चाईबासा | राजस्थान में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले के बाद केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को पुनः परीक्षा आयोजित कराने की जिम्मेदारी सौंपे जाने के फैसले का एआईडीएसओ (AIDSO) ने कड़ा विरोध किया है। संगठन के पश्चिमी सिंहभूम जिला सचिव सत्येन महतो ने प्रेस वार्ता कर इस निर्णय को निंदनीय बताया।

उन्होंने कहा कि एनटीए जैसी “भ्रष्ट संस्था” को दोबारा परीक्षा आयोजित करने की अनुमति देना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह तीसरी बार है जब इस संस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं, फिर भी सरकार उसी एजेंसी को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी दे रही है। उन्होंने एनटीए को भंग करने और इसके खिलाफ जिलेभर में मजबूत छात्र आंदोलन खड़ा करने की अपील की।
जिला उपाध्यक्ष जतिन दास ने कहा कि इस वर्ष करीब 23 लाख अभ्यर्थियों ने नीट परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों की मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के भी सैकड़ों छात्र मानसिक रूप से प्रभावित हुए हैं। इस मुद्दे पर जिले से लेकर देशभर में छात्रों को एकजुट होकर विरोध दर्ज कराना चाहिए।

वहीं, जिला अध्यक्ष सगुन हाँसदा ने झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा लागू किए गए क्लस्टर कॉलेज व्यवस्था का भी विरोध किया। उन्होंने बताया कि इसके खिलाफ कोल्हान प्रमंडल के विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा आगामी 15 मई को कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिले के छात्र पहले से ही छात्रवृत्ति में देरी, सत्र विलंब और शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। सरकार इन मूल समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे फैसले लागू कर रही है।

एआईडीएसओ ने सभी छात्रों, अभिभावकों और बुद्धिजीवियों से 15 मई को कोल्हान विश्वविद्यालय के समक्ष आयोजित प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की।




























