चाईबासा | लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं शिक्षाविद् सोनम वांगचुक से जुड़े घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को कांग्रेस के जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण और संवैधानिक अधिकारों की बात करने वालों की आवाज दबाने का कोई भी प्रयास लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना पर सीधा प्रहार है।

त्रिशानु राय ने कहा कि सोनम वांगचुक किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि लद्दाख के पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय लोगों के अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे व्यक्ति की आवाज को दबाने का प्रयास केंद्र सरकार की लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति असहिष्णुता को दर्शाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में जो भी व्यक्ति जनता के अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण और संवैधानिक मूल्यों की बात करता है, उसे डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस प्रकार की राजनीति का पुरजोर विरोध करती है। लोकतंत्र में असहमति अपराध नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी शक्ति होती है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार को दमन और टकराव की राजनीति छोड़कर संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोगों की भावनाओं, उनकी मांगों और पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि जनता की आवाज को बलपूर्वक दबाने से समस्याओं का समाधान नहीं होता, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में लोगों का विश्वास कमजोर पड़ता है।

त्रिशानु राय ने कहा कि कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को दबाने का हर प्रयास लोकतांत्रिक भारत की मूल भावना के विरुद्ध है और कांग्रेस इसका हर स्तर पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी।


