मनोहरपुर में एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, मासूम की डूबने से मौत, रिश्तेदार सड़क हादसे में घायल

मनोहरपुर में एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, मासूम की डूबने से मौत, रिश्तेदार सड़क हादसे में घायल

मनोहरपुर | आनंदपुर थाना क्षेत्र में एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एक ओर तालाब में डूबने से दो वर्षीय मासूम बच्ची इसिका चंपिया की मौत हो गई, वहीं उसकी मौत की खबर सुनकर अस्पताल जा रहे रिश्तेदार विजय तिर्की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। लगातार हुई इन दो घटनाओं से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झारबेड़ा पंचायत के बांदुनासा गिरजा टोली निवासी दो वर्षीय इसिका चंपिया अपनी मां के साथ छोटाकूड़ना गांव में आयोजित जात्रा मेला देखने आई थी। बताया गया कि दोपहर के समय घर के समीप स्थित तालाब में परिवार के कुछ सदस्य स्नान करने गए थे। इसी दौरान तालाब किनारे खेल रही मासूम बच्ची अचानक गहरे पानी में चली गई और डूब गई।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने बच्ची को तत्काल तालाब से बाहर निकालकर मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

Book your slot today : +91 7250214782

इधर, बच्ची की मौत की सूचना मिलने पर उसे देखने अस्पताल जा रहे छोटाकूड़ना निवासी विजय तिर्की (35) सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। बताया जाता है कि रायकेरा झंझरी पुलिया के समीप उनकी स्कूटी अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में उनका दायां पैर टूट गया तथा चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
स्थानीय लोगों की सहायता से घायल विजय तिर्की को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें रेफर कर दिया गया।

Book your slot today : +91 7250214782

पुलिस ने दोनों घटनाओं की जानकारी लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। एक ही परिवार में हुई इन दो दर्दनाक घटनाओं से पूरे इलाके में मातम और शोक की लहर है।

अपना हिस्सा बचाना है तो संघर्ष और एकजुटता ही एकमात्र रास्ता:- रामहरि गोप

अपना हिस्सा बचाना है तो संघर्ष और एकजुटता ही एकमात्र रास्ता:- रामहरि गोप

चाईबासा | गोप गौड़ आरक्षण आंदोलन समिति के केंद्रीय अध्यक्ष रामहरि गोप ने कहा कि झारखंड के पिछड़ा वर्ग समाज से परिसीमन, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक हिस्सेदारी के प्रश्न पर गंभीरता से विचार करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आज समय का सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि समाज की जनसंख्या कितनी है, बल्कि यह है कि उसकी राजनीतिक भागीदारी और निर्णय लेने वाली संस्थाओं में उसकी हिस्सेदारी कितनी है।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

 उन्होंने कहा कि झारखंड का पिछड़ा वर्ग वर्षों से अपनी संख्या के अनुपात में अधिकार, सम्मान और प्रतिनिधित्व से वंचित रहा है। चुनाव के समय समाज की संख्या को वोट बैंक के रूप में याद किया जाता है, लेकिन सत्ता और नीतिगत निर्णयों में उसकी भागीदारी सीमित कर दी जाती है। यह स्थिति लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की मूल भावना के विपरीत है।
    रामहरि गोप ने कहा कि आने वाला परिसीमन केवल नक्शे पर लकीरें खींचने का कार्य नहीं है, बल्कि यह आने वाले कई दशकों तक राजनीतिक शक्ति संतुलन तय करेगा। यदि पिछड़ा वर्ग समाज आज भी चुप बैठा रहा, तो कल उसके हिस्से की आवाज, उसका प्रतिनिधित्व और उसके अधिकार और अधिक कमजोर हो सकते हैं।
    उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि जो समाज अपने अधिकारों के लिए संगठित नहीं होता, उसके अधिकार धीरे-धीरे उससे छीन लिए जाते हैं। अधिकार किसी की कृपा से नहीं मिलते, बल्कि जागरूकता, संघर्ष और एकजुटता से प्राप्त होते हैं।

Book your slot today : +91 7250214782

  रामहरि गोप ने जोर देकर कहा कि अपना हिस्सा पाने और बचाने के लिए आंदोलन ही सबसे प्रभावी विकल्प है तथा एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत है। सत्ता हमेशा संगठित लोगों की आवाज सुनती है, बिखरे हुए समाज की नहीं। जब तक पिछड़ा वर्ग समाज अपनी सामूहिक शक्ति को नहीं पहचानेगा, तब तक उसकी वास्तविक हिस्सेदारी का सपना अधूरा रहेगा।
    उन्होंने आगे कहा कि आज आवश्यकता है कि पिछड़ा वर्ग समाज जातीय उपविभाजनों, व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और राजनीतिक भ्रमों से ऊपर उठकर एक साझा मंच पर आए। समाज को यह समझना होगा कि यदि आज अधिकारों और प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर आवाज नहीं उठाई गई, तो आने वाली पीढ़ियां पूछेंगी कि जब उनके भविष्य का निर्णय हो रहा था, तब समाज मौन क्यों था।

Book your slot today : +91 7250214782

   उन्होंने झारखंड के युवाओं, छात्रों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सभी पिछड़ा वर्ग संगठनों से अपील की कि वे गांव-गांव, पंचायत-पंचायत और शहर-शहर जनजागरण अभियान चलाएं तथा समाज को उसके संवैधानिक अधिकारों, राजनीतिक हिस्सेदारी और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जागरूक करें।
    रामहरि गोप ने कहा कि संख्या में बड़ा होने के बावजूद यदि कोई समाज निर्णय लेने की प्रक्रिया में कमजोर है, तो उसे अपनी ताकत को संगठित करने की आवश्यकता है। समय आ गया है कि पिछड़ा वर्ग समाज जागे, संगठित हो और अपने अधिकारों की लड़ाई को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से मजबूत करे। क्योंकि जो समाज अपने हिस्से के लिए संघर्ष नहीं करता, उसके हिस्से का निर्णय दूसरे लोग कर देते हैं।

खनिज संपदा से मालामाल क्षेत्र, फिर भी स्थानीय युवा रोजगार से बेहाल-गुआ, किरीबुरू, मेघाहातुबुरू और सारंडा के आदिवासी-ग्रामीणों के साथ हो रहा अन्याय :- रामहरि गोप

खनिज संपदा से मालामाल क्षेत्र, फिर भी स्थानीय युवा रोजगार से बेहाल-गुआ, किरीबुरू, मेघाहातुबुरू और सारंडा के आदिवासी-ग्रामीणों के साथ हो रहा अन्याय :- रामहरि गोप

चाईबासा | एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष रामहरि गोप ने पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर गुआ, किरीबुरू, मेघाहातुबुरू एवं सारंडा क्षेत्र के स्थानीय लोगों की रोजगार एवं आजीविका संबंधी समस्याओं की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा ठोस कार्रवाई की मांग की है।
रामहरि गोप ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिला देश के सबसे समृद्ध खनिज क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां से प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये मूल्य के लौह अयस्क एवं अन्य खनिज संसाधनों का दोहन किया जाता है। खनन कंपनियां और सरकार इस क्षेत्र से भारी राजस्व अर्जित करती हैं, लेकिन विडंबना यह है कि इसी क्षेत्र के मूल निवासी, आदिवासी एवं ग्रामीण परिवार आज भी रोजगार और सम्मानजनक आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
   उन्होंने बताया कि दिनांक 31 मई 2026 को चाईबासा रेलवे स्टेशन परिसर में गुआ क्षेत्र से आए कई ग्रामीणों से बातचीत के दौरान अत्यंत चिंताजनक तथ्य सामने आए। ग्रामीणों ने बताया कि उनके क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं होने के कारण वे लगभग 100 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर लकड़ी, दातून, पत्ता एवं अन्य वन उत्पाद बेचने के लिए चाईबासा आते हैं।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

 ग्रामीणों के अनुसार वे टाटा-गुआ पैसेंजर ट्रेन से दोपहर में गुआ से प्रस्थान कर शाम को चाईबासा पहुंचते हैं। आर्थिक तंगी के कारण वे किसी होटल या किराए के स्थान पर ठहरने में सक्षम नहीं होते और पूरी रात रेलवे स्टेशन परिसर में ही गुजारते हैं। अगले दिन सुबह लगभग चार बजे उठकर अपने सामान के साथ बाजारों में निकल जाते हैं और दिनभर मेहनत कर सामान बेचने के बाद पुनः रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन से अपने गांव लौटते हैं।
   रामहरि गोप ने कहा कि यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर देने वाला है। जिस धरती की गोद से देश की उद्योग व्यवस्था चलाने वाले खनिज निकाले जा रहे हैं, उसी धरती के लोग रोजगार और सम्मानजनक जीवन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। यह केवल आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, विकास और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।

Book your slot today : +91 7250214782

 उन्होंने कहा कि यदि खनन परियोजनाओं, औद्योगिक गतिविधियों और विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ स्थानीय लोगों तक नहीं पहुंच रहा है, तो यह पूरे विकास मॉडल पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। खनिज संपदा से प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।
   एंटी करप्शन ऑफ इंडिया ने प्रशासन से मांग की है कि गुआ, किरीबुरू, मेघाहातुबुरू एवं सारंडा क्षेत्र में स्थानीय लोगों की रोजगार एवं आजीविका की वर्तमान स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए। खनन प्रभावित युवाओं के लिए विशेष रोजगार अभियान चलाया जाए तथा वन आधारित आजीविका, लघु उद्योग, स्वरोजगार एवं कौशल विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। साथ ही खनन कंपनियों द्वारा स्थानीय रोजगार, पुनर्वास एवं कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की जाए।

Book your slot today : +91 7250214782

उन्होंने मांग की कि खनिज संपदा से प्राप्त राजस्व और विकास योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी समुदायों तक पहुंचाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए ठोस एवं समयबद्ध कदम उठाए जाएं।
   रामहरि गोप ने कहा कि यदि खनिज संपदा से समृद्ध क्षेत्र के लोगों को ही रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन का अधिकार नहीं मिल रहा है, तो यह विकास नहीं बल्कि स्थानीय समुदायों के साथ अन्याय है। प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीण परिवारों को अपने ही क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार और बेहतर भविष्य मिल सके।

प्रोजेक्ट समावेश के तहत बीएलओ का प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित, उत्कृष्ट कार्य करने वाले 83 बीएलओ-सुपरवाइजर सम्मानित

प्रोजेक्ट समावेश के तहत बीएलओ का प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित, उत्कृष्ट कार्य करने वाले 83 बीएलओ-सुपरवाइजर सम्मानित

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा “प्रोजेक्ट समावेश” के तहत टाटा कॉलेज, चाईबासा स्थित बहुउद्देशीय सभागार में बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उपायुक्त मनीष कुमार ने की। इस अवसर पर अपर उपायुक्त, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा पोड़ाहाट-चक्रधरपुर एवं सदर चाईबासा के अनुमंडल पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के सफल, पारदर्शी और त्रुटिरहित संचालन के लिए बीएलओ को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों, तकनीकी प्रक्रियाओं और क्षेत्रीय दायित्वों की विस्तृत जानकारी प्रदान करना था, ताकि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और समावेशी बनाया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान बीएलओ को नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत अथवा स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने, मतदाता सूची में त्रुटियों के संशोधन, पते में बदलाव और फोटो अद्यतन सहित अन्य आवश्यक सुधार प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। साथ ही नए मतदाता पंजीकरण, नाम विलोपन, संशोधन एवं स्थानांतरण से संबंधित निर्धारित प्रपत्रों के सही उपयोग और समयबद्ध निष्पादन पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

Book your slot today : +91 7250214782

इसके अतिरिक्त ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के सत्यापन, डिजिटलीकरण प्रक्रिया तथा संबंधित पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग को लेकर बीएलओ को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में घर-घर जाकर मतदाता सूची का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने, 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल कराने तथा युवाओं, महिलाओं और दिव्यांगजनों को मतदान के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही मृत, स्थानांतरित और दोहराव वाले मतदाताओं की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता सटीक और अद्यतन मतदाता सूची पर आधारित होती है तथा इस पूरी प्रक्रिया में बीएलओ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशिक्षित बीएलओ यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।

Book your slot today : +91 7250214782

कार्यक्रम के दौरान जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता मैपिंग कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 83 बीएलओ और सुपरवाइजरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इन कर्मियों ने मतदाता मैपिंग अभियान के तहत 90 से 95 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित कर उल्लेखनीय कार्य किया है।
कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने सभी बीएलओ को मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी की शपथ दिलाई तथा बेहतर कार्य के लिए प्रेरित किया। इस दौरान हस्ताक्षर अभियान और सेल्फी कॉर्नर जैसी जनजागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।

रांची: छऊ कला और नाट्य परंपरा पर विशेष व्याख्यान-प्रदर्शन आयोजित, गुरु तपन कुमार पटनायक ने साझा की कला की विरासत

रांची: छऊ कला और नाट्य परंपरा पर विशेष व्याख्यान-प्रदर्शन आयोजित, गुरु तपन कुमार पटनायक ने साझा की कला की विरासत

रांची | संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली द्वारा आयोजित “प्रातः स्मरण” कार्यक्रम के तहत रविवार को रांची स्थित ऑडिटोरियम सभागार में छऊ कला एवं नाट्य परंपरा पर विशेष व्याख्यान-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, झारखंड के सहयोग से आयोजित किया गया।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

कार्यक्रम में छऊ कला के वरिष्ठ गुरु एवं अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कलाकार गुरु तपन कुमार पटनायक ने छऊ नृत्य की परंपरा, इतिहास, तकनीक और सांस्कृतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से छऊ नृत्य की विशिष्ट शारीरिक मुद्राओं, मुखौटों के महत्व और इसकी कलात्मक बारीकियों को दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया।

Book your slot today : +91 7250214782

अपने संबोधन में गुरु पटनायक ने कहा कि छऊ केवल एक नृत्य शैली नहीं, बल्कि लोक जीवन, प्रकृति, आध्यात्मिकता और सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम है। उन्होंने महिषासुर वध, रामायण, महाभारत, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण तथा जन-जागरूकता जैसे विषयों पर आधारित छऊ प्रस्तुतियों का उल्लेख करते हुए इसकी सामाजिक प्रासंगिकता को रेखांकित किया।

Book your slot today : +91 7250214782

कार्यक्रम में नाटक और लोक कला क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन पर बल देते हुए नई पीढ़ी को लोक कलाओं से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
गुरु तपन कुमार पटनायक सरायकेला छऊ शैली के प्रमुख हस्ताक्षरों में गिने जाते हैं। छऊ कला के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। वे विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं और योजनाओं के माध्यम से लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम में कलाकारों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कला प्रेमियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। आयोजन का उद्देश्य भारतीय लोक एवं पारंपरिक कलाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उनके संरक्षण और संवर्धन को प्रोत्साहित करना था।

सरायकेला में तंबाकू विरोधी जनजागरूकता अभियान की शुरुआत, उपायुक्त ने जागरूकता रथ को किया रवाना

सरायकेला में तंबाकू विरोधी जनजागरूकता अभियान की शुरुआत, उपायुक्त ने जागरूकता रथ को किया रवाना

सरायकेला | जिले में तंबाकू निषेध एवं नियंत्रण संबंधी जनजागरूकता अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार को उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित यह जागरूकता रथ आगामी एक माह तक जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों एवं शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों तथा इससे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करेगा।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

इस अवसर पर उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। इसके कारण कैंसर, हृदय रोग, श्वसन संबंधी बीमारियों सहित कई गंभीर और जानलेवा रोग उत्पन्न होते हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
उपायुक्त ने बताया कि अभियान के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंवाद, जागरूकता कार्यक्रम, प्रचार-प्रसार गतिविधियां तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को तंबाकू सेवन के कारण व्यक्ति, परिवार और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी जाएगी।

Book your slot today : +91 7250214782

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील करते हुए कहा कि सामाजिक प्रभाव, साथियों के दबाव और जिज्ञासा के कारण कई युवा तंबाकू सेवन की ओर आकर्षित हो जाते हैं, जिसका उनके स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने युवाओं से नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा सकारात्मक गतिविधियों से जुड़कर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया।

Book your slot today : +91 7250214782

उपायुक्त ने सभी नागरिकों से तंबाकू एवं तंबाकू उत्पादों के सेवन से दूर रहने, तंबाकू नियंत्रण संबंधी प्रावधानों का पालन करने तथा अपने परिवार और समाज को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि तंबाकू मुक्त परिवार, तंबाकू मुक्त समाज और तंबाकू मुक्त राज्य के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के पदाधिकारी एवं कर्मी, एनडीसी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

खुंटपानी के पुरुनियाँ गांव में नशा मुक्ति को लेकर अहम बैठक, महिलाओं और बच्चों ने लिया नशामुक्त गांव का संकल्प

खुंटपानी के पुरुनियाँ गांव में नशा मुक्ति को लेकर अहम बैठक, महिलाओं और बच्चों ने लिया नशामुक्त गांव का संकल्प

खुंटपानी/पश्चिमी सिंहभूम | पश्चिमी सिंहभूम जिले के खुंटपानी प्रखंड अंतर्गत पुरुनियाँ गांव में महिला समितियों के निर्देशानुसार नशा मुक्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गांव में बढ़ते नशे के प्रचलन और उससे समाज व परिवार पर पड़ रहे दुष्प्रभावों पर गंभीर चर्चा की गई।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

बैठक में ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण कई परिवार टूट रहे हैं और युवा तथा बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। बताया गया कि छोटे-छोटे बच्चे बीड़ी, सिगरेट, गांजा और खैनी जैसी नशीली वस्तुओं के सेवन के आदी बनते जा रहे हैं, जिससे समाज और परिवार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

Book your slot today : +91 7250214782

इस दौरान गांव की महिला समितियों और बच्चों ने पुरुनियाँ गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में खुंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा और थाना प्रभारी मेघनाथ मंडल भी पहुंचे। दोनों ने ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए इसे त्यागने की अपील की।

Book your slot today : +91 7250214782

प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है, जो घर-परिवार और बच्चों के भविष्य को बर्बाद कर देती है। उन्होंने कहा कि नशे के कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ती हैं और आर्थिक समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। उन्होंने ग्रामीणों से नशा छोड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने तथा बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देकर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।
बैठक में ग्राम कल्याण प्रगति समिति के अध्यक्ष बागुन होनहागा, सुमन होनहागा, बलराम केसरी, जीवन होनहागा, लक्ष्मी होनहागा, बसंती होनहागा सहित गांव के कई सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे।

चाईबासा: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए स्कूलों में 82% उपस्थिति अनिवार्य, डीसी ने दिए निर्देश

चाईबासा: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए स्कूलों में 82% उपस्थिति अनिवार्य, डीसी ने दिए निर्देश

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में रविवार को जिला स्तरीय स्टीयरिंग एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पीएम पोषण योजना (मिड-डे मील) के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई और शिक्षा व पोषण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में नियमित उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जिले के सभी विद्यालयों में न्यूनतम 82 प्रतिशत छात्र उपस्थिति सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

योजना के प्रभावी संचालन के लिए उपायुक्त ने बीआरपी और सीआरपी को अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करने तथा सप्ताह में कम-से-कम दो दिन शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होने का निर्देश दिया। साथ ही विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता की सतत निगरानी करने पर भी जोर दिया गया।

Book your slot today : +91 7250214782

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए, जिसमें स्थानीय और मौसमी फलों को भी शामिल किया जाए। बच्चों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा ताजी सब्जियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल परिसरों में ‘पोषण वाटिका’ विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।

Book your slot today : +91 7250214782

बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक, सभी बीआरपी, सीआरपी और विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पीएम पोषण योजना के बेहतर क्रियान्वयन और विद्यार्थियों की शिक्षा व स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए समन्वित प्रयासों पर सहमति जताई।

चाईबासा एसीसी प्लांट पर त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा, काम बंद रहने तक सामान की आवाजाही पर रोक: उपायुक्त

चाईबासा एसीसी प्लांट पर त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा, काम बंद रहने तक सामान की आवाजाही पर रोक: उपायुक्त

चाईबासा | चाईबासा स्थित एसीसी सीमेंट प्लांट को बंद होने से बचाने के लिए रविवार को जिला समाहरणालय में एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता झारखंड के भू-राजस्व एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने की। हालांकि कई घंटों तक चली इस वार्ता का कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका और बातचीत बेनतीजा रही।
बैठक में प्लांट प्रबंधन, मजदूर प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। वार्ता विफल रहने के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि जब तक प्लांट में कामकाज बंद रहेगा, तब तक न तो प्लांट से कोई सामान बाहर भेजा जाएगा और न ही किसी प्रकार की सामग्री अंदर लाई जाएगी।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

उपायुक्त ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में धारा 144 लागू करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही एसीसी प्रबंधन को अपने उच्च प्रबंधन, विशेष रूप से अहमदाबाद बोर्ड से वार्ता कर जल्द समाधान निकालने को कहा गया है। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया कि मजदूरों के बकाया भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने तक कर्मचारियों को अन्य कार्यों में नहीं लगाया जाए।

Book your slot today : +91 7250214782

ग्रामीणों और मजदूरों में बढ़ी चिंता
ग्रामीणों और मजदूर प्रतिनिधियों ने बैठक में आशंका जताई कि 30 अप्रैल से ‘शटडाउन’ के नाम पर स्थानीय मजदूरों की छंटनी की जा रही है और प्लांट का उत्पादन एवं डिस्पैच पूरी तरह बंद है। उनका कहना है कि बिना किसी स्पष्ट नीति के काम बंद होने से उनकी आजीविका पर संकट गहरा गया है।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि प्लांट से कोयला, स्टील और क्लिंकर जैसी सामग्री को गुप्त तरीके से अन्य स्थानों पर भेजे जाने की कोशिश की जा रही है, जिससे यह आशंका बढ़ रही है कि फैक्ट्री को स्थायी रूप से बंद करने की तैयारी चल रही है।
पहले भी हुआ था विरोध प्रदर्शन

Book your slot today : +91 7250214782

इस मुद्दे को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और मजदूरों ने 29 मई को एसीसी प्रबंधन के खिलाफ पदयात्रा निकालने और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की थी। हालांकि मंत्री दीपक बिरुआ के हस्तक्षेप और त्रिपक्षीय वार्ता के आश्वासन के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि चाईबासा का यह ऐतिहासिक प्लांट केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की पहचान और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। यदि फैक्ट्री पूरी तरह बंद हो जाती है, तो हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
बैठक में पुलिस अधीक्षक, जनप्रतिनिधि, मजदूर संगठनों के सदस्य, संघर्ष समिति के पदाधिकारी और एसीसी प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी की मुलाकात, कोडरमा छात्रों के विश्वविद्यालय संबद्धता मुद्दे पर चर्चा

रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी की मुलाकात, कोडरमा छात्रों के विश्वविद्यालय संबद्धता मुद्दे पर चर्चा

रांची | झारखंड मंत्रालय में सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कोडरमा के हजारों छात्र-छात्राओं के हित से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

बैठक में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से कोडरमा जिले के छात्रों को सर जे.सी. बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह से संबद्ध किए जाने के कारण कई समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने इस विषय पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक सुविधाओं और प्रशासनिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।

Book your slot today : +91 7250214782

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मामले में सकारात्मक पहल करेंगे।

Book your slot today : +91 7250214782

इसके अलावा, मुलाकात के दौरान राज्य में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय सहित केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े अन्य विषयों पर भी दोनों नेताओं के बीच विस्तृत चर्चा हुई।