हाथी हमले एवं वन्यजीव क्षति से प्रभावित परिवारों को मिला मुआवजा, विधायक सोनाराम सिंकू ने बांटी सहायता राशि

आनंदपुर/चाईबासा | वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार के अंतर्गत पोड़ाहाट वन प्रमंडल, चाईबासा के आनंदपुर वन प्रक्षेत्र में गुरुवार को हाथी हमले एवं वन्यजीवों से हुई क्षति के प्रभावित परिवारों के बीच मुआवजा राशि का वितरण किया गया। कार्यक्रम में जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

इस दौरान विधायक सोनाराम सिंकू ने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता राशि प्रदान करते हुए कहा कि राज्य सरकार मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, ऐसे में प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
ज्ञात हो कि ग्राम बारंगा निवासी स्वर्गीय लखन मुण्डा की हाथी के हमले में दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद विधायक ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया था। साथ ही विभागीय अधिकारियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई और शीघ्र मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, ताकि पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

Book your slot today : +91 7250214782

इसी क्रम में गुरुवार को स्वर्गीय लखन मुण्डा के परिजन गुमिंदा मुण्डा को ₹3,80,000 (तीन लाख अस्सी हजार रुपये) की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की गई। इससे पूर्व उन्हें तत्कालिक सहायता के रूप में ₹20,000 की राशि दी जा चुकी थी।
इसके अलावा ग्राम सिरका के कई प्रभावित परिवारों को भी आर्थिक सहायता दी गई। गुरवारी उरांव को खेत की फसल एवं भंडारित अनाज की क्षति के लिए ₹8,840, चुनानी तिग्गा को ₹7,800, राधी तिग्गा को ₹26,500, गंगाराम बाड़ा को ₹11,700, सोमरी बाड़ा को ₹22,750 तथा निदिया एक्का को ₹16,900 की सहायता राशि प्रदान की गई। वहीं, सोमारी बाड़ा को कच्चे मकान की गंभीर क्षति और एक खस्सी के नुकसान के एवज में ₹1,04,640 की आर्थिक सहायता दी गई।

Book your slot today : +91 7250214782

विधायक सोनाराम सिंकू ने कहा कि वन क्षेत्र से जुड़े गांवों में मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार और वन विभाग लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की।
कार्यक्रम में पोड़ाहाट वन क्षेत्र के वनरक्षी देशमुख तीयु एवं संतोष मरांडी सहित विभाग के अन्य कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

By maskal.news

You May Also Like