रांची | झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान पेपर लीक और ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। रांची पुलिस ने तमाड़ थाना क्षेत्र स्थित एक अधनिर्मित मेडिकल कॉलेज परिसर में छापेमारी कर तथाकथित ‘चीटिंग फैक्ट्री’ का भंडाफोड़ किया।

इस कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड समेत कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 159 अभ्यर्थी और 5 गिरोह के सदस्य शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, 11 अप्रैल को गुप्त सूचना मिली थी कि एक बंद भवन में बड़ी संख्या में युवक संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं। सूचना के आधार पर विशेष टीम का गठन कर देर रात छापेमारी की गई। पुलिस को देखते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई अभ्यर्थियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों को कथित प्रश्नपत्र और उनके उत्तर याद करा रहे थे। इसके बदले प्रत्येक अभ्यर्थी से 10 से 15 लाख रुपये तक वसूले गए। हालांकि, पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि जो प्रश्नपत्र दिए गए थे, वे वास्तविक परीक्षा में शामिल नहीं थे, जिससे यह मामला ठगी का भी बनता है।
पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड अतुल वत्स है, जो बिहार के जहानाबाद का निवासी है और पूर्व में भी आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। गिरोह के एजेंट अभ्यर्थियों से संपर्क कर मोटी रकम वसूलते थे। भुगतान बैंक चेक के माध्यम से लिया जाता था, जबकि कार्रवाई से बचने के लिए अभ्यर्थियों के मोबाइल और सिम कार्ड पहले ही जमा करा लिए जाते थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से प्रिंटेड प्रश्न-उत्तर सेट, एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन, बैंक चेक सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा आठ वाहनों को भी जब्त किया गया है।
तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/26 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
यह घटना राज्य में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।




























