चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं जिले में संचालित आयुष स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में गोइलकेरा प्रखंड निवासी दीपक कुमार की स्वास्थ्य लाभ की कहानी आयुष चिकित्सा पद्धति की प्रभावशीलता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।

दीपक कुमार पिछले चार से पांच वर्षों से रक्तस्रावी बवासीर (ब्लीडिंग पाइल्स) की समस्या से पीड़ित थे। उन्हें प्रत्येक आठ से दस दिनों के अंतराल पर शौच के दौरान रक्तस्राव होता था, जिससे वे शारीरिक रूप से कमजोर महसूस करने लगे थे। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर उपचार कराया और लंबे समय तक दवाइयों का सेवन भी किया, लेकिन उन्हें स्थायी राहत नहीं मिल सकी।
इसके बाद 16 जुलाई 2025 को उन्होंने आयुष विभाग के माध्यम से आयुष चिकित्सक डॉ. कविता मैथी से संपर्क किया।

चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक औषधियां दी गईं तथा आवश्यक परामर्श और जीवनशैली से जुड़े सुझाव भी दिए गए। नियमित उपचार और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने से कुछ ही समय में रक्तस्राव की समस्या पूरी तरह नियंत्रित हो गई और उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार होने लगा। वर्तमान में वे सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं तथा स्वयं को पहले की तुलना में अधिक स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस कर रहे हैं।

दीपक कुमार ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्षों से चली आ रही बीमारी के कारण वे मानसिक और शारीरिक रूप से काफी परेशान थे। कई स्थानों पर इलाज कराने के बावजूद अपेक्षित लाभ नहीं मिला, लेकिन आयुष चिकित्सक के उपचार और नियमित परामर्श से उन्हें उल्लेखनीय राहत मिली। उन्होंने जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे बिना किसी परेशानी के अपना दैनिक जीवन सामान्य रूप से जी पा रहे हैं।

आयुष चिकित्सक डॉ. कविता मैथी ने कहा कि बवासीर जैसी समस्याओं की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर समय पर उपचार कराने से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि नियमित दवा, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी का सेवन और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने से रोगी शीघ्र स्वस्थ हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या को छिपाने के बजाय निकटतम आयुष स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श अवश्य लें।

पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य जिले के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और इससे अनेक मरीज लाभान्वित हो रहे हैं। उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की कि किसी भी बीमारी की स्थिति में स्वयं उपचार करने के बजाय सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों एवं आयुष केंद्रों में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर समय पर उपचार कराएं।

