सरायकेला | पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, सरायकेला द्वारा आयोजित 12 दिवसीय फास्ट फूड स्टॉल प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 20 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
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यह प्रशिक्षण सत्र वित्तीय वर्ष 2025-26 का अंतिम बैच था, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के निदेशक ने प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
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समापन समारोह में संस्थान के संकाय सदस्य शैलेन्द्र गोप, गोबिंद राय, दिलीप आचार्य, इंद्रजीत कैबत एवं द्रौपदी महतो भी उपस्थित रहे। सभी ने प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
सरायकेला | झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार सरायकेला-खरसावां जिला आयुष समिति के सौजन्य से राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत जिले के विभिन्न प्रखंडों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को आयुष चिकित्सा पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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इसी क्रम में सोमवार को सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय, सरायकेला के प्रांगण में नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। इस अवसर पर जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पूनम कुमारी ने कहा कि क्रॉनिक बीमारियों को जड़ से खत्म करने की जो क्षमता आयुर्वेद में है, वह अन्य चिकित्सा पद्धतियों में कम देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत के लिए अंग्रेजी दवाओं का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए आयुर्वेद, योग, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है।
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उन्होंने उपस्थित शिक्षक एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं में राष्ट्र निर्माण की अपार शक्ति निहित होती है। युवा राष्ट्र के कर्णधार हैं और वे इस संदेश को घर-घर तक पहुंचाकर अधिक से अधिक लोगों को आयुष पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
जिला आयुष समिति द्वारा विभिन्न प्रखंडों में चलाए जा रहे स्वास्थ्य जांच शिविरों की जानकारी देते हुए लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील भी की गई। सरायकेला प्रखंड के बड़बिल, कीता एवं मुकुंदपुर सहित अन्य गांवों में भी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही खान-पान में सावधानी बरतने तथा दैनिक दिनचर्या में नियमित योग और व्यायाम को शामिल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
सरायकेला: सरायकेला नगर पंचायत के नव-निर्वाचित अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी जन समस्याओं के समाधान को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। एक कुशल व्यवसायी होने के साथ-साथ लंबे समय से समाज सेवा में सक्रिय रहे मनोज चौधरी अध्यक्ष चुने जाने के बाद जनहित के कार्यों को लेकर नए उत्साह और जुनून के साथ 24×7 लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में सोमवार सुबह करीब सात बजे वे नगर पंचायत क्षेत्र के देहुरीडीह निवासी हृदय रोग से पीड़ित अभिमन्यु नायक का हाल-चाल जानने उनके घर पहुंचे। उन्होंने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी से बातचीत कर अभिमन्यु नायक के बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में समुचित समन्वय स्थापित कराया।
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इस दौरान उन्होंने बस्ती के लोगों से नशा की लत से दूर रहने की अपील की और कहा कि समाज को इस समस्या से बाहर निकालने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। मनोज चौधरी ने बाल श्रम और छोटे बच्चों को पैसों के लालच में देर रात तालाब में जाकर कमल फूल और अन्य फूल तोड़ने की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उन्होंने ऐसे बच्चों के परिजनों को फटकार लगाते हुए कहा कि बच्चों को इस प्रकार के असुरक्षित कार्यों से रोकें और उनका स्कूल में दाखिला सुनिश्चित करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी प्रकार की परेशानी हो तो वे उनसे संपर्क करें, हर संभव सहायता की जाएगी।
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उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि अपने स्वार्थ के लिए बच्चों को पैसे या अन्य प्रलोभन देकर उनके भविष्य से खिलवाड़ न करें। बच्चों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बस्तीवासियों से बातचीत के दौरान यह जानकारी मिली कि बैसाखी नामक महिला के निधन के बाद उसके तीन बच्चे अनाथ हो गए हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मनोज चौधरी ने मौके पर ही बाल संरक्षण पदाधिकारी संतोष ठाकुर को बुलाया और माता-पिता के निधन से अनाथ हुए बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने तथा आवश्यक लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मनोज चौधरी की त्वरित समस्या समाधान की इस कार्यशैली की इन दिनों पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है।
कोल्हान (पश्चिम सिंहभूम): पश्चिम सिंहभूम जिले के जराईकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत राजकीय बुनियादी विद्यालय, जराईकेला में सुरक्षा बलों की F/134 बटालियन द्वारा जनकल्याण एवं ग्रामीणों के साथ विश्वास निर्माण के उद्देश्य से सिविक एक्शन कार्यक्रम (Civic Action Programme) का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मकरंडा गांव के टोला परोडीह क्षेत्र में बटालियन के कमांडेंट त्रिलोक नाथ सिंह के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुंदन कुमार सिंह ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा उन्हें आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया। इस दौरान ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए विभिन्न बीमारियों से बचाव के उपायों की भी जानकारी दी गई।
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इसके साथ ही विद्यालय के बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए पढ़ाई के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। जवानों और अधिकारियों ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण साधन है।
इस कार्यक्रम में डॉक्टर के.के. सिंह, बी.बी. भक्ता, इंस्पेक्टर सतेंद्र, विद्यालय के शिक्षक चंद्रो महतो, ग्राम मुंडा ममता भूमिज, सुफल बेक, अनीता बेक सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनकल्याण और सुरक्षा बलों व ग्रामीणों के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
चाईबासा: रंगोत्सव होली के अवसर पर आमजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सदर अस्पताल, चाईबासा के आपातकालीन कक्ष में नेत्र विशेषज्ञ चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। यह निर्णय प० सिंहभूम जिला के कांग्रेस प्रवक्ता सह सामाजिक कार्यकर्ता त्रिशानु राय द्वारा की गई मांग के बाद लिया गया है।
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त्रिशानु राय ने गुरुवार को असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, प० सिंहभूम को पत्र लिखकर होली के दिन नेत्र विशेषज्ञ चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की मांग की थी। अपने पत्र में उन्होंने उल्लेख किया था कि होली के दिन अधिकांश निजी नेत्र चिकित्सालय बंद रहते हैं। रंगों के त्योहार के दौरान यदि किसी के आंखों में रंग चला जाता है, तो तत्काल उपचार की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में नेत्र विशेषज्ञ की अनुपलब्धता के कारण लोगों को अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है।
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उन्होंने विशेष रूप से 4 मार्च 2026 को जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल, चाईबासा में नेत्र विशेषज्ञ चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति जनहित में सुनिश्चित करने की मांग की थी, ताकि आपात स्थिति में स्थानीय स्तर पर ही प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
त्रिशानु राय की मांग पर संज्ञान लेते हुए असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, प० सिंहभूम ने सोमवार को पत्र जारी कर होली के दिन सदर अस्पताल, चाईबासा के आपातकालीन कक्ष में नेत्र विशेषज्ञ चिकित्सक एवं नेत्र सहायक की प्रतिनियुक्ति का आदेश दिया है। जारी आदेश के अनुसार, होली के दिन सुबह 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक आपातकालीन कक्ष में नेत्र विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. सेलिन सोसन टोपनो एवं डॉ. मनोज कुमार मुंडा तथा नेत्र सहायक कविता महतो और रमन कुमार उपस्थित रहेंगे। इस संबंध में जारी पत्र की प्रतिलिपि जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त, उपाधीक्षक सदर अस्पताल चाईबासा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी तथा त्रिशानु राय को सूचनार्थ प्रेषित की गई है।
बंदगांव : नक्सल प्रभावित एवं दुर्गम जंगल क्षेत्र स्थित चम्पावा पंचायत भवन में जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण किया गया। पंचायत की मुखिया कानू तैसुन, पंचायत समिति सदस्य फुलमुनी मुंडरी एवं पंचायत सचिव पूजा कुमारी के नेतृत्व में करीब 150 गरीब और असहाय लोगों को कंबल प्रदान किए गए। इस मौके पर मुखिया कानू तैसुन ने कहा कि पंचायत का प्रयास है कि जंगल क्षेत्र में रहने वाले वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक ही कंबल पहुंचे। उन्होंने बताया कि चम्पावा पंचायत के सभी गांव घने जंगल क्षेत्र में स्थित हैं, जहां ठंड के मौसम में अत्यधिक ठंड पड़ती है। इससे लोग बीमार हो जाते हैं और कई बार जान का खतरा भी बना रहता है। इसी को देखते हुए समय पर कंबल वितरण किया जा रहा है। कार्यक्रम में रोजगार सेवक सुनील सरदार, एतवा बोरजो, संजय कंडिर, श्याम पूर्ति सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
सरायकेला–खरसावाँ : समाहरणालय परिसर से उप विकास आयुक्त रीना हंसदा ने सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर जिले के भ्रमण के लिए रवाना किया। यह रथ आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करेगा।
जिला परिवहन विभाग, सरायकेला–खरसावाँ द्वारा 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों को सुरक्षित यातायात व्यवहार के प्रति जागरूक करना है।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त रीना हंसदा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित व्यवहार को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो ने बताया कि उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में पूरे माह जिले में विभिन्न जागरूकता और प्रवर्तन गतिविधियाँ चलाई जा रही हैं। इसके तहत जागरूकता रथ एवं एलईडी वाहनों से ऑडियो-विजुअल प्रचार, नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत कार्यक्रम तथा चित्रकला और रंगोली जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएँ यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं, इसलिए नियमों का स्वैच्छिक पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट के उपयोग, तेज गति से वाहन न चलाने, नशे की हालत में वाहन न चलाने तथा नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति न देने की अपील की।
कार्यक्रम में सरायकेला विधायक प्रतिनिधि सानंद आचार्य, जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी निवेदिता नियति, सब-रजिस्ट्रार घासीराम पिंगुआ, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) प्रदीप उरांव, मोटरयान निरीक्षक दिलीप कुमार एवं रवि प्रसाद सहित अन्य अधिकारी और विभागीय कर्मी उपस्थित रहे।
चक्रधरपुर : भरनियां पंचायत में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। पंचायत के विभिन्न गांवों और टोलों में जल-नल योजना का कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। रविवार को डुकरी पताडीह में आयोजित एक आम सभा में ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर आंदोलन का ऐलान किया। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता विजय सिंह सामाड ने कहा कि पंचायत के डुकरी, पताडीह, बांधासाई, गुंजा, साईतोपा, दुड़ियाम और डांगोडीह गांवों में स्थिति बेहद खराब है। कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाकर छोड़ दी गई है, जबकि कई टोलों में अब तक बोरिंग का काम भी शुरू नहीं हुआ है। सरकारी कागजों में योजना संचालित दिख रही है, लेकिन हकीकत में लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर सड़क से लेकर विभागीय कार्यालय तक संघर्ष करने को तैयार हैं। हालांकि विजय सिंह सामाड ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन कानून के दायरे में रहकर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले सभी ग्रामीणों के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को सौंपे जाएंगे। यदि इसके बाद भी कार्य शुरू नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक हर घर में पेयजल की सुविधा नहीं मिलेगी, आंदोलन जारी रहेगा। इस आम सभा में राजेंद्र सामाड, मंगल सिंह बोदरा, रामसिंह सामाड, ब्रिज मोहन महतो, बासुदेव मुखी, नवीन सामाड, रामजीवन लोहरा, सुखराम लोहरा, हरिचरण सामाड, बेरगा सामाड, बेरगा बोदरा, सोमा गुंदुवा, दिलीप सामाड, जगाया बोदरा, रामराई बोदरा सहित सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित थे।
नोवामुंडी : नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत दुधविला पंचायत के बेतेरकिया गांव में गौड़ सेवा संघ के प्रखंड अध्यक्ष एवं समाजसेवी पप्पु गौड़ ने जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नववर्ष के शुभ अवसर पर कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। ठंड बढ़ने के कारण कंबल से गरीब परिवारों को राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि आगे भी कंबल वितरण का यह कार्यक्रम जारी रहेगा।
#पश्चिम_सिंहभूम : चाईबासा से जुड़ी एक घटना में कुछ मीडिया माध्यमों द्वारा एक परिवार के बच्चों को झोले में ले जाने का दृश्य दिखाए जाने के मामले पर सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया है। संबंधित प्राधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, वहीं सिविल सर्जन से पूरे मामले पर विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया कि चाईबासा और पलामू जैसे जिलों में लगातार नकारात्मक और भ्रामक खबरें फैलाना चिंता का विषय है, जिससे सरकार की छवि के साथ-साथ ईमानदारी से काम कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है।
विभाग ने मीडिया और जनता से अपील की है कि यदि कहीं कोई कमी हो तो उसे सीधे प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए, ताकि जांच कर सुधार और आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बिना पूरी जांच के किसी डॉक्टर या पूरे विभाग को बदनाम करना उचित नहीं है।
इसके अलावा यह भी जांच का विषय बताया गया है कि कहीं कुछ राजनीतिक या वैचारिक ताकतें सरकार और स्वास्थ्य विभाग की छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का प्रयास तो नहीं कर रही हैं। सरकार ने दोहराया है कि वह जनता के स्वास्थ्य और व्यवस्था सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सच्चाई सामने लाकर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।