सरायकेला | सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत ग्राम सिरूम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) निर्माण कार्य का शिलान्यास जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण एवं संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को गांव एवं आसपास के इलाकों में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीणों को छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए दूरस्थ अस्पतालों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इस स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, सामान्य उपचार, टीकाकरण समेत अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
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ग्रामीणों ने भी स्वास्थ्य केंद्र निर्माण कार्य शुरू होने पर खुशी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि पीएचसी बनने से क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा लोगों को समय पर बेहतर इलाज की सुविधा मिल पाएगी।
सरायकेला | सरायकेला-खरसावां समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में जिले के विभिन्न शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें रखीं। इस दौरान कई मामलों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन भी किया गया।
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जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, अनुकम्पा नियुक्ति, सौतेले भाई द्वारा जमीन एवं घर पर कब्जा, राजनगर प्रखंड के बढ़ासिजुलता एवं जाम्बनी गांव में वंचित घरों को नल-जल योजना से जोड़ने, मध्य विद्यालय जाम्बनी के जर्जर भवन को ध्वस्त कर चारदीवारी निर्माण कराने, पत्थर खदान, क्रशर इकाई, बालू घाट एवं ईंट भट्ठों से जुड़े नियमों के सरलीकरण, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नामांकन, गम्हरिया एवं चांडिल में आंगनबाड़ी सेविका चयन में अनियमितता तथा नीमडीह प्रखंड के हूंडरू पारडीह में वन भूमि पर अवैध पत्थर एवं बालू भंडारण से पर्यावरण को हो रहे नुकसान से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।
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इसके अलावा ग्रामीणों ने विभिन्न आधारभूत योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याएं भी उपायुक्त के समक्ष रखीं। उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को जांच कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
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उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि आमजन से प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का संवेदनशीलता के साथ निष्पादन किया जाए। साथ ही लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को समय पर न्याय एवं सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
सरायकेला | सरायकेला छऊ के विख्यात गुरु एवं राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के पूर्व निदेशक गुरु तपन कुमार पटनायक को संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (ईज़ेडसीसी), कोलकाता की गवर्निंग बॉडी का सदस्य मनोनीत किया गया है। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित गुरु तपन कुमार पटनायक आगामी दो वर्षों तक गवर्निंग बॉडी में अपनी सेवाएं देंगे।
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इस संबंध में ईज़ेडसीसी के निदेशक आशीष कुमार गिरी द्वारा जारी पत्र में जानकारी दी गई। गवर्निंग बॉडी में झारखंड से गुरु तपन कुमार पटनायक के अलावा पश्चिम बंगाल के साधु चरण महतो, बिहार के डॉ. एन. के. नूतन, ओडिशा के गुरु रंजन कुमार साहू, सिक्किम के नरेन गुरुंग, असम के प्रशांत राजखोवा, मणिपुर के नामेराकपम टिकन सिंह, त्रिपुरा के प्रभितानंशु दास तथा अंडमान निकोबार की निशा मुंशी कोंडाई को भी सदस्य बनाया गया है।
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अपने मनोनयन पर खुशी जताते हुए गुरु तपन कुमार पटनायक ने कहा कि संस्कृति मंत्रालय ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर वह पूरी निष्ठा के साथ खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि सरायकेला छऊ कला के साथ-साथ मुंडारी, हो, रिंझा और पाईका जैसी विलुप्त होती लोक कलाओं को मंच प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
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गौरतलब है कि पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र देश के नौ राज्यों की कला एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में झारखंड के प्रतिनिधि के रूप में गुरु तपन कुमार पटनायक के मनोनयन से सरायकेला छऊ सहित क्षेत्रीय लोक कलाओं को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बेंगलुरु | कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर लंबे समय से चल रही सियासी खींचतान के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच जारी विवाद अब खत्म होता नजर आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ने इस मामले पर सहमति का रास्ता निकाल लिया है और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया जल्द अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
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जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ हुई अहम बैठकों के बाद डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। वहीं, सिद्धारमैया को पार्टी में राष्ट्रीय स्तर की भूमिका और राज्यसभा भेजे जाने का प्रस्ताव दिए जाने की चर्चा है। हालांकि, इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
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कांग्रेस नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों को खारिज किया है, लेकिन अंदरखाने सत्ता हस्तांतरण को लेकर चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी ने आंतरिक विवाद को बढ़ने से रोकने और संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए समझौते का फार्मूला तैयार किया है।
यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो कर्नाटक में जल्द नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिल सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला और आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।
पश्चिम सिंहभूम | चाईबासा स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय में मंगलवार को माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता की अध्यक्षता में शैक्षणिक परिषद एवं विभिन्न अंगीभूत महाविद्यालयों के प्राचार्यों/प्राचार्य-प्रभारियों की एक आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में शैक्षणिक परिषद के सदस्य, विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य एजेंडा झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित क्लस्टर प्रणाली (Cluster System) तथा कोल्हान विश्वविद्यालय एवं उसके अंगीभूत महाविद्यालयों में शिक्षण कार्यक्रमों के पुनर्गठन पर विस्तृत चर्चा करना था। इस दौरान कुलसचिव डॉ. रंजीत कुमार कर्ण ने क्लस्टर प्रणाली, विषय संयोजन, संकाय संरचना, सीट निर्धारण एवं प्रस्तावित पुनर्गठन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसके बाद डीन एकेडमिक डॉ. संजय यादव ने विषयवार जानकारी साझा करते हुए प्रस्तुतीकरण के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से स्पष्ट किया।
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बैठक में उच्च शिक्षा के स्वरूप निर्धारण, वित्तीय संसाधन, उपलब्ध शिक्षकों की संख्या, विषय एवं संकाय वर्गीकरण, प्रमुख विषयों में सीट निर्धारण, पूरक विषयों की उपलब्धता, आधारभूत संरचना, पुनर्संरचना तथा विषय संयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
विभिन्न महाविद्यालयों के लिए प्रस्तावित विषय संयोजनों एवं संशोधनों पर भी चर्चा हुई। टाटा कॉलेज, चाईबासा में मुंडारी के स्थान पर कुरमाली विषय शामिल करने, महिला कॉलेज, चाईबासा में स्थानीय भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाजशास्त्र के स्थान पर ‘हो’ भाषा को शामिल करने की संभावना पर विचार किया गया। वहीं जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में इतिहास, राजनीति विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं अंग्रेज़ी विषयों को शामिल करने के प्रस्ताव पर सीटों के पुनर्निर्धारण एवं संकाय पुनर्विन्यास को लेकर चर्चा हुई।
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इसके अलावा घाटशिला कॉलेज में समाजशास्त्र के स्थान पर मनोविज्ञान, एस.बी. कॉलेज, चांडिल में मानवशास्त्र के स्थान पर संताली, बहरागोड़ा कॉलेज में मनोविज्ञान के स्थान पर मुंडारी तथा जेएलएन कॉलेज, चक्रधरपुर में समाजशास्त्र के स्थान पर कुरमाली विषय प्रस्तावित करने पर विचार किया गया। बहरागोड़ा एवं जेएलएन कॉलेज में ओड़िया भाषा को TRS से पृथक करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। वहीं के.एस. कॉलेज, सरायकेला में गणित विषय की सीटों, कुरमाली विषय के लिए प्रस्तावित सीटों तथा संकाय पुनर्विन्यास के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में यह भी सामने आया कि अधिकांश महाविद्यालयों में वर्तमान विषय संयोजन को यथावत रखने का प्रस्ताव रखा गया। इस दौरान प्राचार्यों ने यह मुद्दा उठाया कि क्लस्टर प्रणाली के तहत कुछ स्थानीय, आदिवासी एवं क्षेत्रीय भाषाओं/विषयों को केवल कम नामांकन क्षमता (60 से कम) के आधार पर हटाने का प्रस्ताव किया जा रहा है। प्राचार्यों ने मांग की कि क्षेत्रीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत एवं स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े ऐसे विषयों को महाविद्यालयों में बनाए रखा जाए। इस पर विश्वविद्यालय ने सरकार एवं संबंधित विभाग के समक्ष इन विषयों के संरक्षण के लिए अपना पक्ष रखने और आवश्यक अनुशंसा भेजने पर सहमति जताई।
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बैठक के दौरान प्राचार्या डॉ. वीणा प्रियदर्शी ने सुझाव दिया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान आरक्षित वर्ग के कई विद्यार्थी आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत नहीं कर पाते, जिससे बाद में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस पर कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने निर्देश दिया कि चूंकि क्लस्टर प्रणाली विद्यार्थियों के लिए नई व्यवस्था होगी, इसलिए विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी महाविद्यालयों की वेबसाइट पर इससे संबंधित स्पष्ट दिशा-निर्देश, विषय संयोजन एवं आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही इसकी जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर प्रकाशित की जाए।
कुलपति ने सभी प्राचार्यों को निर्देश दिया कि नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले अपने-अपने महाविद्यालयों में हेल्पलाइन संचालित करें और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे जाति, आवासीय एवं आय प्रमाण-पत्र पहले से तैयार रखें, ताकि नामांकन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने नई क्लस्टर प्रणाली के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं छात्रहित से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव साझा किए। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजेंद्र भारती द्वारा किया गया।
चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार से लेवी वसूली की साजिश को पुलिस ने विफल कर दिया। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पिस्टल, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। जानकारी के अनुसार, 25 मई 2026 की सुबह पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी ईचिण्डा से गोयराबेड़ा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार से लेवी वसूलने के उद्देश्य से इलाके में घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी सिंहभूम के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन कर कार्रवाई शुरू की गई।
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करीब सुबह 8:20 बजे पुलिस टीम बुरुईचिण्डा से गोयराबेड़ा जाने वाली कच्ची सड़क के समीप जंगल क्षेत्र में पहुंची। इस दौरान पुलिस वाहन को देखकर दो संदिग्ध व्यक्ति जंगल की ओर भागने लगे। पुलिस जवानों ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान आनंदपुर थाना क्षेत्र निवासी संजु भोगता और कृष्णा भोगता के रूप में बताई। तलाशी के दौरान संजु भोगता के पास से मैगजीन सहित एक पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, एक मिसफायर कारतूस, तीन स्मार्टफोन तथा दो कीपैड मोबाइल बरामद किए गए। वहीं कृष्णा भोगता के पास से तीन जिंदा कारतूस और एक स्मार्टफोन बरामद हुआ। दोनों आरोपी हथियार एवं कारतूस से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
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पुलिस पूछताछ में संजु भोगता ने स्वीकार किया कि वह व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठेकेदारों को लेवी के लिए धमकाता था। उसने यह भी बताया कि वह पूर्व में पीएलएफआई से जुड़ा रहा है तथा बुरुईचिण्डा से गोयराबेड़ा सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार को धमकाने के उद्देश्य से वहां पहुंचा था। दोनों आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने संजय साय नामक एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया, जिसके पास से एक स्मार्टफोन बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, संजु भोगता ने यह भी स्वीकार किया है कि वह 9 फरवरी 2026 को रोबोकेरा गांव में वैष्णवी इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी के वाहनों में आगजनी की घटना में शामिल था। इस संबंध में आनंदपुर थाना में पूर्व से प्राथमिकी दर्ज है। मामले में आनंदपुर थाना कांड संख्या 13/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड में महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के अंतर्गत गठित संकुल संगठन की दीदियों द्वारा स्थापित ‘पलाश नोटबुक निर्माण केंद्र’ आज महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार का सफल उदाहरण बन चुका है। इस केंद्र का संचालन सात संकुल संगठन सदस्याओं द्वारा किया जा रहा है। महिलाओं ने संकुल संगठन से 10 लाख रुपये का ऋण लेकर नोटबुक निर्माण व्यवसाय की शुरुआत की। शुरुआती दौर में मशीन संचालन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़ा कोई पूर्व अनुभव नहीं होने के कारण उत्पादन प्रक्रिया उनके लिए चुनौतीपूर्ण रही।
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इन चुनौतियों को देखते हुए क्षमता निर्माण के लिए रांची से आए विशेषज्ञों द्वारा तीन चरणों में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मशीन संचालन के साथ-साथ उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने, उत्पादन प्रबंधन और विपणन रणनीतियों की भी जानकारी दी गई। अपनी मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर इन महिलाओं ने सभी कठिनाइयों को पार करते हुए स्वयं को कुशल उद्यमियों के रूप में स्थापित किया। वर्तमान में केंद्र में प्रतिदिन लगभग 1000 नोटबुक का उत्पादन किया जा रहा है।
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पश्चिमी सिंहभूम के जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने बताया कि खूंटपानी प्रखंड भ्रमण के दौरान प्रखंड कार्यालय स्थित पलाश नोटबुक निर्माण केंद्र की जानकारी मिली, जो महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह सफलता दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि समाज की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे अपने कार्यालयों, घरों और बच्चों के लिए आवश्यक नोटबुक इस केंद्र से खरीदें, क्योंकि यहां बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद कम कीमत पर उपलब्ध हैं। पलाश नोटबुक निर्माण केंद्र से जुड़ी संकुल संगठन सदस्य श्रीमती रोमा गोडसरे ने बताया कि शुरुआती दौर में बाजार में पहचान बनाने के लिए उत्पादों को कम लाभ मार्जिन पर बेचा गया। अब ब्रांड की पहचान मजबूत होने के साथ मूल्य निर्धारण को संतुलित करते हुए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नोटबुक की बिक्री मुख्य रूप से स्कूलों और खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से होती है, जिससे मांग लगातार बनी हुई है।
डीपीएम, जेएसएलपीएस श्रीमती अशियानी मारकी ने बताया कि पलाश नोटबुक निर्माण केंद्र ने न केवल खूंटपानी प्रखंड, बल्कि राज्य स्तरीय सरस मेले में भी जिले का प्रतिनिधित्व किया, जहां इस पहल को व्यापक सराहना मिली। वर्तमान में इनके उत्पाद विभिन्न स्थानीय मेलों में भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिससे बाजार में उनकी उपस्थिति और मजबूत हुई है। घर-गृहस्थी और चूल्हा-चौका तक सीमित रहने वाली ये महिलाएं आज सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। वे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ सामाजिक और व्यक्तिगत विकास की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। पलाश नोटबुक निर्माण केंद्र की यह सफलता उन महिलाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की कहानी है, जिन्होंने अवसर और मार्गदर्शन को अपनी ताकत बनाकर नई मिसाल कायम की है।
चक्रधरपुर | झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पश्चिम सिंहभूम चाईबासा द्वारा संचालित 90 दिवसीय आउटरीच एवं गहन जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को चक्रधरपुर प्रखंड के प्रेम निवास स्टेशन रोड चौक पर शीतल जल एवं ओआरएस वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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यह कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर तथा डालसा सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राहगीरों, बच्चों, बुजुर्गों, टोटो चालकों, ट्रैक्टर चालकों एवं महिलाओं के बीच शीतल जल और ओआरएस का वितरण किया गया।
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कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को गर्मी एवं लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी दी गई। उन्हें सलाह दी गई कि अत्यधिक आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलें, सिर को गमछे या कपड़े से ढककर रखें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी देकर लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
चाकुलिया/पूर्वी सिंहभूम | जिले के चाकुलिया वन क्षेत्र में सोमवार देर रात हाथियों के हमले में एक बाइक सवार व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना चाकुलिया-केरूकोचा मुख्य सड़क पर बड़ामारा गांव के पास हुई। घायल की पहचान बहरागोड़ा प्रखंड के धाधिका गांव निवासी नीलकंठ नायक (45) के रूप में हुई है, जो पेशे से सब्जी विक्रेता हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नीलकंठ नायक सोमवार को चाकुलिया के जोड़ाम हाट में सब्जी बेचने के बाद देर रात बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान बड़ामारा गांव के समीप सड़क पर उनका सामना हाथियों के एक झुंड से हो गया। अचानक हाथियों को सामने देखकर उन्होंने बाइक छोड़ दी और जान बचाने के लिए भागने लगे।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भागने के दौरान एक हाथी ने उनका पीछा किया और पास के खेत में घेर लिया। इसके बाद हाथी ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हाथी ने उनके सीने पर पैर भी रख दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हालांकि, किसी तरह नीलकंठ नायक वहां से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें इलाज के लिए चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम रेफर कर दिया। उनके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आई हैं।
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घटना की सूचना मिलने पर विधायक समीर मोहंती अस्पताल पहुंचे और घायल को इलाज के लिए पहुंचाने में सहयोग किया। वहीं, वन विभाग की टीम ने भी अस्पताल पहुंचकर घायल का हालचाल लिया और मामले की जानकारी जुटाई। ग्रामीणों के अनुसार, बड़ामारा गांव के आसपास सात हाथियों का एक झुंड लगातार विचरण कर रहा है। हाथियों की लगातार आवाजाही के कारण ग्रामीणों को विशेषकर रात के समय आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार हाथी मुख्य सड़क पर भी आ जाते हैं, जिससे दुर्घटना और हमले का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि चाकुलिया वन क्षेत्र में हाथियों की लगातार मौजूदगी से खेतों और घरों को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं हाथियों के हमलों की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
चक्रधरपुर | मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) 2026 को लेकर मंगलवार को निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी, पोड़ाहाट चक्रधरपुर द्वारा 56-चक्रधरपुर (अजजा) विधानसभा क्षेत्र के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
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बैठक में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुरूप विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान बूथ लेवल एजेंट (BLA) की नियुक्ति, उनकी जिम्मेदारियों तथा कार्यों से संबंधित आवश्यक जानकारी भी साझा की गई।
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निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपने-अपने बीएलए की शत-प्रतिशत प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर अनमैप्ड मतदाताओं की सूची बीएलओ के माध्यम से प्रदर्शित कर दी गई है।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे संबंधित मतदान केंद्रों के बीएलए के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अधिक से अधिक अनमैप्ड मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित कराने में सहयोग करें। इससे मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाने में मदद मिलेगी।