सरायकेला-खरसावां | राजनगर में करीब 24 घंटे से जारी सड़क जाम शुक्रवार दोपहर लगभग तीन बजे समाप्त हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटाने पर सहमति जताई, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पुनः सामान्य हो सकी।

मौके पर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट सत्येंद्र महतो, एसडीपीओ समीर सवाईयाँ, सीओ व बीडीओ राजनगर, थाना प्रभारी सरायकेला और राजनगर समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा JLKM नेता प्रेम मार्डी भी घटनास्थल पर पहुंचे। सभी ने प्रदर्शनकारियों और प्रभावित परिजनों से वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास किया।

वार्ता के दौरान सिंहभूम सांसद जोबा माझी के सहयोग से तत्काल एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटाने का निर्णय लिया।

हालांकि, जाम समाप्त करने से पहले ग्रामीणों ने कई महत्वपूर्ण मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। उन्होंने इस मार्ग पर ओवरलोड बड़े ट्रकों और तेज रफ्तार वाहनों पर तत्काल नियंत्रण लगाने की मांग की। साथ ही, ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार तथा प्रत्येक बुधवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट के दौरान भारी वाहनों के लिए ‘नो एंट्री’ लागू करने की बात कही, ताकि बाजार के दिन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों में रुंगटा स्टील कंपनी के प्रति नाराजगी भी देखी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी के भारी वाहन तेज रफ्तार और ओवरलोड होकर चलते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से कंपनी के वाहनों की आवाजाही पर सख्त निगरानी और नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल जाम हटने से यातायात सामान्य हो गया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार, बुधवार हाट के दौरान ‘नो एंट्री’ और भारी वाहनों पर नियंत्रण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में पुनः आंदोलन किया जाएगा।

