स्वास्थ्य

राजनगर सीएचसी में जच्चा-बच्चा मौत मामले में बड़ा खुलासा, जांच रिपोर्ट में चिकित्सकीय लापरवाही उजागर

राजनगर सीएचसी में जच्चा-बच्चा मौत मामले में बड़ा खुलासा, जांच रिपोर्ट में चिकित्सकीय लापरवाही उजागर

सरायकेला | राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के दौरान महिला विनीता बांद्रा और उसके नवजात शिशु की मौत के मामले में जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि यह घटना केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा नहीं, बल्कि चिकित्सकीय लापरवाही और अव्यवस्था का परिणाम थी।
उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह के निर्देश पर गठित जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी है, जिसमें संबंधित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह तथा महिला चिकित्सक डॉ. प्रीति माझी की संयुक्त जांच में पाया गया कि प्रसव के दौरान आवश्यक चिकित्सकीय सतर्कता नहीं बरती गई।
सिविल सर्जन के अनुसार, प्रसूता की मौत अत्यधिक रक्तस्राव (पोस्टपार्टम हेमरेज) के कारण हुई, जबकि नवजात की मौत गले में नाल के दो फंदे होने से हुई। रिपोर्ट में ड्यूटी रोस्टर के अनुसार तैनात चिकित्सक डॉ. रश्मि बाड़ा, डॉ. संजय झा तथा प्रसव के समय मौजूद डॉ. शिवलाल कुंकल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

Book your slot today : +91 7250214782

जांच में यह भी सामने आया कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट का समुचित मूल्यांकन नहीं किया गया और समय रहते ऑपरेशन अथवा रेफर करने का निर्णय नहीं लिया गया। मरीज की स्थिति बिगड़ने के बावजूद नियमित निरीक्षण और फॉलोअप का अभाव बना रहा, जिससे उसकी हालत लगातार गंभीर होती गई।
सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि अस्पताल का जेनरेटर लंबे समय से खराब था और वैकल्पिक बिजली व्यवस्था भी काम नहीं कर रही थी। इसके कारण स्वास्थ्यकर्मियों को टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराना पड़ा। इसके अलावा केस शीट, पार्टोग्राफ और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अधूरे पाए गए, जिसे जांच टीम ने चिकित्सा प्रबंधन की गंभीर लापरवाही माना है।

Book your slot today : +91 7250214782

इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जमशेदपुर: टाटा रेलवे स्टेशन पर हाईटेंशन तार की चपेट में आने से युवक गंभीर रूप से झुलसा

जमशेदपुर: टाटा रेलवे स्टेशन पर हाईटेंशन तार की चपेट में आने से युवक गंभीर रूप से झुलसा

जमशेदपुर | शहर के टाटा रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह एक गंभीर हादसा हो गया। प्लेटफॉर्म संख्या-3 पर खड़ी एक मालगाड़ी पर चढ़ने के दौरान एक युवक हाईटेंशन ओवरहेड विद्युत तार की चपेट में आ गया। तार के संपर्क में आते ही जोरदार धमाका हुआ, जिससे युवक बुरी तरह झुलस गया। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना सुबह लगभग 11:07 बजे की है। युवक अचानक प्लेटफॉर्म पर खड़ी मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया। इसी दौरान ऊपर से गुजर रहे हाई वोल्टेज तार के संपर्क में आते ही तेज धमाका हुआ। धमाके की आवाज से प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में दहशत फैल गई। युवक गंभीर रूप से झुलसकर नीचे गिर पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), रेल पुलिस और अन्य रेलवे कर्मी मौके पर पहुंचे। घायल युवक को तुरंत रेलवे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।

Book your slot today : +91 7250214782

इधर, घटना के बाद पुलिस और आरपीएफ मामले की जांच में जुट गई है। स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक स्टेशन पर कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में उसने मालगाड़ी पर चढ़ने की कोशिश की।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस उसकी पहचान करने और उसके परिजनों का पता लगाने में जुटी है।

Book your slot today : +91 7250214782

इस घटना ने एक बार फिर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यस्त प्लेटफॉर्म पर इस तरह की घटना सुरक्षा प्रबंधन में संभावित चूक की ओर इशारा करती है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और आगे की कार्रवाई में जुटा हुआ है।

राजनगर सीएचसी में जच्चा-बच्चा की मौत पर सख्त एक्शन, जांच कमेटी गठित

राजनगर सीएचसी में जच्चा-बच्चा की मौत पर सख्त एक्शन, जांच कमेटी गठित

सरायकेला | जिले के राजनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में जच्चा एवं नवजात शिशु की मौत के मामले को उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह ने गंभीरता से लिया है। स्थानीय समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद उपायुक्त ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए जिला स्तरीय जांच समिति का गठन किया है।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

गठित समिति में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सरायकेला श्री अभिनव प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह तथा सदर अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति मांझी को शामिल किया गया है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह जच्चा-बच्चा की मौत के कारणों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा करे।
इसी क्रम में रविवार को उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह की उपस्थिति में जिला स्तरीय समिति ने सीएचसी, राजनगर पहुंचकर मामले की जांच की। इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, चिकित्सा उपकरणों, जनरेटर, सोलर लाइट, इनवर्टर सहित वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता और कार्यक्षमता की समीक्षा की गई।

Book your slot today : +91 7250214782

जांच के दौरान चिकित्सकों एवं नर्सिंग कर्मियों से विस्तृत पूछताछ की गई। अस्पताल कर्मियों के अनुसार, प्रसूता की मौत अत्यधिक रक्तस्राव एवं रक्तचाप में अचानक गिरावट के कारण हुई। उन्होंने बताया कि आवश्यक उपचार एवं दवाइयों के माध्यम से स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, लेकिन सुधार नहीं हो सका, जिसके बाद प्रसूता एवं नवजात शिशु की मृत्यु हो गई।
उपायुक्त ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक, नर्स, एएनएम एवं अन्य कर्मियों से सख्ती से पूछताछ करते हुए यह भी सवाल किया कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में मोबाइल टॉर्च के सहारे प्रसव क्यों कराया गया और वैकल्पिक व्यवस्था समय पर क्यों सुनिश्चित नहीं की गई।

Book your slot today : +91 7250214782

उपायुक्त ने समिति को सीसीटीवी फुटेज की जांच करने तथा सभी तथ्यों का गहन परीक्षण कर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही दोषी पाए जाने वाले चिकित्सकों एवं कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिलेवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी राजनगर, अंचल अधिकारी राजनगर, एमओआईसी राजनगर सहित अन्य चिकित्सा एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।

राजनगर सीएचसी में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, लापरवाही के आरोप में प्रशासन सख्त, जांच शुरू

राजनगर सीएचसी में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, लापरवाही के आरोप में प्रशासन सख्त, जांच शुरू

राजनगर (सरायकेला-खरसावां) | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), राजनगर में विगत गुरुवार की रात प्रसव के दौरान कथित लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

उपायुक्त नितीश कुमार सिंह के निर्देश पर गठित जांच कमेटी ने रविवार को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), सरायकेला अभिनव प्रकाश के नेतृत्व में राजनगर सीएचसी पहुंचकर प्रारंभिक जांच की। इस दौरान घटना की पूरी परिस्थितियों की बारीकी से पड़ताल की गई। ड्यूटी पर तैनात नर्सों और जनरेटर ऑपरेटर से एसडीओ ने गहन पूछताछ की। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. शिवशंकर कुंकल मौके पर उपस्थित नहीं थे। एसडीओ ने उन्हें तथा प्रसव में शामिल नर्सिंग स्टाफ को तलब कर अलग से पूछताछ करने की बात कही है।

Book your slot today : +91 7250214782

प्रशासन की प्रारंभिक जांच का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद अस्पताल में उपलब्ध वैकल्पिक व्यवस्थाओं—जैसे सोलर सिस्टम और जनरेटर—का उपयोग क्यों नहीं किया गया। एसडीओ अभिनव प्रकाश ने सोलर सिस्टम, इन्वर्टर और जनरेटर की स्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया और संबंधित कर्मियों से जवाब-तलब किया।
पूछताछ के दौरान पूर्व चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अर्जुन सोरेन ने बताया कि घटना की रात सोलर बैटरी चार्ज नहीं थी और सोलर सिस्टम के उपयोग के कारण पिछले छह महीनों से जनरेटर (डीजी) का उपयोग नहीं हुआ था, जिससे उसकी स्थिति ठीक नहीं रही।

Book your slot today : +91 7250214782

इस पर एसडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनरेटर के रखरखाव और ईंधन पर हुए खर्च की भी विस्तृत जांच के निर्देश दिए।
एसडीओ ने स्पष्ट किया कि उपायुक्त के निर्देश पर जांच कमेटी का गठन किया गया है और प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद जनरेटर नहीं चलाया गया, जो गंभीर लापरवाही का संकेत है। आगे भी विस्तृत जांच की जाएगी और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व नर्सों से पूछताछ के बाद जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जाएगी। दोषी पाए जाने वाले सभी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दहीबड़ा खाने से 58 लोग बीमार, 27 बच्चे शामिल; जांच के लिए तीन टीमें गठित

दहीबड़ा खाने से 58 लोग बीमार, 27 बच्चे शामिल; जांच के लिए तीन टीमें गठित

ओडिशा | ओडिशा के जाजपुर जिले के एक गांव में दहीबड़ा खाने के बाद 58 लोग बीमार हो गए, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल हैं। सभी प्रभावितों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, खाने में क्या गड़बड़ी थी, इसका अभी स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है और मामले की जांच जारी है।

Book your slot today : +91 7250214782

घटना की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने तुरंत तीन जांच टीमों का गठन किया है। वहीं, संबंधित मंत्री ने भी अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हालचाल जाना और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

Book your slot today : +91 7250214782

झारखंड में सड़क हादसे पर बढ़ी अनुग्रह राशि, अब मृतक के आश्रितों को मिलेंगे 4 लाख रुपए।

झारखंड में सड़क हादसे पर बढ़ी अनुग्रह राशि, अब मृतक के आश्रितों को मिलेंगे 4 लाख रुपए।

रांची | झारखंड सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को बड़ी राहत देते हुए अनुग्रह राशि में चार गुना बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में हुई झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया।
नई व्यवस्था के तहत अब सड़क हादसे में मृत व्यक्ति के आश्रितों को 4 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, जबकि पहले यह राशि 1 लाख रुपये थी। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से प्रभावित परिवारों को आर्थिक रूप से बड़ी मदद मिलेगी।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

बैठक में अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया को भी सरल बनाने का फैसला किया गया। इसके तहत संबंधित जिले के उपायुक्त (डीसी) द्वारा घटना का सत्यापन किए जाने के बाद ही सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ने और दोहरे भुगतान की संभावना समाप्त होने की उम्मीद जताई गई है।

Book your slot today : +91 7250214782

इसके अलावा, ‘अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम’ के अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार में कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारियों की सेवा अवधि को वित्तीय वर्ष 2026-27 तक बढ़ाने को मंजूरी दी गई।
बैठक में ‘युवा आपदा मित्र योजना’ को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। Dumka, Godda, Pakur और Sahibganj जिलों में संचालित इस योजना के तहत स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार कर उन्हें इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम से जोड़ने का निर्णय लिया गया।

Book your slot today : +91 7250214782

मुख्यमंत्री ने योजना के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने तथा स्वयंसेवकों को भत्ता देने का प्रस्ताव लाने के निर्देश भी दिए।
राज्य में डूबने से होने वाली मौतों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ‘संप्रति-48’ योजना के तहत गोताखोरों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार का कहना है कि इन पहलों से आपदा प्रबंधन प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी तथा जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सकेगी।

खरसावां में महा रक्तदान शिविर का आयोजन, 80 यूनिट रक्त संग्रहित

खरसावां में महा रक्तदान शिविर का आयोजन, 80 यूनिट रक्त संग्रहित

खरसावां | प्रखंड मुख्यालय में बुधवार को प्रखंड प्रशासन एवं “समस्त रक्तवीर खरसावां” के संयुक्त तत्वावधान में एक महा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 80 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रधान माझी, अंचल अधिकारी कप्तान सिंकू, खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार, प्रखंड प्रमुख मनेन्द्र जामुदा एवं जिला परिषद सदस्य काली चरण बानरा सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

इस अवसर पर बीडीओ प्रधान माझी ने कहा कि विज्ञान ने भले ही काफी प्रगति कर ली हो, लेकिन रक्त का निर्माण आज भी मशीन से संभव नहीं है। रक्त केवल मानव शरीर से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवीय संवेदना का सर्वोत्तम उदाहरण है, क्योंकि रक्त किसी जाति, धर्म या मजहब को नहीं देखता, बल्कि केवल जीवन बचाने का कार्य करता है। उन्होंने यह भी बताया कि नियमित रक्तदान से हार्ट अटैक की संभावना कम होती है, रक्त पतला रहता है और थक्के जमने का खतरा घटता है। साथ ही, इससे वजन भी नियंत्रित रहता है। उन्होंने लोगों से वर्ष में कम से कम दो बार रक्तदान करने की अपील की।

Book your slot today : +91 7250214782

अंचल अधिकारी कप्तान सिंकू ने रक्तदान को एक अत्यंत सराहनीय एवं मानवहितकारी कार्य बताते हुए कहा कि इसके लिए खरसावां वासी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली, स्वच्छता और सकारात्मक सोच के साथ समाज सेवा में आगे आने का आह्वान किया।
शिविर के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रक्तदान किया और रक्तदाताओं के बीच प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

Book your slot today : +91 7250214782

इन लोगों को किया गया सम्मानित
सरायकेला-खरसावां मॉडल महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बिनय कुमार सिंह को अब तक 81 बार रक्तदान एवं 79 बार कैंसर पीड़ितों के लिए प्लेटलेट्स डोनेट करने सहित कुल 160 बार रक्त एवं प्लेटलेट्स दान करने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा खरसावां के शिक्षाविद् एवं समाजसेवी आलोक दास (36 बार रक्तदान), प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रधान माझी (31 बार रक्तदान) तथा अंचल अधिकारी कप्तान सिंकू (12 बार रक्तदान) को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उप प्रमुख ज्योत्सना मंडल, जिला परिषद सदस्य सावित्री बानरा, मुखिया सुनिता तापे, प्रभाकर मंडल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

आयुष सेवाओं में सुधार पर जोर, उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

आयुष सेवाओं में सुधार पर जोर, उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

चाईबासा | जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को आयुष विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित आयुष सेवाओं, विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने आयुष केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, चिकित्सकों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आयुष पद्धति के माध्यम से आमजन को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

Book your slot today : +91 7250214782

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रोस्टर के अनुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से आयुष शिविर (कैम्प) आयोजित किए जाएं, ताकि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को भी इन सेवाओं का लाभ मिल सके।

Book your slot today : +91 7250214782

बैठक में आयुष योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जन-जागरूकता बढ़ाने और गांवों तक सेवाओं की पहुंच को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
प्रशासन का उद्देश्य आयुष सेवाओं को सशक्त बनाकर आम जनता तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।

जमशेदपुर में चिकन पॉक्स का कहर, घाघीडीह बस्ती में तीन संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

जमशेदपुर में चिकन पॉक्स का कहर, घाघीडीह बस्ती में तीन संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

जमशेदपुर | शहर में बढ़ती गर्मी के साथ मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इसी क्रम में बागबेड़ा स्थित घाघीडीह बस्ती में चिकन पॉक्स (चेचक) के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। संक्रमण की पुष्टि होते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।
बुधवार को मामले की जानकारी मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देश पर जिला सर्विलांस टीम प्रभावित क्षेत्र में पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद संक्रमण के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से पूरे इलाके में डोर-टू-डोर सर्वे अभियान चलाया गया।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. असद के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने घाघीडीह बस्ती में सघन जांच अभियान संचालित किया। सर्वे के दौरान तीन लोगों में चिकन पॉक्स की पुष्टि हुई है, जबकि दो अन्य संदिग्ध मरीजों के नमूने लेकर जांच के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला भेजे गए हैं। टीम में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ सहिया और एएनएम भी शामिल हैं, जो लगातार क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं।

Book your slot today : +91 7250214782

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, गर्मी के मौसम में वैरिकेला-जोस्टर वायरस अधिक सक्रिय हो जाता है। बढ़ते तापमान और कमजोर होती रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण यह संक्रमण तेजी से फैल सकता है, विशेषकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में। अधिकारियों ने बताया कि समय पर पहचान और आवश्यक सावधानियों से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

Book your slot today : +91 7250214782

इस बीच स्वास्थ्य टीम ने स्थानीय लोगों को जागरूक करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों को संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखने, घर और आसपास साफ-सफाई रखने तथा बुखार, शरीर पर लाल दाने या खुजली जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल पर ध्यान देने को कहा गया है, क्योंकि वे इस संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी व्यापक स्तर पर जांच एवं जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

मलेरिया जागरूकता अभियान के लिए 16 वॉलिंटियर चयनित, गुंडीजोड़ा के पप्पु गौड़ बने प्रतिनिधि

मलेरिया जागरूकता अभियान के लिए 16 वॉलिंटियर चयनित, गुंडीजोड़ा के पप्पु गौड़ बने प्रतिनिधि

नोवामुंडी | नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत रुतागुटू स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस पहल के तहत प्रखंड के विभिन्न गांवों में जागरूकता अभियान चलाने के लिए कुल 16 वॉलिंटियर का चयन किया गया है।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया से बचाव, उसके लक्षणों की पहचान तथा समय पर उपचार की जानकारी लोगों तक पहुंचाना है,


Book your slot today : +91 7250214782

ताकि इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
इसी क्रम में गुंडीजोड़ा गांव से पप्पु गौड़ का चयन वॉलिंटियर के रूप में किया गया है।


Book your slot today : +91 7250214782

वे अपने क्षेत्र में लोगों को मलेरिया से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करेंगे और स्वास्थ्य विभाग के इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।