नोवामुंडी | झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया ने गुरुवार (16 जुलाई 2026) को नोवामुंडी प्रखंड के बड़ा बलजोड़ी वन क्षेत्र में कार्यरत सुरक्षा गार्डों की ओर से मजदूरी भुगतान में अनियमितता का आरोप लगाया।
4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576
उन्होंने बताया कि चाईबासा वन प्रमंडल के अंतर्गत वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा संचालित “अवकृष्ट वनों का पुनर्वास योजना” के तहत बड़ा बलजोड़ी (पेज-1) में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण किया गया है, जिसमें प्रति हेक्टेयर 1000 पौधे लगाए गए हैं। यह कार्य वित्तीय वर्ष 2023-24 में वन क्षेत्र पदाधिकारी, नोवामुंडी के सौजन्य से कराया गया।
Contact no :- +91 8553588326
मानसिंह तिरिया ने कहा कि योजना में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत मजदूरों को पिछले वर्ष मार्च माह से अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। उनका आरोप है कि करीब एक वर्ष से मजदूरी नहीं मिलने के कारण मजदूरों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। इसके बावजूद मजदूर इस उम्मीद में लगातार काम करते रहे कि उन्हें जल्द ही बकाया मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा।
Contact no :- +91 9337736501
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पौधारोपण कार्य के दौरान मजदूरों को प्रतिदिन केवल 300 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि निर्धारित मजदूरी 405 रुपये प्रतिदिन थी। मजदूरों का दावा है कि श्रम अधीक्षक से शिकायत किए जाने के बाद 405 रुपये भुगतान दर्शाते हुए हाजिरी रजिस्टर पर उनसे हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए गए, लेकिन वास्तविक भुगतान 300 रुपये ही किया गया। इस प्रकार प्रत्येक मजदूर की 105 रुपये मजदूरी का कथित रूप से गबन किया गया।
अभी संपर्क करें :- +91 8936090601
मानसिंह तिरिया ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मजदूरों की लंबित मजदूरी का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया तो श्रम अधीक्षक के समक्ष दोबारा औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
Book your slot today : +91 7250214782
इस दौरान संबंधित योजना में कार्यरत कई मजदूर भी मौके पर उपस्थित थे।
मझगांव | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने गुरुवार को मझगांव विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी हो महासभा द्वारा आयोजित आंदोलन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में आदिवासी समाज के लोगों के साथ कथित मारपीट और उत्पीड़न की घटनाओं को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576
भाजपा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पीड़ित ग्रामीणों ने गीता कोड़ा को बताया कि 11 जुलाई की रात मझगांव बाजार में डीजल भरवाने के दौरान कुछ युवकों के साथ दूसरे समुदाय के लोगों ने कथित रूप से गाली-गलौज और मारपीट की। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई तथा बाद में उनका पीछा कर दोबारा हमला किया गया।
Contact no :- +91 8553588326
विज्ञप्ति में कहा गया है कि 13 जुलाई को उन्हीं युवकों के साथ फिर मारपीट की गई, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सहायता से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया।
Contact no :- +91 9337736501
भाजपा के अनुसार, 14 जुलाई को एसआईआर पाठशाला के समीप 40 से 50 लोगों की भीड़ गांव पहुंची और महिलाओं व ग्रामीणों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार तथा गाली-गलौज की। पार्टी का दावा है कि इस घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया तथा कई ग्रामीण घायल हुए।
अभी संपर्क करें :- +91 8936090601
आंदोलन को संबोधित करते हुए गीता कोड़ा ने कहा कि लगातार तीन दिनों तक आदिवासी समाज के लोगों के साथ इस प्रकार की घटनाएं अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती और झारखंड की सामाजिक सौहार्द की परंपरा को बिगाड़ने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
Book your slot today : +91 7250214782
उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सभी आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, पीड़ित परिवारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। भाजपा ने अपने बयान में कहा कि पार्टी पीड़ित आदिवासी परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय मिलने तक हरसंभव सहयोग करती रहेगी।
चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं जिले में संचालित आयुष स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में गोइलकेरा प्रखंड निवासी दीपक कुमार की स्वास्थ्य लाभ की कहानी आयुष चिकित्सा पद्धति की प्रभावशीलता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।
4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576
दीपक कुमार पिछले चार से पांच वर्षों से रक्तस्रावी बवासीर (ब्लीडिंग पाइल्स) की समस्या से पीड़ित थे। उन्हें प्रत्येक आठ से दस दिनों के अंतराल पर शौच के दौरान रक्तस्राव होता था, जिससे वे शारीरिक रूप से कमजोर महसूस करने लगे थे। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर उपचार कराया और लंबे समय तक दवाइयों का सेवन भी किया, लेकिन उन्हें स्थायी राहत नहीं मिल सकी। इसके बाद 16 जुलाई 2025 को उन्होंने आयुष विभाग के माध्यम से आयुष चिकित्सक डॉ. कविता मैथी से संपर्क किया।
Contact no :- +91 8553588326
चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक औषधियां दी गईं तथा आवश्यक परामर्श और जीवनशैली से जुड़े सुझाव भी दिए गए। नियमित उपचार और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने से कुछ ही समय में रक्तस्राव की समस्या पूरी तरह नियंत्रित हो गई और उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार होने लगा। वर्तमान में वे सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं तथा स्वयं को पहले की तुलना में अधिक स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस कर रहे हैं।
Contact no :- +91 9337736501
दीपक कुमार ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्षों से चली आ रही बीमारी के कारण वे मानसिक और शारीरिक रूप से काफी परेशान थे। कई स्थानों पर इलाज कराने के बावजूद अपेक्षित लाभ नहीं मिला, लेकिन आयुष चिकित्सक के उपचार और नियमित परामर्श से उन्हें उल्लेखनीय राहत मिली। उन्होंने जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे बिना किसी परेशानी के अपना दैनिक जीवन सामान्य रूप से जी पा रहे हैं।
अभी संपर्क करें :- +91 8936090601
आयुष चिकित्सक डॉ. कविता मैथी ने कहा कि बवासीर जैसी समस्याओं की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर समय पर उपचार कराने से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि नियमित दवा, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी का सेवन और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने से रोगी शीघ्र स्वस्थ हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या को छिपाने के बजाय निकटतम आयुष स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श अवश्य लें।
Book your slot today : +91 7250214782
पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य जिले के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और इससे अनेक मरीज लाभान्वित हो रहे हैं। उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की कि किसी भी बीमारी की स्थिति में स्वयं उपचार करने के बजाय सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों एवं आयुष केंद्रों में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर समय पर उपचार कराएं।
चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा उपायुक्त श्री मनीष कुमार के नेतृत्व में संचालित “प्रोजेक्ट प्राण” के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायत सचिवालयों और विद्यालयों में माहवारी स्वच्छता हेतु सेनेटरी नैपकिन इंसिनरेटर (भस्मक) स्थापित किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित माहवारी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576
ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से उपयोग किए गए सेनेटरी नैपकिन के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण स्वच्छता संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती थीं। इस आवश्यकता को देखते हुए जिला प्रशासन ने पंचायत स्तर पर स्थायी समाधान विकसित करने का निर्णय लिया, जिसका सकारात्मक प्रभाव अब पूरे जिले में दिखाई देने लगा है। 15वें वित्त आयोग की मद से स्थानीय मुखिया एवं पंचायत सचिवों के समन्वित प्रयासों से जिले के 158 पंचायत सचिवालयों और 63 विद्यालयों, यानी कुल 221 स्थानों पर माहवारी स्वच्छता भस्मकों की स्थापना पूरी कर ली गई है। इन भस्मकों के माध्यम से उपयोग किए गए सेनेटरी नैपकिन का सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण सुनिश्चित होगा। इससे पंचायत सचिवालयों एवं विद्यालय परिसरों की स्वच्छता बेहतर होगी तथा खुले में अपशिष्ट फेंकने की प्रवृत्ति पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
Contact no :- +91 8553588326
जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल उपकरण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि माहवारी स्वच्छता के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना, मिथकों एवं संकोच को दूर करना तथा महिलाओं एवं किशोरियों के लिए सम्मानजनक वातावरण तैयार करना भी है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक स्थापना स्थल पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं एवं छात्राओं को भस्मक के सुरक्षित उपयोग, रखरखाव तथा वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई।
Contact no :- +91 9337736501
विद्यालयों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, माहवारी के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों, संक्रमण से बचाव तथा स्वच्छता से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि माहवारी एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है और इसके प्रति किसी भी प्रकार की झिझक या सामाजिक संकोच रखने की आवश्यकता नहीं है। विशेषज्ञों ने छात्राओं को स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया, ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर रहे और विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो सके।
अभी संपर्क करें :- +91 8936090601
वहीं पंचायत सचिवालयों में स्थापित भस्मक ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा विभिन्न कार्यों से सचिवालय आने वाली महिलाओं के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगे। इससे पंचायत सचिवालय महिलाओं के अनुकूल सार्वजनिक परिसरों के रूप में विकसित होंगे तथा ग्रामीण स्तर पर स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को भी बढ़ावा मिलेगा। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि प्रोजेक्ट प्राण का उद्देश्य पंचायत सचिवालयों को केवल प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें ग्रामीण विकास, जनकल्याण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि माहवारी स्वच्छता महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, गरिमा और आत्मसम्मान से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। पंचायत सचिवालयों एवं विद्यालयों में भस्मकों की स्थापना से सुरक्षित अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी तथा स्वच्छ और स्वस्थ पंचायतों के निर्माण की दिशा में यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।
Book your slot today : +91 7250214782
उपायुक्त ने सभी मुखिया, पंचायत सचिवों, विद्यालय प्रबंधन समितियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं एवं स्वयं सहायता समूहों से भस्मकों के नियमित उपयोग, रखरखाव और जनजागरूकता गतिविधियों को निरंतर जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब समुदाय स्वयं इन सुविधाओं को अपनाएगा और इनके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएगा, तभी इस पहल का वास्तविक उद्देश्य सफल हो सकेगा। जिला प्रशासन का मानना है कि महिलाओं और किशोरियों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक माहवारी प्रबंधन सुनिश्चित करना केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, गरिमा और महिला सशक्तिकरण का भी महत्वपूर्ण आधार है। इसी सोच के साथ प्रोजेक्ट प्राण के अंतर्गत पंचायत सचिवालयों को आधुनिक, जनहितैषी और समावेशी सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी इस परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए ऐसी नवाचारी पहलें लगातार जारी रहेंगी।
सरायकेला | सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र स्थित बास्कोनगर से तीन नाबालिग लड़कियों के रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों में चिंता का माहौल है, जबकि पुलिस उनकी तलाश के लिए लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच कर रही है।
4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को बास्कोनगर की चार सहेलियां घूमने के लिए पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा स्थित रूंगटा गार्डन गई थीं। इनमें से एक लड़की 14 जुलाई की दोपहर अपने घर लौट आई, जबकि अन्य तीन सहेलियां अब तक घर नहीं पहुंची हैं।
Contact no :- +91 8553588326
लापता लड़कियों की पहचान शांति सामड (14 वर्ष), अनुष्का गगराई (15 वर्ष) और सिमरन जोजो (14 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों आदित्यपुर के बास्कोनगर की निवासी हैं। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर आदित्यपुर थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Contact no :- +91 9337736501
आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार ने बताया कि घर लौटी लड़की से पूछताछ के आधार पर पुलिस की एक टीम चाईबासा पहुंचकर विभिन्न स्थानों पर खोजबीन कर रही है। इसके अलावा तकनीकी साक्ष्यों और अन्य संभावित पहलुओं के आधार पर भी मामले की गहन जांच की जा रही है।
अभी संपर्क करें :- +91 8936090601
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को तीनों लापता लड़कियों के संबंध में कोई भी जानकारी मिले, तो तत्काल आदित्यपुर थाना या डायल 112 पर सूचना दें, ताकि उन्हें शीघ्र एवं सुरक्षित बरामद किया जा सके।
Book your slot today : +91 7250214782
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर संभावित पहलू की जांच की जा रही है और तीनों नाबालिग लड़कियों की सुरक्षित बरामदगी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले में मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। जिले में अब तक लगभग 1,600 मलेरिया मरीजों की पहचान की जा चुकी है। गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान तेज कर दिया है। जानकारी के अनुसार, संक्रमण का सबसे अधिक असर सारंडा और आसपास के वन क्षेत्रों में देखा जा रहा है।
4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर रैपिड टेस्ट किट से जांच कर रही हैं तथा संक्रमित मरीजों को तत्काल दवाएं उपलब्ध करा रही हैं। मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए फॉगिंग, कीटनाशक छिड़काव और मच्छरदानी वितरण का कार्य भी जारी है। राहत की बात यह है कि समय पर उपचार मिलने से जिले में अब तक मलेरिया से किसी की मृत्यु नहीं हुई है। विशेष रूप से आवासीय विद्यालयों के लगभग 100 छात्र मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने विद्यालयों में जांच और उपचार की व्यवस्था बढ़ा दी है।
Contact no :- +91 8553588326
कोल्हान और गोड्डा संभाग के सात प्रखंड सबसे अधिक प्रभावित सारंडा वन क्षेत्र का विस्तार मुख्य रूप से मनोहरपुर, नोवामुंडी, गोइलकेरा और आनंदपुर प्रखंडों में होने के कारण ये क्षेत्र संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित हैं। स्वास्थ्य विभाग के मिशन निदेशक पहुंचे सरायकेला, चार डेंजर जोन प्रखंडों पर विशेष नजर सरायकेला: पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया से हुई हालिया मौतों के बाद राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग के मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा बुधवार को सरायकेला-खरसावां पहुंचे।
Contact no :- +91 9337736501
उन्होंने सिविल सर्जन कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में मलेरिया की स्थिति, जांच और उपचार व्यवस्था की समीक्षा की। इसके बाद सदर अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। कुचाई, सरायकेला, राजनगर और खरसावां डेंजर जोन घोषित बैठक के दौरान जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. सुजाता मुर्मू ने बताया कि कुचाई, सरायकेला, राजनगर और खरसावां प्रखंडों को डेंजर जोन के रूप में चिन्हित किया गया है। मानसून के दौरान इन क्षेत्रों में मलेरिया के सबसे अधिक मामले सामने आते हैं।
अभी संपर्क करें :- +91 8936090601
मिशन निदेशक ने इन चारों प्रखंडों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानकी-मुंडा सहित स्थानीय पारंपरिक जनप्रतिनिधियों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग बुखार होने पर झोलाछाप डॉक्टरों के बजाय सरकारी अस्पताल पहुंचकर जांच और इलाज कराएं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में मलेरिया जांच किट और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा जरूरत पड़ने पर अन्य प्रखंडों से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति (मैनपावर शिफ्टिंग) करने का आश्वासन दिया। बैठक के बाद मिशन निदेशक ने सदर अस्पताल, सरायकेला का निरीक्षण किया। उन्होंने माइक्रोस्कोप से मलेरिया जांच की प्रक्रिया का अवलोकन किया और इंडोर वार्ड में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना तथा उपचार व्यवस्था की जानकारी ली।
Book your slot today : +91 7250214782
फील्ड वर्कर्स को हर महीने 100 ब्लड सैंपल जांच का लक्ष्य मिशन निदेशक ने निर्देश दिया कि प्रत्येक फील्ड लेवल स्वास्थ्यकर्मी हर महीने कम से कम 100 ब्लड सैंपल की जांच सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि लक्ष्य से कम जांच करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ वेतन रोकने सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अगले तीन महीनों तक विशेष “मिशन मोड” में अभियान चलाया जाएगा और सभी स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित निगरानी होगी। साथ ही निर्देश दिया गया कि अस्पताल में बुखार की शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक मरीज की मलेरिया जांच अनिवार्य रूप से की जाए।
चाईबासा | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पश्चिमी सिंहभूम की जिला अध्यक्ष एवं वरिष्ठ आदिवासी महिला नेत्री गीता बालमुचू को भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ओडिशा मिनरल्स डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (OMDC) का स्वतंत्र निदेशक (इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) नियुक्त किए जाने पर भाजपा ने प्रसन्नता व्यक्त की है। पार्टी ने इसे आदिवासी समाज के सम्मान और गौरव का प्रतीक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट किया है।
4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576
जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र नाथ ओझा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह नियुक्ति केवल गीता बालमुचू का व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि झारखंड, कोल्हान, पश्चिमी सिंहभूम और पूरे आदिवासी समाज के लिए गौरव का विषय है। भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आदिवासी समाज को देश के महत्वपूर्ण नीति-निर्माण और निर्णय लेने वाले मंचों पर सम्मानजनक प्रतिनिधित्व प्रदान कर रही है।
Contact no :- +91 8553588326
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गीता बालमुचू लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़ी हुई हैं। वे चाईबासा नगर परिषद की अध्यक्ष रह चुकी हैं तथा वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में चाईबासा विधानसभा सीट से भाजपा की प्रत्याशी भी थीं। संगठन में उन्होंने विभिन्न दायित्वों का निष्ठा, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन किया है।
Contact no :- +91 9337736501
भाजपा ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जैसे राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में उन्हें जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपा जाना उनके नेतृत्व कौशल और संगठनात्मक क्षमता पर पार्टी के विश्वास का प्रमाण था। अब OMDC के निदेशक मंडल में स्वतंत्र निदेशक के रूप में उनकी नियुक्ति उनके सार्वजनिक जीवन में योगदान और कार्यकुशलता को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता है।
अभी संपर्क करें :- +91 8936090601
पार्टी के अनुसार, OMDC के बोर्ड में रहते हुए गीता बालमुचू खनन क्षेत्र से जुड़े नीतिगत निर्णयों, पारदर्शिता, जनहित, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व तथा सामाजिक दायित्वों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। साथ ही, खनिज संपदा से समृद्ध आदिवासी क्षेत्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रतिनिधित्व भी मिलेगा।
Book your slot today : +91 7250214782
भाजपा ने विश्वास व्यक्त किया कि गीता बालमुचू अपने अनुभव, ईमानदारी और समर्पण के बल पर इस नई जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगी तथा झारखंड और आदिवासी समाज का गौरव बढ़ाएंगी।
चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में बुधवार को जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में गैर-सरकारी संस्था प्रदान (PRADAN) के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशिक्षु आईएएस सुश्री ईरा जोरवाल, पीएमयू के सदस्य तथा प्रदान संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576
बैठक के दौरान प्रदान संस्था के प्रतिनिधियों ने जिले में संचालित आजीविका संवर्धन से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। संस्था ने बताया कि वर्तमान में सदर चाईबासा, हाटगम्हरिया, टोंटो, चक्रधरपुर, सोनुआ एवं बंदगांव प्रखंडों में लिफ्ट सिंचाई, मछली पालन, हल्दी प्रसंस्करण, कृषि आधारित गतिविधियों तथा अन्य आजीविका कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
Contact no :- +91 8553588326
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रदान संस्था और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (JSLPS) के बीच बेहतर समन्वय एवं तालमेल आवश्यक है।
Contact no :- +91 9337736501
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों, विशेषकर किसानों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को आजीविका आधारित योजनाओं से जोड़कर उन्हें योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिले में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों एवं कृषि संभावनाओं का बेहतर उपयोग करते हुए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार, मत्स्य पालन, हल्दी प्रसंस्करण तथा कृषि एवं वनोपज आधारित उत्पादों के मूल्य संवर्धन और प्रभावी बाजारीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इससे ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
अभी संपर्क करें :- +91 8936090601
बैठक में जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों एवं प्रदान संस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान आजीविका संवर्धन, लिफ्ट एवं टपक सिंचाई, मोबाइल सिंचाई व्यवस्था, मत्स्य पालन, हल्दी प्रोसेसिंग तथा कृषि एवं खाद्य उत्पादों के प्रभावी विपणन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अधिक से अधिक लाभुकों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर भी बल दिया गया।
Book your slot today : +91 7250214782
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम को “सशक्त सिंहभूम” बनाने के लिए सभी विभागों, संस्थाओं एवं विकास सहयोगियों का सामूहिक प्रयास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिले का समग्र विकास तभी संभव है, जब ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और प्रत्येक ग्रामीण परिवार की आय में सतत वृद्धि होगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं संस्था के प्रतिनिधियों से समन्वित प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण विकास एवं आजीविका संवर्धन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल करने का आह्वान किया।
चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न सुदूर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। शिविरों के माध्यम से कुल 377 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा उनकी आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक दवाओं का वितरण किया गया। विभाग की इस पहल से जिले के अत्यंत पिछड़े एवं दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके घर के समीप ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला।
4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576
शिविरों के दौरान आधुनिक एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय के साथ मरीजों के रक्तचाप, मधुमेह, हीमोग्लोबिन, मलेरिया एवं सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियों की जांच की गई। इसके अलावा शरीर दर्द, पेट संबंधी रोग, महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं, बच्चों एवं बुजुर्गों से जुड़ी बीमारियों तथा त्वचा रोगों का परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया।
Contact no :- +91 8553588326
आयुष विभाग के चिकित्सकों की टीम ने इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविरों में डॉ. प्रदीप, डॉ. सुशील, डॉ. राधिका, डॉ. सूर्या भूषण, डॉ. धर्मराज, डॉ. सुष्मिता, डॉ. आशिक, डॉ. टिम्मा रानी, डॉ. मैनुद्दीन, डॉ. अनीश, डॉ. यशवंती एवं डॉ. कविता सहित अन्य चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं उपचार प्रदान किया।
Contact no :- +91 9337736501
ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से इन शिविरों का आयोजन मंझारी प्रखंड के दोकाट्टा, गोइलकेरा के कुईड़ा एवं गोइलकेरा बाजार, मनोहरपुर के मौलडीहा, खूंटपानी के गोटाई एवं केंदुसाई, सदर प्रखंड के दलियामार्चा, नोआमुंडी के खास जामदा, चक्रधरपुर के लक्ष्मीपोसी, तांतनगर के कोकचो, हटगम्हरिया के कालीमाटी तथा गुदड़ी प्रखंड के डुरा गांव में किया गया। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुषों एवं बच्चों ने स्वास्थ्य जांच कराकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
अभी संपर्क करें :- +91 8936090601
उपचार के साथ-साथ शिविरों में स्वास्थ्य जागरूकता पर भी विशेष बल दिया गया। चिकित्सकों ने ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी। साथ ही स्वच्छता बनाए रखने, शुद्ध पेयजल का उपयोग करने तथा तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया। ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा किसी भी प्रकार के बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल गांव की सहिया अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी गई।
Book your slot today : +91 7250214782
शिविर के समापन पर ग्रामीणों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। योग प्रशिक्षकों एवं चिकित्सकों ने नियमित योगाभ्यास, संतुलित एवं पौष्टिक आहार तथा स्वच्छ जीवनशैली अपनाने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्वस्थ एवं निरोग जीवन के लिए इन आदतों को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया।
चक्रधरपुर | पश्चिमी सिंहभूम जिले में दवा निरीक्षक ने चक्रधरपुर स्थित दो खुदरा दवा दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं के अवैध भंडारण और बिक्री पर रोक सुनिश्चित करना था।
4 व्हीलर कार बुक करने के लिए +91 8002626576
निरीक्षण के दौरान एक दुकान में नींद की गोलियां पाई गईं। दवा निरीक्षक ने इन दवाओं के खरीद, बिक्री एवं स्टॉक से संबंधित अभिलेखों की जांच की, जो पूरी तरह सही पाए गए।
Contact no :- +91 8553588326
वहीं दूसरी दुकान में न्यूरोलॉजिकल विकारों के उपचार में प्रयुक्त दवाएं मिलीं, जिनका दुरुपयोग नशीले पदार्थों के रूप में किए जाने की आशंका रहती है। इन दवाओं के खरीद, बिक्री एवं स्टॉक संबंधी दस्तावेजों का भी गहन परीक्षण किया गया, जिसमें सभी रिकॉर्ड नियमानुसार एवं सही पाए गए।
Contact no :- +91 9337736501
इसके अतिरिक्त, दोनों दुकानों में कोडीन युक्त कफ सिरप की उपलब्धता की भी जांच की गई, लेकिन किसी भी दुकान में इसका स्टॉक नहीं मिला। निरीक्षण के दौरान दवाओं के भंडारण एवं रखरखाव की व्यवस्था दवा एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई। दोनों दुकानों में साफ-सफाई की संतोषजनक व्यवस्था तथा संक्रमण से बचाव के लिए ढक्कनयुक्त डस्टबिन का समुचित उपयोग भी पाया गया।
अभी संपर्क करें :- +91 8936090601
हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था में कुछ कमियां सामने आईं। एक दुकान में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध था, जबकि दूसरी दुकान में इसकी व्यवस्था नहीं मिली। इस पर संबंधित दुकानदार को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तत्काल अग्निशामक यंत्र स्थापित करने का सख्त निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों में सीसीटीवी कैमरे चालू अवस्था में मिले। दवा निरीक्षक ने दुकानदारों को कैमरों का फोकस मुख्य रूप से दुकान के प्रवेश द्वार एवं सामने के क्षेत्र की ओर रखने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की प्रभावी निगरानी की जा सके।
Book your slot today : +91 7250214782
दवा निरीक्षक को निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली। इसके बावजूद, नशीली दवाओं के दुरुपयोग के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दोनों दुकानों पर जागरूकता संबंधी पोस्टर लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, दुकानदारों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि वे बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के किसी भी प्रकार की दवा का विक्रय न करें। उन्हें यह भी निर्देशित किया गया कि आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल संबंधित पदाधिकारी अथवा निकटतम पुलिस थाना को इसकी सूचना दें।