चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में बुधवार को जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में गैर-सरकारी संस्था प्रदान (PRADAN) के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशिक्षु आईएएस सुश्री ईरा जोरवाल, पीएमयू के सदस्य तथा प्रदान संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान प्रदान संस्था के प्रतिनिधियों ने जिले में संचालित आजीविका संवर्धन से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। संस्था ने बताया कि वर्तमान में सदर चाईबासा, हाटगम्हरिया, टोंटो, चक्रधरपुर, सोनुआ एवं बंदगांव प्रखंडों में लिफ्ट सिंचाई, मछली पालन, हल्दी प्रसंस्करण, कृषि आधारित गतिविधियों तथा अन्य आजीविका कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रदान संस्था और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (JSLPS) के बीच बेहतर समन्वय एवं तालमेल आवश्यक है।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों, विशेषकर किसानों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को आजीविका आधारित योजनाओं से जोड़कर उन्हें योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिले में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों एवं कृषि संभावनाओं का बेहतर उपयोग करते हुए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार, मत्स्य पालन, हल्दी प्रसंस्करण तथा कृषि एवं वनोपज आधारित उत्पादों के मूल्य संवर्धन और प्रभावी बाजारीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इससे ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

बैठक में जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों एवं प्रदान संस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान आजीविका संवर्धन, लिफ्ट एवं टपक सिंचाई, मोबाइल सिंचाई व्यवस्था, मत्स्य पालन, हल्दी प्रोसेसिंग तथा कृषि एवं खाद्य उत्पादों के प्रभावी विपणन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अधिक से अधिक लाभुकों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर भी बल दिया गया।

उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम को “सशक्त सिंहभूम” बनाने के लिए सभी विभागों, संस्थाओं एवं विकास सहयोगियों का सामूहिक प्रयास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिले का समग्र विकास तभी संभव है, जब ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और प्रत्येक ग्रामीण परिवार की आय में सतत वृद्धि होगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं संस्था के प्रतिनिधियों से समन्वित प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण विकास एवं आजीविका संवर्धन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल करने का आह्वान किया।

