स्वास्थ्य

मंडलीय कारा सरायकेला में जेल अदालत, चिकित्सा जांच एवं विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

मंडलीय कारा सरायकेला में जेल अदालत, चिकित्सा जांच एवं विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

सरायकेला | झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) सरायकेला-खरसावां रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन एवं सचिव तौसिफ मेराज के पर्यवेक्षण में रविवार को मंडलीय कारा सरायकेला में जेल अदालत सह चिकित्सा जांच शिविर एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग)-सह-न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी अनामिका किस्कू, मंडलीय कारा सरायकेला के अधीक्षक सत्येन्द्र कुमार, मुख्य विधिक सहायता रक्षा परामर्शी दिलीप शॉ, उप मुख्य विधिक सहायता रक्षा परामर्शी सुनीत कर्मकार, सहायक विधिक सहायता रक्षा परामर्शी अम्बिका चरण पाणी एवं विजय कुमार महतो, जेलर सोनू कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार मंडलीय कारा के मुलाकाती क्षेत्र में स्थापित हेल्प डेस्क का शुभारंभ रहा। इस हेल्प डेस्क के माध्यम से आगंतुकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए पारा विधिक स्वयंसेवक मोहन कुमार हांसदा एवं तारामणि बांदिया को प्रतिनियुक्त किया गया है।

Book your slot today : +91 7250214782

इस अवसर पर डीएलएसए सचिव तौसिफ मेराज ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक सहायता रक्षा परामर्शी प्रणाली-2022 तथा हाल ही में प्रारम्भ की गई स्पृह योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मुलाकाती क्षेत्र में स्थापित हेल्प डेस्क की उपयोगिता और इससे मिलने वाले लाभों से भी बंदियों एवं हितधारकों को अवगत कराया।

Book your slot today : +91 7250214782

इसी क्रम में चिकित्सा पदाधिकारी अभिमन्यु महतो के नेतृत्व में चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बंदियों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। यह चिकित्सा शिविर मासिक जेल अदालत के साथ आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों ने महिला वार्ड का निरीक्षण भी किया तथा महिला बंदियों से उनके मामलों और विधिक समस्याओं को लेकर संवाद स्थापित कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
यह आयोजन बंदियों को विधिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं तथा न्यायिक प्रक्रियाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

नदी में डूबने से तीन वर्षीय बच्ची की मौत, झाड़-फूंक में समय गंवाने से नहीं बच सकी जान

नदी में डूबने से तीन वर्षीय बच्ची की मौत, झाड़-फूंक में समय गंवाने से नहीं बच सकी जान

चाईबासा/मंझारी | पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र अंतर्गत तांतनगर ओपी के छोटा तेंताडा गांव में शनिवार को नदी में डूबने से तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। मृत बच्ची की पहचान संगीता सिरका के रूप में हुई है। इस दर्दनाक घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपात स्थिति के दौरान अंधविश्वास और समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने की गंभीर समस्या को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
खेलते-खेलते नदी में उतरी बच्ची, गहरे पानी में डूबी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संगीता गांव के अन्य बच्चों के साथ खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंच गई थी। उस समय कुछ बच्चे नदी में नहा रहे थे। उन्हें देखकर वह भी पानी में उतर गई। खेल के दौरान वह अनजाने में गहरे पानी की ओर चली गई और डूबने लगी।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

आसपास मौजूद बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद उसकी भाभी तत्काल मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला। बाहर निकालने तक बच्ची अचेत हो चुकी थी।
अस्पताल ले जाने में हुई देरी, झाड़-फूंक का लिया सहारा
घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन झाड़-फूंक के सहारे उसे ठीक करने की कोशिश में जुट गए। ग्रामीणों के अनुसार, काफी देर तक ओझा-गुनी के माध्यम से बच्ची को होश में लाने का प्रयास किया जाता रहा।

Book your slot today : +91 7250214782

जब उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, तब देर शाम उसे सदर अस्पताल चाईबासा लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
समय पर इलाज से बच सकती थी जान
चिकित्सकों का कहना है कि डूबने की घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर प्राथमिक उपचार और तत्काल अस्पताल पहुंचाने से कई मामलों में जान बचाई जा सकती है।

Book your slot today : +91 7250214782

इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य जागरूकता की कमी और अंधविश्वास के कारण उपचार में होने वाली देरी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा यूडी केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

सरायकेला : सीएचसी गम्हरिया के औचक निरीक्षण में मिली अव्यवस्था, उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

सरायकेला : सीएचसी गम्हरिया के औचक निरीक्षण में मिली अव्यवस्था, उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

सरायकेला | उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गम्हरिया एवं बीपीएचयू गम्हरिया का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई, दवा भंडारण, वार्ड व्यवस्था, पेयजल, बिजली, जनरेटर, लैब सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की गहन जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर एवं स्टोर रूम में बड़ी मात्रा में अनुपयोगी सामान और अव्यवस्था पाए जाने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा जनरेटर एवं अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को अविलंब दुरुस्त करने का निर्देश दिया।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

दवा स्टॉक रूम की जांच में एक्सपायर एवं जल्द एक्सपायर होने वाली दवाएं मिलने पर उपायुक्त ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी को टीम गठित कर पूरे स्टोर रूम की जांच, स्टॉक मिलान एवं भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया। साथ ही जर्जर एवं अनुपयोगी सामग्रियों की सूची तैयार कर नियमानुसार नीलामी प्रक्रिया संचालित करने तथा एक्सपायर दवाओं के सुरक्षित निष्पादन को सुनिश्चित करने को कहा।

Book your slot today : +91 7250214782

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सीएचसी एवं बीपीएचयू में उपलब्ध सभी निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं की सूची प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जाए, ताकि आम लोगों को जांच, दवा वितरण, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सके। इसके लिए अस्पताल परिसर में बड़े सूचना पट्ट एवं बैनर लगाने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई कर्मी रोस्टर के अनुसार समय पर ड्यूटी नहीं करते हैं तथा रात्रि ड्यूटी में भी लापरवाही बरती जाती है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में त्रुटियां पाए जाने तथा अनुपस्थित कर्मियों को शोकॉज जारी करते हुए एक दिन के वेतन कटौती का निर्देश दिया गया। इसके अलावा तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित चिकित्सकों एवं कर्मियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने तथा डेपुटेशन पर कार्यरत कर्मियों को मूल कार्यस्थल पर वापस भेजने के निर्देश भी दिए गए।

Book your slot today : +91 7250214782

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। मरीजों ने बताया कि अस्पताल में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा किसी प्रकार की अवैध राशि की मांग नहीं की जाती है।
मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

चाईबासा में बाल-संवेदनशील पुलिसिंग पर कार्यशाला आयोजित, CWPO को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

चाईबासा में बाल-संवेदनशील पुलिसिंग पर कार्यशाला आयोजित, CWPO को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

चाईबासा | पश्चिम सिंहभूम पुलिस विभाग द्वारा यूनिसेफ एवं सेंटर फॉर चाइल्ड राइट्स (CCR), NUSRL के तकनीकी सहयोग से पुलिस लाइन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में “बाल-संवेदनशील पुलिसिंग: मामले का दस्तावेजीकरण और बाल-संवेदनशील प्रक्रियाएं” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष किशोर पुलिस इकाइयों (SJPU) को सशक्त बनाना तथा बाल संरक्षण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनाना था।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

कार्यशाला में रांची जिले के विभिन्न थानों से आए 39 बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों (CWPO) ने भाग लिया। इस दौरान पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) एवं पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) के तहत मामलों के उचित दस्तावेजीकरण और बाल-संवेदनशील प्रक्रियाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

Book your slot today : +91 7250214782

पुलिस लाइन के मेजर मंसूर गोप ने बताया कि यूनिसेफ और CCR, NUSRL के सहयोग से सभी बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों के लिए सात चरणों में संवेदनशीलता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का पांचवां चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत CCR, NUSRL के अनिरुद्ध सरकार के स्वागत भाषण एवं प्रशिक्षण-पूर्व मूल्यांकन सत्र के साथ हुई। तकनीकी सत्र में यूनिसेफ से जुड़े बाल संरक्षण अधिकारी गौरव कुमार ने किशोर न्याय अधिनियम 2015 और झारखंड किशोर न्याय नियम 2017 के अंतर्गत बाल-संवेदनशील पुलिसिंग के सिद्धांतों पर विस्तार से जानकारी दी।

Book your slot today : +91 7250214782

उन्होंने गरिमा, गोपनीयता, भेदभाव-रहित दृष्टिकोण और बाल हित सर्वोपरि रखने जैसे विषयों के साथ-साथ बाल भिक्षावृत्ति, मादक पदार्थों की तस्करी और बाल अपराध से जुड़े मामलों की पहचान एवं कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी चर्चा की।
कार्यशाला के दौरान बाल विवाह, लैंगिक शोषण तथा विधि से संघर्षरत बच्चों (CCL) से संबंधित मामलों पर केस स्टडी आधारित अभ्यास कराया गया। वहीं, बाल कल्याण समिति के सदस्य मोहम्मद समीम ने प्रतिभागियों की क्षमता आकलन और भविष्य की रणनीतियों पर समूह चर्चा का संचालन किया। कार्यक्रम में पालक देखभाल (Foster Care) एवं आफ्टर केयर योजनाओं की भी जानकारी साझा की गई।
इसके अतिरिक्त, पीसीआई इंडिया के सलाहकार हिमांशु जेना ने बाल विवाह उन्मूलन सहित विभिन्न बाल संरक्षण मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

चाईबासा सदर अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर भाजपा नेता ने उठाए सवाल

चाईबासा सदर अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर भाजपा नेता ने उठाए सवाल

चाईबासा | भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष पवन शंकर पांडे ने चाईबासा सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले का एकमात्र सदर अस्पताल खुद बदहाल स्थिति में है, जिसके कारण मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

पवन शंकर पांडे ने कहा कि अस्पताल में बड़े-बड़े भवन तो बना दिए गए हैं, लेकिन चिकित्सकों की भारी कमी बनी हुई है। कई विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद अब भी रिक्त हैं, जिससे मरीजों को इलाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में जनरेटर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बिजली कटौती के दौरान मरीजों को भीषण गर्मी झेलनी पड़ती है। बिजली चले जाने पर वार्डों में पंखे बंद हो जाते हैं और कई बार ऑपरेशन तक टॉर्च की रोशनी में करने की नौबत आ जाती है।

Book your slot today : +91 7250214782

उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में एमआरआई, सीटी स्कैन समेत कई आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। इसके कारण मरीजों को जांच और इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। पांडे ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम एक आदिवासी बहुल एवं पिछड़ा जिला है, जहां अधिकांश लोगों के पास निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने के संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।

Book your slot today : +91 7250214782

भाजपा नेता ने ब्लड बैंक की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से मरीजों को रक्त उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उनके अनुसार अब तक ब्लड बैंक को लाइसेंस नहीं मिलने के कारण लोगों को रक्त के लिए जमशेदपुर जाना पड़ता है, जिससे मरीजों एवं उनके परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग चाईबासा सदर अस्पताल की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। विभिन्न प्रखंडों एवं अनुमंडल अस्पतालों से मरीजों को सदर अस्पताल रेफर किया जाता है, लेकिन वहां से भी कई मरीजों को एमजीएम अस्पताल भेज दिया जाता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
अंत में पवन शंकर पांडे ने राज्य सरकार से मांग की कि चाईबासा सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द सुदृढ़ किया जाए, ताकि जिले के लोगों को इलाज के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।

प्रोजेक्ट-बचपन के तहत बाल भोज-सह-जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए उपायुक्त मनीष कुमार

प्रोजेक्ट-बचपन के तहत बाल भोज-सह-जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए उपायुक्त मनीष कुमार

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने “प्रोजेक्ट-बचपन: भविष्य की राहें” के तहत बुधवार को सदर चाईबासा परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र गितिलिपी और किरीगोट में आयोजित बाल भोज-सह-जन्मोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह की 14 तारीख को आयोजित किया जाता है।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों में मौजूद बच्चों से संवाद किया। मई माह में जन्मदिन वाले बच्चों का सामूहिक रूप से केक काटकर जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों ने कविता और कहानियां सुनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिस पर उपायुक्त ने उनका उत्साहवर्धन किया।

Book your slot today : +91 7250214782

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि आज के बच्चे ही भविष्य में देश के कर्णधार बनेंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों के समग्र विकास और आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति आकर्षण बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक माह बाल भोज-सह-जन्मोत्सव कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रों में बच्चों के लिए खुशनुमा वातावरण तैयार कर बेहतर पठन-पाठन सुनिश्चित करने हेतु लगातार नवाचार किए जाएंगे।

Book your slot today : +91 7250214782

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों में एएनसी जांच, स्वास्थ्य परीक्षण एवं अन्य गतिविधियों का अवलोकन किया। साथ ही बच्चों के लिए तैयार भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने बच्चों को केक और खीर खिलाकर उनके साथ समय बिताया।

दिशा बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण

दिशा बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में सिंहभूम सांसद जोबा माझी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर अतिथियों का पारंपरिक रूप से शॉल ओढ़ाकर तथा पौधा एवं वेजिटेबल बास्केट भेंट कर स्वागत किया गया।
बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों, बुनियादी सुविधाओं तथा जनसमस्याओं की विस्तार से समीक्षा की गई। सांसद जोबा माझी ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

समीक्षा के दौरान कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। कल्याण विभाग को सामुदायिक वन पट्टा वितरण, एकलव्य विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। वहीं, वन विभाग को एलीफेंट अलर्ट सिस्टम एवं हाईमास्ट लाइट लगाने की दिशा में कार्य तेज करने को कहा गया।

Book your slot today : +91 7250214782

बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत सड़कों की मरम्मत, पेयजल संकट को देखते हुए चापाकलों की मरम्मत, जलमीनारों के संचालन तथा बंद पड़ी ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को पुनः चालू करने पर भी जोर दिया गया। चक्रधरपुर एवं जगन्नाथपुर में जर्जर पानी टंकियों के सुरक्षित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा पंचायत स्तर पर योजनाओं की मॉनिटरिंग, जिला परिषद की निर्माणाधीन योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने, नवोदय विद्यालय नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने, तांतनगर में फार्मेसिस्ट कॉलेज संचालन तथा नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य निरीक्षण को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में मोबाइल कनेक्टिविटी, भूमिहीन परिवारों को आवास हेतु भूमि उपलब्ध कराने, पशुपालन योजनाओं के लाभुकों को प्रशिक्षण देने तथा बिजली व्यवस्था को सुचारू रखने पर भी चर्चा हुई।
उपायुक्त मनीष कुमार ने बताया कि आपदा से संबंधित लंबित मुआवजा मामलों में कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान एवं बारिश से प्रभावित लोगों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश से निपटने के लिए एंटीवेनम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में जैक बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार हुआ है तथा ब्लड बैंक लाइसेंस एवं होमगार्ड प्रशिक्षण को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

Book your slot today : +91 7250214782

बैठक में मिशन वात्सल्य योजना के तहत एकल अभिभावक वाले बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ने की अपील की गई। योजना के तहत बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह चार हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।
लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण
बैठक के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच आवास योजना के डमी चेक, प्रेशर कुकर, साइकिल, सामुदायिक वन पट्टा, खेल किट, स्कूल बैग, किताबें, मत्स्य विपणन किट, ट्रैक्टर एवं कृषि उपकरण, एचपीवी वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र सहित अन्य सामग्री वितरित की गई। साथ ही जैक बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
जागरूकता रथों को दिखाई गई हरी झंडी
बैठक के उपरांत अतिथियों ने पोषण, जनगणना, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, टीबी मुक्त भारत, एचपीवी वैक्सीनेशन, रक्तदान, पेयजल एवं स्वच्छता तथा जेएसएलपीएस के प्रोजेक्ट बदलाव से संबंधित जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। समाहरणालय परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया गया।
बैठक में कालीचरण मुंडा, निरल पुरती, सुखराम उरांव, सोनाराम सिंकु, जगत माझी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

प्रोजेक्ट बचपन के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल भोज-सह-जन्मोत्सव आयोजित

प्रोजेक्ट बचपन के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल भोज-सह-जन्मोत्सव आयोजित

चक्रधरपुर | उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के मार्गदर्शन में संचालित “प्रोजेक्ट बचपन” के तहत गुरुवार को चक्रधरपुर प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्र कुदलीबाड़ी एवं भलियाकुदर में बाल भोज-सह-जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत मई माह में जन्मे आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों का सामूहिक रूप से जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान बच्चों के साथ केक काटा गया और उनके लिए विशेष बाल भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

अधिकारियों ने बताया कि “प्रोजेक्ट बचपन” के तहत प्रत्येक माह की 14 तारीख को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पोषण, स्वच्छता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।

Book your slot today : +91 7250214782

इस अवसर पर पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी, चक्रधरपुर अंचल अधिकारी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को बच्चों को पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

Book your slot today : +91 7250214782

बाल संवाद कार्यक्रम में उपायुक्त ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित, शिक्षा में उत्कृष्टता पर दिया जोर

बाल संवाद कार्यक्रम में उपायुक्त ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित, शिक्षा में उत्कृष्टता पर दिया जोर

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में बाल संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो मौजूद रहे। इस दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं कार्यक्रम से जुड़े।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

कार्यक्रम की शुरुआत में उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा जैक बोर्ड द्वारा जारी 10वीं एवं 12वीं परीक्षा परिणाम में जिले के बेहतर प्रदर्शन पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का पहला लक्ष्य पश्चिमी सिंहभूम को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है, ताकि यहां के छात्र-छात्राएं स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन करें।

Book your slot today : +91 7250214782

उपायुक्त ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अनुशासन और निरंतर मेहनत ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने छात्रों को नियमित अभ्यास जारी रखने तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने छात्र-छात्राओं को “तारा ताली” और “रेन ताली” जैसी गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि “प्रोजेक्ट परख” के तहत विद्यालयों में नियमित टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यालयों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने हुनर को पहचानने और अनुशासन के साथ बेहतर परिणाम हासिल करने की अपील की। उपायुक्त ने कहा कि विद्यालयों में “बोलेगा सिंहभूम” कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारा जाएगा, जबकि “बात तो करनी होगी” कार्यक्रम के जरिए उनकी संवाद क्षमता का विकास किया जाएगा।

Book your slot today : +91 7250214782

इसके अलावा उन्होंने जानकारी दी कि प्रत्येक माह की 5 तारीख को सभी विद्यालयों में खेल महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें खेल गतिविधियों के साथ अन्य रचनात्मक कार्यक्रम भी शामिल होंगे। वहीं, प्रत्येक माह की 20 तारीख को “तिथि भोज-सह-जन्मोत्सव” कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं का जन्मदिन मनाया जाएगा और उन्हें विशेष भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए घड़े में पेयजल तथा पक्षियों के लिए अलग से पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह की 8 एवं 24 तारीख को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की सहभागिता अपेक्षित रहेगी।

झींकपानी के कस्तूरबा विद्यालय में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, छात्राओं को यातायात नियमों की दी जानकारी

झींकपानी के कस्तूरबा विद्यालय में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, छात्राओं को यातायात नियमों की दी जानकारी

चाईबासा | जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा एवं जिला सड़क सुरक्षा टीम, परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में झींकपानी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों तथा कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

Admissions Open | Contact : +91 9899613747

अभियान के दौरान DLSA के सचिव रवि चौधरी ने छात्राओं को ट्रैफिक नियमों, रोड मार्किंग, संकेत चिह्नों एवं नियमों के उल्लंघन पर होने वाली कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग को अनिवार्य बताते हुए तेज रफ्तार और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील की।

Book your slot today : +91 7250214782

उन्होंने सरकार की गुड समैरिटन योजना तथा सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे की जानकारी भी दी। सचिव ने बताया कि वाहन का बीमा (इंश्योरेंस) नहीं होने की स्थिति में मुआवजे की जिम्मेदारी वाहन मालिक की होती है। वहीं, अज्ञात वाहन से दुर्घटना होने पर परिवहन विभाग पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने में सहयोग करता है।
कार्यक्रम में छात्राओं को अपने घर, विद्यालय और समाज में यातायात नियमों के पालन के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया गया। इसके अलावा बाल मजदूरी, बाल विवाह, दहेज प्रथा, बाल शोषण एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों पर भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

Book your slot today : +91 7250214782

जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की ओर से बताया गया कि पीड़ितों एवं उनके परिवारों को न्याय दिलाने तथा कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए निशुल्क अधिवक्ताओं की व्यवस्था की जाती है।