प्रोजेक्ट प्राण के तहत पश्चिमी सिंहभूम की 67 पंचायतों को मिले पानी टैंकर, मिशन जीवनधारा से ग्रामीणों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल

चाईबासा | झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में संचालित “प्रोजेक्ट प्राण” के तहत ‘मिशन जीवनधारा’ के माध्यम से पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। उपायुक्त मनीष कुमार के नेतृत्व में जिले के सभी 18 प्रखंडों की विभिन्न ग्राम पंचायतों को कुल 67 पानी टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं। इन टैंकरों की खरीद संबंधित पंचायतों द्वारा 15वें वित्त आयोग की राशि से की गई है।

4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576

जिला प्रशासन के अनुसार यह पहल विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लाभदायक होगी, जहां गर्मी के मौसम, भूजल स्तर में गिरावट या अन्य प्राकृतिक कारणों से समय-समय पर पेयजल संकट उत्पन्न होता है। ऐसे क्षेत्रों में पंचायतों के माध्यम से इन टैंकरों द्वारा ग्रामीणों को निःशुल्क और समयबद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लोगों को दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाने की परेशानी से राहत मिलेगी तथा महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सुविधा मिलेगी।

Contact no :- +91 8553588326

प्रशासन ने बताया कि किसी भी पंचायत क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न होने पर तत्काल इन टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए पंचायत स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई है तथा पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि टैंकरों का पारदर्शी और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सके।

Contact no :- +91 9337736501

‘मिशन जीवनधारा’ का उद्देश्य केवल तत्काल पेयजल संकट का समाधान करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में दीर्घकालिक और सुदृढ़ जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित करना भी है। इसी उद्देश्य से पंचायतों को आवश्यक संसाधनों से सशक्त बनाया जा रहा है, ताकि वे स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान कर सकें और ग्रामीणों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध करा सकें।
इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू पंचायतों की आर्थिक सुदृढ़ता से भी जुड़ा है। प्रशासन के अनुसार पेयजल संकट की स्थिति में आम लोगों को प्राथमिकता के आधार पर निःशुल्क जलापूर्ति की जाएगी। वहीं, सरकारी नियमों और पंचायत प्रावधानों के अनुरूप अन्य सार्वजनिक या निर्माण कार्यों तथा विशेष परिस्थितियों में टैंकरों के उपयोग से पंचायत सचिवालय को राजस्व प्राप्त होगा। इससे पंचायतों की स्ववित्तीय क्षमता बढ़ेगी और प्राप्त राशि का उपयोग स्थानीय विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों में किया जा सकेगा।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक समय पर सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में संचालित ‘प्रोजेक्ट प्राण’ के तहत ‘मिशन जीवनधारा’ ग्रामीण विकास और जनकल्याण का प्रभावी मॉडल बनकर उभर रहा है। पंचायतों को आवश्यक संसाधनों से सशक्त बनाकर स्थानीय समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है। जिला प्रशासन इस अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। पंचायतों को उपलब्ध कराए गए 67 पानी टैंकर पेयजल संकट के समय ग्रामीणों को त्वरित राहत प्रदान करने के साथ-साथ स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को अधिक सक्षम, संसाधन-संपन्न और आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हमारा प्रयास है कि जिले के किसी भी गांव में पेयजल की कमी के कारण लोगों को कठिनाई का सामना न करना पड़े।”

Book your slot today : +91 7250214782

जिला प्रशासन ने सभी पंचायतों से टैंकरों का नियमित रखरखाव, समय-समय पर तकनीकी जांच और आवश्यकता के अनुसार संचालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। साथ ही आम नागरिकों से जल संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने, वर्षा जल संचयन अपनाने, पारंपरिक जलस्रोतों के संरक्षण तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रशासन का विश्वास है कि शासन, पंचायतों और आमजन के संयुक्त प्रयास से पश्चिमी सिंहभूम जल प्रबंधन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक आदर्श जिला बन सकेगा।

By maskal.news

You May Also Like