नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने विदेशी निवेश से जुड़े नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब उन विदेशी कंपनियों को भी भारत में निवेश की अनुमति दी गई है, जिनमें चीन की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक है।

इस नए प्रावधान के तहत ऐसी कंपनियां फेमा (Foreign Exchange Management Act) के अंतर्गत ऑटोमैटिक रूट के जरिए भारत में निवेश कर सकेंगी। इससे पहले चीन से जुड़े निवेश पर कड़े प्रतिबंध लागू थे और अधिकांश मामलों में सरकारी मंजूरी आवश्यक होती थी।

सरकार का यह फैसला 1 मई 2026 से प्रभावी हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत में विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और कई क्षेत्रों में पूंजी प्रवाह तेज हो सकता है।

हालांकि, इस निर्णय को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं, क्योंकि इसमें चीन से जुड़े निवेश को आंशिक रूप से राहत दी गई है।

