चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल का ब्लड बैंक एक बार फिर विवादों में आ गया है। यहां कार्यरत एक कर्मी पर कथित रूप से फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर अवैध तरीके से नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर स्थानीय युवक अनीष गोप ने जिला उपायुक्त (डीसी) को शिकायती पत्र सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला
उपायुक्त को सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में कार्यरत जयंत कुमार के पास ब्लड बैंक जैसे अत्यंत संवेदनशील विभाग में कार्य करने के लिए आवश्यक वैध तकनीकी प्रशिक्षण एवं प्रमाणपत्र नहीं हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि बिना आवश्यक योग्यता के ऐसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति मरीजों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है।

स्थानीय युवाओं की अनदेखी का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जयंत कुमार मूल रूप से बिहार का निवासी है तथा उसके आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज बिहार के हैं। जबकि पश्चिमी सिंहभूम जिले में बड़ी संख्या में योग्य एवं तकनीकी रूप से प्रशिक्षित स्थानीय युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

इसके बावजूद बाहरी राज्य के व्यक्ति की कथित रूप से अनियमित तरीके से नियुक्ति किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से अस्पताल प्रबंधन की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

डीसी से की गई ये प्रमुख मांगें
अनीष गोप ने उपायुक्त से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, संबंधित कर्मी के सभी शैक्षणिक एवं तकनीकी प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जाए तथा जांच पूरी होने तक साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका को देखते हुए उसे तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए। साथ ही, यदि नियुक्ति में अनियमितता पाई जाती है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।

शिकायत सामने आने के बाद अब पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
इस दौरान जिला उपाध्यक्ष भुवनेश्वर तियू, जिला महासचिव सचिन बिरुवा, जिला महासचिव आयुष, उदय, आकाश गोप एवं आर्यन पूर्ति सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

