कोल्हान

सरायकेला में CCTV कैमरा ट्रेनिंग 2 दिसंबर से शुरू — युवाओं को मिलेगा निशुल्क प्रशिक्षण

सरायकेला में CCTV कैमरा ट्रेनिंग 2 दिसंबर से शुरू — युवाओं को मिलेगा निशुल्क प्रशिक्षण

सरायकेला : पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), सरायकेला द्वारा 2 दिसंबर 2025 (मंगलवार) से CCTV कैमरा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है और पंजाब नेशनल बैंक द्वारा पूरी तरह निशुल्क दिया जाएगा।

प्रशिक्षण की मुख्य बातें :

उम्र सीमा : 18 से 45 वर्ष के युवक एवं युवतियाँ

अवधि : 13 दिन

समय : सुबह 8:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक

सुविधाएं : भोजन, छात्रावास, कॉपी-किताबें, ड्रेस सभी संस्थान की ओर से मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे।

प्रशिक्षण में CCTV कैमरा से जुड़ी सभी तकनीकी जानकारी दी जाएगी तथा सफल उद्यमी बनने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी बताई जाएगी।


स्थान :

आरसेटी, पंजाब नेशनल बैंक, दवानसाईं, सरायकेला

संपर्क नंबर (अधिक जानकारी के लिए) :

7479717293, 9199646025, 8789471135,
7250286385, 7007609159, 6200940892

आवश्यक दस्तावेज (साथ लाना अनिवार्य) :

आधार कार्ड

आवासीय प्रमाण पत्र

जाति प्रमाण पत्र

बैंक पासबुक

राशन कार्ड

5 पासपोर्ट साइज फोटो


📌 जरूरतमंद एवं इच्छुक युवक-युवतियों से समय पर प्रशिक्षण में शामिल होने की अपील की गई है।

कोल्हान दिवस की तैयारी शुरू — 27 नवंबर को हुई महत्वपूर्ण बैठक

कोल्हान दिवस की तैयारी शुरू — 27 नवंबर को हुई महत्वपूर्ण बैठक

जगन्नाथपुर : 02 दिसंबर 2025 को होने वाले कोल्हान दिवस कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए 27 नवंबर 2025 (गुरुवार) को रितुइ गोण्डाइ कार्यालय, जगन्नाथपुर (तालाब) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आदिवासी हो समाज महासभा, प्रखंड-जगन्नाथपुर के अध्यक्ष श्री सुदर्शन लागुरी ने की।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भी कोल्हान दिवस को बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। लगभग 100 नगाड़ा (दामा), मंदर (दुमं) व अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ विशाल सांस्कृतिक प्रदर्शन की योजना बनाई गई है।

रिहर्सल कार्यक्रम

कोल्हान दिवस को सफल बनाने के लिए रिहर्सल का आयोजन किया गया है:

तारीख : 30 नवंबर 2025 (रविवार)

समय : सुबह 09:00 बजे

स्थान : मोंगरा मैदान


इस रिहर्सल में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।

बैठक में उपस्थित सदस्य

बैठक में निम्न सदस्य उपस्थित रहे—

सचिव : अर्जुन सिंकु
कोषाध्यक्ष: लखन सिंकु
सदस्य: दिनेश सिंकु, रतन सिंकु, कमल किशोर बोबोंगा

शिक्षक/शिक्षिकाएँ :
सोमा बोबोंगा, प्रधान बोबोंगा, जीतेन केड़ाई, सुशीला हेस्सा, जेमा बानरा, दशमा बोबोंगा, सुखमती पिंगुवा

इसके अलावा रितुइ गोण्डाइ ग्रुप, जगन्नाथपुर (पटायॉं) के दियुरिया एवं अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

सभी से अपील

संगठन की ओर से कोल्हान क्षेत्र के सभी लोगों से कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई।
02 दिसंबर 2025 को आयोजित कोल्हान दिवस में सभी को सादर आमंत्रित किया गया है।

कठोर ठंड में राहत की मांग — त्रिशानु राय ने उपायुक्त से अलाव और कंबल वितरण की अपील

कठोर ठंड में राहत की मांग — त्रिशानु राय ने उपायुक्त से अलाव और कंबल वितरण की अपील

चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। सुबह और शाम के बाद ठंड में तेज़ इजाफा हो रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। सुबह से ही घना कोहरा छाया है और तापमान काफी नीचे लुढ़क गया है। तेज़ रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने सिहरन बढ़ा दी है, वहीं शाम होते ही कनकनी का एहसास होने लगा।

इसी बीच, जिला कांग्रेस प्रवक्ता त्रिशानु राय ने शुक्रवार को जनहित में उपायुक्त चंदन कुमार से सभी प्रखंडों और नगर क्षेत्रों के प्रमुख चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने रात्रि में भ्रमण कर बेसहारा लोगों के बीच कंबल वितरण करवाने का आग्रह भी किया है।

त्रिशानु राय ने उपायुक्त से कहा कि ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला के सभी प्रखंडों और नगर क्षेत्रों में अलाव एवं कंबल की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं, ताकि स्थानीय नागरिकों को राहत मिल सके।

JSSC भर्ती 2025: 3,451 इंटरमीडिएट और स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति होगी

JSSC भर्ती 2025: 3,451 इंटरमीडिएट और स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति होगी

झारखंड सरकार ने JIGTSEATCCE-2025 (झारखंड इंटरमीडिएट एवं स्नातक प्रशिक्षित विशेष शिक्षा सहायक शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा) के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इस भर्ती के तहत जिलेवार विभिन्न श्रेणियों में कुल 3,451 पद भरे जाएंगे।

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिसके लिए अभ्यर्थियों को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की आधिकारिक वेबसाइट jssc.jharkhand.gov.in पर पंजीकरण करना होगा। आवेदन 25 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 13 जनवरी 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे।

परीक्षा शुल्क

सामान्य वर्ग: ₹100

SC/ST/OBC उम्मीदवारों के लिए: ₹50


आवेदन फॉर्म भरते समय पहचान पत्र, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और पासपोर्ट साइज फोटो सहित सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा। पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और संबंधित डिग्री/डिप्लोमा निर्धारित किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर शिक्षक पदों के लिए B.Ed. या विशेष शिक्षा में डिग्री जरूरी होगी।

चयन प्रक्रिया


उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के माध्यम से किया जाएगा। इसमें सामान्य ज्ञान, गणित और विषय आधारित प्रश्न शामिल होंगे। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद मेरिट सूची बनाई जाएगी और चयन में श्रेणीवार आरक्षण नियम लागू होंगे।

महत्वपूर्ण निर्देश


आवेदन के बाद शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। अंतिम तिथि के बाद न तो फीस जमा की जा सकेगी और न ही आवेदन फॉर्म में संशोधन की अनुमति मिलेगी। JSSC ने उम्मीदवारों से अपील की है कि आवेदन करने से पहले पात्रता मानदंड और दिशा-निर्देश ध्यानपूर्वक पढ़ें, ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो।

चक्रधरपुर पुलिस ने गौवंश तस्करी नाकाम की

चक्रधरपुर पुलिस ने गौवंश तस्करी नाकाम की

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर में 27 नवंबर को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर गौवंश तस्करी के प्रयास को नाकाम कर दिया। जानकारी के अनुसार, बाजार क्षेत्र के रेलवे ओवरब्रिज के नीचे कुछ अज्ञात तस्कर गाय और बैल को मार-पीट कर गौ मांस व्यापार के लिए ले जा रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस टीम करीब 12:30 बजे घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तस्कर भीड़ और पास की झाड़ियों का फायदा उठाकर भाग गए।

घटना स्थल से कुल 11 गाय और बैल बरामद किए गए, जिनमें 4 सफेद गाय, 2 सफेद बैल, 2 बड़ी लाल गाय और 3 छोटी लाल गाय शामिल हैं। मामले में चक्रधरपुर थाना में कांड संख्या 149/2025 दर्ज की गई है। आरोपितों के खिलाफ धारा 317(2)/3(5) बीएनएस-2023, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम-1960 की धारा 11 और झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम-2005 की धारा 12 के तहत मामला चल रहा है।

‘सरकार आपके द्वार’ शिविर पर पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने जताई चिंता

‘सरकार आपके द्वार’ शिविर पर पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने जताई चिंता

हाटगम्हारिया : भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने हाटगम्हारिया प्रखंड के ठक्कर बापा डुमरिया पंचायत भवन में आयोजित ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम वास्तविक जरूरतों को पूरा करने में विफल हो रहा है और केवल दिखावा बनकर रह गया है। उन्होंने इसकी तुलना “सफेद हाथी” से करते हुए कहा कि बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर नजर नहीं आता।

गागराई ने बताया कि शिविर में ग्रामीणों की भारी भीड़ इस बात का संकेत है कि शासन-प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाने में असफल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता अब भी आवास, मैया सम्मान योजना जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं से वंचित है। शिविर में न कंबल वितरित किए जा रहे हैं और न ही स्कूल जाने वाले बच्चों को स्वेटर या पोशाक उपलब्ध कराई जा रही है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि हेमंत सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘खाना पूर्ति’ और ‘आपके द्वार’ जैसे कार्यक्रम केवल नाम मात्र के रह गए हैं। कई योजनाओं के पोर्टल बंद होने के कारण लाभार्थियों तक सहायता नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन दोनों ही निष्क्रिय दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने टिप्पणी की— “सरकार कुंभकर्णी निंद्रा में है और प्रशासन के हाथ बंधे हुए हैं।”

गागराई ने स्पष्ट किया कि यह केवल राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल कार्रवाई कर योजनाओं को सही तरीके से लागू करे ताकि ग्रामीणों को उनका अधिकार मिल सके।

कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं और कहा कि सरकार के दावों और वास्तविक हालात में बड़ा अंतर है। इस मौके पर गागराई ने स्थानीय प्रशासन से अपील की कि सरकारी योजनाओं को गंभीरता से लागू किया जाए और जरूरतमंदों को समय पर सहायता प्रदान की जाए।

झारखंड बोर्ड परीक्षा 2026 का शेड्यूल जारी

झारखंड बोर्ड परीक्षा 2026 का शेड्यूल जारी

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वर्ष 2026 की मैट्रिक और इंटर बोर्ड परीक्षाओं का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। परिषद की बुधवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, दोनों मुख्य परीक्षाएं 3 फरवरी 2026 से एक साथ शुरू होंगी।

मैट्रिक परीक्षा : 3 से 17 फरवरी 2026 तक

इंटर परीक्षा : 3 से 23 फरवरी 2026 तक


परीक्षाएं अलग-अलग पालियों में आयोजित की जाएंगी :

मैट्रिक (पहली पाली) : सुबह 9:45 से दोपहर 1:00 बजे तक

इंटर (दूसरी पाली) : दोपहर 2:00 से शाम 5:15 बजे तक


JAC अध्यक्ष डॉ. नटवा हांसदा ने बताया कि परीक्षा कार्यक्रम इस प्रकार तैयार किया गया है कि विद्यार्थियों को पर्याप्त समय और शांत माहौल मिल सके। सभी परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

फॉर्म भरने और प्रवेश पत्र की तिथि

परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि : 12 दिसंबर 2025

मैट्रिक के प्रवेश पत्र : 16 जनवरी से ऑनलाइन उपलब्ध

इंटर के प्रवेश पत्र : 17 जनवरी से वेबसाइट पर जारी होंगे
स्कूल व कॉलेज प्रवेश पत्र डाउनलोड कर विद्यार्थियों को वितरित करेंगे।


प्रायोगिक परीक्षाएं

मैट्रिक व इंटर की प्रायोगिक परीक्षाएं : 24 फरवरी से 7 मार्च 2026

प्रायोगिक व आंतरिक मूल्यांकन के अंक : 25 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे

उसके बाद अंकसूची की एक प्रति डीईओ कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा।


अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि यदि उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन समय पर पूरा हो गया, तो मैट्रिक और इंटर दोनों के परिणाम अप्रैल के अंतिम सप्ताह में जारी कर दिए जाएंगे।

सरकारी सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने के लिए नलिता, कोलचोकड़ा और केन्दो पंचायत में विशेष शिविर

सरकारी सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने के लिए नलिता, कोलचोकड़ा और केन्दो पंचायत में विशेष शिविर

चक्रधरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले में “आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार” अभियान के अंतर्गत चल रहे “सेवा का अधिकार सप्ताह” के तहत चक्रधरपुर प्रखंड के नलिता, कोलचोकड़ा और केन्दो पंचायत में पंचायत स्तरीय शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में विधायक सुखराम उरांव और उपायुक्त चंदन कुमार शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दोनों ने संयुक्त रूप से शिविर का उद्घाटन कर की।

इसके बाद अधिकारियों द्वारा झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम-2011 के तहत सूचीबद्ध सेवाओं से संबंधित विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। शिविर में समाज कल्याण विभाग की ओर से गोद भराई एवं अन्नप्राशन योजना के लाभुकों को लाभ प्रदान किया गया। साथ ही स्कूली बच्चों को साइकिल, पठन-पाठन सामग्री एवं डेमो चेक वितरित किए गए।

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक सुखराम उरांव ने कहा कि “सेवा का अधिकार सप्ताह” का उद्देश्य पंचायत स्तर पर लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सीधे शिविर में उपलब्ध कराना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ।

उपायुक्त चंदन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम लगातार छठे वर्ष आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष शिविरों में जाति, आवासीय, आय, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नया राशन कार्ड, दाखिल-खारिज, भूमि मापी, भूमि धारण प्रमाण पत्र तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सेवाओं से संबंधित आवेदनों को प्राथमिकता से स्वीकार किया जा रहा है और मौके पर ही शिकायतों का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी भी उपस्थित रहे।

नोवामुंडी में टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा स्वास्थ्य शिविर आयोजित

नोवामुंडी में टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा स्वास्थ्य शिविर आयोजित

पश्चिमी सिंहभूम : नोवामुंडी प्रखंड के दुधविला पंचायत अंतर्गत बेतरकिया गांव में टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की विभिन्न रोगों की जांच की गई और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क दवाइयां भी प्रदान की गईं।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस मौके पर मुखिया मुरमई पूर्ति, समाजसेवी एवं गौड़ सेवा संघ के प्रखंड अध्यक्ष पप्पू गौड़, सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र कोड़ा, मुखिया प्रतिनिधि मिलु पूर्ति, शिवा मारली तथा अन्य लोग उपस्थित थे।

कोल्हान की असली पहचान को सम्मान कब मिलेगा? — विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह ने उठाए गंभीर सवाल

कोल्हान की असली पहचान को सम्मान कब मिलेगा? — विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह ने उठाए गंभीर सवाल

कोल्हान विश्वविद्यालय में विगत दिनों सम्पन्न हुए दीक्षांत समारोह पर यदि गंभीरता से ध्यान दिया जाए तो ऐसा प्रतीत होता है कि “कोल्हान” नाम का उपयोग तो किया जा रहा है, पर ऐसा लगता है कि इसकी असली पहचान और सांस्कृतिक आत्मा को वह स्थान नहीं दिया जा रहा जिसकी यह हकदार है।

जैसा कि सर्वविदित है, कोल्हान झारखंड, भारत का एक ऐतिहासिक और प्रशासनिक क्षेत्र है, जहाँ मुख्य रूप से हो’ आदिवासी समुदाय निवास करता है।
“कोल्हान” शब्द ‘हो’ भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है:-

कोल : औपनिवेशिक काल में हो’/कोल समुदाय के लिए प्रयुक्त होनेवाले शब्द है।

हान : जिसका अर्थ ‘लोग’ या ‘मानव’

इस प्रकार कोल्हान का अर्थ है : कोल लोगों की भूमि, अर्थात आदिवासियों का क्षेत्र।

1831–33 के कोल विद्रोह के बाद 1837 में ब्रिटिश प्रशासन द्वारा स्थापित कोल्हान गवर्नमेंट एस्टेट ने इस क्षेत्र को ऐतिहासिक महत्त्व प्रदान किया। इसी गौरव व इतिहास के सम्मान में चाईबासा स्थित विश्वविद्यालय का नाम कोल्हान विश्वविद्यालय रखा गया, ताकि इस भूमि की पहचान, संस्कृति और भाषा जीवित रहे।

परन्तु आज बड़ा प्रश्न यह है कि,


आदिवासी समाज को क्यों केवल नृत्य–गान तक सीमित दिखाया या इस्तेमाल किया जा रहा है?
क्या हम अपने ही क्षेत्र में बने विश्वविद्यालयों, संस्थानों और कार्यक्रमों में अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को सम्मानपूर्वक स्थापित नहीं कर सकते?

जब कोई कार्यक्रम कोल्हान में आयोजित होता है, तो यह स्वाभाविक है कि उसकी शुरुआत और संपूर्ण आयोजन *कोल्हान की सांस्कृतिक आत्मा से संपन्न होना चाहिए। जैसे-
👉 कोल्हान की भाषा,
👉 कोल्हान की प्रार्थना,
👉 कोल्हान के पारंपरिक गीत–संगीत,
👉 कोल्हान के परिधान और रीति–रिवाज।

लेकिन खेद की बात है कि ऐसे आयोजनों में न तो हो’ भाषा बोली जा रही है, न ही कोल्हान की पोशाकें, परंपराएँ या सांस्कृतिक प्रतीक दिखाई दे रहे हैं।

ऐसा लग रहा है कि “कोल्हान” केवल एक नाम बनकर रह गया है। उसकी असली पहचान कहीं खोती जा रही है।

संस्कृत व अन्य भाषाएँ और संस्कृतियाँ अपने स्थान पर सम्मानित हैं, पर अपने ही क्षेत्र में अपनी भाषा को स्थान न मिलना चिंता का विषय है।

मेरी आदिवासी समाज के भाइयों-बहनों से विनम्र अपील है कि “खुद को केवल नाच–गान तक सीमित न रखें। अपनी भाषा, संस्कृति, गरिमा और अधिकारों की मांग करना सीखिए।
यदि हम स्वयं आगे नहीं आएँगे, तो एक दिन हमारी पहचान धीरे–धीरे मिटा दी जाएगी।

आइए, मिलकर संकल्प लें –


👉 अपने क्षेत्र की पहचान को बचाने का,
👉 अपनी भाषा को उसके योग्य सम्मान दिलाने का, और
👉 कोल्हान की संस्कृति को गर्व के साथ हर मंच पर प्रस्तुत करने का।


✍️बोदरा घनश्याम
तिलोपदा, केरा, चक्रधरपुर
प. सिंहभूम, झारखंड