राजनीति

सीदाडीह टुसू मेला में पीएनबी आरसेटी द्वारा आरसेटी बाजार का आयोजन

सीदाडीह टुसू मेला में पीएनबी आरसेटी द्वारा आरसेटी बाजार का आयोजन

सरायकेला : पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (पीएनबी आरसेटी) की ओर से सरायकेला प्रखंड के प्रसिद्ध सीदाडीह टुसू मेला में आरसेटी बाजार का आयोजन किया गया। बाजार का उद्घाटन मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा फीता काटकर किया गया।

कार्यक्रम में मेला अध्यक्ष सुखू मुर्मू, सचिव सालखु टुडू, कोषाध्यक्ष भीम सोरेन, सीएलएफ की सचिव सुमित्रा देवी, पीएनबी आरसेटी के निदेशक उमा शंकर तांती, डीएसटी रीना देवी सहित संकाय सदस्य शैलेन्द्र गोप, दिलीप आचार्य, इंद्रजीत कैबत, द्रौपदी महतो एवं संस्थान के प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

आरसेटी बाजार में पीएनबी आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षुओं द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की गई। इस अवसर पर आम लोगों को स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं तथा पीएनबी आरसेटी द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई।

नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस की जिला स्तरीय बैठक 20 जनवरी को

नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस की जिला स्तरीय बैठक 20 जनवरी को

चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिला कांग्रेस के प्रवक्ता सह नगर परिषद चाईबासा के पर्यवेक्षक त्रिशानु राय ने प्रेस को बताया कि जिले के चाईबासा एवं चक्रधरपुर में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव–2026 के मद्देनज़र कांग्रेस जिला राजनीतिक मामले समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक 20 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 11:45 बजे कांग्रेस भवन, चाईबासा में संपन्न होगी। बैठक झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देशानुसार आहूत की गई है।

बैठक में कांग्रेस जिला अध्यक्ष रंजन बोयपाई, विधायक सह उप मुख्य सचेतक सोनाराम सिंकु, पूर्व विधायक देवेंद्र नाथ चांपिया, पूर्व जिलाध्यक्ष सन्नी सिंकु, चंद्रशेखर दास, पूर्व कार्यकारी जिला अध्यक्ष अंबर राय चौधरी, जिला परिषद सदस्य विजय भेंगरा, नगर अध्यक्ष चाईबासा मो. सलीम, नगर अध्यक्ष चक्रधरपुर रमेश ठाकुर सहित विभिन्न विभागों व प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, पदाधिकारी एवं वरिष्ठ नेता भाग लेंगे।

बैठक में मुख्य रूप से जिला पर्यवेक्षक एवं कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू उपस्थित रहेंगे। साथ ही चाईबासा एवं चक्रधरपुर नगर क्षेत्र के सभी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की सहभागिता रहेगी।

नगर परिषद चाईबासा अध्यक्ष पद के लिए रंजीत यादव ने ठोकी दावेदारी

नगर परिषद चाईबासा अध्यक्ष पद के लिए रंजीत यादव ने ठोकी दावेदारी

चाईबासा : नगर परिषद, चाईबासा के अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रंजीत यादव ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। इस संबंध में उन्होंने कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नाम एक आवेदन दिया, जिसे रविवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में कांग्रेस जिला प्रवक्ता सह नगर परिषद चुनाव पर्यवेक्षक त्रिशानु राय को सौंपा गया।
आवेदन में रंजीत यादव ने उल्लेख किया है कि वे कांग्रेस संगठन में विभिन्न पदों पर रहते हुए लंबे समय से पार्टी के हित में कार्य करते आ रहे हैं। वर्तमान में वे महावीर मंडल के अध्यक्ष तथा ट्रक एसोसिएशन के महासचिव हैं, जिसके माध्यम से उनका नगर परिषद क्षेत्र के आम लोगों से निरंतर संपर्क बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि चाईबासा शहर के सर्वांगीण विकास को लक्ष्य बनाकर वे इस चुनावी प्रक्रिया में भाग लेना चाहते हैं।
मौके पर कांग्रेस कार्यालय सचिव सुशील दास, वरीय कांग्रेसी संतोष सिन्हा सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

समाहरणालय सभागार में आपूर्ति विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक

समाहरणालय सभागार में आपूर्ति विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक

सरायकेला : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्यान्न आपूर्ति, दाल-भात योजना, डाकिया योजना, चावल दिवस, सोना–सोबरन धोती–साड़ी योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, ई-केवाईसी, डीलर टैगिंग/री-टैगिंग, NFSA अंतर्गत खाद्यान्न व नमक वितरण सहित अन्य योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने कहा कि विभागीय योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पात्र लाभुकों को समय पर और पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाना है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्धता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने सभी पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा में समय पर खाद्यान्न वितरण, शत-प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण कराने तथा तकनीकी या नेटवर्क समस्या वाले क्षेत्रों में ग्राम स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर शेष कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, लंबे समय से राशन नहीं उठाने वाले या ई-केवाईसी में सहयोग नहीं करने वाले लाभुकों की स्थलीय जांच कर नियमानुसार नाम विलोपन की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।

गम्हरिया एवं आदित्यपुर क्षेत्र में सभी राशन डीलरों के स्टॉक सत्यापन के लिए जिला स्तरीय टीम गठित कर सघन जांच सुनिश्चित करने का निर्देश जिला आपूर्ति पदाधिकारी को दिया गया। बैठक में नवपदस्थापित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से परिचय प्राप्त कर योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।

इसके अलावा, जिले के 27 लैम्प्स के माध्यम से हो रही धान अधिप्राप्ति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने धान खरीद में सुधार, किसानों को समय पर भुगतान और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप धान अधिप्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

20 लोगों की जान लेने वाले हाथी पर नियंत्रण में विफल वन विभाग, जिला प्रशासन के सिस्टम पर गंभीर सवाल:- धी. रामहरि पेरियार

20 लोगों की जान लेने वाले हाथी पर नियंत्रण में विफल वन विभाग, जिला प्रशासन के सिस्टम पर गंभीर सवाल:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : पिछले कई दिनों में पश्चिम सिंहभूम जिला के सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में एक बेकाबू हाथी द्वारा अब तक लगभग 20 निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन वन विभाग और जिला प्रशासन आज तक उस हाथी को काबू में करने में असफल रहा है। यह स्थिति केवल वन्यजीव संकट नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक सिस्टम की गंभीर नाकामी को उजागर करती है।    एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने इस पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन के कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब लगातार मौतें हो रही हैं और आम नागरिक भय के साये में जीने को मजबूर हैं, तब प्रशासन की निष्क्रियता बेहद चिंताजनक और अस्वीकार्य है।
        रामहरि पेरियार ने कहा कि सरकार और वन विभाग के पास संसाधनों, बजट और विशेषज्ञों की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद यदि एक हिंसक हाथी को नियंत्रित नहीं किया जा सका, तो यह स्पष्ट रूप से लापरवाही, कमजोर रणनीति और जिम्मेदारी से बचने की मानसिकता को दर्शाता है। यह सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा के अधिकार का उल्लंघन है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात भयावह हैं। लोग रात में सोने से डर रहे हैं, खेती-बाड़ी प्रभावित हो रही है और बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। बावजूद इसके, जिला प्रशासन केवल औपचारिकता निभाता हुआ नजर आ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
             एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश की ओर से मांग की जाती है कि तुरंत विशेषज्ञ हाथी नियंत्रण दल की तैनाती की जाए।
प्रभावित इलाकों में स्थायी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मृतकों के परिजनों को त्वरित और सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए। इस पूरे मामले में प्रशासनिक विफलता की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पेरियार ने स्पष्ट शब्दों में कहा यह सवाल किसी हाथी का नहीं, बल्कि उस सिस्टम का है जो 20 मौतों के बाद भी जवाबदेह नहीं बन पाया।

झारखंड पुनरुत्थान अभियान की बैठक में पड़ाह राजा की हत्या की निंदा

झारखंड पुनरुत्थान अभियान की बैठक में पड़ाह राजा की हत्या की निंदा

चाईबासा : गैर-राजनीतिक सामाजिक संगठन झारखंड पुनरुत्थान अभियान की एक आवश्यक बैठक केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकु की अध्यक्षता में उनके जिंतुगाड़ा स्थित आवास पर आयोजित की गई। बैठक में खूंटी जिले के एदेल संगा पड़ाह के राजा सोमा मुंडा की अज्ञात अपराधियों द्वारा की गई हत्या की कड़ी निंदा की गई।

इस अवसर पर रैयत संघर्ष समन्वय समिति, जगन्नाथपुर के अध्यक्ष सुमंत ज्योति सिंकु ने कहा कि पड़ाह राजा सोमा मुंडा की हत्या पारंपरिक सामाजिक स्वशासन व्यवस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने झारखंड सरकार से मांग की कि अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

बैठक में झारखंड पुनरुत्थान अभियान के जिला उपाध्यक्ष विकास केराई, जगन्नाथपुर प्रखंड अध्यक्ष विश्वनाथ बोबोंगा, संस्थापक सदस्य विनीत लागुरी तथा स्टूडेंट्स विंग के केंद्रीय अध्यक्ष अरिल सिंकु ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की।

लोक भवन में राज्यपाल से मिला रूढ़िजन्य आदिवासी समन्वय समिति का शिष्टमंडल

लोक भवन में राज्यपाल से मिला रूढ़िजन्य आदिवासी समन्वय समिति का शिष्टमंडल

रांची : रूढ़िजन्य आदिवासी समन्वय समिति का एक शिष्टमंडल बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मिला। अखिल भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी निशा उरांव के नेतृत्व में शिष्टमंडल में विभिन्न जनजातियों के लगभग 40 प्रधान शामिल थे। शिष्टमंडल ने पेसा नियमावली–2025 के कई प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए इसके संशोधन के लिए राज्यपाल से पहल करने का आग्रह किया और इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा।

ज्ञापन में ग्राम सभा के गठन की प्रक्रिया पर आपत्ति व्यक्त की गई है। समिति का कहना है कि वर्तमान नियमावली में पारंपरिक ग्राम सभा का उल्लेख तो किया गया है, लेकिन ग्राम सभा की सीमाओं की मान्यता और प्रकाशन की पूरी जिम्मेदारी जिला उपायुक्त को सौंप दी गई है। जबकि वर्ष 2023 में विधि विभाग द्वारा स्वीकृत और प्रकाशित नियमावली में ग्राम सभा का गठन परंपराओं और रूढ़ियों के अनुसार किए जाने का प्रावधान था।

शिष्टमंडल ने यह भी कहा कि नई नियमावली में “रूढ़ि” शब्द को हटा दिया गया है, जबकि पेसा कानून का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभा के गठन में रूढ़ियों और परंपराओं को उचित स्थान देना है। पेसा की धारा 4(घ) के तहत प्रत्येक ग्राम सभा को अपनी परंपरा, रूढ़ि और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण का अधिकार प्राप्त है, लेकिन वर्तमान नियमावली में ग्राम सभा के गठन की जिम्मेदारी प्रशासन, विशेष रूप से उपायुक्त को दे दी गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में आदिवासी समाज में ग्राम सभा का गठन और बहुस्तरीय व्यवस्था सदियों से रूढ़ियों के आधार पर होती रही है, जिसमें सामाजिक और धार्मिक दोनों परंपराएं शामिल हैं। समिति ने यह भी दावा किया कि धर्मांतरण के बाद रूढ़ियों में बदलाव आता है और धर्मांतरित आदिवासी पारंपरिक कस्टमरी लॉ का पालन नहीं करते। ऐसे में उनके द्वारा पारंपरिक पदों पर बने रहना पेसा की मूल भावना के विपरीत है।

शिष्टमंडल ने आरोप लगाया कि वर्तमान पेसा नियमावली कानून की मूल भावना के साथ खिलवाड़ करती है और इसे संशोधित किए जाने की आवश्यकता है। इस पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि वे इस विषय से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार कर समुचित कार्रवाई करेंगे।

नोवामुंडी में हाथी हमले के पीड़ितों से मिले पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, शीघ्र मुआवजे और सुरक्षा उपायों की मांग

नोवामुंडी में हाथी हमले के पीड़ितों से मिले पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, शीघ्र मुआवजे और सुरक्षा उपायों की मांग

नोवामुंडी : पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत जेटेया पंचायत में जंगली हाथी के हमले से हुई दर्दनाक घटना के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा बुधवार को प्रभावित क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने जेटेया गांव के बावड़िया मुंडा टोला में हाथी हमले में एक ही परिवार के चार सदस्यों तथा बड़ापसिया टोला, डुगुड़ वसा में मंगल बोबोंगा की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद वन विभाग के रेंजर से बातचीत कर मृतकों के परिजनों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की तथा प्रशासन से राहत कार्यों में तेजी और संवेदनशीलता बरतने को कहा।
मधु कोड़ा ने क्षेत्र में बढ़ते हाथी आतंक को गंभीर बताते हुए लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मौके पर नोवामुंडी मंडल अध्यक्ष चंद्र मोहन गोप, मीडिया प्रभारी विनित कुमार गोप, निखिलेश बोबोंगा, सुखराम कोड़ा, पीतांबर बोबोंगा, लक्ष्मण गोप सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

सरायकेला नगर पंचायत के समक्ष भाजपा का एकदिवसीय धरना प्रदर्शन

सरायकेला नगर पंचायत के समक्ष भाजपा का एकदिवसीय धरना प्रदर्शन

सरायकेला : भाजपा संगठन के प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत बुधवार को सरायकेला नगर पंचायत के समक्ष राज्य सरकार द्वारा निकाय चुनाव में हो रही देरी के विरोध में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने निकाय चुनाव की तिथि शीघ्र घोषित करने, चुनाव दलीय आधार पर कराने तथा ईवीएम के माध्यम से मतदान कराने की मांग की।

धरना को संबोधित करते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजा सिंहदेव ने कहा कि वर्ष 2018 में रघुवर सरकार के कार्यकाल में निकाय चुनाव दलीय आधार पर और ईवीएम के माध्यम से संपन्न कराए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि ईवीएम से चुनी गई वर्तमान सरकार अब ईवीएम से चुनाव कराने से क्यों पीछे हट रही है। भाजपा की स्पष्ट मांग है कि निकाय चुनाव ईवीएम से ही कराए जाएं।

सोना राम बोदरा ने बताया कि इस संबंध में महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें सरकार से शीघ्र चुनाव तिथि घोषित करने, दलीय आधार पर चुनाव कराने और ईवीएम के माध्यम से निष्पक्ष मतदान कराने की मांग की जाएगी।

कार्यक्रम को हरेकृष्ण प्रधान, मीनाक्षी पटनायक, देवाशीष राय, सानंद आचार्य, माइकल महतो और बद्रीनाथ दोरोगा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बद्रीनाथ दोरोगा ने की, संचालन सुमित चौधरी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन मुरलीधर प्रधान ने दिया।

धरना प्रदर्शन में जिला मंत्री सूर्या देवी, कबीता दास, रीता दुबे, राजकुमार सिंह, मंडल महामंत्री सुमित चौधरी, मंडल अध्यक्ष मनोज महतो, मुरलीधर प्रधान, बीजु दत्ता, गणेश महांती, पिंकी मोदक, तुषार दुबे, चिरंजीवी महापात्र, परशुराम कबी, आजम्बर मुखी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

चाईबासा में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित

चाईबासा में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा के कोल्हान विश्वविद्यालय सभागार में समाज कल्याण निदेशालय, झारखंड के तत्वावधान में “सुरक्षित एवं सशक्त महिला–सशक्त झारखंड” के उद्देश्य से बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का उद्घाटन राजस्व एवं भूमि सुधार तथा परिवहन विभाग के मंत्री दीपक बिरुवा ने किया। इस अवसर पर जिला उपायुक्त चंदन कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. भारती गोरती मिंज, अपर उपायुक्त प्रवीण केरकेट्टा, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संदीप अनुराग, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती सहित जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी, मानकी-मुंडा, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से की गई तथा अतिथियों का स्वागत पौधा, अंग वस्त्र और मोमेंटो देकर किया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि बाल विवाह और डायन प्रथा समाज की गंभीर कुरीतियां हैं, जो महिलाओं और बालिकाओं के विकास, शिक्षा और सुरक्षा में बाधा बनती हैं। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह कानूनन अपराध है। मंत्री ने उपस्थित लोगों से बाल विवाह एवं डायन प्रथा के खिलाफ सभी स्तरों पर जागरूकता फैलाने की अपील की और शपथ दिलाई।

जिला उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार मंईया सम्मान योजना, सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना जैसी योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से समाप्त करना है। साथ ही उन्होंने महिला हेल्पलाइन 181 और इमरजेंसी सेवा 112 की जानकारी दी।

उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने कहा कि यदि बेटियों को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण मिले तो वे हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं, जिसका उदाहरण हाल के दिनों में खेल जगत में सफल महिला टीमें हैं।