कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- राज्य का हित मेरे लिए सर्वोपरि

बेंगलुरु | कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने फैसले पर विस्तार से बात की। इस दौरान उनके साथ उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी मौजूद रहे। सिद्धारमैया ने कहा कि उनके लिए राज्य का हित सबसे ऊपर है और उनके इस निर्णय के साथ पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धारमैया ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि पार्टी हाईकमान ने उन्हें राज्यसभा जाने का सुझाव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे विनम्रता से टाल दिया। उन्होंने कहा, “मुझे जनता ने पांच साल के लिए चुना है। मैं यहीं रहकर राजनीति करूंगा, सक्रिय राजनीति में बना रहूंगा और सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ाई जारी रखूंगा।”

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

हाईकमान के निर्देश के बाद सौंपा इस्तीफा
सिद्धारमैया ने बताया कि हाईकमान के निर्देश के बाद उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि राज्यपाल लौटने के बाद मेरे इस्तीफे को स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि यह संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।”
राज्यपाल बेंगलुरु से बाहर
उन्होंने जानकारी दी कि राज्यपाल फिलहाल बेंगलुरु में मौजूद नहीं हैं और देर रात लौटने वाले हैं। सिद्धारमैया ने कहा, “राज्यपाल कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार वे शहर से बाहर हैं। इसलिए मैंने अपना इस्तीफा उनके सचिव को कार्यालय में सौंप दिया है।”

Book your slot today : +91 7250214782

राज्यहित को बताया सर्वोपरि
सिद्धारमैया ने दोहराया कि उनका निर्णय पूरी तरह राज्य के हित को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के लौटने के बाद इस्तीफा मंजूर हो जाएगा और उन्हें इस प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है।
सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खरगे का जताया आभार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धारमैया ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “हमारे पास पूर्ण बहुमत है, इसलिए सरकार गठन की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होगी। मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझे यह अवसर दिया।”
‘मेरा राजनीतिक जीवन एक ओपन बुक’

Book your slot today : +91 7250214782

अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने कभी पद, पैसा या संपत्ति के पीछे राजनीति नहीं की। उन्होंने कहा, “मैंने 50 वर्षों तक राजनीति की है। मेरा राजनीतिक जीवन एक ओपन बुक है। मैंने कभी अधिकारियों या पैसे के पीछे नहीं भागा, जनता की सेवा ही मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण रही है।”
सिद्धारमैया के इस्तीफे और उनके बयानों के बाद कर्नाटक की राजनीति में नई चर्चाएं तेज हो गई हैं।

By maskal.news

You May Also Like