राजनीति

झारखंड पुनरुत्थान अभियान की बैठक में पड़ाह राजा की हत्या की निंदा

झारखंड पुनरुत्थान अभियान की बैठक में पड़ाह राजा की हत्या की निंदा

चाईबासा : गैर-राजनीतिक सामाजिक संगठन झारखंड पुनरुत्थान अभियान की एक आवश्यक बैठक केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकु की अध्यक्षता में उनके जिंतुगाड़ा स्थित आवास पर आयोजित की गई। बैठक में खूंटी जिले के एदेल संगा पड़ाह के राजा सोमा मुंडा की अज्ञात अपराधियों द्वारा की गई हत्या की कड़ी निंदा की गई।

इस अवसर पर रैयत संघर्ष समन्वय समिति, जगन्नाथपुर के अध्यक्ष सुमंत ज्योति सिंकु ने कहा कि पड़ाह राजा सोमा मुंडा की हत्या पारंपरिक सामाजिक स्वशासन व्यवस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने झारखंड सरकार से मांग की कि अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

बैठक में झारखंड पुनरुत्थान अभियान के जिला उपाध्यक्ष विकास केराई, जगन्नाथपुर प्रखंड अध्यक्ष विश्वनाथ बोबोंगा, संस्थापक सदस्य विनीत लागुरी तथा स्टूडेंट्स विंग के केंद्रीय अध्यक्ष अरिल सिंकु ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की।

लोक भवन में राज्यपाल से मिला रूढ़िजन्य आदिवासी समन्वय समिति का शिष्टमंडल

लोक भवन में राज्यपाल से मिला रूढ़िजन्य आदिवासी समन्वय समिति का शिष्टमंडल

रांची : रूढ़िजन्य आदिवासी समन्वय समिति का एक शिष्टमंडल बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मिला। अखिल भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी निशा उरांव के नेतृत्व में शिष्टमंडल में विभिन्न जनजातियों के लगभग 40 प्रधान शामिल थे। शिष्टमंडल ने पेसा नियमावली–2025 के कई प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए इसके संशोधन के लिए राज्यपाल से पहल करने का आग्रह किया और इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा।

ज्ञापन में ग्राम सभा के गठन की प्रक्रिया पर आपत्ति व्यक्त की गई है। समिति का कहना है कि वर्तमान नियमावली में पारंपरिक ग्राम सभा का उल्लेख तो किया गया है, लेकिन ग्राम सभा की सीमाओं की मान्यता और प्रकाशन की पूरी जिम्मेदारी जिला उपायुक्त को सौंप दी गई है। जबकि वर्ष 2023 में विधि विभाग द्वारा स्वीकृत और प्रकाशित नियमावली में ग्राम सभा का गठन परंपराओं और रूढ़ियों के अनुसार किए जाने का प्रावधान था।

शिष्टमंडल ने यह भी कहा कि नई नियमावली में “रूढ़ि” शब्द को हटा दिया गया है, जबकि पेसा कानून का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभा के गठन में रूढ़ियों और परंपराओं को उचित स्थान देना है। पेसा की धारा 4(घ) के तहत प्रत्येक ग्राम सभा को अपनी परंपरा, रूढ़ि और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण का अधिकार प्राप्त है, लेकिन वर्तमान नियमावली में ग्राम सभा के गठन की जिम्मेदारी प्रशासन, विशेष रूप से उपायुक्त को दे दी गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में आदिवासी समाज में ग्राम सभा का गठन और बहुस्तरीय व्यवस्था सदियों से रूढ़ियों के आधार पर होती रही है, जिसमें सामाजिक और धार्मिक दोनों परंपराएं शामिल हैं। समिति ने यह भी दावा किया कि धर्मांतरण के बाद रूढ़ियों में बदलाव आता है और धर्मांतरित आदिवासी पारंपरिक कस्टमरी लॉ का पालन नहीं करते। ऐसे में उनके द्वारा पारंपरिक पदों पर बने रहना पेसा की मूल भावना के विपरीत है।

शिष्टमंडल ने आरोप लगाया कि वर्तमान पेसा नियमावली कानून की मूल भावना के साथ खिलवाड़ करती है और इसे संशोधित किए जाने की आवश्यकता है। इस पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि वे इस विषय से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार कर समुचित कार्रवाई करेंगे।

नोवामुंडी में हाथी हमले के पीड़ितों से मिले पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, शीघ्र मुआवजे और सुरक्षा उपायों की मांग

नोवामुंडी में हाथी हमले के पीड़ितों से मिले पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, शीघ्र मुआवजे और सुरक्षा उपायों की मांग

नोवामुंडी : पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत जेटेया पंचायत में जंगली हाथी के हमले से हुई दर्दनाक घटना के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा बुधवार को प्रभावित क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने जेटेया गांव के बावड़िया मुंडा टोला में हाथी हमले में एक ही परिवार के चार सदस्यों तथा बड़ापसिया टोला, डुगुड़ वसा में मंगल बोबोंगा की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद वन विभाग के रेंजर से बातचीत कर मृतकों के परिजनों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की तथा प्रशासन से राहत कार्यों में तेजी और संवेदनशीलता बरतने को कहा।
मधु कोड़ा ने क्षेत्र में बढ़ते हाथी आतंक को गंभीर बताते हुए लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मौके पर नोवामुंडी मंडल अध्यक्ष चंद्र मोहन गोप, मीडिया प्रभारी विनित कुमार गोप, निखिलेश बोबोंगा, सुखराम कोड़ा, पीतांबर बोबोंगा, लक्ष्मण गोप सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

सरायकेला नगर पंचायत के समक्ष भाजपा का एकदिवसीय धरना प्रदर्शन

सरायकेला नगर पंचायत के समक्ष भाजपा का एकदिवसीय धरना प्रदर्शन

सरायकेला : भाजपा संगठन के प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत बुधवार को सरायकेला नगर पंचायत के समक्ष राज्य सरकार द्वारा निकाय चुनाव में हो रही देरी के विरोध में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने निकाय चुनाव की तिथि शीघ्र घोषित करने, चुनाव दलीय आधार पर कराने तथा ईवीएम के माध्यम से मतदान कराने की मांग की।

धरना को संबोधित करते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजा सिंहदेव ने कहा कि वर्ष 2018 में रघुवर सरकार के कार्यकाल में निकाय चुनाव दलीय आधार पर और ईवीएम के माध्यम से संपन्न कराए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि ईवीएम से चुनी गई वर्तमान सरकार अब ईवीएम से चुनाव कराने से क्यों पीछे हट रही है। भाजपा की स्पष्ट मांग है कि निकाय चुनाव ईवीएम से ही कराए जाएं।

सोना राम बोदरा ने बताया कि इस संबंध में महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें सरकार से शीघ्र चुनाव तिथि घोषित करने, दलीय आधार पर चुनाव कराने और ईवीएम के माध्यम से निष्पक्ष मतदान कराने की मांग की जाएगी।

कार्यक्रम को हरेकृष्ण प्रधान, मीनाक्षी पटनायक, देवाशीष राय, सानंद आचार्य, माइकल महतो और बद्रीनाथ दोरोगा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बद्रीनाथ दोरोगा ने की, संचालन सुमित चौधरी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन मुरलीधर प्रधान ने दिया।

धरना प्रदर्शन में जिला मंत्री सूर्या देवी, कबीता दास, रीता दुबे, राजकुमार सिंह, मंडल महामंत्री सुमित चौधरी, मंडल अध्यक्ष मनोज महतो, मुरलीधर प्रधान, बीजु दत्ता, गणेश महांती, पिंकी मोदक, तुषार दुबे, चिरंजीवी महापात्र, परशुराम कबी, आजम्बर मुखी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

चाईबासा में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित

चाईबासा में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा के कोल्हान विश्वविद्यालय सभागार में समाज कल्याण निदेशालय, झारखंड के तत्वावधान में “सुरक्षित एवं सशक्त महिला–सशक्त झारखंड” के उद्देश्य से बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का उद्घाटन राजस्व एवं भूमि सुधार तथा परिवहन विभाग के मंत्री दीपक बिरुवा ने किया। इस अवसर पर जिला उपायुक्त चंदन कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. भारती गोरती मिंज, अपर उपायुक्त प्रवीण केरकेट्टा, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संदीप अनुराग, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती सहित जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी, मानकी-मुंडा, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से की गई तथा अतिथियों का स्वागत पौधा, अंग वस्त्र और मोमेंटो देकर किया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि बाल विवाह और डायन प्रथा समाज की गंभीर कुरीतियां हैं, जो महिलाओं और बालिकाओं के विकास, शिक्षा और सुरक्षा में बाधा बनती हैं। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह कानूनन अपराध है। मंत्री ने उपस्थित लोगों से बाल विवाह एवं डायन प्रथा के खिलाफ सभी स्तरों पर जागरूकता फैलाने की अपील की और शपथ दिलाई।

जिला उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार मंईया सम्मान योजना, सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना जैसी योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से समाप्त करना है। साथ ही उन्होंने महिला हेल्पलाइन 181 और इमरजेंसी सेवा 112 की जानकारी दी।

उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने कहा कि यदि बेटियों को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण मिले तो वे हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं, जिसका उदाहरण हाल के दिनों में खेल जगत में सफल महिला टीमें हैं।

मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई में जेएलकेएम नेता राज महतो बने मजबूत आवाज

मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई में जेएलकेएम नेता राज महतो बने मजबूत आवाज

गम्हरिया : मजदूरों के हक और अधिकार की लड़ाई में जेएलकेएम के मजदूर नेता राज महतो एक सशक्त और भरोसेमंद नाम के रूप में उभरे हैं। वे मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करते रहे हैं, चाहे इसके लिए उन्हें कानूनी चुनौतियों का सामना ही क्यों न करना पड़े।

राज महतो का कहना है कि जब तक मजदूर सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन नहीं जी पाएंगे, तब तक समाज का संतुलित विकास संभव नहीं है। वे केवल भाषण तक सीमित नहीं रहते, बल्कि ज़मीनी स्तर पर मजदूरों की समस्याओं को अपनी लड़ाई बनाकर सामने आते हैं।

क्राफ्ट्समेन कंपनी से जुड़े मजदूरों के लिए वे लगातार संघर्ष कर रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि लंबे समय से बकाया भुगतान, काम की असुरक्षा और अधिकारों के हनन जैसे मुद्दों पर राज महतो ने मजबूती से आवाज़ उठाई है। इस दौरान उन्हें दबाव, धमकी और मुकदमों जैसी परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन वे पीछे नहीं हटे।

राज महतो का स्पष्ट कहना है कि मजदूरों का शोषण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका संघर्ष किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में मजदूरों को अधिकार, सम्मान और न्याय दिलाने की दिशा में वे लगातार प्रयासरत हैं। इसी कारण वे आज मजदूर वर्ग के बीच संघर्ष और भरोसे का प्रतीक बन चुके हैं।

चाईबासा: कांग्रेस भवन में अशोक कुमार जैन को दी गई श्रद्धांजलि

चाईबासा: कांग्रेस भवन में अशोक कुमार जैन को दी गई श्रद्धांजलि

चाईबासा : कांग्रेस भवन, चाईबासा में सोमवार को कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष स्वर्गीय अशोक कुमार जैन की जयंती के अवसर पर कांग्रेसजनों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रति उनके योगदान को याद किया गया।
बताया गया कि स्वर्गीय अशोक कुमार जैन ने जिला कांग्रेस कमेटी, पश्चिमी सिंहभूम में विभिन्न पदों पर रहकर पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि स्वर्गीय जैन एक समाजसेवी और खेल प्रेमी थे। आम जनता और कांग्रेस पार्टी उनके द्वारा किए गए कार्यों को कभी नहीं भूल सकती। वे सदैव सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।
कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष मो. सलीम, एससी विभाग कोल्हान प्रभारी सूरज मुखी, युवा कांग्रेस जिला महासचिव गुलजार अंसारी, मंडल अध्यक्ष विनीत लागुरी, वरीय कांग्रेसी सुनीता सावैयां, अजय कुमार, राकेश सिंह, मो. अरसलाम सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर चाईबासा में कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, आदिवासी अधिकारों में योगदान को किया याद

जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर चाईबासा में कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, आदिवासी अधिकारों में योगदान को किया याद

चाईबासा : झारखंड की माटी के लाल, संविधान सभा के सदस्य एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मरंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती के अवसर पर शनिवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में कांग्रेसजनों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया।
इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा आदिवासियों की सशक्त आवाज थे और उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा ने झारखंड आंदोलन को दिशा देने के साथ-साथ संविधान सभा में देशभर के आदिवासियों के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. बलमुचू ने बताया कि जयपाल सिंह मुंडा का मानना था कि आदिवासी समाज में सबसे मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था देखने को मिलती है, जहां अमीर और गरीब सभी को समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने संविधान सभा में विशेष प्रावधानों के माध्यम से आदिवासियों को संरक्षण देने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की वकालत की थी। अपने ऐतिहासिक भाषण में उन्होंने आदिवासियों को प्रथम श्रेणी का भारतीय नागरिक बताया था।
कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई, प्रवक्ता त्रिशानु राय, महासचिव कैरा बिरुवा, अविनाश कोड़ाह, सचिव जानवी कुदादा, मोहन सिंह हेम्ब्रम, ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव मायाधर बेहरा, प्रखंड अध्यक्ष राहुल पुरती सहित कई कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मनरेगा बचाओ अभियान: चाईबासा में कांग्रेस की प्रेसवार्ता, केंद्र सरकार पर गरीब विरोधी नीतियों का आरोप

मनरेगा बचाओ अभियान: चाईबासा में कांग्रेस की प्रेसवार्ता, केंद्र सरकार पर गरीब विरोधी नीतियों का आरोप

चाईबासा : कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी मनरेगा बचाओ अभियान के तहत शनिवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं, बल्कि संविधान से मिला काम का अधिकार है, जिसकी रक्षा के लिए कांग्रेस हर स्तर पर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण मजदूरों के सम्मान, रोजगार, मजदूरी और समय पर भुगतान के लिए कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रहेगी।

डॉ. बलमुचू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाकर मजदूरों के अधिकार को खैरात में बदलना चाहती है, जिसका कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार का खर्च 90 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि राज्य सरकारों पर 40 प्रतिशत का बोझ डाला जा रहा है, जिससे राज्यों की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी और विकास कार्य प्रभावित होंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार एक ओर देश के अरबपतियों का कर्ज माफ कर रही है, वहीं दूसरी ओर गरीबों की रोजगार गारंटी वाली योजना को खत्म करने की कोशिश कर रही है। डॉ. बलमुचू ने इसे संघीय ढांचे पर हमला बताते हुए कहा कि राज्यों से अधिकार और धन छीना जा रहा है तथा यह फैसला बिना कैबिनेट चर्चा के प्रधानमंत्री कार्यालय से लिया गया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को खत्म करने का उद्देश्य गरीबों से रोजगार छीनना है।

मनरेगा के विरोध में कांग्रेस ने आर-पार की लड़ाई का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि 5 जनवरी 2026 को महात्मा गांधी प्रतिमा स्थल, मोरहाबादी (रांची) से पदयात्रा कर कांग्रेसजन लोकभवन पहुंचेंगे। प्रेसवार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई और जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय भी उपस्थित थे।

शिक्षा को हथियार बनाया रामहरि पेरियार ने, गुवा के ग्रामीण बच्चों को मिला नया हौसला

शिक्षा को हथियार बनाया रामहरि पेरियार ने, गुवा के ग्रामीण बच्चों को मिला नया हौसला

जगन्नाथपुर : ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की जड़ों को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत मानवाधिकार परिषद झारखंड प्रदेश महासचिव सह राँची लोस एवं ईचागढ़ विस क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके पूर्व प्रत्याशी धी. रामहरि पेरियार ने गुवासाई स्थित अबुआ क्रीड़ा विद्यालय प्ले स्कूल में लगभग 30 जरूरतमंद बच्चों के बीच कॉपी, पेंसिल एवं रबर का वितरण किया। इस सामाजिक प्रयास का उद्देश्य केवल शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बच्चों के मन में यह विश्वास जगाना था कि शिक्षा ही वह शक्ति है जो किसी भी परिस्थिति को बदल सकती है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ आत्मीय संवाद करते हुए रामहरि पेरियार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो केवल सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की। उन्होंने बच्चों से नियमित विद्यालय जाने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का पढ़ा-लिखा बच्चा ही कल के मजबूत समाज की नींव रखेगा।
शिक्षा सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे पर जो मुस्कान और आंखों में जो चमक दिखाई दी, उसने इस पहल की सार्थकता को स्वयं बयां कर दिया। बच्चों ने भी बेहतर प्रदर्शन करने और पढ़ाई में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद माहौल उत्साह, आशा और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहा।
इस मौके पर उपस्थित अभिभावकों और ग्रामीणों ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण कई बार बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो जाती है। ऐसे में इस तरह की पहल न केवल बच्चों को पढ़ाई से जोड़ती है, बल्कि अभिभावकों को भी यह भरोसा देती है कि समाज उनके बच्चों के भविष्य के साथ खड़ा है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि रामहरि पेरियार का यह प्रयास सामाजिक जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण है। यह पहल यह संदेश देती है कि जब जनप्रतिनिधि और समाज के जागरूक लोग शिक्षा को प्राथमिकता देते हैं, तभी ग्रामीण क्षेत्रों में वास्तविक बदलाव संभव हो पाता है। लोगों ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।
    इस कार्यक्रम में प्रधान सिंकु कुमारडुंगी, लक्ष्मण चातर (मझगांव), रमेश जेराई (चाईबासा), बीरबल होनहागा (टोंटो), महताम बिरुआ (हाटगमरिया), चांदमनी लागुरी, मुखिया राजू पान, शिक्षक कंचन कुमारी (पिंगुवा) सहित लक्ष्मी बारी, लक्ष्मी बोबोंगा, फूलमति दास, चंपा नाग, अनीता पूरती, कविता पूरती, जोनी पूरती, शिला मिछरी एवं पिंकी पूरती समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस पहल की सराहना करते हुए इसे निरंतर जारी रखने की मांग की।