चाईबासा | स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जिले में स्वच्छता के प्रति व्यापक जनजागरूकता लाने के उद्देश्य से पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में सोमवार को जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी सुरीन ने की। मौके पर उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, चाईबासा एवं चक्रधरपुर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यशाला के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों, कर्मियों एवं प्रतिभागियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। सभी ने स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने, सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा आम लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
इसके बाद स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट के उचित प्रबंधन, कचरे के पृथक्करण तथा स्वच्छ व्यवहार अपनाने के प्रति आमजनों को जागरूक करेगा।

गुब्बारे उड़ाकर दिया स्वच्छता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के प्रतीक के रूप में गुब्बारे उड़ाए गए। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने स्वच्छता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक संचालित हो रहा अभियान
कार्यशाला में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक संचालित स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 की कार्ययोजना, विभिन्न विषयों एवं दिवसवार प्रस्तावित गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण एवं जल जीवन मिशन की टीम, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन इकाई तथा चयनित जल सहियाओं ने भाग लिया।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 की दी गई जानकारी
कार्यशाला में यूनिसेफ वॉश टीम-आईडीएफ के संसाधन व्यक्ति ने स्वच्छता ही सेवा अभियान एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें ठोस अपशिष्ट के संग्रहण, स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण, प्रसंस्करण एवं उचित निस्तारण सहित स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के उपायों की जानकारी दी गई। प्रस्तुतीकरण के बाद ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 से संबंधित वीडियो भी प्रदर्शित किया गया।

जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी सुरीन ने नियमावली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे जनजीवन की नियमित आदत बनाना आवश्यक है। इसके लिए सामुदायिक सहभागिता एवं जन-जागरूकता महत्वपूर्ण है।
नियमावली से जोड़कर अभियान चलाने का निर्देश
उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार ने संबंधित विभागों को स्वच्छता ही सेवा अभियान को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 से जोड़कर प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अभियान की गतिविधियों को धरातल पर प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय कर्मियों को अभियान के तहत निर्धारित गतिविधियों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता के प्रति लोगों में व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए निरंतर जागरूकता गतिविधियां संचालित करने का निर्देश दिया।

