कोल्हान

20 लोगों की जान लेने वाले हाथी पर नियंत्रण में विफल वन विभाग, जिला प्रशासन के सिस्टम पर गंभीर सवाल:- धी. रामहरि पेरियार

20 लोगों की जान लेने वाले हाथी पर नियंत्रण में विफल वन विभाग, जिला प्रशासन के सिस्टम पर गंभीर सवाल:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : पिछले कई दिनों में पश्चिम सिंहभूम जिला के सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में एक बेकाबू हाथी द्वारा अब तक लगभग 20 निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन वन विभाग और जिला प्रशासन आज तक उस हाथी को काबू में करने में असफल रहा है। यह स्थिति केवल वन्यजीव संकट नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक सिस्टम की गंभीर नाकामी को उजागर करती है।    एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने इस पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन के कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब लगातार मौतें हो रही हैं और आम नागरिक भय के साये में जीने को मजबूर हैं, तब प्रशासन की निष्क्रियता बेहद चिंताजनक और अस्वीकार्य है।
        रामहरि पेरियार ने कहा कि सरकार और वन विभाग के पास संसाधनों, बजट और विशेषज्ञों की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद यदि एक हिंसक हाथी को नियंत्रित नहीं किया जा सका, तो यह स्पष्ट रूप से लापरवाही, कमजोर रणनीति और जिम्मेदारी से बचने की मानसिकता को दर्शाता है। यह सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा के अधिकार का उल्लंघन है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात भयावह हैं। लोग रात में सोने से डर रहे हैं, खेती-बाड़ी प्रभावित हो रही है और बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। बावजूद इसके, जिला प्रशासन केवल औपचारिकता निभाता हुआ नजर आ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
             एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश की ओर से मांग की जाती है कि तुरंत विशेषज्ञ हाथी नियंत्रण दल की तैनाती की जाए।
प्रभावित इलाकों में स्थायी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मृतकों के परिजनों को त्वरित और सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए। इस पूरे मामले में प्रशासनिक विफलता की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पेरियार ने स्पष्ट शब्दों में कहा यह सवाल किसी हाथी का नहीं, बल्कि उस सिस्टम का है जो 20 मौतों के बाद भी जवाबदेह नहीं बन पाया।

चक्रधरपुर: पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में राष्ट्रीय युवा दिवस व परीक्षा परिणाम घोषित

चक्रधरपुर: पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में राष्ट्रीय युवा दिवस व परीक्षा परिणाम घोषित

चक्रधरपुर : पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर इंग्लिश मीडियम, पंप रोड शत्रुघ्न नगर चक्रधरपुर में राष्ट्रीय युवा दिवस सह विद्यालय की द्वितीय आंतरिक परीक्षा का परिणाम सभी अभिभावकों की उपस्थिति में घोषित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष दमयंती नाग, सह सचिव बकलेश महतो एवं प्रधानाचार्य आनंद चंद्र प्रधान द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर स्वामी विवेकानंद एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ किया गया।

इस अवसर पर अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को सही शिक्षा देने के लिए अभिभावकों को उनके साथ समय बिताना चाहिए, ताकि वे मोबाइल के अधिक उपयोग से बच सकें।

सह सचिव बकलेश महतो ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाकर एक अच्छा इंसान बनने के साथ राष्ट्र के लिए कुछ बड़ा करने का लक्ष्य रखना चाहिए।

प्रधानाचार्य आनंद चंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद का संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को केवल कमाई की मशीन न बनाकर राष्ट्रहित में योगदान देने योग्य नागरिक बनाने का आग्रह किया।

आचार्य सौभिक घटक ने प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद की जीवनी बच्चों के समक्ष प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन मीना कुमारी ने किया। शांति देवी ने विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित सप्त शक्ति संगम (20 जनवरी 2026) की जानकारी देते हुए माताओं से अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की।

कार्यक्रम को सफल बनाने में जय श्री दास, स्वास्तिक सोय, भारती कुमारी, मीना कुमारी सहित अन्य शिक्षकों का सराहनीय योगदान रहा।

भारत आदिवासी पार्टी की जिला स्तरीय बैठक में पेसा संशोधन व डीएमएफटी भ्रष्टाचार पर चर्चा, 23 फरवरी को धरना-प्रदर्शन का ऐलान

भारत आदिवासी पार्टी की जिला स्तरीय बैठक में पेसा संशोधन व डीएमएफटी भ्रष्टाचार पर चर्चा, 23 फरवरी को धरना-प्रदर्शन का ऐलान

कोल्हान : भारत आदिवासी पार्टी पश्चिमी सिंहभूम की एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक जिलाध्यक्ष सुशील बारला की अध्यक्षता में नंदपुर स्थित बारला निवास पर आयोजित की गई। बैठक में आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पेसा नियमावली 2025 में संशोधन कर उसे मूल पेसा कानून के अनुरूप बनाया जाए। साथ ही डीएमएफटी (DMFT) मद में हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और सरंडा अभयारण्य की अधिसूचना जारी होने से पहले वर्ष 1980 से 2005 के बीच आजीविका के लिए बसे लोगों को वनाधिकार पट्टा देने की मांग की गई।
इन मांगों को लेकर भारत आदिवासी पार्टी द्वारा 23 फरवरी 2026 को प्रखंड मुख्यालय मनोहरपुर में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। धरना-प्रदर्शन के माध्यम से झारखंड के राज्यपाल एवं भारत के राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बैठक में जिला सचिव शांति एल कांडयबुरू, बलदेव जाते, सुनील भेंगरा, दीपक गुड़िया, मोजेस चेरोवा, एडविन बोदरा, मसीह प्रकाश लोमगा सहित मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र के बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

स्वामी विवेकानंद जयंती पर सरस्वती शिशु मंदिर सरायकेला में खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित

स्वामी विवेकानंद जयंती पर सरस्वती शिशु मंदिर सरायकेला में खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित

सरायकेला : सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय, सरायकेला में सोमवार को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर कक्षा अरुण से नवम तक के भैया-बहनों के लिए खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कक्षा अरुण से तृतीय तक के विद्यार्थियों के बीच बिस्किट दौड़, गुब्बारा फोड़, मेमोरी जांच, चम्मच दौड़, सुई-धागा दौड़ एवं उल्टा दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वहीं कक्षा चतुर्थ से नवम तक के भैयाओं के लिए 100 मीटर दौड़, मेंढक दौड़, तीन पैर दौड़, स्लो साइकिल रेस एवं मैथ रेस का आयोजन हुआ। इसी वर्ग की बहनों के बीच 100 मीटर दौड़, चम्मच दौड़, सुई-धागा दौड़, मेंढक दौड़, तीन पैर दौड़, मैथ रेस एवं म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता कराई गई।

सभी विद्यार्थियों ने खेलों में पूरे उत्साह और लगन के साथ भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पार्थ सारथी आचार्य ने कहा कि खेल हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग है, जिससे शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है और हम स्वस्थ रहते हैं। इसी उद्देश्य से विद्यालय में समय-समय पर खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।

प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम में उप प्रधानाचार्य तुषार कांत पति सहित सभी आचार्य-दीदी उपस्थित रहीं।

राष्ट्रीय युवा दिवस पर सरायकेला डीएलएसए में नालसा (DAWN) योजना के तहत सप्ताह भर की गतिविधियों का समापन

राष्ट्रीय युवा दिवस पर सरायकेला डीएलएसए में नालसा (DAWN) योजना के तहत सप्ताह भर की गतिविधियों का समापन

सरायकेला : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के दिशा-निर्देश और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के तत्वावधान में रामाशंकर सिंह, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), सरायकेला के मार्गदर्शन में आयोजित नालसा (DAWN) योजना के तहत सप्ताह भर चली गतिविधियों का समापन एक विशेष कार्यक्रम के साथ किया गया।
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सरायकेला डीएलएसए हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में सचिव (प्रभारी), डीएलएसए, सरायकेला ने स्वामी विवेकानंद के विचारों और शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने सप्ताह भर की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए प्रतिभागियों से उनके विचार और सुझाव भी प्राप्त किए।
इस अवसर पर मुख्य एलएडीसीएस दिलीप कुमार शॉ एवं उप मुख्य एलएडीसीएस ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवाओं को विधिक जागरूकता और सामाजिक दायित्व निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में डीसीपीओ संतोष कुमार, बाल कल्याण समिति के सदस्य, वन स्टॉप सेंटर के प्रतिनिधि, पैरा लीगल वॉलंटियर्स तथा पैनल अधिवक्ता सुखमती हेस्सा और शेफाली मंडल सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सप्ताह भर की गतिविधियां भले ही समाप्त हो गई हों, लेकिन नशा मुक्ति का अभियान लगातार जारी रहेगा। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में नशा विरोधी अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
यह कार्यक्रम न केवल नालसा (DAWN) योजना के उद्देश्यों को सुदृढ़ करने वाला रहा, बल्कि युवाओं को विधिक जागरूकता और नशा मुक्ति के प्रति प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी साबित हुआ।

उरांव सरना समिति ने किया एक दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन

उरांव सरना समिति ने किया एक दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन

चक्रधरपुर : उरांव सरना समिति के तत्वावधान में रविवार को पेलो टुंगरी स्थित कला-सांस्कृतिक भवन में एक दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन विधायक सुखराम उरांव, पूर्व विधायक बहादुर उरांव, प्रवीर प्रामाणिक, मुखिया सोमनाथ खोया और विजय सामड ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर भगवान बिरसा मुंडा, वीर शहीद सिधु-कान्हु और कार्तिक उरांव के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई।

रक्तदान शिविर में ग्रामीण युवाओं, समाजसेवियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिविर के दौरान कुल 82 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जिसका उपयोग जरूरतमंद मरीजों के इलाज में किया जाएगा। रक्तदाताओं को हेलमेट और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं समिति की ओर से सभी अतिथियों को अंगवस्त्र और पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विधायक सुखराम उरांव ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी अब ऐसे सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है और युवा वर्ग सामाजिक जिम्मेदारियों को समझता है।

कार्यक्रम में उरांव सरना समिति के अध्यक्ष विमल खलखो, सचिव अरुण टोप्पो, कोषाध्यक्ष अनिल कच्छप सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे।

मागे पर्व पर बांगरासाई सांडीग्राम में मानकी-मुंडा सम्मान समारोह, जरूरतमंदों को कंबल व वस्त्र वितरण

मागे पर्व पर बांगरासाई सांडीग्राम में मानकी-मुंडा सम्मान समारोह, जरूरतमंदों को कंबल व वस्त्र वितरण

चक्रधरपुर : बंदगांव प्रखंड के नकटी पंचायत अंतर्गत बांगरासाई सांडीग्राम में मागे पर्व के अवसर पर मानकी, मुंडा एवं देवरी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी विनोद लोहार द्वारा एक-एक जोड़ी मांदर, धोती, गमछा और गंजी का वितरण किया गया। साथ ही ठंड को देखते हुए 70 जरूरतमंद ग्रामीणों के बीच कंबल भी बांटे गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी विनोद लोहार ने कहा कि मागे पर्व आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे आदिवासी बहुल गांवों में धूमधाम से मनाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस पर्व पर आदिवासी समाज अपने आराध्य देव सिंहबोंगा की पूजा कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करता है। इसी उद्देश्य से गांवों में मांदर और नए वस्त्र वितरित किए गए हैं, ताकि लोग बेहतर तरीके से मागे पर्व मना सकें।
उन्होंने कहा कि समाजसेवा का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। ठंड अधिक होने के कारण जरूरतमंद ग्रामीणों को कंबल दिया गया और बुजुर्गों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई।
इस अवसर पर देवरी सुरसिंह कांडेयोंग, जल सिंह कांडेयोंग, रेमो कांडेयोंग, बिसनु कोड़ा, गोंडो कांडेयोंग, रायधन गागराई और कैरा गागराई को धोती, गमछा एवं गंजी देकर मागे पर्व बेहतर रूप से मनाने की अपील की गई।
कार्यक्रम में ग्राम मुंडा शंभू कांडेयोंग, अरूप चटर्जी, नरसिंह कांडेयोंग सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती पर कांग्रेस प्रवक्ता त्रिशानु राय ने दी श्रद्धांजलि

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती पर कांग्रेस प्रवक्ता त्रिशानु राय ने दी श्रद्धांजलि

चाईबासा : धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के सपनों को साकार करने वाले, झारखंड की अस्मिता और आदिवासी स्वाभिमान के प्रतीक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती पर पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस प्रवक्ता त्रिशानु राय ने रविवार को उन्हें कोटि-कोटि नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का पूरा जीवन अन्याय, शोषण और उपेक्षा के खिलाफ निरंतर संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी है। झारखंड आंदोलन को दिशा देने से लेकर आदिवासियों, मूलवासियों और वंचितों को उनके अधिकार दिलाने में उनका योगदान अमूल्य रहा है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिशोम गुरु के आदर्श और विचार झारखंड को न्याय, समानता और समावेशी विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाते रहें।

डांगुवापोसी से आर-पार का ऐलान पिछड़ा वर्ग को तोड़ने की साजिश अब नहीं चलेगी: धी रामहरि पेरियार

डांगुवापोसी से आर-पार का ऐलान पिछड़ा वर्ग को तोड़ने की साजिश अब नहीं चलेगी: धी रामहरि पेरियार

जगन्नाथपुर : डांगुवापोसी (डीपीएस) में रविवार को हुई बैठक साधारण चाय-चर्चा नहीं, बल्कि पिछड़ा वर्ग आरक्षण आंदोलन को निर्णायक मोड़ देने वाली आक्रमणकारी रणनीतिक बैठक थी। गोप, गौड़ आरक्षण आंदोलन समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में यह साफ कर दिया गया कि अब सरकार की उपेक्षा और समाज को आपस में बांटने की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
           बैठक को संबोधित करते हुए गोप, गौड़ आरक्षण आंदोलन समिति के केंद्रीय अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने स्पष्ट शब्दों में कहा पिछड़ा वर्ग को अलग–अलग जातियों और उपजातियों में बांटकर कमजोर किया गया है। अब समय आ गया है कि हम यह भ्रम तोड़ें। अलग-अलग लड़कर कुछ नहीं मिलेगा, एकजुट होकर लड़ेंगे तभी हक मिलेगा। उन्होंने साफ कहा कि आरक्षण कोई दया या कृपा नहीं, बल्कि संविधान से मिला अधिकार है, जिसे साजिशों और बहानों के जरिए छीना जा रहा है। सरकार केवल आश्वासन देकर पिछड़ा वर्ग को शांत रखना चाहती है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि जिला स्तर से लेकर प्रशासनिक नियुक्तियों तक पिछड़ा वर्ग को योजनाबद्ध तरीके से बाहर रखा जा रहा है।
     केंद्रीय अध्यक्ष ने चेतावनी भरे लहजे में कहा अगर आज भी पिछड़ा वर्ग एक नहीं हुआ, तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।
यह लड़ाई अब सम्मान, अस्तित्व और भविष्य की है।
         बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब केवल ज्ञापन देने की राजनीति खत्म होगी। आने वाले समय में गांव–गांव जनजागरण,
युवाओं की निर्णायक भागीदारी,
और जरूरत पड़ी तो सड़क से सदन तक टकराव तय है।
      बैठक में केंद्रीय संरक्षक विपिन गोप और केंद्रीय उपाध्यक्ष भारत गोप की भी सशक्त उपस्थिति रही। दोनों नेताओं ने आंदोलन को मजबूती देने का आह्वान करते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग को अब अपनी संख्या, शक्ति और संवैधानिक अधिकार का अहसास कराना होगा। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में जिले में निकल रही जिला सदस्य सहित अन्य विभिन्न वैकेंसियों में पिछड़ा वर्ग की भागीदारी शून्य है, जबकि योग्य, शिक्षित और पेशेवर पिछड़ा वर्ग के युवाओं को जानबूझकर हाशिये पर धकेला जा रहा है। यह सीधा-सीधा सामाजिक अन्याय और संवैधानिक उल्लंघन है।
डांगुवापोसी की इस बैठक से यह स्पष्ट संदेश गया कि पिछड़ा वर्ग अब चुप नहीं रहेगा। अब सहन नहीं करेगा। अब हक लेकर ही रुकेगा।
अंत में जिले के समस्त पिछड़ा वर्ग समाज से आह्वान किया गया कि वे इस आंदोलन को अपनी निजी लड़ाई समझें, सभी मतभेद भूलकर एकजुट हों और इस संघर्ष को निर्णायक अंजाम तक पहुंचाएं। मौके पर सोनाराम गोप,  सुखदेव, गोप, भरत गोप, विशाल गोप, दिवाकर गोप, आदि मौके पर उपस्थित रहे।

चक्रधरपुर अनुमंडल क्षेत्र में आग से झुलसने की दो घटनाएं, दो महिलाएं गंभीर

चक्रधरपुर अनुमंडल क्षेत्र में आग से झुलसने की दो घटनाएं, दो महिलाएं गंभीर

पश्चिम सिंहभूम : चक्रधरपुर अनुमंडल क्षेत्र में आग से झुलसने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। दोनों ही घटनाओं में घरेलू लापरवाही के कारण हादसा होने की बात कही जा रही है।

पहली घटना चक्रधरपुर प्रखंड के भरनियां पंचायत की है। यहां घर में खाना बनाते समय एक महिला अचानक आग की चपेट में आ गई। आग से महिला करीब 65 प्रतिशत तक झुलस गई। परिजनों ने उसे तत्काल चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उसे सदर अस्पताल चाईबासा रेफर कर दिया गया।

दूसरी घटना चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के सिकिदीकी गांव की है। यहां 22 वर्षीय महिला रात में ढबरी जलाकर सो गई थी। सोने के दौरान ढबरी पलट जाने से आग लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। परिजनों ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि खाना बनाते समय और रात में ढबरी या अन्य ज्वलनशील वस्तुओं का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।