मनोहरपुर | पश्चिमी सिंहभूम के जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार ने मनोहरपुर प्रखंड क्षेत्र के भ्रमण के दौरान शुक्रवार को प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया। कार्यालय परिसर पहुंचने पर स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने उपायुक्त का स्वागत किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में संचालित विभिन्न प्रशासनिक कार्यों से संबंधित पंजी एवं अभिलेखों का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी लेते हुए लंबित एवं निष्पादित कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से आवश्यक जानकारी भी प्राप्त की।
उपायुक्त ने कार्यालय में कार्यरत कर्मियों की उपस्थिति, संख्या, कार्य आवंटन तथा दायित्वों के निर्वहन की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कार्यालयीय कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और आमजनों से संबंधित मामलों के निस्तारण में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कार्यालय आने वाले नागरिकों को सुगम एवं बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

पलाश मार्ट, दीदी कैफे और बर्तन बैंक का किया अवलोकन
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने प्रखंड कार्यालय परिसर में जेएसएलपीएस के स्वयं सहायता समूहों की दीदियों द्वारा संचालित पलाश मार्ट, पलाश दीदी कैफे एवं बर्तन बैंक का भी अवलोकन किया। उन्होंने दीदियों से कैफे एवं बर्तन बैंक के संचालन, आय-व्यय तथा विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली और उनके कार्यों की सराहना की।

उपायुक्त ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए।

रेलवे स्टेशन क्षेत्र में पलाश दीदी कैफे के संचालन की पहल
इस दौरान स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने रेलवे स्टेशन क्षेत्र में पलाश दीदी कैफे संचालित करने की संभावना को लेकर उपायुक्त के समक्ष प्रस्ताव रखा। इस पर उपायुक्त ने संबंधित सक्षम प्राधिकार से आवश्यक समन्वय एवं वार्ता करते हुए नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि उपयुक्त स्थानों पर पलाश दीदी कैफे के संचालन से स्थानीय लोगों एवं यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। साथ ही, स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए स्थायी आय और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

निरीक्षण के अंत में उपायुक्त ने प्रखंड एवं अंचल स्तर पर संचालित प्रशासनिक कार्यों की नियमित निगरानी, अभिलेखों के समुचित संधारण तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।


