चाईबासा। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में न्याय की गुहार लेकर पहुंची महिला के साथ पुलिसकर्मी द्वारा कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन द्वारा झामुमो-कांग्रेस सरकार पर निशाना साधे जाने के बाद झामुमो पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

बुधराम लागुरी ने कहा कि मामले के मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी हो चुकी है और घटना के समय थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। ऐसे में भाजपा नेताओं द्वारा राजनीतिक बयानबाजी और राजनीतिक नौटंकी करने का कोई औचित्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि गम्हरिया की घटना अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। यदि कानून के रक्षक की वर्दी पहनकर किसी पुलिसकर्मी ने ऐसी घिनौनी हरकत की है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़िता को न्याय दिलाना और दोषी को सजा दिलाना सरकार एवं पुलिस प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। हालांकि, ऐसी संवेदनशील घटना को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हथियार बनाना उचित नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था पर बयानबाजी करने से पहले उन्हें अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान राज्य की स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी आत्ममंथन करना चाहिए। सत्ता में रहते हुए जिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया, उन पर आज केवल राजनीतिक बयान देना जनता के सवालों का जवाब नहीं है।

बुधराम लागुरी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेती है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी अपराध में संलिप्त व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई उसकी राजनीतिक या प्रशासनिक पहुंच के आधार पर नहीं, बल्कि कानून के अनुसार होनी चाहिए।

उन्होंने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को लोकतंत्र, आदिवासी अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारियों पर भी आत्ममंथन करना चाहिए। आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा केवल भाषणों से नहीं, बल्कि उनके संवैधानिक एवं सामाजिक अधिकारों का सम्मान करने से होगी।

उन्होंने आगे कहा कि झारखंड की जनता राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास चाहती है। महिलाओं की सुरक्षा किसी भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। गम्हरिया की घटना की निष्पक्ष जांच हो, पीड़िता को न्याय मिले और दोषी के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में कोई भी वर्दीधारी अपने पद का दुरुपयोग करने की हिम्मत न करे।
अंत में बुधराम लागुरी ने कहा कि झारखंड की जनता सब कुछ देख और समझ रही है। राज्य के संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय सभी राजनीतिक दलों को कानून का शासन मजबूत करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

