मनोहरपुर | पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड कार्यालय सभागार में शुक्रवार को जिला स्तरीय ‘सखी संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मनीष कुमार ने महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, नशामुक्ति और वित्तीय समावेशन से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कार्यक्रम में मनोहरपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी शक्ति कुंज, झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (JSLPS) की जिला कार्यक्रम प्रबंधक एशियानी मरकी, जिला एवं प्रखंड स्तरीय टीम के पदाधिकारी-कर्मी तथा भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी दीदियां शामिल हुईं।
आजीविका गतिविधियों को बाजार से जोड़ने पर जोर
उपायुक्त ने दीदी कैफे, पलाश मार्ट सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दीदियों को प्रशिक्षण देने के साथ उनके द्वारा तैयार उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि महिलाओं की आय में वृद्धि हो और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

बैठक में बताया गया कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से दीदियों को विभिन्न कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आगामी दीपावली को देखते हुए मिठाई एवं अन्य उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि दीपावली के अवसर पर लगाए जाने वाले आजीविका समूहों के बिक्री केंद्रों के माध्यम से इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, मनोहरपुर स्थित दीदी कैफे को रेलवे कर्मियों एवं अन्य संस्थागत ग्राहकों से जोड़ने की दिशा में पहल करने को कहा।

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नशीली फसलों के स्थान पर वैकल्पिक आजीविका को बढ़ावा
नशामुक्ति अभियान को आजीविका से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने गांव स्तर पर अफीम जैसी नशीली फसलों की खेती को रोकने के साथ इससे जुड़े परिवारों को मछली पालन, मशरूम उत्पादन तथा अन्य कृषि एवं गैर-कृषि आधारित गतिविधियों से जोड़ने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि नशीली फसलों की खेती छोड़ने वाले परिवारों के लिए आय के स्थायी विकल्प उपलब्ध कराना आवश्यक है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के साथ नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा सकेगा।

बर्तन बैंक के बेहतर उपयोग का निर्देश
उपायुक्त ने गांवों में संचालित बर्तन बैंकों का विवाह, जन्मदिन, सामाजिक एवं अन्य सामुदायिक आयोजनों में अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने इनके सामुदायिक स्तर पर व्यवस्थित संचालन पर भी जोर दिया। साथ ही, आकस्मिक एवं स्वच्छता निधि में अधिकतम 30 लाख रुपये तक राशि संग्रह करने तथा सभी सामुदायिक आजीविका संघों में अब तक जमा राशि की समीक्षा करने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उपायुक्त ने लोगों को उबला अथवा गर्म पानी पीने, नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने तथा सुरक्षित तरीके से चारपाई अथवा बिस्तर पर सोने के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया।

उन्होंने अधिक से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार, पोषण और आवश्यक सहयोग में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। स्वच्छता के क्षेत्र में ‘हर घर बोरा’ अभियान को प्रभावी बनाने, प्रत्येक घर में कचरा संग्रह के लिए बोरा उपलब्ध कराने तथा कचरे का नियमित और उचित निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा हरित बिंदु चुनौती, जलजमाव वाले स्थानों की सफाई तथा प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
1 अक्टूबर को 100 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य
आगामी 1 अक्टूबर को आयोजित होने वाले रक्तदान कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने JSLPS से जुड़े सभी सदस्यों एवं संबंधित टीमों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यक्रम के माध्यम से 100 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य हासिल करने के लिए आवश्यक तैयारी करने को कहा।
जिले में 1,500 सक्रिय दीदियों की होगी पहचान
महिला नेतृत्व एवं सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिले में 1,500 सक्रिय दीदियों की पहचान की जाएगी। इसके तहत आंगनबाड़ी सेविका, सहिया, जलसहिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को चिन्हित किया जाएगा।

इसी प्रकार बेहतर कार्य करने वाले सामुदायिक कार्यकर्ताओं को भी चिन्हित कर उन्हें नीले ब्लेजर के माध्यम से विशिष्ट पहचान एवं सम्मान देने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
सखी दिवस और सखी संवाद को प्रभावी मंच बनाने पर जोर
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रत्येक माह की 10 तारीख को सखी दिवस और 25 तारीख को सखी संवाद को महिला नेतृत्व, अनुभवों के आदान-प्रदान और सामुदायिक समस्याओं के समाधान के प्रभावी मंच के रूप में विकसित किया जाए।
उन्होंने कहा कि इन आयोजनों में दीदियों की उपलब्धियों, नवाचारों और विशेष प्रयासों को साझा किया जाए, ताकि अन्य महिलाएं भी उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सकें। सामुदायिक जुड़ाव मजबूत करने के लिए विशेष अवसरों पर सामूहिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य एवं सामाजिक दायित्व की दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों, कर्मियों एवं दीदियों को स्वास्थ्य एवं सामाजिक दायित्व से संबंधित शपथ दिलाई गई। सभी ने समाज के प्रति जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित जिला एवं प्रखंड स्तरीय आजीविका संवर्धन दल तथा मनोहरपुर की दीदियों ने महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और नशामुक्ति से संबंधित निर्देशों को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने तथा अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई।

