुजनित रोगों की रोकथाम में सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करें।

Book your slot today : +91 7250214782