सरायकेला-खरसावां | जिले के ईचागढ़ प्रखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत 12 यूनिट बकरी पालन (गोअटरी) का वितरण किया गया। प्रखंड प्रशासन की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में चयनित लाभुकों को स्वरोजगार सृजन एवं आय वृद्धि के उद्देश्य से बकरी पालन इकाइयां प्रदान की गईं।
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कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने लाभुकों को पशुपालन के वैज्ञानिक तरीकों, उचित देखभाल, टीकाकरण तथा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इन जानकारियों के माध्यम से लाभुक योजना का अधिकतम लाभ उठा सकेंगे।
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इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका को सुदृढ़ करना, पशुपालन को बढ़ावा देना तथा लाभुकों को आत्मनिर्भर बनाना है। साथ ही, संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे लाभुकों को समय-समय पर आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करें, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने विदेशी निवेश से जुड़े नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब उन विदेशी कंपनियों को भी भारत में निवेश की अनुमति दी गई है, जिनमें चीन की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक है।
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इस नए प्रावधान के तहत ऐसी कंपनियां फेमा (Foreign Exchange Management Act) के अंतर्गत ऑटोमैटिक रूट के जरिए भारत में निवेश कर सकेंगी। इससे पहले चीन से जुड़े निवेश पर कड़े प्रतिबंध लागू थे और अधिकांश मामलों में सरकारी मंजूरी आवश्यक होती थी।
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सरकार का यह फैसला 1 मई 2026 से प्रभावी हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत में विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और कई क्षेत्रों में पूंजी प्रवाह तेज हो सकता है।
चाईबासा {पश्चिमी सिंहभूम} | झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में शिक्षा विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, टोंटो में वित्तीय प्रबंधन और सामग्री आपूर्ति में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की आशंका सामने आई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) टोनी प्रेमराज टोप्पो के औचक निरीक्षण में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
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ड्रेस वितरण में भारी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि छात्राओं को सत्र की स्कूल ड्रेस अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कक्षा 10वीं और 12वीं की कई छात्राएं विद्यालय छोड़ चुकी हैं, लेकिन उन्हें भी ड्रेस नहीं मिली। यह मामला ड्रेस आपूर्ति में लापरवाही और संभावित फंड दुरुपयोग की ओर संकेत करता है।
खाद्य सामग्री आपूर्ति में अनियमितता
विद्यालय में सामग्री आपूर्ति के लिए दो फर्मों का चयन किया गया है—
सूत्रों के अनुसार, बिरसा ट्रेडर्स का संचालन शिक्षा विभाग से जुड़े एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान भंडार गृह में हल्दी और सब्जी मसाला जैसी सामग्री निविदा की शर्तों के अनुरूप नहीं पाई गई। हैरानी की बात यह रही कि घटिया गुणवत्ता के बावजूद संबंधित वेंडर को भुगतान भी कर दिया गया था।
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लेखापाल अनुपस्थित, रजिस्टर गायब
विद्यालय की लेखापाल सह कंप्यूटर ऑपरेटर विनिया कुमारी निरीक्षण के समय बिना सूचना के अनुपस्थित पाई गईं। उपस्थिति पंजी में ‘विशेष अवकाश’ दर्ज था, लेकिन उसका कोई स्वीकृत आवेदन उपलब्ध नहीं था। नियमानुसार विशेष अवकाश के दौरान आवासीय परिसर में रहना अनिवार्य होता है। डीईओ द्वारा वार्डेन के माध्यम से संपर्क करने पर उन्होंने आने से इनकार कर दिया और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। इसके साथ ही विद्यालय के महत्वपूर्ण वित्तीय अभिलेख (रजिस्टर) भी गायब पाए गए, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई।
छात्राओं के बयान और स्थलीय जांच के आधार पर प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने पर डीईओ ने सख्त कदम उठाए हैं—
• लेखापाल विनिया कुमारी का मानदेय तत्काल प्रभाव से स्थगित • विद्यालय के सभी वित्तीय लेन-देन पर रोक • संबंधित कर्मियों को दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश
जांच के मुख्य बिंदु
• छात्राओं को समय पर स्कूल ड्रेस नहीं मिली • 10वीं और 12वीं की छात्राएं बिना ड्रेस लिए विद्यालय छोड़ गईं • निविदा शर्तों का उल्लंघन कर घटिया खाद्य सामग्री की आपूर्ति • गुणवत्ता जांच के बिना वेंडर्स को भुगतान •लेखापाल बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित • निरीक्षण के दौरान महत्वपूर्ण रजिस्टर गायब • मानदेय भुगतान पर रोक • विद्यालय के वित्तीय कार्यों को अस्थायी रूप से फ्रीज किया गया इस पूरे मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
सरायकेला-खरसावां | जिले में अवैध बालू खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। उपायुक्त के निर्देशानुसार जिला खनन विभाग द्वारा निरंतर निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
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इसी क्रम में खनन विभाग की टीम ने ईचागढ़ थाना के साथ संयुक्त रूप से ईचागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत स्वर्णरेखा नदी के सोड़ो, जारगोडीह, पुरानडीह एवं वीरडीह बालू घाटों का औचक निरीक्षण किया।
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निरीक्षण के दौरान संबंधित घाटों पर तत्काल किसी भी प्रकार की अवैध उत्खनन गतिविधि नहीं पाई गई। हालांकि, सोड़ो, जारगोडीह एवं वीरडीह घाटों में ट्रैक्टर वाहनों के टायर के निशान मिलने पर संभावित अवैध परिवहन मार्गों की पहचान की गई। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर इन मार्गों को अवरुद्ध करने के लिए विभिन्न स्थानों पर अवरोध गर्त (ट्रेंच) का निर्माण किया गया, ताकि भविष्य में अवैध परिवहन को रोका जा सके।
उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जिले में किसी भी स्थान पर खनिजों के अवैध खनन, भंडारण या परिवहन को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी सतत और प्रभावी रूप से जारी रहेगी।
सरायकेला-खरसावां | समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कृषि, पशुपालन, उद्यान, सहकारिता, मत्स्य एवं अन्य संबंधित विभागों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए किसानों की आय वृद्धि और आजीविका संवर्धन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभागीय समन्वय के साथ एक ठोस और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पूर्व चिन्हित क्लस्टरों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू करने पर बल दिया।
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पशुधन विकास योजना के तहत चयनित लाभुकों को, जिन्हें अब तक पशु उपलब्ध नहीं हो सके हैं, उन्हें शीघ्र पशुधन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही, मेधा डेयरी सेंटर स्थापना के लिए प्राप्त प्रस्तावों के आलोक में सभी अंचल अधिकारियों और नगर निकायों के पदाधिकारियों को उपयुक्त भूमि चिन्हित कर जिला मुख्यालय को प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया।
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मत्स्य क्षेत्र की समीक्षा के दौरान चांडिल डैम की बंदोबस्ती से संबंधित कार्यों को विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप एवं समिति की जानकारी में करने के निर्देश दिए गए। जेएसएलपीएस के तहत स्वयं सहायता समूहों को दी जा रही वित्तीय सहायता की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने, दीदी सखी एवं वित्त सखी के सहयोग से मुद्रा ऋण वितरण में तेजी लाने तथा अधिकाधिक पात्र लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
उपायुक्त ने फुलो-झानो आशीर्वाद योजना के अंतर्गत योग्य समूहों को लाभान्वित करने, ‘लखपति दीदी’ की संख्या बढ़ाने और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, सॉफ्ट टॉय निर्माण जैसे आजीविका आधारित कार्यों के लिए इच्छुक समूहों को प्रशिक्षण देने तथा उनके उत्पादों के लिए उचित बाजार और मूल्य सुनिश्चित करने हेतु कार्ययोजना बनाने को कहा गया। सहकारिता विभाग की समीक्षा के क्रम में विभिन्न क्षमता वाले गोदाम निर्माण कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संवेदकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए और ऐसे संवेदकों को भविष्य में कार्य आवंटन से वंचित रखा जाए। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, पशुपालन पदाधिकारी, मत्स्य पदाधिकारी, गव्य विकास पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।
रांची | झारखंड सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को बड़ी राहत देते हुए अनुग्रह राशि में चार गुना बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में हुई झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। नई व्यवस्था के तहत अब सड़क हादसे में मृत व्यक्ति के आश्रितों को 4 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, जबकि पहले यह राशि 1 लाख रुपये थी। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से प्रभावित परिवारों को आर्थिक रूप से बड़ी मदद मिलेगी।
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बैठक में अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया को भी सरल बनाने का फैसला किया गया। इसके तहत संबंधित जिले के उपायुक्त (डीसी) द्वारा घटना का सत्यापन किए जाने के बाद ही सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ने और दोहरे भुगतान की संभावना समाप्त होने की उम्मीद जताई गई है।
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इसके अलावा, ‘अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम’ के अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार में कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारियों की सेवा अवधि को वित्तीय वर्ष 2026-27 तक बढ़ाने को मंजूरी दी गई। बैठक में ‘युवा आपदा मित्र योजना’ को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। Dumka, Godda, Pakur और Sahibganj जिलों में संचालित इस योजना के तहत स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार कर उन्हें इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम से जोड़ने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री ने योजना के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने तथा स्वयंसेवकों को भत्ता देने का प्रस्ताव लाने के निर्देश भी दिए। राज्य में डूबने से होने वाली मौतों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ‘संप्रति-48’ योजना के तहत गोताखोरों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार का कहना है कि इन पहलों से आपदा प्रबंधन प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी तथा जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सकेगी।
जमशेदपुर | पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और मिडल ईस्ट में बढ़ती अस्थिरता का असर अब झारखंड के सड़क निर्माण कार्यों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी देशों से आने वाली बिटुमिनस (अलकतरा) की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे इसकी कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। राज्य के कई हिस्सों, विशेषकर जमशेदपुर और पूर्वी सिंहभूम जिले में सड़क निर्माण की नई परियोजनाएं लगभग ठप हो गई हैं। बढ़ती लागत के कारण ठेकेदारों ने कार्य जारी रखने में असमर्थता जताई है।
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दामों में भारी उछाल, बजट से बाहर हुआ निर्माण सड़क निर्माण में उपयोग होने वाला प्रमुख कच्चा माल बिटुमिनस अब काफी महंगा हो चुका है। कुछ महीने पहले इसकी कीमत 40,000 से 50,000 रुपये प्रति टन के बीच थी, जो अब बढ़कर 61,000 से 1,00,000 रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है। तकनीकी रूप से, एक किलोमीटर सड़क निर्माण में कुल सामग्री का लगभग 5 से 8 प्रतिशत हिस्सा बिटुमिनस का होता है। हालांकि, मौजूदा कीमतों ने प्रति किलोमीटर लागत को इतना बढ़ा दिया है कि पुराने टेंडर रेट पर काम करना ठेकेदारों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। नई परियोजनाओं पर लगा ब्रेक जमशेदपुर पथ प्रमंडल के कार्यपालक पदाधिकारी दीपक सहाय के अनुसार, फिलहाल मरम्मत कार्य किसी तरह जारी है, लेकिन नई परियोजनाओं की शुरुआत नहीं हो पा रही है। हाल ही में टेंडर प्राप्त करने वाले कई संवेदकों ने कार्य शुरू करने से इनकार कर दिया है।
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ठेकेदारों का कहना है कि मौजूदा बाजार दरों पर कच्चा माल खरीदकर परियोजनाओं को पूरा करना संभव नहीं है। उन्होंने विभाग से कम से कम एक महीने की मोहलत मांगी है, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति सामान्य हो सके। NHAI के लक्ष्यों पर भी असर रांची स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक विजय कुमार ने भी स्थिति को गंभीर बताया है। उनके अनुसार, युद्ध जैसे हालात के चलते लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर गहरा असर पड़ा है।
विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर बढ़ते जोखिम के कारण मालवाहक जहाजों का किराया और बीमा लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा प्रभाव बिटुमिनस की कीमतों पर पड़ा है। आगे की स्थिति विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो झारखंड में सड़क निर्माण की रफ्तार लंबे समय तक प्रभावित रह सकती है। इसका असर न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर पड़ेगा, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
सरायकेला | पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), सरायकेला में आयोजित 12 दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन कर प्रशिक्षण प्राप्त सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीएनबी के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक दुबई हेंब्रम एवं शाखा प्रबंधक बिनाई भगत ने प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए। अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि बकरी पालन एक लाभकारी व्यवसाय है,
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जिसके माध्यम से प्रशिक्षु स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इच्छुक प्रशिक्षु बैंक से ऋण प्राप्त कर अपना स्वयं का उद्यम शुरू कर सकते हैं।
सरायकेला-खरसावां | उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार मंगलवार, 29 अप्रैल 2026 को खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुधीर रंजन द्वारा सरायकेला बाजार क्षेत्र में खुदरा एवं थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।
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निरीक्षण के दौरान एक्सपायर्ड एवं बिना लेबल वाले खाद्य पदार्थों की सघन जांच की गई। एक दुकान में एक्सपायर्ड नारियल पानी पाए जाने पर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया तथा संबंधित दुकानदार पर ₹2000 का जुर्माना लगाया गया। वहीं, एक अन्य थोक विक्रेता के गोदाम में गंदगी एवं बिना लेबल के खाद्य सामग्री पाए जाने पर ₹2000 का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
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जांच अभियान के क्रम में संजय चौक एवं आसपास के क्षेत्रों में गोलगप्पा विक्रेताओं की भी जांच की गई। सभी विक्रेताओं को स्वच्छ पानी के उपयोग, ताजा खाद्य सामग्री बनाए रखने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन करने के निर्देश दिए गए और आवश्यक जागरूकता प्रदान की गई।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने सरायकेला बाजार स्थित सभी खुदरा एवं थोक विक्रेताओं, होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों से अपील की है कि वे अज्ञात स्रोत से प्राप्त खाद्य सामग्री तथा एक्सपायर्ड पेय पदार्थ, चिप्स एवं अन्य खाद्य वस्तुओं का विक्रय न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत मानकों का उल्लंघन करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें फूड लाइसेंस के निलंबन तक की कार्रवाई शामिल है। जिला प्रशासन द्वारा खाद्य सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आम नागरिकों के स्वास्थ्य संरक्षण के मद्देनजर इस प्रकार के सघन जांच अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे।
खरसावां | कुचाई प्रखंड के रोलाहातु पंचायत के सुदूरवर्ती कोमाय प्राथमिक विद्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान खरसावां के विधायक दशरथ गागराई और जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह मौजूद रहे।
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जनता दरबार में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, राशन वितरण और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को उठाया। विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और संबंधित विभागों को शिकायतों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य प्रशासन को सीधे गांव तक पहुंचाना और समस्याओं का मौके पर समाधान करना है। उन्होंने कई मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
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कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्होंने शिकायतें दर्ज कर समाधान की प्रक्रिया शुरू की। इस पहल से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और उत्साह बढ़ा।