खूंटपानी | पांड्राशाली रेलवे स्टेशन के समीप रुंगटा कंपनी द्वारा संचालित साइडिंग में खनिजों के भंडारण एवं लोडिंग-अनलोडिंग गतिविधियों के विरोध में बुधवार को भूमि बचाओ संघर्ष समिति, खूंटपानी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एक दिवसीय धरना दिया। धरना के बाद समिति ने उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम के नाम खूंटपानी के अंचलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर साइडिंग की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने, प्रभावित भूमि को खाली कराने तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

समिति ने आरोप लगाया कि पांड्राशाली स्टेशन से सटे क्षेत्र में लौह अयस्क, आयरन, कोयला, डोलोमाइट, क्लिंकर समेत विभिन्न खनिजों का भंडारण और लोडिंग-अनलोडिंग किया जा रहा है। इससे आसपास के गांवों में धूल-कण का प्रदूषण बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दौरान साइडिंग से बहकर आने वाला लाल, सफेद और काले रंग का पानी एवं गाद खेतों और तालाबों में पहुंच रहा है। इससे कृषि भूमि, फसलों और पशुओं के चारे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

समिति का कहना है कि साइडिंग शुरू होने के बाद क्षेत्र में दिन-रात भारी वाहनों का परिचालन बढ़ गया है। इसके कारण सड़क दुर्घटनाओं और मवेशियों की मौत की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है। पांड्राशाली चौक स्थित होटलों में खाद्य पदार्थों पर धूल जमने तथा ग्रामीणों के पारंपरिक पूजा-पाठ में उपयोग होने वाले चुआं के दूषित होने की भी शिकायत समिति ने की है।

समिति के अनुसार, मटकोबेड़ा, होरलोर, उनचुडी, सनचीरू, खुन्टा, पताहातु, तोरसिंदुरी, केंदुलोटा, कुम्हारलोटा, ऊपरलोटा, पांड्राशाली और उलीराजाबासा समेत कई गांव साइडिंग की गतिविधियों से प्रभावित हैं। समिति ने करीब 5,000 एकड़ भूमि और लगभग 10 हजार ग्रामीणों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होने का दावा किया है।

समिति ने क्षेत्र को पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत बताते हुए CNT Act, PESA कानून और PESA नियमावली-2025 के प्रावधानों के तहत ग्रामसभा की सहमति, पर्यावरणीय प्रभाव तथा सभी वैधानिक अनुमतियों की जांच कराने की मांग की है। समिति का दावा है कि कई प्रभावित गांवों में ग्रामसभा के माध्यम से साइडिंग बंद कराने के प्रस्ताव भी पारित किए जा चुके हैं।

धरना में मंझारी प्रखंड के जिला परिषद सदस्य माधव चंद्र कुंकल, खूंटपानी प्रखंड के जिला परिषद सदस्य यमुना तियू, प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा, सांसद प्रतिनिधि रेंगो पुरती, सकारी दोंगों, विधायक प्रतिनिधि दुर्गा चरण पाड़ेया, नरेंद्र बानरा, डिम्बु तियू, बिरसा तियू, रेयांस सामड, उदय मुंडरी, सुखलाल पुरती, विजय बानरा समेत विभिन्न गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


