नोवामुंडी | झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया ने गुरुवार (16 जुलाई 2026) को नोवामुंडी प्रखंड के बड़ा बलजोड़ी वन क्षेत्र में कार्यरत सुरक्षा गार्डों की ओर से मजदूरी भुगतान में अनियमितता का आरोप लगाया।

उन्होंने बताया कि चाईबासा वन प्रमंडल के अंतर्गत वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा संचालित “अवकृष्ट वनों का पुनर्वास योजना” के तहत बड़ा बलजोड़ी (पेज-1) में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण किया गया है, जिसमें प्रति हेक्टेयर 1000 पौधे लगाए गए हैं। यह कार्य वित्तीय वर्ष 2023-24 में वन क्षेत्र पदाधिकारी, नोवामुंडी के सौजन्य से कराया गया।

मानसिंह तिरिया ने कहा कि योजना में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत मजदूरों को पिछले वर्ष मार्च माह से अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। उनका आरोप है कि करीब एक वर्ष से मजदूरी नहीं मिलने के कारण मजदूरों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। इसके बावजूद मजदूर इस उम्मीद में लगातार काम करते रहे कि उन्हें जल्द ही बकाया मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पौधारोपण कार्य के दौरान मजदूरों को प्रतिदिन केवल 300 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि निर्धारित मजदूरी 405 रुपये प्रतिदिन थी। मजदूरों का दावा है कि श्रम अधीक्षक से शिकायत किए जाने के बाद 405 रुपये भुगतान दर्शाते हुए हाजिरी रजिस्टर पर उनसे हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए गए, लेकिन वास्तविक भुगतान 300 रुपये ही किया गया। इस प्रकार प्रत्येक मजदूर की 105 रुपये मजदूरी का कथित रूप से गबन किया गया।

मानसिंह तिरिया ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मजदूरों की लंबित मजदूरी का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया तो श्रम अधीक्षक के समक्ष दोबारा औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

इस दौरान संबंधित योजना में कार्यरत कई मजदूर भी मौके पर उपस्थित थे।

