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20 लोगों की जान लेने वाले हाथी पर नियंत्रण में विफल वन विभाग, जिला प्रशासन के सिस्टम पर गंभीर सवाल:- धी. रामहरि पेरियार

20 लोगों की जान लेने वाले हाथी पर नियंत्रण में विफल वन विभाग, जिला प्रशासन के सिस्टम पर गंभीर सवाल:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : पिछले कई दिनों में पश्चिम सिंहभूम जिला के सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में एक बेकाबू हाथी द्वारा अब तक लगभग 20 निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन वन विभाग और जिला प्रशासन आज तक उस हाथी को काबू में करने में असफल रहा है। यह स्थिति केवल वन्यजीव संकट नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक सिस्टम की गंभीर नाकामी को उजागर करती है।    एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने इस पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन के कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब लगातार मौतें हो रही हैं और आम नागरिक भय के साये में जीने को मजबूर हैं, तब प्रशासन की निष्क्रियता बेहद चिंताजनक और अस्वीकार्य है।
        रामहरि पेरियार ने कहा कि सरकार और वन विभाग के पास संसाधनों, बजट और विशेषज्ञों की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद यदि एक हिंसक हाथी को नियंत्रित नहीं किया जा सका, तो यह स्पष्ट रूप से लापरवाही, कमजोर रणनीति और जिम्मेदारी से बचने की मानसिकता को दर्शाता है। यह सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा के अधिकार का उल्लंघन है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात भयावह हैं। लोग रात में सोने से डर रहे हैं, खेती-बाड़ी प्रभावित हो रही है और बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। बावजूद इसके, जिला प्रशासन केवल औपचारिकता निभाता हुआ नजर आ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
             एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश की ओर से मांग की जाती है कि तुरंत विशेषज्ञ हाथी नियंत्रण दल की तैनाती की जाए।
प्रभावित इलाकों में स्थायी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मृतकों के परिजनों को त्वरित और सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए। इस पूरे मामले में प्रशासनिक विफलता की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पेरियार ने स्पष्ट शब्दों में कहा यह सवाल किसी हाथी का नहीं, बल्कि उस सिस्टम का है जो 20 मौतों के बाद भी जवाबदेह नहीं बन पाया।