जामताड़ा | जामताड़ा सदर अस्पताल में कथित चिकित्सीय लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। सरकारबांध निवासी रीना कुमारी नामक प्रसूता और उसके नवजात शिशु की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उपलब्ध कराई जाने वाली आवश्यक दवाइयों के बजाय उन्हें बाहर की निजी मेडिकल दुकानों से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर किया गया। उनका कहना है कि समय पर समुचित इलाज और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, जिसके कारण प्रसूता और नवजात की मौत हो गई।

घटना के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी, संसाधनों का अभाव और जवाबदेही की कमी के कारण मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।

परिजनों और स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी या अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

साथ ही सरकारी अस्पतालों में सभी आवश्यक दवाइयों, उपकरणों और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

