चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में रविवार को जिला स्तरीय स्टीयरिंग एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पीएम पोषण योजना (मिड-डे मील) के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई और शिक्षा व पोषण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में नियमित उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जिले के सभी विद्यालयों में न्यूनतम 82 प्रतिशत छात्र उपस्थिति सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया।

योजना के प्रभावी संचालन के लिए उपायुक्त ने बीआरपी और सीआरपी को अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करने तथा सप्ताह में कम-से-कम दो दिन शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होने का निर्देश दिया। साथ ही विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता की सतत निगरानी करने पर भी जोर दिया गया।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए, जिसमें स्थानीय और मौसमी फलों को भी शामिल किया जाए। बच्चों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा ताजी सब्जियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल परिसरों में ‘पोषण वाटिका’ विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।

बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक, सभी बीआरपी, सीआरपी और विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पीएम पोषण योजना के बेहतर क्रियान्वयन और विद्यार्थियों की शिक्षा व स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए समन्वित प्रयासों पर सहमति जताई।

