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बुजुर्गों को साक्षर बनाने के लिए दुःखू टोला में विशेष जागरूकता अभियान शुरू

बुजुर्गों को साक्षर बनाने के लिए दुःखू टोला में विशेष जागरूकता अभियान शुरू

जमशेदपुर : सारजोम युवा फाउंडेशन के अध्यक्ष सागर हेंब्रम ने दुःखू टोला गांव में बुजुर्ग महिला एवं पुरुषों को शिक्षित करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य बुजुर्गों को साक्षर बनाना, उन्हें अपने हस्ताक्षर करने तथा डिजिटल माध्यमों की जानकारी देना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

अभियान के तहत बुजुर्गों को अक्षर ज्ञान और अंकों की पढ़ाई कराई जाएगी। यह कार्यक्रम प्रत्येक रविवार को आयोजित किया जाएगा। शिक्षण कार्य की जिम्मेदारी स्वयं सागर हेंब्रम ने संभाली है।

सरायकेला नगर पंचायत के सफाई कर्मियों की हड़ताल समाप्त

सरायकेला नगर पंचायत के सफाई कर्मियों की हड़ताल समाप्त

सरायकेला : सरायकेला नगर पंचायत के सफाई कर्मी पिछले कुछ महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण गुरुवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। हड़ताल की सूचना नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी को दी गई, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और सफाई कर्मियों से बातचीत की।

मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि मकर संक्रांति और टुसु पर्व जैसे बड़े त्योहारों के समय शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होना चिंताजनक है, लेकिन समय पर वेतन न देना मजदूरों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हक और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

उन्होंने नगर पंचायत के प्रशासक से फोन पर संपर्क कर दो दिनों के भीतर बकाया वेतन भुगतान की मांग की। प्रशासक ने आश्वासन दिया कि डेढ़ माह का बकाया वेतन दो दिनों के भीतर कर्मचारियों के खातों में जमा कर दिया जाएगा।

वेतन भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद सफाई कर्मियों ने मनोज कुमार चौधरी का धन्यवाद किया और हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। इस मौके पर श्री चौधरी ने कहा कि सकारात्मक माहौल में समस्याओं का समाधान करना ही उनका उद्देश्य है और वे इसके लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे।

सरायकेला–खरसावाँ: सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान आयोजित

सरायकेला–खरसावाँ: सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान आयोजित

सरायकेला : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के आठवें दिन गुरुवार को जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो के नेतृत्व में सरायकेला प्रखंड के पठानमारा पंचायत में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
अभियान के दौरान आम लोगों को गुड सेमेरिटन (Good Samaritan) नीति की जानकारी दी गई। बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नागरिकों को कानून के तहत सुरक्षा और संरक्षण मिलता है। लोगों से अपील की गई कि दुर्घटना की स्थिति में बिना डर पीड़ितों की तत्काल मदद करें।
इस अवसर पर सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए संजय होनहागा (पूर्व मुखिया, पठानमारा), रामराय गोडसोरा (ग्राम प्रधान, पठानमारा), शत्रुघन तीयू (ग्राम प्रधान, कोपे) और नेहरू पूर्ति (ग्राम प्रधान, बड़ा टंगरानी) को सड़क सुरक्षा दूत के रूप में नामित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। साथ ही हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, गति सीमा के पालन तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने के प्रति जागरूक किया गया। इस मौके पर जिला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य भी मौजूद थे।

खूंटी में पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में झारखंड में आक्रोश, चाईबासा में कैंडल मार्च

खूंटी में पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में झारखंड में आक्रोश, चाईबासा में कैंडल मार्च

चाईबासा : खूंटी जिले में सामाजिक एवं पारंपरिक नेतृत्वकर्ता तथा जल–जंगल–जमीन के संरक्षक पड़हा राजा सोमा मुंडा की अज्ञात अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद पूरे झारखंड में शोक और आक्रोश का माहौल है। इस घटना के विरोध में राज्य के विभिन्न जिलों में सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किए तथा अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उन्हें फांसी की सजा देने की मांग की।

इसी क्रम में चाईबासा के तंबू चौक पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने दिवंगत सोमा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

वक्ताओं ने कहा कि पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की परंपरा, सम्मान और सामाजिक व्यवस्था पर हमला है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने तथा उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।

कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से न्याय सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

— साधु हो
देशाउली फाउंडेशन

जल-जंगल-जमीन के संघर्षकर्ता पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या, झारखंड में आक्रोश

जल-जंगल-जमीन के संघर्षकर्ता पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या, झारखंड में आक्रोश

जगन्नाथपुर : झारखंड में ग्रामसभा को सशक्त बनाने हेतु पेशा अधिनियम 1996 के प्रभावी नियमावली की मांग और स्थानीय अड़की क्षेत्र अंतर्गत सोना खान के विरोध में जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रहे पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या ने पूरे झारखंड को झकझोर कर रख दिया है। इसे राज्य के आदिवासी आंदोलन के लिए एक गंभीर चुनौती माना जा रहा है। इससे पूर्व भी भूमि माफियाओं के विरोध में आवाज उठाने वाले सुभाष मुंडा की हत्या हो चुकी है।
झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा ने आरोप लगाया है कि ‘आबुआ दिशूम, आबुआ राज’ का दावा करने वाली सरकार के कार्यकाल में जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं की लगातार हत्याएं हो रही हैं। संगठन ने संथाल परगना में सूर्यनारायण हांसदा की हत्या पर भी राज्य सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। मोर्चा का कहना है कि सरकार जल, जंगल और जमीन माफियाओं के दबाव में काम कर रही है।
संयुक्त मोर्चा ने सोमा मुंडा की निर्मम हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर कठोरतम सजा दिलाने की मांग की है। साथ ही मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा एवं एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई है। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि सोना खान किसी बड़े उद्योगपति को न देकर ग्रामसभा के माध्यम से संचालित किया जाना चाहिए।
इस हत्याकांड के विरोध में नोवामुंडी चौक पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य सलाहकार सह पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा सहित अशोक पान, अंबिका दास, फिरोज अहमद, राजेंद्र बालमुचू, साहू पुरती, राकेश राऊत, गौतम मिंज, कृष्णा सिंकु, लक्ष्मण बालमुचू, ज्योति तिरिया, हरीश बालमुचू, अंजलि लोंगा, सुमन बारजो एवं गीता बारजो उपस्थित थे।

झारखंड पुनरुत्थान अभियान की बैठक में पड़ाह राजा की हत्या की निंदा

झारखंड पुनरुत्थान अभियान की बैठक में पड़ाह राजा की हत्या की निंदा

चाईबासा : गैर-राजनीतिक सामाजिक संगठन झारखंड पुनरुत्थान अभियान की एक आवश्यक बैठक केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकु की अध्यक्षता में उनके जिंतुगाड़ा स्थित आवास पर आयोजित की गई। बैठक में खूंटी जिले के एदेल संगा पड़ाह के राजा सोमा मुंडा की अज्ञात अपराधियों द्वारा की गई हत्या की कड़ी निंदा की गई।

इस अवसर पर रैयत संघर्ष समन्वय समिति, जगन्नाथपुर के अध्यक्ष सुमंत ज्योति सिंकु ने कहा कि पड़ाह राजा सोमा मुंडा की हत्या पारंपरिक सामाजिक स्वशासन व्यवस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने झारखंड सरकार से मांग की कि अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

बैठक में झारखंड पुनरुत्थान अभियान के जिला उपाध्यक्ष विकास केराई, जगन्नाथपुर प्रखंड अध्यक्ष विश्वनाथ बोबोंगा, संस्थापक सदस्य विनीत लागुरी तथा स्टूडेंट्स विंग के केंद्रीय अध्यक्ष अरिल सिंकु ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की।

पश्चिमी सिंहभूम में हाथी का आतंक, 16 लोगों की मौत

पश्चिमी सिंहभूम में हाथी का आतंक, 16 लोगों की मौत

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा, टोंटो, गोइलकेरा, नोवामुंडी, हाटगम्हरिया, मझगांव और कुमारडुंगी प्रखंडों में बीते एक सप्ताह से एक नर हाथी द्वारा लगातार जनहानि की घटनाएं सामने आ रही हैं। अब तक हाथी के हमले में 16 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिससे पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल है।

फिलहाल हाथी की मौजूदगी हाटगम्हरिया क्षेत्र में बताई जा रही है और उसके मझगांव व कुमारडुंगी की ओर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इससे ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

इस गंभीर स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता एवं चाईबासा नगर आईटी सेल संयोजक दुवारिका शर्मा ने झारखंड सरकार और वन विभाग से मामले को आपात स्थिति मानते हुए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने प्रभावित इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर 24×7 निगरानी, ड्रोन व ट्रैकिंग सिस्टम के उपयोग तथा प्रशिक्षित ट्रेंक्विलाइजेशन टीम की तैनाती की मांग की।

उन्होंने मृतकों के परिजनों को तुरंत सम्मानजनक मुआवजा, घायलों को निशुल्क इलाज और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए स्थायी अर्ली वार्निंग सिस्टम लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

दुवारिका शर्मा ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात में घर से बाहर न निकलें, सुबह अंधेरे में शौच के लिए बाहर न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

पश्चिम सिंहभूम में हाथी हमलों पर वन विभाग सतर्क, सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम

पश्चिम सिंहभूम में हाथी हमलों पर वन विभाग सतर्क, सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम

चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले में लगातार हो रहे हाथियों के हमलों को देखते हुए वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने जिलेवासियों की सुरक्षा के लिए कई एहतियाती कदम उठाए हैं। विभाग के सचिव अबूबकर सिद्दीकी के निर्देश पर चाईबासा और कोल्हान डिवीजन में व्यापक निगरानी और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।

जानकारी के अनुसार आरसीसीएफ जमशेदपुर, सीएफ चाईबासा सहित सभी वन प्रमंडल पदाधिकारी जिला मुख्यालय में कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। गठित टीमों के माध्यम से प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों को सतर्क करने के लिए सार्वजनिक घोषणाएं की जा रही हैं, साथ ही टॉर्च और पटाखों का वितरण भी किया गया है।

हाथियों की गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) की तैनाती की गई है। 4 जनवरी से बंगाल से आई विशेषज्ञों की टीम हाथियों को मानव बस्तियों से दूर रखने और नुकसान को कम करने का कार्य कर रही है।

समस्या उत्पन्न कर रहे हाथी को बेहोश कर अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए 6 जनवरी 2026 को वंतारा से औपचारिक बातचीत शुरू की गई। वहीं 7 जनवरी 2026 को वाइल्डलाइफ SOS और मोबाइल वेटरनरी यूनिट, क्योंझर (ओडिशा) से चर्चा के बाद MVU क्योंझर (WTI) की टीम चाईबासा पहुंची।

इसके अलावा CCF वाइल्डलाइफ की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जो मौके पर कैंप कर आवश्यक कार्रवाई करेगी। प्रभावित क्षेत्रों में थर्मल ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। नियमानुसार पीड़ितों को अनुग्रह राशि और मुआवजा देने की प्रक्रिया जारी है।

हाथी हमलों में घायल लोगों का अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। PCCF वाइल्डलाइफ स्वयं चाईबासा का दौरा कर रहे हैं, जबकि वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII), देहरादून से भी विशेषज्ञों को बुलाया गया है।

वन विभाग ने आम लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

लोक भवन में राज्यपाल से मिला रूढ़िजन्य आदिवासी समन्वय समिति का शिष्टमंडल

लोक भवन में राज्यपाल से मिला रूढ़िजन्य आदिवासी समन्वय समिति का शिष्टमंडल

रांची : रूढ़िजन्य आदिवासी समन्वय समिति का एक शिष्टमंडल बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मिला। अखिल भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी निशा उरांव के नेतृत्व में शिष्टमंडल में विभिन्न जनजातियों के लगभग 40 प्रधान शामिल थे। शिष्टमंडल ने पेसा नियमावली–2025 के कई प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए इसके संशोधन के लिए राज्यपाल से पहल करने का आग्रह किया और इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा।

ज्ञापन में ग्राम सभा के गठन की प्रक्रिया पर आपत्ति व्यक्त की गई है। समिति का कहना है कि वर्तमान नियमावली में पारंपरिक ग्राम सभा का उल्लेख तो किया गया है, लेकिन ग्राम सभा की सीमाओं की मान्यता और प्रकाशन की पूरी जिम्मेदारी जिला उपायुक्त को सौंप दी गई है। जबकि वर्ष 2023 में विधि विभाग द्वारा स्वीकृत और प्रकाशित नियमावली में ग्राम सभा का गठन परंपराओं और रूढ़ियों के अनुसार किए जाने का प्रावधान था।

शिष्टमंडल ने यह भी कहा कि नई नियमावली में “रूढ़ि” शब्द को हटा दिया गया है, जबकि पेसा कानून का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभा के गठन में रूढ़ियों और परंपराओं को उचित स्थान देना है। पेसा की धारा 4(घ) के तहत प्रत्येक ग्राम सभा को अपनी परंपरा, रूढ़ि और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण का अधिकार प्राप्त है, लेकिन वर्तमान नियमावली में ग्राम सभा के गठन की जिम्मेदारी प्रशासन, विशेष रूप से उपायुक्त को दे दी गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में आदिवासी समाज में ग्राम सभा का गठन और बहुस्तरीय व्यवस्था सदियों से रूढ़ियों के आधार पर होती रही है, जिसमें सामाजिक और धार्मिक दोनों परंपराएं शामिल हैं। समिति ने यह भी दावा किया कि धर्मांतरण के बाद रूढ़ियों में बदलाव आता है और धर्मांतरित आदिवासी पारंपरिक कस्टमरी लॉ का पालन नहीं करते। ऐसे में उनके द्वारा पारंपरिक पदों पर बने रहना पेसा की मूल भावना के विपरीत है।

शिष्टमंडल ने आरोप लगाया कि वर्तमान पेसा नियमावली कानून की मूल भावना के साथ खिलवाड़ करती है और इसे संशोधित किए जाने की आवश्यकता है। इस पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि वे इस विषय से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार कर समुचित कार्रवाई करेंगे।

नोवामुंडी में हाथी हमले से छह की मौत, विधायक सोना राम सिंकू ने जताई संवेदना

नोवामुंडी में हाथी हमले से छह की मौत, विधायक सोना राम सिंकू ने जताई संवेदना

नोवामुंडी : नोवामुंडी प्रखंड की जेटेया पंचायत अंतर्गत ग्राम बावड़िया मुंडा टोला में 6 जनवरी 2026 की रात करीब 9 बजे जंगली हाथी के हमले में एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत कुल पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान सनातन मेरेल (50), झलक मोनी कुई (45), दयमंती मेरेल (8) और मुंगडू मेरेल (5) के रूप में हुई है।

वहीं, दूसरी घटना में बड़ापसिया टोला, डुगुड़ वसा निवासी मंगल बोबोंगा (26) की भी जंगली हाथी के हमले में मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक सोना राम सिंकू ने उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम को अवगत कराया। साथ ही अंचल अधिकारी नोवामुंडी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और वन विभाग के रेंजर से संपर्क कर पीड़ित परिवारों को शीघ्र मुआवजा और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

विधायक सोना राम सिंकू ने घटना को अत्यंत हृदयविदारक बताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सिंगबोंगा दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति दें।

घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की आवाजाही पर ठोस और स्थायी समाधान की मांग की है।