चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच समानता, अपनत्व और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तिथि भोज-सह-जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका आवासीय विद्यालय, चाईबासा में आयोजित कार्यक्रम में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार शामिल हुए। इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में सितंबर माह में जन्मदिन वाले विद्यालय की सभी छात्राओं का सामूहिक रूप से केक काटकर जन्मोत्सव मनाया गया। उपायुक्त ने छात्राओं को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सामूहिक जन्मोत्सव के दौरान छात्राओं में खासा उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली।

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि विद्यालयों में तिथि भोज-सह-जन्मोत्सव का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के बीच समानता, अपनत्व और सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है। ऐसे आयोजनों से बच्चों को यह एहसास होता है कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास और खुशियों का केंद्र भी है। उन्होंने कहा कि खुशनुमा और सकारात्मक वातावरण में विद्यार्थी बेहतर तरीके से सीखते हैं और अपने व्यक्तित्व का विकास करते हैं।

शिक्षा को बताया जीवन की सबसे बड़ी ताकत
छात्राओं को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है। शिक्षा ही वह माध्यम है, जिसके जरिए व्यक्ति अपने सपनों को नई दिशा दे सकता है और समाज में अपनी पहचान स्थापित कर सकता है। उन्होंने छात्राओं से नियमित अध्ययन करने, नई चीजें सीखने और अपनी प्रतिभा को पहचानकर उसे विकसित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का उद्देश्य बेटियों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान कर उन्हें सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। उन्होंने छात्राओं से अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट रहने तथा कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय निरंतर प्रयास करते रहने की अपील की।

बेटियों की उपलब्धियों से प्रेरणा लेने की अपील
उपायुक्त ने देश और दुनिया में बेटियों द्वारा खेल, शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में हासिल की जा रही उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए छात्राओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर विभिन्न क्षेत्रों में नई पहचान बनाई है।

उन्होंने छात्राओं से कहा कि उनमें आगे बढ़ने और कुछ बड़ा करने की पूरी क्षमता है। अपने सपनों को छोटा न समझें और मेहनत, अनुशासन तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि छात्राएं ऐसी उपलब्धियां हासिल करें, जिससे उनके परिवार, विद्यालय और जिले का नाम रोशन हो।
उपायुक्त ने छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने, समय का सदुपयोग करने तथा पढ़ाई के साथ खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सशक्त और शिक्षित बेटियां ही सशक्त परिवार, समाज और राष्ट्र की आधारशिला हैं।
विद्यालय परिसर का किया निरीक्षण

कार्यक्रम के उपरांत उपायुक्त मनीष कुमार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका आवासीय विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं आवासीय संसाधनों, छात्राओं को दी जा रही सुविधाओं तथा विद्यालय की आवश्यकताओं की जानकारी ली।

उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन से छात्राओं के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए विद्यालय में सकारात्मक एवं अनुकूल वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।

