कांड्रा | एसकेजी कॉलोनी स्थित शिव मंदिर प्रांगण में स्थापित सोलर जलमीनार पिछले लगभग छह महीनों से रखरखाव के अभाव और तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा है। इसके चलते मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, जलमीनार के बंद रहने से मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान पानी की उपलब्धता नहीं हो पाती, जिससे श्रद्धालुओं को काफी असुविधा होती है। वहीं, भीषण गर्मी के इस मौसम में आसपास के निवासियों को भी पानी के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि सोलर जलमीनार की शीघ्र मरम्मत कर उसे पुनः चालू किया जाए, ताकि मंदिर परिसर में जलापूर्ति बहाल हो सके और लोगों को राहत मिल सके।
सरायकेला | सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय, सरायकेला में रविवार को संकुल स्तरीय एक दिवसीय भाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में शिशु मंदिर सरायकेला, सिनि, महालीमुरूप, बड़बंबो और बुरूडीह के हिंदी, अंग्रेजी एवं संस्कृत विषय के आचार्य एवं दीदी शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत वंदना से हुई, जिसके उपरांत विद्यालय के प्रधानाचार्य पार्थ सारथी आचार्य ने आगंतुक अतिथियों का परिचय कराया। विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष रामनाथ आचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा एक आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है और वर्तमान शिक्षण पद्धति बाल-केंद्रित है। उन्होंने कहा कि शिक्षण के दौरान विभिन्न युक्तियों का प्रयोग किया जाता है तथा भाषा और साहित्य में व्याख्या का विशेष महत्व होता है। इस दौरान उन्होंने शिक्षण विधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित मास्टर ट्रेनर सह प्रधानाचार्य तरुण सिंह ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं और बच्चों के भविष्य को आकार देने में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि भाषा के बिना शिक्षा की कल्पना संभव नहीं है। बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान करना शिक्षकों के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। इस अवसर पर उन्होंने नई शिक्षा नीति की भी जानकारी दी।
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द्वितीय सत्र में सभी आचार्य एवं दीदी ने पंचपदी शिक्षण पद्धति के आधार पर अपने-अपने शिक्षण कार्य का प्रस्तुतीकरण किया। इस दौरान अध्यक्ष रामनाथ आचार्य, गुरु चरण महतो एवं प्रसाद महतो ने शिक्षण कार्य का सूक्ष्म निरीक्षण किया।
चौथे सत्र में प्रस्तुत शिक्षण कार्यों की समीक्षा की गई। इस क्रम में रामनाथ आचार्य ने आचार्य एवं दीदी से विषय से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका संतोषजनक उत्तर दिया गया। कार्यशाला में शिशु मंदिर सरायकेला, सिनि, महालीमुरूप, बड़बंबो और बुरूडीह के भाषा आचार्य, दीदी एवं प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। अंत में शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
राजनगर (सरायकेला-खरसावां) | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), राजनगर में विगत गुरुवार की रात प्रसव के दौरान कथित लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
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उपायुक्त नितीश कुमार सिंह के निर्देश पर गठित जांच कमेटी ने रविवार को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), सरायकेला अभिनव प्रकाश के नेतृत्व में राजनगर सीएचसी पहुंचकर प्रारंभिक जांच की। इस दौरान घटना की पूरी परिस्थितियों की बारीकी से पड़ताल की गई। ड्यूटी पर तैनात नर्सों और जनरेटर ऑपरेटर से एसडीओ ने गहन पूछताछ की। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. शिवशंकर कुंकल मौके पर उपस्थित नहीं थे। एसडीओ ने उन्हें तथा प्रसव में शामिल नर्सिंग स्टाफ को तलब कर अलग से पूछताछ करने की बात कही है।
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प्रशासन की प्रारंभिक जांच का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद अस्पताल में उपलब्ध वैकल्पिक व्यवस्थाओं—जैसे सोलर सिस्टम और जनरेटर—का उपयोग क्यों नहीं किया गया। एसडीओ अभिनव प्रकाश ने सोलर सिस्टम, इन्वर्टर और जनरेटर की स्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया और संबंधित कर्मियों से जवाब-तलब किया। पूछताछ के दौरान पूर्व चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अर्जुन सोरेन ने बताया कि घटना की रात सोलर बैटरी चार्ज नहीं थी और सोलर सिस्टम के उपयोग के कारण पिछले छह महीनों से जनरेटर (डीजी) का उपयोग नहीं हुआ था, जिससे उसकी स्थिति ठीक नहीं रही।
इस पर एसडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनरेटर के रखरखाव और ईंधन पर हुए खर्च की भी विस्तृत जांच के निर्देश दिए। एसडीओ ने स्पष्ट किया कि उपायुक्त के निर्देश पर जांच कमेटी का गठन किया गया है और प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद जनरेटर नहीं चलाया गया, जो गंभीर लापरवाही का संकेत है। आगे भी विस्तृत जांच की जाएगी और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व नर्सों से पूछताछ के बाद जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जाएगी। दोषी पाए जाने वाले सभी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनगर | राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में जो हुआ, वह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम की नंगी सच्चाई है। जहाँ जननी की सुरक्षा होनी चाहिए थी, वहाँ अंधेरा था, बिजली तक नहीं। जहाँ डॉक्टरों की जिम्मेदारी होनी चाहिए थी, वहाँ गैरहाजिरी और लापरवाही थी।
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एक माँ और उसका मासूम बच्चा इस भ्रष्ट और लापरवाह व्यवस्था की बलि चढ़ गए। यह सीधे-सीधे स्वास्थ्य तंत्र की असफलता नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की संवेदनहीनता और कर्तव्यहीनता का परिणाम है।
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एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व प्रत्याशी रहे धी रामहरि पेरियार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, यह हादसा नहीं, बल्कि अबुआ सरकार के सिस्टम द्वारा की गई हत्या है।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में शामिल सभी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए। उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। स्वास्थ्य केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी के लिए जवाबदेही तय की जाए। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो एंटी करप्शन ऑफ इंडिया सड़कों पर उतरकर जनआंदोलन करने को मजबूर होगा। अब सवाल सीधा है, गरीबों की जान की कोई कीमत है या नहीं? कब तक कागजों में विकास और जमीन पर मौत का खेल चलता रहेगा?
चाईबासा | कांग्रेस भवन चाईबासा में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रीतम बांकिरा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष प्रीतम बांकिरा ने कहा कि संगठनात्मक चुनाव के बाद जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक कमेटियों का विस्तार अब तक नहीं हो पाया है, जिससे संगठन की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अगले 10 दिनों के भीतर जिला, विधानसभा और प्रखंड कमेटियों का विस्तार सुनिश्चित किया जाए।
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उन्होंने आगे बताया कि संगठन विस्तार के बाद एक जिला स्तरीय युवा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी को आमंत्रित किया जाएगा। जिलाध्यक्ष ने आगामी एक महीने के लिए कार्ययोजना भी साझा की, जिसमें प्रमुख बिंदु शामिल हैं— संगठन को मजबूत करने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष अभियान चलाकर युवाओं और महिलाओं को जोड़ा जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून में किए गए बदलावों को लेकर मजदूरों से पंचायत स्तर पर संवाद किया जाएगा। सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से जनांदोलन चलाया जाएगा।
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सदर अस्पताल चाईबासा में ब्लड बैंक को पुनः चालू कराने के लिए संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को रक्त की सुविधा मिल सके। पेशा कानून को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक दीनबंधु बोयपाई, जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, सरायकेला-खरसावां के पूर्व युवा जिलाध्यक्ष पीके मिश्रा, युवा नेता सन्नी संदीप देवगम, सूरज तामसोय, जिला महासचिव राजीव बोयपाई, मझगांव विधानसभा अध्यक्ष त्रिलोक हेंबरोम, मझगांव प्रखंड अध्यक्ष सुकरा लोहार, कुमारडूंगी प्रखंड अध्यक्ष डुलेन तामसोय, तांतनगर प्रखंड अध्यक्ष रूपेश पुरती, हाटगमहारिया प्रखंड अध्यक्ष कृपा कुलडीह, सन्नी रॉबर्ट अंथोनी, मिली बिरुवा, कंचन गागराई, सिमरन देवगम, ज्योति मुंडरी, अजय जोंको, जॉर्ज, महावीर मिंज सहित कई युवा कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
चाईबासा {पश्चिमी सिंहभूम} | झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में शिक्षा विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, टोंटो में वित्तीय प्रबंधन और सामग्री आपूर्ति में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की आशंका सामने आई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) टोनी प्रेमराज टोप्पो के औचक निरीक्षण में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
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ड्रेस वितरण में भारी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि छात्राओं को सत्र की स्कूल ड्रेस अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कक्षा 10वीं और 12वीं की कई छात्राएं विद्यालय छोड़ चुकी हैं, लेकिन उन्हें भी ड्रेस नहीं मिली। यह मामला ड्रेस आपूर्ति में लापरवाही और संभावित फंड दुरुपयोग की ओर संकेत करता है।
खाद्य सामग्री आपूर्ति में अनियमितता
विद्यालय में सामग्री आपूर्ति के लिए दो फर्मों का चयन किया गया है—
सूत्रों के अनुसार, बिरसा ट्रेडर्स का संचालन शिक्षा विभाग से जुड़े एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान भंडार गृह में हल्दी और सब्जी मसाला जैसी सामग्री निविदा की शर्तों के अनुरूप नहीं पाई गई। हैरानी की बात यह रही कि घटिया गुणवत्ता के बावजूद संबंधित वेंडर को भुगतान भी कर दिया गया था।
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लेखापाल अनुपस्थित, रजिस्टर गायब
विद्यालय की लेखापाल सह कंप्यूटर ऑपरेटर विनिया कुमारी निरीक्षण के समय बिना सूचना के अनुपस्थित पाई गईं। उपस्थिति पंजी में ‘विशेष अवकाश’ दर्ज था, लेकिन उसका कोई स्वीकृत आवेदन उपलब्ध नहीं था। नियमानुसार विशेष अवकाश के दौरान आवासीय परिसर में रहना अनिवार्य होता है। डीईओ द्वारा वार्डेन के माध्यम से संपर्क करने पर उन्होंने आने से इनकार कर दिया और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। इसके साथ ही विद्यालय के महत्वपूर्ण वित्तीय अभिलेख (रजिस्टर) भी गायब पाए गए, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई।
छात्राओं के बयान और स्थलीय जांच के आधार पर प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने पर डीईओ ने सख्त कदम उठाए हैं—
• लेखापाल विनिया कुमारी का मानदेय तत्काल प्रभाव से स्थगित • विद्यालय के सभी वित्तीय लेन-देन पर रोक • संबंधित कर्मियों को दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश
जांच के मुख्य बिंदु
• छात्राओं को समय पर स्कूल ड्रेस नहीं मिली • 10वीं और 12वीं की छात्राएं बिना ड्रेस लिए विद्यालय छोड़ गईं • निविदा शर्तों का उल्लंघन कर घटिया खाद्य सामग्री की आपूर्ति • गुणवत्ता जांच के बिना वेंडर्स को भुगतान •लेखापाल बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित • निरीक्षण के दौरान महत्वपूर्ण रजिस्टर गायब • मानदेय भुगतान पर रोक • विद्यालय के वित्तीय कार्यों को अस्थायी रूप से फ्रीज किया गया इस पूरे मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
रांची | झारखंड में क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राजधानी रांची स्थित JSCA International Stadium Complex में जल्द ही झारखंड T20 लीग का आयोजन होने जा रहा है। इस लीग को Indian Premier League (आईपीएल) की तर्ज पर आयोजित किया जाएगा, जिससे राज्य के उभरते क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
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यह लीग Jharkhand State Cricket Association (JSCA) द्वारा आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के विभिन्न जिलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
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गौरतलब है कि झारखंड पहले ही क्रिकेट जगत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। Mahendra Singh Dhoni जैसे विश्वविख्यात खिलाड़ी ने देश को गौरवान्वित किया है। इसके अलावा Shahbaz Nadeem, Saurabh Tiwary और Varun Aaron जैसे खिलाड़ियों ने भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से राज्य का नाम रोशन किया है।
झारखंड T20 लीग के माध्यम से अब नई प्रतिभाओं को भी आगे आने का अवसर मिलेगा। यह लीग न केवल खिलाड़ियों के कौशल को निखारेगी, बल्कि राज्य में क्रिकेट के प्रति उत्साह को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी।
चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम) | जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आवास आवंटन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्थापना उपसमाहर्ता कुमार हर्ष, भवन प्रमंडल के अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि जिले में कुल 132 सरकारी क्वार्टर उपलब्ध हैं, जिनमें से 110 का आवंटन हो चुका है, जबकि 22 क्वार्टर खाली या जर्जर स्थिति में हैं। उपलब्ध क्वार्टरों में ए टाइप के 24, बी टाइप के 37, सी टाइप के 30, डी टाइप के 33 और ई टाइप के 8 क्वार्टर शामिल हैं।
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समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे कर्मियों की सूची तैयार की जाए, जो क्वार्टर में निवासरत हैं लेकिन हाउस रेंट का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, स्थानांतरण के बाद भी क्वार्टर खाली नहीं करने वाले कर्मियों तथा जर्जर भवनों की अलग-अलग सूची तैयार करने को कहा गया।
सरायकेला-खरसावां | झारखंड उच्च न्यायालय एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार सरायकेला मंडल कारा का निरीक्षण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) रामाशंकर सिंह के नेतृत्व में किया गया।
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निरीक्षण दल में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लूसी सोसेन टिग्गा, DLSA सचिव तौसीफ मेराज तथा एसडीजेएम-सह-प्रभारी न्यायाधीश आशीष अग्रवाल शामिल थे। टीम ने जेल के विभिन्न हिस्सों—बंदी वार्ड, महिला बंदी वार्ड, जेल अस्पताल एवं विधिक सहायता केंद्र—का निरीक्षण किया।
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इस दौरान DLSA अध्यक्ष ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। विशेष रूप से महिला बंदियों की शिकायतों एवं आवश्यकताओं पर ध्यान दिया गया। साथ ही, भोजन की गुणवत्ता और चिकित्सा सुविधाओं का भी जायजा लिया गया। निरीक्षण में कुछ कमियां सामने आने पर अध्यक्ष ने जेल प्रशासन को भोजन की गुणवत्ता में सुधार करने तथा परिसर में पेयजल से संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, यह निर्णय लिया गया कि जेल के मुलाकाती क्षेत्र में JHALSA के मार्गदर्शन में एक लीगल हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी, जिससे बंदियों के परिजनों को आवश्यक कानूनी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इस निरीक्षण को बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा और जेल व्यवस्थाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरायकेला-खरसावां | जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की पहल पर गम्हरिया प्रखंड के विजय गांव (पोस्ट–नारायणपुर) में एक नाबालिग लड़की का बाल विवाह समय रहते सफलतापूर्वक रोक दिया गया।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरायकेला महिला थाना में प्रतिनियुक्त पारा लीगल वालंटियर तारामणि बंडिया को बाल विवाह की सूचना मिली। उन्होंने तत्काल डीएलएसए के सचिव को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम को मौके पर भेजा गया।
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डीएलएसए की टीम में चाइल्डलाइन की प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर कविता मिश्रा, लेडी सुपरवाइजर माया रानी महतो, महिला थाना प्रभारी कुमारी तिलोतमा, पीएलवी संजीव सहित अन्य सदस्य शामिल थे। टीम मौके पर उस समय पहुंची, जब नाबालिग लड़की की हल्दी रस्म की तैयारी चल रही थी। अधिकारियों ने बच्ची के माता-पिता को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लगातार समझाने-बुझाने के बाद अभिभावक विवाह रोकने के लिए सहमत हो गए।
टीम ने यह भी आश्वासन दिया कि बच्ची की शिक्षा जारी रखने में हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही, आशा इकाई के माध्यम से सहयोग दिलाने और परिवार को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने की बात भी कही गई। डीएलएसए, चाइल्डलाइन और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से यह सराहनीय कार्य संभव हो पाया। समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई ने एक नाबालिग के भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।