चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने मंगलवार को कोल्हान विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में जिले के सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO’s) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में मासिक वेतन विपत्रों की निकासी और उससे पहले अपनाई जाने वाली आवश्यक प्रक्रियाओं एवं सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

उपायुक्त ने सभी DDO’s को JTC कोड एवं कोषागार अधिनियम का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने पिछले 10 वर्षों में विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत रहे कर्मियों—मृत, सेवानिवृत्त, निलंबित या स्थानांतरित—की विस्तृत सूची तैयार करने को कहा, ताकि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की संभावना समाप्त की जा सके।

बैठक के दौरान विशेष रूप से उन मामलों की जांच के निर्देश दिए गए, जिनमें कोई कर्मचारी अन्य कार्यालय में कार्यरत रहते हुए भी मूल कार्यालय से वेतन प्राप्त कर रहा हो। इसके अलावा, सभी DDO’s को मैसेंजर बुक का सही एवं नियमित संधारण सुनिश्चित करने को कहा गया।

उपायुक्त ने कर्मचारियों से संबंधित ACP, MACP एवं सर्विस बुक के नियमित अद्यतन पर भी जोर दिया। साथ ही, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन के लिए उपयोग होने वाले बैंक खातों को आधार से लिंक करना अनिवार्य बताया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पदाधिकारी या कर्मचारी को व्यक्तिगत खाते में भुगतान नहीं किया जाएगा। सभी वित्तीय लेन-देन केवल पेआईडी/ऑनलाइन माध्यम से ही किए जाएंगे और OTP सत्यापन अनिवार्य रहेगा।
यह बैठक जिले में वित्तीय पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

