मनोहरपुर | पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त मनीष कुमार ने मनोहरपुर प्रखंड क्षेत्र भ्रमण के दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, मनोहरपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण कर शैक्षणिक, आवासीय एवं मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, भोजन, पेयजल, स्वच्छता तथा आधारभूत संरचनाओं के संबंध में विद्यालय प्रबंधन से जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय के किचन का विशेष रूप से निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, रसोईघर की साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया तथा छात्राओं को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा छात्राओं को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही, भोजन निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता और समय पर गैस रिफिल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

इसके बाद उपायुक्त ने विद्यालय के डाइनिंग स्पेस का निरीक्षण कर छात्राओं के भोजन करने की व्यवस्था, उपलब्ध स्थान एवं स्वच्छता की स्थिति देखी। उन्होंने निर्देश दिया कि भोजन करने का स्थान हमेशा स्वच्छ, व्यवस्थित एवं सुविधाजनक रखा जाए और नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।

उपायुक्त ने विद्यालय परिसर में उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं की स्थिति की भी जानकारी ली। परिसर में आवागमन को सुगम बनाने तथा जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए 15वें वित्त आयोग मद से फेवर ब्लॉक बिछाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं के आवागमन को ध्यान में रखते हुए आवश्यक स्थानों पर सुरक्षित एवं बेहतर सतह की व्यवस्था की जाए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय में स्थापित सोलर पैनल की स्थिति का भी जायजा लिया। खराब पड़े सोलर पैनल को शीघ्र दुरुस्त कराने का निर्देश देते हुए उन्होंने उपलब्ध वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा।

विद्यालय भवन के निरीक्षण के दौरान छत से पानी के रिसाव की जानकारी मिलने पर उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने छत की आवश्यक मरम्मत कराने और जल रिसाव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, भवन की संरचनात्मक स्थिति का आकलन कर आवश्यक मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराने को कहा, ताकि छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने विद्यालय परिसर में जल मीनार के अधिष्ठापन की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं को पर्याप्त एवं सुगम पेयजल उपलब्ध होना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, पेयजल स्रोतों की नियमित देखरेख एवं स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
उपायुक्त मनीष कुमार ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि छात्राओं की सुविधा से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों में छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने विद्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता, पेयजल की उपलब्धता, भवन की मरम्मत तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए छात्राओं के लिए ऐसा वातावरण विकसित किया जाए, जहां वे निर्बाध रूप से अध्ययन कर सकें और आवासीय जीवन से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं उन्हें सहज रूप से उपलब्ध हों।

