मनोहरपुर | पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड क्षेत्र भ्रमण के दूसरे दिन उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मनीष कुमार ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बरंगा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं आधारभूत संसाधनों के साथ-साथ संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने छात्राओं से उनकी कक्षा, पढ़ाए जा रहे विषयों, पढ़ाई में रुचि, विषयों की समझ तथा विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने छात्राओं की जिज्ञासाओं को सुना और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।

उपायुक्त ने विद्यालय परिसर में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने कक्षाओं, परिसर तथा अन्य संसाधनों की स्थिति की जानकारी लेते हुए विद्यालय प्रबंधन से आवश्यक बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की।

मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता का लिया जायजा
विद्यालय निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यार्थियों के लिए तैयार किए जा रहे मध्याह्न भोजन की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन एवं संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और उनके स्वास्थ्य में गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए भोजन तैयार करने से लेकर बच्चों को परोसने तक स्वच्छता एवं गुणवत्ता के मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
दिव्यांग शिक्षक गुलशन लोहार के समर्पण की सराहना
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त श्री मनीष कुमार की मुलाकात विद्यालय में कार्यरत दिव्यांग शिक्षक श्री गुलशन लोहार से हुई। उपायुक्त ने उनके कार्य के प्रति समर्पण, जिम्मेदारी और विद्यार्थियों के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने शिक्षक गुलशन लोहार से संवाद कर उनके अनुभव तथा विद्यालय में शिक्षण कार्य से संबंधित जानकारी भी ली।

उपायुक्त ने कहा कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर अपनी सेवाएं देना प्रेरणादायी है। उन्होंने श्री लोहार के समर्पण को विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था के प्रति सकारात्मक प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया। इस अवसर पर उपायुक्त ने उन्हें अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उपायुक्त के इस आत्मीय व्यवहार से विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मी भी उत्साहित नजर आए।

निरीक्षण के अंत में उपायुक्त ने विद्यालय प्रबंधन को विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर शैक्षणिक गतिविधियों, अनुशासन, स्वच्छता, पोषण और विद्यार्थियों की सहभागिता पर निरंतर ध्यान दिया जाना आवश्यक है।

