चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने “प्रोजेक्ट-बचपन: भविष्य की राहें” के तहत बुधवार को सदर चाईबासा परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र गितिलिपी और किरीगोट में आयोजित बाल भोज-सह-जन्मोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह की 14 तारीख को आयोजित किया जाता है।
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कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों में मौजूद बच्चों से संवाद किया। मई माह में जन्मदिन वाले बच्चों का सामूहिक रूप से केक काटकर जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों ने कविता और कहानियां सुनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिस पर उपायुक्त ने उनका उत्साहवर्धन किया।
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उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि आज के बच्चे ही भविष्य में देश के कर्णधार बनेंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों के समग्र विकास और आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति आकर्षण बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक माह बाल भोज-सह-जन्मोत्सव कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रों में बच्चों के लिए खुशनुमा वातावरण तैयार कर बेहतर पठन-पाठन सुनिश्चित करने हेतु लगातार नवाचार किए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों में एएनसी जांच, स्वास्थ्य परीक्षण एवं अन्य गतिविधियों का अवलोकन किया। साथ ही बच्चों के लिए तैयार भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने बच्चों को केक और खीर खिलाकर उनके साथ समय बिताया।
चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (BOI-RSETI) द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक तथा आरसेटी निदेशक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न ट्रेडों के तहत 909 ग्रामीण युवक-युवतियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। वहीं, वर्ष 2026-27 में प्रशिक्षण आधारित दो बैचों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है तथा एक बैच वर्तमान में संचालित है। समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि केंद्र के बाहर संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत जिले के मंडल कारा में चार बैचों के माध्यम से फिनायल एवं पेपर कप निर्माण, मशरूम उत्पादन तथा फास्ट फूड निर्माण से संबंधित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे जेल से बाहर आने के बाद बंदियों को सम्मानजनक आजीविका प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
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उपायुक्त ने यह भी निर्देशित किया कि प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर जीविकोपार्जन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही जेएसएलपीएस की दीदियों की सूची तैयार की जाए। साथ ही, प्रशिक्षण सत्रों के दौरान उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराते हुए नए प्रशिक्षुओं के बीच उनके अनुभव साझा कराए जाएं, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हो सकें।
बैठक में उपायुक्त ने प्रशिक्षण केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, प्रशिक्षुओं के लिए आवासन व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता एवं अन्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकाधिक ग्रामीण क्षेत्रों के 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवक-युवतियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर देते हुए ब्यूटी पार्लर, सिलाई, कंप्यूटर, सीसीटीवी इंस्टॉलेशन सहित अन्य तकनीकी कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में सिंहभूम सांसद जोबा माझी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर अतिथियों का पारंपरिक रूप से शॉल ओढ़ाकर तथा पौधा एवं वेजिटेबल बास्केट भेंट कर स्वागत किया गया। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों, बुनियादी सुविधाओं तथा जनसमस्याओं की विस्तार से समीक्षा की गई। सांसद जोबा माझी ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
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समीक्षा के दौरान कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। कल्याण विभाग को सामुदायिक वन पट्टा वितरण, एकलव्य विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। वहीं, वन विभाग को एलीफेंट अलर्ट सिस्टम एवं हाईमास्ट लाइट लगाने की दिशा में कार्य तेज करने को कहा गया।
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बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत सड़कों की मरम्मत, पेयजल संकट को देखते हुए चापाकलों की मरम्मत, जलमीनारों के संचालन तथा बंद पड़ी ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को पुनः चालू करने पर भी जोर दिया गया। चक्रधरपुर एवं जगन्नाथपुर में जर्जर पानी टंकियों के सुरक्षित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा पंचायत स्तर पर योजनाओं की मॉनिटरिंग, जिला परिषद की निर्माणाधीन योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने, नवोदय विद्यालय नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने, तांतनगर में फार्मेसिस्ट कॉलेज संचालन तथा नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य निरीक्षण को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में मोबाइल कनेक्टिविटी, भूमिहीन परिवारों को आवास हेतु भूमि उपलब्ध कराने, पशुपालन योजनाओं के लाभुकों को प्रशिक्षण देने तथा बिजली व्यवस्था को सुचारू रखने पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त मनीष कुमार ने बताया कि आपदा से संबंधित लंबित मुआवजा मामलों में कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान एवं बारिश से प्रभावित लोगों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश से निपटने के लिए एंटीवेनम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में जैक बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार हुआ है तथा ब्लड बैंक लाइसेंस एवं होमगार्ड प्रशिक्षण को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
बैठक में मिशन वात्सल्य योजना के तहत एकल अभिभावक वाले बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ने की अपील की गई। योजना के तहत बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह चार हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण बैठक के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच आवास योजना के डमी चेक, प्रेशर कुकर, साइकिल, सामुदायिक वन पट्टा, खेल किट, स्कूल बैग, किताबें, मत्स्य विपणन किट, ट्रैक्टर एवं कृषि उपकरण, एचपीवी वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र सहित अन्य सामग्री वितरित की गई। साथ ही जैक बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। जागरूकता रथों को दिखाई गई हरी झंडी बैठक के उपरांत अतिथियों ने पोषण, जनगणना, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, टीबी मुक्त भारत, एचपीवी वैक्सीनेशन, रक्तदान, पेयजल एवं स्वच्छता तथा जेएसएलपीएस के प्रोजेक्ट बदलाव से संबंधित जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। समाहरणालय परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया गया। बैठक में कालीचरण मुंडा, निरल पुरती, सुखराम उरांव, सोनाराम सिंकु, जगत माझी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
चक्रधरपुर | पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड की सात युवतियों को चक्रधरपुर पुलिस ने समय रहते रेस्क्यू कर सुरक्षित उनके घर पहुंचाया। बताया गया कि सभी युवतियां रोजगार की तलाश में दूसरे प्रदेश जाने के लिए निकली थीं। जानकारी के अनुसार, रेलवे स्टेशन परिसर में चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार की नजर इन युवतियों पर पड़ी। संदेह होने पर उन्होंने सभी से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान युवतियों ने बताया कि वे मजदूरी एवं रोजगार की तलाश में बाहर जाने की तैयारी में थीं।
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इसके बाद थाना प्रभारी ने युवतियों को बाहर काम करने के दौरान संभावित जोखिमों, मानव तस्करी तथा अन्य प्रकार के शोषण से जुड़े खतरों के प्रति जागरूक किया। पुलिस की पहल पर सभी युवतियों को टाटा मैजिक वाहन से सुरक्षित उनके घर वापस भेज दिया गया।
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थाना प्रभारी की इस मानवीय एवं संवेदनशील पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। गौरतलब है कि पश्चिमी सिंहभूम समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियां रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करते हैं। ऐसे मामलों में कई बार नाबालिग बच्चियों और युवतियों के मानव तस्करी तथा शोषण का शिकार होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में पुलिस द्वारा समय रहते की गई यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चक्रधरपुर | उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के मार्गदर्शन में संचालित “प्रोजेक्ट बचपन” के तहत गुरुवार को चक्रधरपुर प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्र कुदलीबाड़ी एवं भलियाकुदर में बाल भोज-सह-जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत मई माह में जन्मे आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों का सामूहिक रूप से जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान बच्चों के साथ केक काटा गया और उनके लिए विशेष बाल भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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अधिकारियों ने बताया कि “प्रोजेक्ट बचपन” के तहत प्रत्येक माह की 14 तारीख को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पोषण, स्वच्छता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।
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इस अवसर पर पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी, चक्रधरपुर अंचल अधिकारी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को बच्चों को पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
रांची | झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना एक बार फिर चर्चा में है। जानकारी के अनुसार योजना की अप्रैल और मई माह की सम्मान राशि अब तक लाभुक महिलाओं के खातों में नहीं पहुंच पाई है। बताया जा रहा है कि ट्रेजरी से जुड़े कथित वित्तीय गड़बड़ी और भुगतान प्रक्रिया की जांच के कारण राशि जारी होने में देरी हो रही है। इससे राज्य की हजारों महिलाओं के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक ट्रेजरी स्तर पर भुगतान प्रक्रिया की तकनीकी और प्रशासनिक जांच जारी है। इसी वजह से योजना की राशि फिलहाल रोक दी गई है। कई जिलों की महिलाओं ने बताया कि वे इस योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग घर खर्च, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। लगातार दो महीने से भुगतान नहीं मिलने के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इधर, मामले को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर हमला बोला है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही का सीधा असर गरीब एवं जरूरतमंद महिलाओं पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।
वहीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी पात्र लाभुकों को जल्द सम्मान राशि उपलब्ध करा दी जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि जांच प्रक्रिया पूरी होते ही लंबित भुगतान जारी कर दिया जाएगा।
फिलहाल योजना से जुड़ी लाखों महिलाएं सरकार के अगले फैसले और भुगतान की तारीख का इंतजार कर रही हैं।
सरायकेला | सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध खनन एवं खनन पट्टों में अनियमितताओं के खिलाफ जिला प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर बुधवार को जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में सरायकेला अंचल के उगमा एवं राइडीह क्षेत्र में संचालित दो पत्थर खनन पट्टों का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान खनन पट्टों में सीमांकन, खनिज भंडारण, खनिज प्रेषण तथा पर्यावरणीय स्वीकृति के अनुपालन समेत अन्य वैधानिक प्रावधानों की गहन जांच की गई। जांच के क्रम में कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित पट्टाधारियों के विरुद्ध विभागीय नियमानुसार नोटिस एवं मांगपत्र निर्गत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिले में अवैध खनन, खनिज भंडारण एवं परिवहन गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के विरुद्ध चलाया जा रहा अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
सरायकेला | सरायकेला की विश्वविख्यात छऊ कला के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत के पुनर्जीवन को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने झारखंड सरकार के कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से शिष्टाचार मुलाकात कर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
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इस दौरान उन्होंने विभागीय सचिव मुकेश कुमार तथा कला संस्कृति निदेशक आशिक अकरम से भी मुलाकात कर सरायकेला की सांस्कृतिक धरोहरों, कलाकारों की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि सरायकेला की छऊ नृत्य कला केवल एक सांस्कृतिक परंपरा नहीं, बल्कि पूरे झारखंड और देश की गौरवशाली पहचान है। उन्होंने कहा कि वर्षों से देश-विदेश में सम्मान प्राप्त करने वाली इस कला के संरक्षण और संवर्धन के लिए ठोस एवं दीर्घकालिक पहल की आवश्यकता है।
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मुलाकात के दौरान उन्होंने राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के पुनर्जीवन एवं नियमित संचालन, छऊ नृत्य और वाद्य प्रशिक्षकों की नियुक्ति, स्थानीय कलाकारों के लिए सम्मानजनक पेंशन एवं प्रोत्साहन सुविधा उपलब्ध कराने, सरायकेला में बहुउद्देशीय कला भवन निर्माण तथा युवा पीढ़ी को पारंपरिक कलाओं से जोड़ने के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार की मांग उठाई।
मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि सरायकेला की धरती ने देश को अनेक प्रतिष्ठित छऊ कलाकार दिए हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और साधना से विश्व स्तर पर झारखंड का नाम रोशन किया है। ऐसे कलाकारों का सम्मान और उनका भविष्य सुरक्षित करना सरकार एवं समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को सरायकेला की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक पारंपरिक छऊ मुखौटा और प्रसिद्ध सरायकेला लड्डू भेंट कर सम्मानित किया। मंत्री ने भी छऊ कला की महत्ता को स्वीकार करते हुए इसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सकारात्मक पहल और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान नगर पंचायत क्षेत्र के समग्र विकास हेतु अतिरिक्त विशेष फंड उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि ऐतिहासिक एवं जिला मुख्यालय होने के बावजूद सरायकेला आज भी कई आधारभूत समस्याओं से जूझ रहा है। पेयजल, सड़क, नाली, विद्युत व्यवस्था एवं शहरी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार से विशेष सहयोग की आवश्यकता है।
इसके साथ ही उन्होंने सरायकेला क्षेत्र के प्रमुख ऐतिहासिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों — श्री जगन्नाथ मंदिर, कुदरसाईं मंदिर एवं मिर्गी चिंगड़ा — के संरक्षण, सौंदर्यीकरण तथा पर्यटन मानचित्र में शामिल किए जाने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई।
चाईबासा | नीट-2026 परीक्षा पेपर लीक प्रकरण को लेकर कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने बुधवार को प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस भवन, चाईबासा में एकत्रित हुए और जमकर नारेबाजी की। इसके बाद विरोध स्वरूप दोनों नेताओं के पुतलों को आग के हवाले किया गया।
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एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष अनीष गोप ने कहा कि नीट-2026 परीक्षा में हुए पेपर लीक ने देशभर के लाखों छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। उन्होंने कहा कि हजारों परिवारों ने अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हुए कोचिंग और पढ़ाई पर भारी खर्च किया था, लेकिन परीक्षा निरस्त होने से छात्रों में भारी निराशा और आक्रोश है।
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कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि नीट-2026 परीक्षा निरस्त होने से लाखों विद्यार्थियों की मेहनत पर कुठाराघात हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी केंद्र सरकार द्वारा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को सौंपी गई है, जो सीधे केंद्रीय शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत है। उन्होंने कहा कि एजेंसी की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में रही है और कई परीक्षाएं पेपर लीक एवं नकल के कारण रद्द हो चुकी हैं, जिसकी सीधी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की बनती है।
उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार विवादों के बावजूद केंद्र सरकार ने न तो एनटीए के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की है और न ही एजेंसी की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। इसके विपरीत, इसकी कमियों को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई जिला महासचिव सचिन बिरुवा, सदस्य संजु कुंकल, रुपसिंह बिरुवा, अरुण हेम्ब्रम, पूर्व नगर अध्यक्ष अजय कुमार, मो. अरसलाम, संजय साव, सुशील दास समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
चाईबासा | राजस्थान में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले के बाद केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को पुनः परीक्षा आयोजित कराने की जिम्मेदारी सौंपे जाने के फैसले का एआईडीएसओ (AIDSO) ने कड़ा विरोध किया है। संगठन के पश्चिमी सिंहभूम जिला सचिव सत्येन महतो ने प्रेस वार्ता कर इस निर्णय को निंदनीय बताया।
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उन्होंने कहा कि एनटीए जैसी “भ्रष्ट संस्था” को दोबारा परीक्षा आयोजित करने की अनुमति देना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह तीसरी बार है जब इस संस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं, फिर भी सरकार उसी एजेंसी को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी दे रही है। उन्होंने एनटीए को भंग करने और इसके खिलाफ जिलेभर में मजबूत छात्र आंदोलन खड़ा करने की अपील की। जिला उपाध्यक्ष जतिन दास ने कहा कि इस वर्ष करीब 23 लाख अभ्यर्थियों ने नीट परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों की मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के भी सैकड़ों छात्र मानसिक रूप से प्रभावित हुए हैं। इस मुद्दे पर जिले से लेकर देशभर में छात्रों को एकजुट होकर विरोध दर्ज कराना चाहिए।
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वहीं, जिला अध्यक्ष सगुन हाँसदा ने झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा लागू किए गए क्लस्टर कॉलेज व्यवस्था का भी विरोध किया। उन्होंने बताया कि इसके खिलाफ कोल्हान प्रमंडल के विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा आगामी 15 मई को कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले के छात्र पहले से ही छात्रवृत्ति में देरी, सत्र विलंब और शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। सरकार इन मूल समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे फैसले लागू कर रही है।
एआईडीएसओ ने सभी छात्रों, अभिभावकों और बुद्धिजीवियों से 15 मई को कोल्हान विश्वविद्यालय के समक्ष आयोजित प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की।