सरायकेला खरसावां

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026: राजनगर बाईपास पर रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप जांच व जागरूकता अभियान

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026: राजनगर बाईपास पर रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप जांच व जागरूकता अभियान

सरायकेला : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के तीसरे दिन शनिवार को सरायकेला-खरसावां जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो के निर्देशन में राजनगर बाईपास रोड पर “शाइनिंग सेफ्टी रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप इंस्टॉलेशन” कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान भारी मोटर वाहनों में निर्धारित मानकों के अनुसार रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप की जांच की गई। साथ ही वाहनों की हेडलाइट, टेललाइट एवं अन्य प्रकाश व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। वाहन चालकों को रात्रि के समय दृश्यता बढ़ाने, वाहनों की नियमित तकनीकी जांच कराने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, वाहनों की बेहतर दृश्यता सुनिश्चित करना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को मजबूत करना है। अभियान में मोटरयान निरीक्षक दिलीप कुमार, रवि प्रसाद सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागीय टीम के सदस्य उपस्थित रहे।

राजनगर के टंगरानी गांव में नाले में डूबने से युवक की मौत, जांच में जुटी पुलिस

राजनगर के टंगरानी गांव में नाले में डूबने से युवक की मौत, जांच में जुटी पुलिस

सरायकेला-खरसावां : सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत टंगरानी गांव में नाले में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान टंगरानी गांव निवासी 35 वर्षीय लोधा हांसदा के रूप में हुई है।

परिजनों के अनुसार लोधा हांसदा प्रतिदिन सुबह गम्हारिया स्थित एक फैक्ट्री में काम करने जाता था। शुक्रवार को जब वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।

खोजबीन के दौरान शनिवार दोपहर करीब दो बजे गांव के नाले में पानी के भीतर उसका शव तैरता हुआ मिला। इसके बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सरायकेला में क्षेत्रीय गौड़ समाज का वार्षिक वनभोज सह मिलन समारोह

सरायकेला में क्षेत्रीय गौड़ समाज का वार्षिक वनभोज सह मिलन समारोह

सरायकेला : क्षेत्रीय गौड़ समाज महालिमोरूप का वार्षिक वनभोज सह मिलन समारोह 4 जनवरी, रविवार को सरायकेला प्रखंड के मुरुप स्थित दैवी स्थल माता ठाकुराणी के दरबार में आयोजित होगा।
समाज के अध्यक्ष नागेश्वर प्रधान ने बताया कि समारोह के दौरान माता ठाकुराणी के दरबार में पूजा अर्चना की जाएगी और समाज के सुख, शांति व समृद्धि की कामना की जाएगी। इसके बाद गौड़ समाज के सर्वांगीण विकास पर चर्चा की जाएगी और गौड़ सेवा संघ के कार्यक्रम का वार्षिक कैलेंडर भी विमोचित किया जाएगा।
समारोह में गौड़ सेवा संघ के केंद्रीय, जिला और प्रखंड कमेटी के पदाधिकारी अतिथि के रूप में शामिल होंगे। अध्यक्ष नागेश्वर प्रधान ने समाज के बुद्धिजीवी और क्षेत्रीय लोगों से परिवार सहित समारोह में उपस्थित होने की अपील की है।

राजनगर में दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, एक युवक समेत तीन गंभीर घायल

राजनगर में दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, एक युवक समेत तीन गंभीर घायल

राजनगर : सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र में टांगरानी और खेरकोचा गांव के बीच गाड़ासाई पुलिया के पास शुक्रवार दोपहर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में एक युवक समेत दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।

स्थानीय लोगों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजनगर पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार घायल युवक और एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य का इलाज जारी है।

घायलों की पहचान जोटा गांव निवासी प्रह्लाद सरदार, सोनामनी सरदार और बैसाखी सरदार के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही राजनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

सरायकेला में शिबू सोरेन गोलंबर निर्माण की मांग

सरायकेला में शिबू सोरेन गोलंबर निर्माण की मांग

सरायकेला-खरसावां : सरायकेला-खरसावां जिला झामुमो उपाध्यक्ष भोला महंती के लिखित आवेदन पर सिंहभूम सांसद जोबा माझी एवं खरसावां विधायक दशरथ गागराई की अनुशंसा के साथ झामुमो के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में मांग की गई है कि झारखंड राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले और झारखंड के सर्वमान्य राजनीतिक नेता स्वर्गीय शिबू सोरेन की स्मृति में सरायकेला न्यायालय के निकट (पेट्रोल पंप के पास) राजनगर जाने वाली बाइपास सड़क के मोड़ पर एक गोलंबर का निर्माण कर वहां उनकी प्रतिमा स्थापित की जाए तथा उसे “शिबू सोरेन गोलंबर” नाम दिया जाए। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इससे जिलेवासियों को गौरव की अनुभूति होगी और यह गुरूजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। साथ ही उक्त स्थल पर गोलंबर बनने से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से लेते हुए स्थल जांच कराने के बाद गोलंबर निर्माण एवं शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल में झामुमो जिला उपाध्यक्ष भोला महंती, साहित्य एवं संस्कृति मोर्चा जिला अध्यक्ष अविनाश कबी, नगर सचिव तपन कामिला, कृष्णा राणा एवं गौतम नायक शामिल थे।

समाहरणालय में साप्ताहिक जनता दरबार आयोजित

समाहरणालय में साप्ताहिक जनता दरबार आयोजित

सरायकेला : समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए, जिनकी उपायुक्त ने क्रमवार सुनवाई की।

जनता दरबार में प्रमुख रूप से मुड़कुम ग्राम पंचायत में निर्माणाधीन जलमीनार योजना में अनियमितता, कार्य की धीमी प्रगति एवं छूटे हुए गांवों को योजना से जोड़ने, जलसहिया का पिछले दो वर्षों से लंबित मानदेय भुगतान, गम्हरिया अंचल के इटागढ़ मौजा में सड़क निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के अनुपालन, सरकारी भूमि के उपयोग एवं ग्रामीणों की भूमि के अधिग्रहण से परहेज से जुड़े मामले सामने आए।

इसके अलावा नगर पंचायत क्षेत्र के सरायकेला वार्ड संख्या–06 में जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र के स्थान पर नए भवन निर्माण तथा नया भवन बनने तक आंगनबाड़ी केंद्र को किसी अन्य उपयुक्त भवन में संचालित करने से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुआ।

उपायुक्त ने संबंधित विभागों, अंचल एवं नगर निकाय के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों की नियमों के अनुरूप त्वरित जांच कर समयबद्ध, पारदर्शी एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में स्थल निरीक्षण आवश्यक है, वहां शीघ्र निरीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बाल विकास, पेयजल, सड़क सुरक्षा एवं जनसुविधा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित पदाधिकारी प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करें।

जर्जर चाईबासा–सरायकेला–कांड्रा मार्ग पर टोल वसूली को लेकर पवन शंकर पांडेय ने जताई नाराजगी

जर्जर चाईबासा–सरायकेला–कांड्रा मार्ग पर टोल वसूली को लेकर पवन शंकर पांडेय ने जताई नाराजगी

चक्रधरपुर : जर्जर चाईबासा–सरायकेला–कांड्रा मार्ग पर टोल टैक्स वसूली को लेकर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष पवन शंकर पांडेय ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सड़क की हालत बेहद खराब है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं की जा रही है और टोल टैक्स वसूला जा रहा है, जो चिंताजनक है। पांडेय ने राज्य के मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से इस मामले में संज्ञान लेने की मांग की है। साथ ही सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और टोल टैक्स वसूली पर रोक लगाने की मांग की है।

खरसावां शहीद दिवस पर अर्जुन मुंडा ने दी श्रद्धांजलि, आदिवासी अधिकारों के संरक्षण का लिया संकल्प

खरसावां शहीद दिवस पर अर्जुन मुंडा ने दी श्रद्धांजलि, आदिवासी अधिकारों के संरक्षण का लिया संकल्प

खरसावां : खरसावां शहीद दिवस के अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा एवं मीरा मुंडा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ खेलारीसाई स्कूल से पदयात्रा करते हुए शहीद स्माधि स्थल पहुंचे। उन्होंने 1 जनवरी 1948 के खरसावां गोलीकांड में शहीद हुए वीर सपूतों की स्मृति में स्थापित शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजलि के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए अर्जुन मुंडा ने कहा कि आज़ादी के बाद भी आदिवासी समाज के बलिदानों से सरकारें ठोस सबक नहीं ले सकीं। जिन शहीदों ने अपने रक्त से इतिहास रचा, उनकी धरती आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि आज़ादी से पहले आदिवासी समाज का संघर्ष अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ था, लेकिन आज़ादी के बाद भी खरसावां की धरती ने यह संदेश दिया कि आदिवासी जीवन, संस्कृति और परंपराओं को समझे बिना स्वतंत्रता अधूरी है।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में आज भी संविधान की मूल भावना के अनुरूप शासन व्यवस्था लागू नहीं हो पा रही है। पेसा कानून लागू होने के बावजूद उसकी नियमावली आदिवासी जीवन पद्धति और परंपराओं के अनुरूप नहीं है, जो शहीदों के बलिदान के साथ अन्याय है। अर्जुन मुंडा ने चिंता जताते हुए कहा कि शहरीकरण, खनन, बालू घोटाले और भूमि अधिग्रहण के माध्यम से आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन और संस्कृति पर लगातार हमला हो रहा है। गगनचुंबी इमारतें बनाकर क्षेत्रों को शहरी घोषित करने का प्रयास अनुसूचित क्षेत्र की पहचान मिटाने की साजिश है।
उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया नववर्ष मना रही है, तब हम शहीद वेदी पर यह संकल्प लेते हैं कि आदिवासी अधिकारों की रक्षा, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण और संविधान प्रदत्त अधिकारों के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए संघर्ष जारी रहेगा। सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब पेसा कानून को उसकी मूल भावना के अनुरूप पूरी तरह लागू किया जाएगा।
इस अवसर पर भाजपा नेता जेबी तुबिद, पूर्व विधायक मंगल सिंह सोय, पूर्व विधायक गुरूचरण नायक, जिप अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, जिप सदस्य झिंगी हेम्ब्रम, भाजपा जिला अध्यक्ष उदय सिंह देव, बोबी सिंह, सुधीर मंडल, अमित कैशरी, विजय महतो, रामदास मुर्मू सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के बैनर तले कोल्हान क्षेत्र में शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के बैनर तले कोल्हान क्षेत्र में शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

खरसावां : आज आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के बैनर तले जिला अध्यक्ष मानसिंह तिरिया एवं सरायकेला जिला अध्यक्ष सुनील गगाराई के संयुक्त तत्वावधान में कोल्हान क्षेत्र के खरसावां, सेरेंगसिया, जगन्नाथपुर और राजाबासा में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर शहीदों के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मानसिंह तिरिया ने कहा कि कोल विद्रोह में शहीद हुए वीरों को याद कर उन्हें नमन किया गया। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी को कोल्हान और 2 जनवरी को कलिंगनगर में हमारे ही आदिवासी भाइयों की निर्मम हत्या की गई थी, जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं। अंग्रेजों ने 1 और 2 जनवरी को आदिवासियों की हत्या कर इसे अपने लिए जश्न का दिन बना लिया। इस इतिहास को जानना हर आदिवासी के लिए जरूरी है और इन दिनों को शहीद दिवस के साथ-साथ संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि जिन लोगों ने आदिवासियों पर गोलियां चलाईं, आज वही खुद को आदिवासी समाज का हितैषी बता रहे हैं।
उन्होंने कोल विद्रोह के जननायक वीर शहीद पोटो हो’ का उल्लेख करते हुए कहा कि फांसी के कई वर्षों बाद उनके नाम से राजाबासा गांव की पहचान बनी, लेकिन आज उस गांव की स्थिति बेहद दयनीय है। ग्रामीण जैंतगढ़, चंपुआ और अन्य क्षेत्रों में मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से गांव को गोद लेकर विकास पर ध्यान देने की मांग की।
मानसिंह तिरिया ने बताया कि आज ही के दिन गवर्नर जनरल के राजनीतिक एजेंट कैप्टन थॉमस विल्किंसन ने हो’ दिसुम (वर्तमान कोल्हान) के महान योद्धा पोटो हो’, नारा हो’, बड़ाय हो’, पांडुवा हो’ और बोड़ेया हो’ को फांसी की सजा सुनाई थी, जबकि अन्य सहयोगी योद्धाओं को कारावास की सजा दी गई थी।
उन्होंने कहा कि हो’ विद्रोह (1820-21), महान कोल विद्रोह (1831-32) और सेरेंगसिया घाटी युद्ध (1837) के दौरान लगभग 17 वर्षों तक अंग्रेजों और हो’ आदिवासियों के बीच भीषण संघर्ष हुआ। अंग्रेज जानते थे कि यदि पोटो हो’ और उनके साथी जीवित रहे, तो वे कोल्हान में कभी स्थायी रूप से शासन नहीं कर पाएंगे। इसी कारण 1 जनवरी 1838 को जगन्नाथपुर बाजार स्थित बरगद के पेड़ पर पोटो हो’, नारा हो’ और बड़ाय हो’ को फांसी दी गई, जबकि 2 जनवरी 1838 को सेरेंगसिया गांव में पीपल के पेड़ पर बोड़ेया हो’ और पांडुवा हो’ को फांसी दी गई। इस घटना पर लंदन बोर्ड ने भी आपत्ति जताई थी।
कार्यक्रम में सरायकेला जिला अध्यक्ष सुनील गगाराई ने कहा कि 1-2 जनवरी को फांसी देना अंग्रेजों की सोची-समझी राजनीतिक साजिश थी, ताकि आदिवासी अपने इतिहास और पूर्वजों को भूलकर नए साल के जश्न में डूबे रहें।
उन्होंने आगे कहा कि देश की आजादी के बाद 1 जनवरी 1948 को सरायकेला-खरसावां रियासत के ओडिशा में विलय और अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर खरसावां हाट मैदान में आदिवासियों की एक बड़ी शांतिपूर्ण सभा आयोजित हुई थी, जिस पर ओडिशा पुलिस ने मशीनगन से गोलीबारी की थी।
इस कार्यक्रम में चुमरू पिंगुवा, सजान देवगम, सुनील लागुरी, मदन सिंकु, नरसिंह पुर्ती, माटा करोवा, अर्जुन मुंडा, जोसेफ मुंडा, लुकुना पुर्ती, दामू बोबोंगा, सादु मुंडा, पुष्पा मुंडा, शांति पुर्ती, सरस्वती सवैया, हीरा मुनी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

खरसावां को फूल नहीं, खून का हिसाब चाहिए, कुआँ खोदकर हो DNA जाँच, तभी साबित होगी आदिवासी हितैषी सरकार:- धी रामहरि पेरियार

खरसावां को फूल नहीं, खून का हिसाब चाहिए, कुआँ खोदकर हो DNA जाँच, तभी साबित होगी आदिवासी हितैषी सरकार:- धी रामहरि पेरियार

चाईबासा : एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष सह लोकसभा एवं विधानसभा प्रत्याशी रहे धी. रामहरि पेरियार ने गुरुवार को सरायकेला–खरसावां जिला अंतर्गत खरसावां स्थित शहीद स्थल पर पहुँचकर खरसावां गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि खरसावां गोलीकांड में 35 शहीदों पर सरकारी मुहर लगी, लेकिन आजादी के 77 वर्षों बाद भी सिर्फ 2 परिवारों को ही सरकारी संवेदना मिली। शेष 33 शहीद आज भी सरकारी ताले में बंद हैं। यह कोई प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश है, आदिवासी शहादत को इतिहास से मिटाने की साजिश।
       धी. पेरियार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि वर्तमान अबुआ सरकार वास्तव में आदिवासी हितैषी है, तो केवल मंच से भाषण देने, पुष्प अर्पित करने और औपचारिक संवेदना जताने से काम नहीं चलेगा। सरकार को खरसावां शहीद स्थल का कुआँ खुदवाकर सभी अस्थियों को बाहर निकालना होगा, DNA जाँच करानी होगी और शहीदों की पहचान कर उनके वास्तविक परिजनों तक पहुँचना होगा। तभी यह सरकार आदिवासियों की उम्मीदों की सरकार कही जाएगी।
        उन्होंने कहा कि खरसावां कोई प्रतीकात्मक स्मारक नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, संघर्ष और बलिदान का रक्तरंजित इतिहास है। जब तक 33 अज्ञात शहीदों के नाम उजागर नहीं होते, उनके परिवारों को न्याय, सम्मान और अधिकार नहीं मिलता, तब तक हर सरकार कटघरे में खड़ी रहेगी।
      धी. रामहरि पेरियार ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि खरसावां को फूल नहीं, खून का हिसाब चाहिए।
अब समय आ गया है कि अबुआ सरकार सच्चाई से भागना बंद करे और ऐतिहासिक अन्याय को स्वीकार कर उसे सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाए।
      उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार अविलंब एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन करे, DNA परीक्षण की प्रक्रिया शुरू करे और शहीद परिवारों को शहीद का दर्जा, मुआवजा तथा सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करे।