#रांची #झारखंड #भाजपा #नितिन_नबीन #राज्यसभा_चुनाव #झारखंड_राजनीति #maskalnews

राज्यसभा चुनाव रणनीति पर मंथन के लिए 5 जून को झारखंड आएंगे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन

राज्यसभा चुनाव रणनीति पर मंथन के लिए 5 जून को झारखंड आएंगे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन

रांची | भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 5 जून को दो दिवसीय दौरे पर झारखंड पहुंचेंगे। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार करना बताया जा रहा है। इसके साथ ही वे प्रदेश नेतृत्व के साथ राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा करेंगे।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

जानकारी के अनुसार, नितिन नबीन 6 जून को पार्टी के मंडल पदाधिकारियों के सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके अलावा वे भाजपा कोर कमिटी की बैठक में हिस्सा लेकर संगठनात्मक कार्यों और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होना है। इन चुनावों में भाजपा ने पर्याप्त संख्याबल नहीं होने के बावजूद उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। पार्टी को उम्मीद है कि वह आवश्यक समर्थन जुटाने में सफल रहेगी।
भाजपा ने उम्मीदवार उतारने का लिया निर्णय
झारखंड भाजपा की चुनाव प्रबंध समिति की बैठक में राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार उतारने पर सहमति बन चुकी है। भाजपा के पास वर्तमान में 21 विधायक हैं और सहयोगी दलों को मिलाकर एनडीए के कुल 24 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के कम से कम 28 मतों की आवश्यकता होती है।

Book your slot today : +91 7250214782

भाजपा को भरोसा है कि वह चुनाव के दौरान जरूरी आंकड़ा हासिल कर लेगी। पार्टी नेताओं का मानना है कि सत्तापक्ष के कुछ विधायक ‘अंतरात्मा की आवाज’ पर मतदान कर सकते हैं। जेडीयू नेता खीरू महतो ने भी कहा है कि सत्तापक्ष में ऐसे विधायक हो सकते हैं जो केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों से प्रभावित हों और भविष्य में एनडीए सरकार बनने की संभावना को देखते हुए समर्थन दें।
एनडीए सहयोगियों से भी हो सकता है मंथन
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने दौरे के दौरान एनडीए के सहयोगी दलों—लोजपा (रामविलास), जेडीयू और आजसू पार्टी—के नेताओं के साथ भी बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं।

Book your slot today : +91 7250214782

भाजपा के फैसले पर झामुमो ने जताई आपत्ति
इधर, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा के उम्मीदवार उतारने के फैसले को लेकर केंद्रीय निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। झामुमो ने आरोप लगाया है कि पर्याप्त संख्याबल नहीं होने के बावजूद भाजपा उम्मीदवार उतारकर संभावित हॉर्स-ट्रेडिंग की स्थिति पैदा कर सकती है।
झामुमो का कहना है कि सत्तापक्ष के विधायकों को भय, दबाव या प्रलोभन के जरिए भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान के लिए प्रभावित किया जा सकता है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से केंद्रीय जांच एजेंसियों को सतर्क रहने का निर्देश देने की भी मांग की है।
वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि चुनाव लड़ना उसका संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है तथा किसी भी दल को चुनाव लड़ने से रोका नहीं जा सकता।