चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर चाईबासा प्रखंड स्थित सामुदायिक आजीविका समूह में सखी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त मनीष कुमार ने समाहरणालय सभागार से उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार एवं सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल की मौजूदगी में वर्चुअल माध्यम से शिरकत की। जिले के सभी प्रखंडों से स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचाने तथा लंबित मामलों का नियमित फॉलोअप करने पर जोर दिया।
“पहचान से समृद्धि” अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
बैठक में “पहचान से समृद्धि” अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने जिले के सभी स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों का ई-केवाईसी पूर्ण कराने तथा प्रत्येक सदस्य की व्यक्तिगत बैंक पासबुक को अद्यतन रखने का निर्देश दिया। साथ ही, मोबाइल नंबर का सत्यापन कर संबंधित अभिलेखों एवं पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी को भी अद्यतन करने को कहा।

उपायुक्त ने कहा कि “पहचान से समृद्धि” अभियान का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उनकी सशक्त पहचान के साथ वित्तीय एवं बैंकिंग सेवाओं, ऋण सुविधा, आजीविका के अवसरों और विभिन्न सरकारी योजनाओं से बेहतर तरीके से जोड़ना है। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान के दौरान किसी भी पात्र सदस्य की जानकारी अधूरी न रहे और प्रत्येक महिला को उसकी पात्रता के अनुसार योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए नियमित फॉलोअप किया जाए।

उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बैंकिंग सुविधाओं के प्रति जागरूक करने, बचत की आदत को बढ़ावा देने तथा स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आय के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
पात्र लाभुकों को पशुधन योजना से जोड़ने का निर्देश
पशुपालन एवं आजीविका से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने पशु सखियों की सूची मंगाकर उसका अद्यतन एवं सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों की पहचान कर उन्हें पशुधन योजना से जोड़ा जाए, ताकि ग्रामीण परिवारों एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आजीविका को और मजबूत किया जा सके।

मुद्रा ऋण और सीसीएल वितरण में तेजी लाने के निर्देश
उपायुक्त ने मुद्रा ऋण से संबंधित प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने तथा पात्र लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऋण से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब नहीं होने देने तथा पात्र लाभुकों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को कहा।
वित्तीय समावेशन की समीक्षा के क्रम में लंबित मामलों में सीसीएल वितरण की प्रक्रिया में भी तेजी लाने तथा संबंधित मामलों का नियमित फॉलोअप करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होने से उनकी आजीविका गतिविधियों और सामूहिक उद्यमों को गति मिलेगी।

वर्षा ऋतु में स्वास्थ्य एवं मच्छरजनित रोगों से बचाव को लेकर जागरूकता
वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों के माध्यम से गांवों तक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने सदस्यों एवं ग्रामीण परिवारों को गर्म पानी का सेवन करने तथा मच्छरों से बचाव के लिए नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने के प्रति जागरूक और प्रोत्साहित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने-अपने गांवों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए समूह की बैठकों एवं सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाए।
एसआईआर प्रक्रिया में पात्र व्यक्तियों का नाम सुनिश्चित कराने का निर्देश
बैठक में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी व्यापक जागरूकता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित व्यक्तियों को एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम प्रक्रिया के दौरान छूटने न पाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज नहीं है, तो संबंधित व्यक्ति अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए नाम दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों से भी अपने परिवार एवं आसपास के पात्र नागरिकों को इस संबंध में जागरूक करने की अपील की गई।
निर्णयों के समयबद्ध अनुपालन पर जोर
कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को बैठक में लिए गए निर्णयों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने योजनाओं एवं गतिविधियों की नियमित समीक्षा, लंबित मामलों के फॉलोअप तथा प्रगति की निरंतर निगरानी करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
उपायुक्त ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम हैं। समूह की प्रत्येक महिला को उसकी पहचान के साथ वित्तीय अवसरों, आजीविका, ऋण एवं सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

