राजनीति

चाईबासा : मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस की वर्चुअल बैठक, 5 जून तक आपत्ति दर्ज कराने की अपील

चाईबासा : मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस की वर्चुअल बैठक, 5 जून तक आपत्ति दर्ज कराने की अपील

चाईबासा | विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत गुरुवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, विशेषकर प्रखंड एवं नगर अध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों, प्रस्तावित जिला पदाधिकारियों तथा बीएलए-2 को संबोधित किया गया।
कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि सभी कार्यकर्ता अपने-अपने मतदान केंद्रों पर जाकर 23 मई 2026 से प्रदर्शित अनमैप्ड मतदाता सूची की अनिवार्य रूप से जांच करें। उन्होंने कहा कि मतदाता अपने नाम, परिवार के सदस्यों तथा अन्य सभी योग्य मतदाताओं के नामों को ध्यानपूर्वक देखें। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची में दर्ज है या किसी प्रकार की त्रुटि है, तो संबंधित बीएलओ से तुरंत संपर्क कर आपत्ति दर्ज कराएं तथा आवश्यक दस्तावेज जमा कर सुधार सुनिश्चित करें।

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उन्होंने जानकारी दी कि 30 और 31 मई 2026 (शनिवार एवं रविवार) को सभी बीएलओ अपने-अपने बूथ पर उपलब्ध रहेंगे। नाम सुधार अथवा आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 5 जून 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया का यह चरण अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी आवश्यक दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा की गई। त्रिशानु राय ने कहा कि सभी को मिलकर हर योग्य मतदाता के वोट को सुरक्षित करना और लोकतंत्र को मजबूत बनाना होगा। लोकतंत्र की रक्षा और प्रत्येक वोट की सुरक्षा हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है।

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वर्चुअल बैठक में कांग्रेस प्रदेश सचिव मायधर बेहरा, सकारी दोंगो, दिकु सावैयां, सीताराम गोप, सुखलाल हेम्ब्रम, शैलेश गोप, सुरज मुखी, विजय तिग्गा, मो. तस्लीम अंसारी, जम्बी कुदादा, समीर सुंडी, सुखन राम मुंडा, रंजीत सोय, पूर्णचंद्र कायम और कृष्णा सामड सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

हाथी हमले एवं वन्यजीव क्षति से प्रभावित परिवारों को मिला मुआवजा, विधायक सोनाराम सिंकू ने बांटी सहायता राशि

हाथी हमले एवं वन्यजीव क्षति से प्रभावित परिवारों को मिला मुआवजा, विधायक सोनाराम सिंकू ने बांटी सहायता राशि

आनंदपुर/चाईबासा | वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार के अंतर्गत पोड़ाहाट वन प्रमंडल, चाईबासा के आनंदपुर वन प्रक्षेत्र में गुरुवार को हाथी हमले एवं वन्यजीवों से हुई क्षति के प्रभावित परिवारों के बीच मुआवजा राशि का वितरण किया गया। कार्यक्रम में जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

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इस दौरान विधायक सोनाराम सिंकू ने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता राशि प्रदान करते हुए कहा कि राज्य सरकार मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, ऐसे में प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
ज्ञात हो कि ग्राम बारंगा निवासी स्वर्गीय लखन मुण्डा की हाथी के हमले में दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद विधायक ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया था। साथ ही विभागीय अधिकारियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई और शीघ्र मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, ताकि पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

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इसी क्रम में गुरुवार को स्वर्गीय लखन मुण्डा के परिजन गुमिंदा मुण्डा को ₹3,80,000 (तीन लाख अस्सी हजार रुपये) की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की गई। इससे पूर्व उन्हें तत्कालिक सहायता के रूप में ₹20,000 की राशि दी जा चुकी थी।
इसके अलावा ग्राम सिरका के कई प्रभावित परिवारों को भी आर्थिक सहायता दी गई। गुरवारी उरांव को खेत की फसल एवं भंडारित अनाज की क्षति के लिए ₹8,840, चुनानी तिग्गा को ₹7,800, राधी तिग्गा को ₹26,500, गंगाराम बाड़ा को ₹11,700, सोमरी बाड़ा को ₹22,750 तथा निदिया एक्का को ₹16,900 की सहायता राशि प्रदान की गई। वहीं, सोमारी बाड़ा को कच्चे मकान की गंभीर क्षति और एक खस्सी के नुकसान के एवज में ₹1,04,640 की आर्थिक सहायता दी गई।

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विधायक सोनाराम सिंकू ने कहा कि वन क्षेत्र से जुड़े गांवों में मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार और वन विभाग लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की।
कार्यक्रम में पोड़ाहाट वन क्षेत्र के वनरक्षी देशमुख तीयु एवं संतोष मरांडी सहित विभाग के अन्य कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

खरसावां मॉडल महाविद्यालय में प्रथम उपाधि वितरण समारोह का भव्य आयोजन, विद्यार्थियों को मिली डिग्री और मेडल

खरसावां मॉडल महाविद्यालय में प्रथम उपाधि वितरण समारोह का भव्य आयोजन, विद्यार्थियों को मिली डिग्री और मेडल

खरसावां | खरसावां प्रखंड के बदिराम स्थित सरायकेला-खरसावां मॉडल महाविद्यालय में गुरुवार को प्रथम “उपाधि वितरण समारोह-2026” का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में स्नातक उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को डिग्री एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा थे। कार्यक्रम का शुभारंभ अर्जुन मुंडा, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा तथा डॉ. मीरा मुंडा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर अर्जुन मुंडा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उपाधि प्राप्त करना जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के बल पर अर्जित सफलता विद्यार्थियों को भविष्य में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगी।

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उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आधार भी है। अर्जुन मुंडा ने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज एवं राष्ट्रहित में करने का आह्वान करते हुए कहा कि आज के युवा ही देश के भविष्य के निर्माता हैं और उनकी प्रतिभा झारखंड सहित पूरे देश को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।

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महाविद्यालय परिवार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्थान आने वाले समय में शिक्षा, अनुसंधान और संस्कार का उत्कृष्ट केंद्र बनेगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा व्यक्ति को बौद्धिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है। वहीं डॉ. मीरा मुंडा ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।

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कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. विनय कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष हरे कृष्ण प्रधान, जिला परिषद सदस्य सावित्री बानरा, प्रभाकर मंडल, सुधीर मंडल, उदय प्रताप सिंहदेव, विजय महतो, लखीराम मुंडा, रामनाथ महतो, अखिलेश महतो, दीपक माझी, आलोक दास, प्रदीप सिंहदेव, राहुल दास, मुरली प्रधान, बिषकठ प्रधान सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- राज्य का हित मेरे लिए सर्वोपरि

कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- राज्य का हित मेरे लिए सर्वोपरि

बेंगलुरु | कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने फैसले पर विस्तार से बात की। इस दौरान उनके साथ उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी मौजूद रहे। सिद्धारमैया ने कहा कि उनके लिए राज्य का हित सबसे ऊपर है और उनके इस निर्णय के साथ पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धारमैया ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि पार्टी हाईकमान ने उन्हें राज्यसभा जाने का सुझाव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे विनम्रता से टाल दिया। उन्होंने कहा, “मुझे जनता ने पांच साल के लिए चुना है। मैं यहीं रहकर राजनीति करूंगा, सक्रिय राजनीति में बना रहूंगा और सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ाई जारी रखूंगा।”

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हाईकमान के निर्देश के बाद सौंपा इस्तीफा
सिद्धारमैया ने बताया कि हाईकमान के निर्देश के बाद उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि राज्यपाल लौटने के बाद मेरे इस्तीफे को स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि यह संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।”
राज्यपाल बेंगलुरु से बाहर
उन्होंने जानकारी दी कि राज्यपाल फिलहाल बेंगलुरु में मौजूद नहीं हैं और देर रात लौटने वाले हैं। सिद्धारमैया ने कहा, “राज्यपाल कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार वे शहर से बाहर हैं। इसलिए मैंने अपना इस्तीफा उनके सचिव को कार्यालय में सौंप दिया है।”

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राज्यहित को बताया सर्वोपरि
सिद्धारमैया ने दोहराया कि उनका निर्णय पूरी तरह राज्य के हित को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के लौटने के बाद इस्तीफा मंजूर हो जाएगा और उन्हें इस प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है।
सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खरगे का जताया आभार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धारमैया ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “हमारे पास पूर्ण बहुमत है, इसलिए सरकार गठन की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होगी। मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझे यह अवसर दिया।”
‘मेरा राजनीतिक जीवन एक ओपन बुक’

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अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने कभी पद, पैसा या संपत्ति के पीछे राजनीति नहीं की। उन्होंने कहा, “मैंने 50 वर्षों तक राजनीति की है। मेरा राजनीतिक जीवन एक ओपन बुक है। मैंने कभी अधिकारियों या पैसे के पीछे नहीं भागा, जनता की सेवा ही मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण रही है।”
सिद्धारमैया के इस्तीफे और उनके बयानों के बाद कर्नाटक की राजनीति में नई चर्चाएं तेज हो गई हैं।

राज्यसभा चुनाव रणनीति पर मंथन के लिए 5 जून को झारखंड आएंगे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन

राज्यसभा चुनाव रणनीति पर मंथन के लिए 5 जून को झारखंड आएंगे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन

रांची | भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 5 जून को दो दिवसीय दौरे पर झारखंड पहुंचेंगे। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार करना बताया जा रहा है। इसके साथ ही वे प्रदेश नेतृत्व के साथ राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा करेंगे।

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जानकारी के अनुसार, नितिन नबीन 6 जून को पार्टी के मंडल पदाधिकारियों के सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके अलावा वे भाजपा कोर कमिटी की बैठक में हिस्सा लेकर संगठनात्मक कार्यों और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होना है। इन चुनावों में भाजपा ने पर्याप्त संख्याबल नहीं होने के बावजूद उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। पार्टी को उम्मीद है कि वह आवश्यक समर्थन जुटाने में सफल रहेगी।
भाजपा ने उम्मीदवार उतारने का लिया निर्णय
झारखंड भाजपा की चुनाव प्रबंध समिति की बैठक में राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार उतारने पर सहमति बन चुकी है। भाजपा के पास वर्तमान में 21 विधायक हैं और सहयोगी दलों को मिलाकर एनडीए के कुल 24 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के कम से कम 28 मतों की आवश्यकता होती है।

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भाजपा को भरोसा है कि वह चुनाव के दौरान जरूरी आंकड़ा हासिल कर लेगी। पार्टी नेताओं का मानना है कि सत्तापक्ष के कुछ विधायक ‘अंतरात्मा की आवाज’ पर मतदान कर सकते हैं। जेडीयू नेता खीरू महतो ने भी कहा है कि सत्तापक्ष में ऐसे विधायक हो सकते हैं जो केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों से प्रभावित हों और भविष्य में एनडीए सरकार बनने की संभावना को देखते हुए समर्थन दें।
एनडीए सहयोगियों से भी हो सकता है मंथन
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने दौरे के दौरान एनडीए के सहयोगी दलों—लोजपा (रामविलास), जेडीयू और आजसू पार्टी—के नेताओं के साथ भी बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं।

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भाजपा के फैसले पर झामुमो ने जताई आपत्ति
इधर, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा के उम्मीदवार उतारने के फैसले को लेकर केंद्रीय निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। झामुमो ने आरोप लगाया है कि पर्याप्त संख्याबल नहीं होने के बावजूद भाजपा उम्मीदवार उतारकर संभावित हॉर्स-ट्रेडिंग की स्थिति पैदा कर सकती है।
झामुमो का कहना है कि सत्तापक्ष के विधायकों को भय, दबाव या प्रलोभन के जरिए भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान के लिए प्रभावित किया जा सकता है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से केंद्रीय जांच एजेंसियों को सतर्क रहने का निर्देश देने की भी मांग की है।
वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि चुनाव लड़ना उसका संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है तथा किसी भी दल को चुनाव लड़ने से रोका नहीं जा सकता।

गोइलकेरा में दो महीने से ठप जलापूर्ति, बूंद-बूंद पानी को तरसे 250 घरों के लोग

गोइलकेरा में दो महीने से ठप जलापूर्ति, बूंद-बूंद पानी को तरसे 250 घरों के लोग

गोइलकेरा | गोइलकेरा बाजार क्षेत्र में पिछले करीब दो महीनों से पाइपलाइन आधारित जलापूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे लगभग 250 घरों के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण जलापूर्ति योजना बदहाल स्थिति में पहुंच गई है और स्थानीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
गोइलकेरा बाजार क्षेत्र के मेन रोड, बंगाली टोला, बिरसा टोली, टीचर्स कॉलोनी और क्रिस्तान टोली सहित कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति के लिए वर्ष 2010 में ग्रामीण जलापूर्ति योजना शुरू की गई थी। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की इस योजना का संचालन स्थानीय स्तर पर गठित समिति द्वारा किया जाता है। जलापूर्ति के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में डीप बोरिंग और पंप हाउस बनाया गया है, जबकि प्रखंड कार्यालय परिसर में ओवरहेड टैंक स्थापित है। इस योजना पर सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे।

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हालांकि, करीब डेढ़ दशक से यह योजना लगातार समस्याओं से जूझ रही है। समिति की निष्क्रियता, कुछ उपभोक्ताओं की मनमानी और विभागीय उदासीनता के कारण योजना का संचालन प्रभावित होता रहा है। दो महीने पहले पंप हाउस में लगा 12.5 एचपी मोटर जल जाने के बाद से जलापूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है। गर्मी के मौसम में पानी की आपूर्ति ठप रहने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलापूर्ति योजना शुरू होने के बाद से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत और सोलर जलमीनारों के रखरखाव पर भी ध्यान देना कम कर दिया है, जिससे वैकल्पिक पेयजल स्रोत भी प्रभावित हुए हैं।

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पाइपलाइन लीकेज और निर्माण त्रुटियां बनी बड़ी समस्या
योजना के तहत बाजार क्षेत्र में घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन नियमित रखरखाव के अभाव में कई स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज हो गया है। इसके कारण जलापूर्ति बार-बार प्रभावित होती रही है।
बताया जा रहा है कि इंदिरा चौक के पास पाइपलाइन में लीकेज के कारण करीब एक वर्ष से मेन रोड और स्टेशन रोड क्षेत्र में पानी की आपूर्ति बाधित थी। इसके अलावा निर्माण कार्य में तकनीकी त्रुटियों की भी शिकायतें सामने आई हैं। पंप हाउस और ओवरहेड टैंक के बीच अधिक दूरी तथा पाइपलाइन बिछाने के दौरान स्थानीय विरोध के कारण बदले गए लेआउट को भी मौजूदा समस्याओं का कारण माना जा रहा है।

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उपभोक्ताओं द्वारा शुल्क नहीं जमा करने से बढ़ी परेशानी
जलापूर्ति संचालन समिति के पदाधिकारी महेंद्र गंजू ने बताया कि योजना के संचालन और रखरखाव के लिए समिति को स्वयं फंड की व्यवस्था करनी पड़ती है। इसके लिए विभाग द्वारा निर्धारित 100 रुपये प्रतिमाह उपभोक्ता शुल्क लिया जाता है। हालांकि, अधिकांश उपभोक्ता समय पर शुल्क जमा नहीं करते, जिससे मरम्मत और रखरखाव के लिए आवश्यक राशि जुटाना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने कहा कि पर्याप्त फंड नहीं होने के कारण मोटर मरम्मत और अन्य तकनीकी समस्याओं के समाधान में देरी हो रही है, जिसका सीधा असर जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है।

चाईबासा में पंडित जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि मनाई गई, कांग्रेसियों ने दी श्रद्धांजलि

चाईबासा में पंडित जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि मनाई गई, कांग्रेसियों ने दी श्रद्धांजलि

चाईबासा | देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि बुधवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेहरू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा दो मिनट का मौन रखकर उनके योगदान को याद किया।

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कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू केवल भारत के पहले प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के निर्माता भी थे। उन्होंने ऐसे समय में देश का नेतृत्व किया, जब आजादी के बाद भारत कई चुनौतियों से जूझ रहा था और सामाजिक ताना-बाना बिखरा हुआ था।

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उन्होंने कहा कि नेहरू ने देश को एकजुटता के सूत्र में बांधते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य किया। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक, सशक्त और प्रगतिशील भारत के निर्माण तक उनके योगदान को राष्ट्र सदैव कृतज्ञता के साथ स्मरण करता रहेगा।
त्रिशानु राय ने कहा कि पंडित नेहरू की दूरदर्शिता, उनके विचार और राष्ट्र के प्रति समर्पित जीवन आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक भारत के विकास तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया।

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कार्यक्रम में कांग्रेस के डॉ. क्रांति प्रकाश, जय किशन सालबुनियां, राजेन्द्र कच्छप, परशुराम पान, संतोष सिन्हा, विनोद खण्डार्डत सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

चक्रधरपुर: ऐतिहासिक रानी तालाब के कायाकल्प की बड़ी पहल, ₹13.48 करोड़ से अधिक की योजनाओं का टेंडर जारी

चक्रधरपुर: ऐतिहासिक रानी तालाब के कायाकल्प की बड़ी पहल, ₹13.48 करोड़ से अधिक की योजनाओं का टेंडर जारी

चक्रधरपुर | शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर माने जाने वाले रानी तालाब के कायाकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। वर्षों से उपेक्षा का सामना कर रहे इस ऐतिहासिक तालाब के सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत विकास कार्यों के लिए नगर परिषद चक्रधरपुर द्वारा ₹13 करोड़ 48 लाख से अधिक की योजनाओं का टेंडर जारी किया गया है। इससे शहरवासियों में उत्साह का माहौल है।
नगर परिषद द्वारा जारी ई-टेंडर के तहत रानी तालाब से जुड़ी कुल पांच प्रमुख विकास योजनाओं पर कार्य कराया जाएगा। इन योजनाओं का उद्देश्य तालाब के संरक्षण के साथ-साथ शहर की स्वच्छता, जल निकासी व्यवस्था और सौंदर्य को बेहतर बनाना है।

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इन पांच योजनाओं पर होगा कार्य
1. रानी तालाब का सौंदर्यीकरण
‘Beautification of Rani Talab’ योजना के तहत तालाब के चारों ओर सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा।
लागत: ₹9,64,97,945
समय सीमा: 638 दिन
2. सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण
तालाब में गिरने वाले गंदे पानी की सफाई के लिए STP का निर्माण, संचालन और रखरखाव किया जाएगा।
लागत: ₹1,81,84,100
समय सीमा: 270 दिन
3. संजय नदी तक ड्रेनेज चैनल निर्माण (भाग-1)
RCC कलवर्ट और ड्रेनेज चैनल का निर्माण 0.0 किमी से 0.130 किमी तक कराया जाएगा।
लागत: ₹77,84,366
समय सीमा: 180 दिन
4. ड्रेनेज चैनल विस्तार (भाग-2)
ड्रेनेज चैनल का विस्तार 0.130 किमी से 0.332 किमी तक किया जाएगा।
लागत: ₹87,11,137
समय सीमा: 180 दिन
5. मिनी हाई मास्ट लाइट की स्थापना
नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर मिनी हाई मास्ट लाइट लगाई जाएगी, जिससे शहर की रोशनी व्यवस्था मजबूत होगी।
लागत: ₹35,36,950
समय सीमा: 120 दिन

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टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही है। विभागीय प्रावधानों के अनुसार ई-टेंडर और ईएमडी की प्रक्रिया के जरिए कार्यों का चयन किया जाएगा।

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स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों का मानना है कि रानी तालाब के पुनर्विकास से न केवल इसकी ऐतिहासिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि यह क्षेत्र पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी नई पहचान बना सकेगा। वर्षों से लंबित इस परियोजना के आगे बढ़ने से शहर में सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है।

गिरिडीह में सड़क की बदहाली बनी मजबूरी, गर्भवती महिला को खटिया एंबुलेंस से 4 किमी ले गए परिजन

गिरिडीह में सड़क की बदहाली बनी मजबूरी, गर्भवती महिला को खटिया एंबुलेंस से 4 किमी ले गए परिजन

गिरिडीह | झारखंड के सुदूरवर्ती इलाकों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड अंतर्गत मधुबन थाना क्षेत्र के दालुवाडीह गांव में सड़क नहीं होने के कारण गर्भवती महिला को खटिया एंबुलेंस के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ा। इस घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बढ़ गई है।

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प्रसव पीड़ा के बीच खटिया बनी एंबुलेंस
जानकारी के अनुसार, दालुवाडीह निवासी गर्भवती सुनीता सोरेन को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर एंबुलेंस बुलाने का प्रयास किया, लेकिन गांव तक सड़क नहीं होने का हवाला देते हुए एंबुलेंस गांव आने में असमर्थता जताई गई।
महिला दर्द से तड़प रही थी, ऐसे में परिजनों और ग्रामीणों ने मजबूरी में सुनीता सोरेन को खटिया पर लिटाया और उबड़-खाबड़ रास्तों से करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर पिपराडीह मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां किसी तरह वाहन की व्यवस्था कर उन्हें अस्पताल भेजा गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव तक सड़क बनी होती तो एंबुलेंस सीधे घर पहुंच सकती थी और महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल जाती। उन्होंने बताया कि पिपराडीह तक सड़क बनी हुई है, लेकिन उसके आगे आज तक सड़क निर्माण नहीं हो पाया है।

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सड़क नहीं होने से कई गांव प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की कमी से कुरुवारांड, दालुवाडीह, डाहिया, ईटाबेड़ा, गाड़ापरोम, सहेरबेड़ा, जिरबेड़ा, सतकटिया और बोरवाबेड़ा समेत कई गांव प्रभावित हैं। बारिश के मौसम में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
ग्रामीणों में आक्रोश, जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया। ग्रामीण बुधन सोरेन, सुशील मुर्मू, सानो मरांडी, गोपाल मुर्मू, सोमरा मुर्मू, पतिराम मरांडी और बाबूलाल हांसदा समेत कई लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया।
ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान विधायक, मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद गांव की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं देते। उनका आरोप है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई मरीजों को खटिया पर ढोकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई।

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‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ की चेतावनी
सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कड़ा रुख अपनाते हुए आगामी चुनाव में वोट बहिष्कार की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द सड़क निर्माण नहीं कराया गया, तो वे चुनाव में मतदान नहीं करेंगे।
ग्रामीणों ने एक स्वर में नारा दिया— “रोड नहीं तो वोट नहीं।”
खटिया एंबुलेंस के सहारे गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने की यह तस्वीर अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

मिठाईझरना गांव में पहली बार पहुंचा प्रशासनिक महकमा, ग्रामीण समस्याओं के समाधान की पहल

मिठाईझरना गांव में पहली बार पहुंचा प्रशासनिक महकमा, ग्रामीण समस्याओं के समाधान की पहल

पोटका | आजादी के 78 वर्षों और झारखंड राज्य गठन के 26 वर्षों बाद पहली बार पोटका विधानसभा के विधायक संजीव सरदार ने  सुदूरवर्ती मिठाईझरना गांव में पूरे प्रशासनिक महकमे के साथ बैठक आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याओं को नजदीक से सुन कर और उनके समाधान की दिशा में ठोस पहल की गई।

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घने जंगलों के बीच आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में पेयजल विभाग, आवास विभाग, बिजली विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग तथा वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान ग्रामीणों ने वर्षों से लंबित अपनी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “मुख्यमंत्री उज्ज्वल बिजली योजना” के तहत पहली बार इस क्षेत्र में बिजली पहुंचाने के लिए आधारशिला रखी गई। इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि बिजली पहुंचने से शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिलेगी।

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अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि एक महीने के भीतर गांव के सभी ग्रामीणों का आधार कार्ड पंजीकरण, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, वन पट्टा वितरण, राशन कार्ड सहित पेयजल और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।

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बैठक में यह भी दोहराया गया कि पोटका विधानसभा क्षेत्र का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से अछूता नहीं रहेगा और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।