राजनीति

धुरीपदा में दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता सम्पन्न, वीर बिरसा बारूबेड़ा लगातार दूसरी बार चैंपियन

धुरीपदा में दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता सम्पन्न, वीर बिरसा बारूबेड़ा लगातार दूसरी बार चैंपियन

राजनगर : बिरसा मुंडा जयंती एवं झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर बीएमसी धुरीपदा की ओर से दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सोमवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में वीर बिरसा बारूबेड़ा और ललित स्पोर्टिंग के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। निर्धारित समय और टाईब्रेकर दोनों में कोई परिणाम नहीं निकलने पर विजेता का फैसला टॉस से किया गया, जिसमें वीर बिरसा बारूबेड़ा की टीम विजेता बनी। यह टीम धुरीपदा में लगातार दूसरी बार चैंपियन बनी है।

प्रतियोगिता में कुल 32 टीमों ने भाग लिया। रोहित हांसदा को बेस्ट स्कोरर एवं प्रीतम मुर्मू को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। विजेता टीम को सांसद जोबा माझी ने नगद पुरस्कार और खस्सी प्रदान किया।

इस अवसर पर सांसद जोबा माझी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास करता है, बल्कि बेहतर कैरियर का रास्ता भी खोलता है। उन्होंने खिलाड़ियों को अनुशासन में रहकर गलतियों से सीखते हुए आगे बढ़ने की सलाह दी। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली प्रतियोगिताएं नए खिलाड़ियों के लिए नर्सरी की तरह होती हैं, जहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी बड़े मंच तक पहुंच सकते हैं।

कार्यक्रम में कांग्रेस नेता कालीपद सोरेन, झामुमो के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष रामजीत हांसदा सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित रहे।

तितिरबिला में ग्राम देवी जहेरा स्थल का विधायक दशरथ गागराई ने किया उद्घाटन

तितिरबिला में ग्राम देवी जहेरा स्थल का विधायक दशरथ गागराई ने किया उद्घाटन

सरायकेला_खरसावाँ : सरायकेला प्रखंड के नुवागांव पंचायत अंतर्गत तितिरबिला गांव में सोमवार को ग्राम देवी जहेरा स्थल का उद्घाटन खरसावां विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री दशरथ गागराई ने पूजा-अर्चना व फीता काटकर किया।

इस अवसर पर विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि ग्राम देवी गांव की रक्षा करती हैं, इसलिए उनकी पूजा पूरे सम्मान के साथ की जाती है।

उद्घाटन समारोह में मुख्य रूप से विधायक प्रतिनिधि अर्जुन उर्फ नायडू गोप, जिला उपाध्यक्ष संजय प्रधान, विधायक प्रतिनिधि पंकज प्रधान, उप प्रमुख बासुदेव महतो, प्रखंड अध्यक्ष भगत महतो, प्रकाश महतो, अरुण जामुदा, उप मुखिया कन्हैया बेहरा, लक्ष्मण महतो, सुब्रतो कोर, गोमा पुरती, संजीव महतो, मिश्री लाल महतो, उकार मांझी, लालचंद महतो, मनसा टुडू सहित झामुमो कार्यकर्ता और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

झामुमो ने गीता कोड़ा के आरोपों को बताया बौखलाहट का नतीजा

झामुमो ने गीता कोड़ा के आरोपों को बताया बौखलाहट का नतीजा

चाईबासा : पूर्व सांसद श्रीमती गीता कोड़ा द्वारा झामुमो पर लगाए गए आरोपों को पार्टी ने बौखलाहट और निराधार करार दिया है। झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने कहा कि सारंडा मामले पर भाजपा को बयान देने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सारंडा में हुई दो ग्राम सभाओं में भाजपा अनुपस्थित रही और अप्रत्यक्ष रूप से अडानी के पक्ष में खड़ी दिखाई दी।

लागुरी ने कहा कि झामुमो ने सारंडा के आदिवासी मूलवासियों की आवाज़ न सिर्फ राज्य सरकार तक पहुंचाई, बल्कि सुप्रीम कोर्ट में भी मजबूती से रखी। उन्होंने बताया कि आर्थिक नाकेबंदी के आंदोलन ने 18 नवंबर को होने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप 13 नवंबर 2025 को ही सुप्रीम कोर्ट ने आदिवासी मूलवासियों के विस्थापन को रोकने का निर्णय लिया।

प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा झूठे और मनगढ़ंत आरोपों से जनता को गुमराह नहीं कर सकती। जिले की जनता भाजपा की राजनीति को भली-भांति समझती है, इसी कारण विधानसभा की सभी पाँच सीटों से भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने गीता कोड़ा के बयान को ‘निराधार आरोपों का पुलिंदा’ बताया।

लागुरी ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार पारदर्शिता और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध है। इसके विपरीत, भाजपा विपक्ष में रहते हुए भी अफवाह फैलाने और झूठ की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि झामुमो ने सारंडा के आदिवासी मूलवासियों के जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा के लिए हमेशा आवाज़ उठाई है, इसलिए सारंडा आंदोलन को नैतिक समर्थन देना बिल्कुल उचित था।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी स्पष्ट किया था कि सरकार की प्राथमिकता खनन हित नहीं, बल्कि सारंडा के आदिवासियों के अधिकार हैं, और सुप्रीम कोर्ट ने भी वन अधिकार अधिनियम को ध्यान में रखते हुए फैसला दिया है।

लागुरी ने भाजपा से पूछा कि यदि उसे वास्तव में जनहित की चिंता है, तो केंद्र सरकार से सारंडा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर वार्ता करे और कोल्हान, पोड़ाहाट, सारंडा समेत जंगलों में रहने वाले आदिवासियों के लिए सड़क निर्माण में आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए, ताकि उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

लखीमपोस गांव में कई दिनों से बंद बिजली बहाल, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई के हस्तक्षेप से लगा नया ट्रांसफार्मर

लखीमपोस गांव में कई दिनों से बंद बिजली बहाल, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई के हस्तक्षेप से लगा नया ट्रांसफार्मर

कुमारडुंगी : मझगांव विधानसभा क्षेत्र के कुमारडुंगी प्रखंड के लखीमपोस गांव में कई दिनों से जला हुआ 63 केवी ट्रांसफार्मर ग्रामीणों की परेशानी का कारण बना हुआ था। ट्रांसफार्मर खराब होने से गांव पूरी तरह अंधेरे में था और बच्चों की पढ़ाई व दैनिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही थीं।

ग्रामीणों ने सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को समस्या की जानकारी दी थी, लेकिन समय पर समाधान नहीं मिला, जिससे नाराज़गी बढ़ती जा रही थी।

इस बीच, ग्रामीणों की समस्या की सूचना मिलने पर पूर्व मंत्री व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से बात कर नए ट्रांसफार्मर की व्यवस्था कराने को कहा। उनके प्रयास के बाद विभाग ने गांव के लिए नया 63 केवी का ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया और बिजली बहाली का काम शुरू कर दिया गया।

ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री के हस्तक्षेप के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके प्रयास से ही समस्या का समाधान हुआ।
बड़कुंवर गागराई ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे।

नया ट्रांसफार्मर लगने के बाद गांव में बिजली आपूर्ति बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई कि आगे ऐसी समस्याओं पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पटना में 20 नवंबर को एनडीए की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह

पटना में 20 नवंबर को एनडीए की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए को प्रचंड जीत मिलने के बाद नई सरकार का गठन तेजी से हो रहा है। इसी क्रम में एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में आयोजित होगा।

प्रशासन ने समारोह की तैयारियों को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सूत्रों के अनुसार, समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति की संभावना है। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव करने पर विचार किया जा रहा है।

चुनाव में महत्वपूर्ण बहुमत मिलने के बाद एनडीए समर्थक दलों में उत्साह का माहौल है। शपथ ग्रहण समारोह में राज्य और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

सारंडा मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से झामुमो–कांग्रेस सरकार घिरी, भाजपा ने लगाया जनता को गुमराह करने का आरोप

सारंडा मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से झामुमो–कांग्रेस सरकार घिरी, भाजपा ने लगाया जनता को गुमराह करने का आरोप

चाईबासा : सारंडा रिज़र्व फ़ॉरेस्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद राज्य की झारखंड मुक्ति मोर्चा–कांग्रेस गठबंधन सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जंगलों में रहने वाले आदिवासी–मूलवासी समुदाय के अधिकार कभी समाप्त नहीं हुए थे और Forest Rights Act, 2006 की धारा 3 और 4(1) के अनुसार आवास, भूमि और सामुदायिक वनाधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं।

पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला साबित करता है कि झामुमो द्वारा फैलाया गया भय और भ्रम निराधार था। भाजपा नेताओं का आरोप है कि झामुमो के सांसद, विधायक और मंत्री पहले कैबिनेट में सेंचुरी प्रक्रिया को मंजूरी देते रहे और बाद में उसी मुद्दे पर सड़क पर उतरकर जनता को गुमराह करते रहे। कभी आर्थिक नाकेबंदी की धमकी दी गई, तो कभी केंद्र सरकार पर झूठे आरोप लगाए गए। लेकिन फैसले के बाद जब यह स्पष्ट हो गया कि किसी को विस्थापित नहीं किया जाएगा, तब झामुमो ने चुपचाप नाकेबंदी वापस ले ली।

भाजपा ने कहा कि केंद्र सरकार आदिवासी समाज के संवैधानिक और पारंपरिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है। FRA, PESA, वन धन योजना और जनजातीय विकास कार्यक्रम इसकी पुष्टि करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने भी इन अधिकारों की रक्षा को मजबूती दी है।

भाजपा का दावा है कि अब जनता समझ चुकी है कि कौन उनके जल–जंगल–जमीन का सच्चा रक्षक है और कौन राजनीति के लिए भ्रम फैलाता रहा है।

मझगांव में भाजपा का आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन, स्वदेशी अपनाने और स्थानीय रोजगार पर जोर

मझगांव में भाजपा का आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन, स्वदेशी अपनाने और स्थानीय रोजगार पर जोर

मझगांव : आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत भारतीय जनता पार्टी मझगांव विधानसभा का सम्मेलन कुमारढूंगी डाक बंगला में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता जे. बी. तुबिद उपस्थित थे। सम्मेलन की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। संचालन मंडल महामंत्री विनय दास ने किया।

जिला संयोजक प्रताप कटियार महतो ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए सबसे पहले प्रत्येक व्यक्ति का आत्मनिर्भर होना आवश्यक है। इसके लिए स्थानीय और क्षेत्रीय रोजगार व्यवस्था को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार कौशल विकास प्रशिक्षण और स्टार्टअप इंडिया के माध्यम से युवाओं को रोजगार व स्वावलंबन के अवसर दे रही है। महिलाओं का स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर होना भी सकारात्मक बदलाव है।

प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुवर गागराई ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आज भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और कई देश भारत के साथ व्यापारिक समझौते कर रहे हैं। पतंजलि और श्री श्री रविशंकर के माध्यम से निर्मित स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग बढ़ाकर देश को और अधिक स्वावलंबी बनाने की जरूरत है।

मुख्य अतिथि जे. बी. तुबिद ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत गांव-गांव में किसानों, महिलाओं, युवाओं और छोटे उद्यमियों को स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और बिक्री के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में विदेशी वस्तुओं के स्थान पर स्वदेशी उत्पाद अपनाना जरूरी है। रक्षा और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भारत अब आत्मनिर्भर ही नहीं, बल्कि निर्यातक देश के रूप में भी उभर रहा है।

कार्यक्रम को युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष चंद्र मोहन तियू और वरिष्ठ कार्यकर्ता वशिष्ठ प्रधान ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में घनश्याम पाटपिंगुवा, बेबी सिंपल, पीतांबर रावत, हरिश्चंद्र केसरी, मरचू बोदरा, खगेश्वर रावत, सुमन प्रधान, महेंद्र हेस्सा, अशोक तुम्बिल, जगदीश नायक, रामदेव पिगुवा, डमरूधर बारिक, अमरजीत कुमार, किरण नायक, सचिन नायक, कांग्रेस माझी, श्याम पिंगुवा, लक्ष्मण पिंगुवा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

देवघर में एससी समुदाय पर अत्याचार के खिलाफ सामाजिक संगठनों की बैठक, सरकार को सख्त चेतावनी

देवघर में एससी समुदाय पर अत्याचार के खिलाफ सामाजिक संगठनों की बैठक, सरकार को सख्त चेतावनी

देवघर : देवघर में पिछले एक साल से अनुसूचित जाति समुदाय पर हो रहे अत्याचारों को लेकर सामाजिक संगठनों और राजनीतिक प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में पीड़ित परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए और जिला प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए।

प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रशासन के ढीले रवैये से अपराधियों के हौसले बढ़े हैं और समाज में आक्रोश फैला है। उनका आरोप है कि कुछ जातिवादी तत्वों को प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई नहीं हो पाती।

आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए झारखंड सरकार को चेतावनी दी है। पार्टी ने कहा कि यदि जातिवादी घटनाओं पर जल्द और कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यभर में बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष काशिफ रज़ा ने कहा कि न्याय की मांग करने वालों के साथ खड़ा रहना उनका दायित्व है और पीड़ितों को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

देवघर की यह बैठक सामाजिक न्याय और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश बनकर उभरी।

घोड़ाबांधा में अर्जुन मुंडा ने एशियन मास्टर्स चैम्पियन श्री एस. के. तोमर को दी बधाई

घोड़ाबांधा में अर्जुन मुंडा ने एशियन मास्टर्स चैम्पियन श्री एस. के. तोमर को दी बधाई

जमशेदपुर : भाजपा के पूर्व सांसद व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने आज जमशेदपुर के घोड़ाबांधा स्थित अपने आवास में श्री एस. के. तोमर से मुलाकात की।
श्री तोमर ने हाल ही में चेन्नई में आयोजित 23वीं एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैम्पियनशिप (5–9 नवम्बर 2025) में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने 50+ आयु वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए हैमर थ्रो में स्वर्ण पदक और डिस्कस थ्रो में रजत पदक जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन किया।

अर्जुन मुंडा ने उनकी इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री तोमर की सफलता कई खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कुचाई के दलभंगा में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पारंपरिक तरीके से मनाई गई

कुचाई के दलभंगा में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पारंपरिक तरीके से मनाई गई

खरसावां : कुचाई प्रखंड के दलभंगा स्थित बिरसा चौक में सोमवार को बकास्त मुंडारी खुटकट्टी रक्षा एवं विकास समिति, 39 मौजा दलभंगा के तत्वावधान में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पारंपरिक तरीके से मनाई गई। समारोह में मुंडा–मानकियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ जुलूस निकाला। साल वृक्ष की पूजा-अर्चना के बाद भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस मौके पर समिति के संस्थापकों—स्वर्गीय महिपति सिंह मुंडा, धन सिंह मुंडा, भगवत सिंह मुंडा, नोयल नाग, सहदेव सिंह मुंडा, गोपाल सिंह मुंडा और सीताराम सिंह मुंडा—के चित्रों पर भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई।

राज्य स्तरीय झारखंड खेल प्रतियोगिता में हाईजंप में स्वर्ण पदक जीतने वाली कुचाई की रीता सरदार और डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक विजेता विजय दास के परिवारों को सम्मानित किया गया। विभिन्न गांवों के कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में रंग भर दिए। साथ ही फुटबॉल प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

“आदिवासी एक कम्युनिटी है, उसका अपना चरित्र है” — गागराई

कार्यक्रम में पहुंचे खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि आदिवासी समुदाय की भाषा और संस्कृति का संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम भगवान बिरसा मुंडा के आंदोलन की देन है और उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज का विकास संभव है।

समिति के अध्यक्ष मान सिंह मुंडा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए जनजागरण अभियान चलाया और अलग झारखंड राज्य की नींव रखी। समिति के सचिव लखीराम मुंडा ने कहा कि बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चलते हुए राज्य के विकास का संघर्ष जारी रहेगा।

“शहीदों के सपनों को पूरा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि” — मीरा मुंडा

कार्यक्रम में शामिल झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी और भाजपा नेतृी मीरा मुंडा ने कहा कि झारखंड शहीदों के बलिदान से बना है। उनके सपनों को पूरा करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का योगदान न सिर्फ झारखंड, बल्कि पूरी दुनिया के इतिहास में दर्ज है।

कार्यक्रम में मौजूद रहे :-


विधायक दशरथ गागराई, बांसती गागराई, भाजपा नेतृी मीरा मुंडा, प्रमुख गुड्डी देवी, बीडीओ साधुचरण देवगम, विकास समिति के अध्यक्ष मान सिंह मुंडा, सचिव लखीराम मुंडा, मुखिया करम सिंह मुंडा, रेखामनी उरांव, मंगल सिंह मुंडा, पंसस वादमुनी मुंडा, सोनामनी मुंडा, उपमुखिया कौशल्या मुंडा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राज बागची, छोटराय किस्कू, इद्रजीत सिंह मुंडा, बहादुर सिंह मुंडा, फाकु मुंडा, दिनेश चन्द्र मुंडा, सुशील सिंह मुंडा, सुकनाथ मुंडा, मोहलाल मुंडा, जोगेन्द्र पहान, विदावंन सिंह मुंडा, मधुसूदन मुंडा, इस्टिफन मुंडा, दशरथ उरावं, धमेन्द्र साडिल, धमेन्द्र सिंह मुंड़ा, मुन्ना सोय, भरत सिंह मुंडा, लुबूराम सोयसहित अनेक मुंडा-मानकी और ग्रामीण उपस्थित थे।