राजनीति

अबुआ आवास निर्माण में छत ढलाई की बाध्यता समाप्त

अबुआ आवास निर्माण में छत ढलाई की बाध्यता समाप्त

पश्चिम सिंहभूम जिले के दुर्गम और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अबुवा आवास निर्माण में हो रही परेशानियों को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत की घोषणा की है। अब लाभुक आवासों की छत ढलाई में जीआई सीट, टाली खपरा और एस्बेस्टस सीट लगाने की अनुमति दी गई है।

झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह, मंत्री दीपक बिरुवा और विधायक निरल पूर्ति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यह निर्णय गरीब आम जनता के हित में विधायक श्री पूर्ति द्वारा विधानसभा में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के बाद लिया गया।

विधायक श्री पूर्ति ने बताया कि जिले की भौगोलिक स्थिति और निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि के कारण दुर्गम क्षेत्रों में आवास निर्माण में कई दिक्कतें आ रही थीं। अब यह राहत विशेष रूप से टोंटो, गुदड़ी, गोइलकेरा, आनंदपुर, मनोहरपुर और बंदगांव प्रखंडों के लाभुकों के लिए उपलब्ध होगी। जरूरत पड़ने पर इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।

झारखंड सरकार का लक्ष्य अबुवा आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। इसके तहत राज्य में तीन चरणों में 8 लाख नए मकान बनाए जाएंगे:

🔸2023-24: 2 लाख मकान

🔸2024-25: 3.5 लाख मकान

🔸2025-26: 2.5 लाख मकान

बुधराम लागुरी ने कहा कि जिले की समस्याओं के समाधान के लिए झामुमो विधायक और सांसद प्रतिबद्ध हैं और इस जनहित कार्य के लिए उन्होंने राज्य सरकार और सभी संबंधित अधिकारियों की सराहना की।

घाटशिला में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के रोड शो के दौरान तापस चटर्जी ने क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगें रखीं

घाटशिला में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के रोड शो के दौरान तापस चटर्जी ने क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगें रखीं

घाटशिला में रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के रोड शो के दौरान गौरीकुंज उन्नयन समिति के अध्यक्ष तापस चटर्जी ने स्टेशन चौक पर उनसे मुलाकात की और क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई मांगें रखीं।

तापस चटर्जी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि घाटशिला को जिला और पर्यटन क्षेत्र के रूप में घोषित किया जाए, ताकि यहां के पर्यटन स्थलों का व्यवस्थित विकास हो सके। उन्होंने कहा कि घाटशिला प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है और यहां सालभर देशभर से पर्यटक आते हैं, लेकिन पर्यटन सुविधाओं की कमी और खराब सड़कों के कारण उन्हें परेशानी होती है।

उन्होंने विभूति बाबू के आवास (विभूति भवन) के रखरखाव और उसे पर्यटन मानचित्र में शामिल करने की मांग भी की। चटर्जी ने कहा कि यह स्थान बंगला भाषी समाज के लिए श्रद्धा का केंद्र है, इसे गेस्ट हाउस या सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।

उन्होंने सड़कों की मरम्मत, शौचालय, पेयजल और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की भी मांग की। मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि राज्य सरकार झारखंड के संभावित पर्यटन स्थलों के विकास के लिए कार्य कर रही है।

इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण भी किया गया।

वायरल वीडियो: चाईबासा मुफस्सिल थाना के सिविल ड्रेस में तैनात दो जवान ट्रैक्टर मालिकों से अवैध वसूली करते कैमरे में कैद

वायरल वीडियो: चाईबासा मुफस्सिल थाना के सिविल ड्रेस में तैनात दो जवान ट्रैक्टर मालिकों से अवैध वसूली करते कैमरे में कैद

8 नवंबर 2025 : चाईबासा मुफस्सिल थाना के सिविल ड्रेस में तैनात जवान औरंगजेब खान व शिव प्रकाश राम का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे दूम्बीसाईं गिरीश ढाबा के पास ट्रैक्टर मालिकों से अवैध वसूली करते CCTV कैमरे में कैद हुए हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रति ट्रैक्टर ₹5,000 थाना प्रभारी का इंट्री के नाम रेट तय है, की वसूली की जाती है, वहीं अवैध मुर्गा पाड़ा, हब्बा-डब्बा और जुआ कारोबार से प्रतिमाह ₹50,000 तक की उगाही होती है।

इन सबके बावजूद थाना स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई न होना यह दर्शाता है कि अवैध कारोबार पुलिस संरक्षण में पनप रहा है। जनता जहां सुरक्षा की उम्मीद रखती है, वहीं वसूली का खेल खुलेआम जारी है।

एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व प्रत्याशी धी. रामहरि पेरियार ने कहा कि सच्चाई कड़वी है लेकिन यथार्थ है, हर एक अवैध गतिविधि के पीछे पुलिस तंत्र की मिलीभगत साफ दिखती है। ‘सेवा ही लक्ष्य’ का नारा अब ‘वसूली ही व्यवस्था’ में बदल चुका है।

प्रदेश अध्यक्ष ने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से तत्काल संज्ञान लेकर दोषी जवानों व संलिप्त अधिकारियों पर निलंबन और न्यायिक जांच की मांग की है।

साथ ही उन्होंने X (Twitter) के माध्यम से DC चाईबासा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग कर मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्यवाही सुनिश्चित करने की मांग की है। एंटी करप्शन ऑफ इंडिया ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो यह मामला राज्यपाल, मुख्यमंत्री व मानवाधिकार आयोग तक उठाया जाएगा।

जेआरडीसीएल पर बरसे आसपा नेता सनत सिंह सरदार, बोले – सड़क सुरक्षा और स्वच्छता नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां

जेआरडीसीएल पर बरसे आसपा नेता सनत सिंह सरदार, बोले – सड़क सुरक्षा और स्वच्छता नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां

08 नवंबर 2025 : आज़ाद समाज पार्टी (आसपा) के नेता सनत सिंह सरदार ने जेआरडीसीएल कंपनी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कंपनी सड़क सुरक्षा और स्वच्छता नियमों की पूरी तरह अनदेखी कर रही है।

सरदार ने बताया कि होटल पारस से उषा मोड़ तक सड़क किनारे कचरे का अंबार लगा है, जबकि पूरे क्षेत्र से कचरा उठाने के लिए केवल एक ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाई गई है। इससे समय पर सफाई नहीं हो पाती और आसपास का इलाका बदबू व प्रदूषण से भर गया है। उन्होंने कहा कि “प्रदूषण घटने के बजाय बढ़ रहा है और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।”

उन्होंने आगे बताया कि डीबीसी मोड़, मंगलम और केंदूगाछ के पास सर्विस रोड की हालत भी खराब है—जगह-जगह गड्ढे और टूटे हिस्से लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।

इसके अलावा, सड़क लाइटें भी दुरुस्त नहीं हैं। “कुछ लाइटें जलती हैं, कुछ नहीं। अंधेरे में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन जेआरडीसीएल अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं,” उन्होंने कहा।

अंत में सनत सिंह सरदार ने जिला प्रशासन से जेआरडीसीएल की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की मांग की, साथ ही कहा कि जनता की सुरक्षा और स्वच्छता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में “वंदे मातरम” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित

भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में “वंदे मातरम” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित

भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में शुक्रवार को “वंदे मातरम” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संजय पांडे ने की। कार्यकर्ताओं ने माँ भारती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और सामूहिक रूप से “वंदे मातरम” गीत गाया, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति की भावना से गूंज उठा।

वक्ताओं ने “वंदे मातरम” के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह गीत 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था, जो भारत की आत्मा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। 1905 के बंग-भंग आंदोलन में यह गीत स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा बना और स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा मिला।

जिला अध्यक्ष संजय पांडे ने कहा कि “वंदे मातरम” केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और आत्मगौरव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर आने वाले दिनों में विद्यालयों, महाविद्यालयों और पंचायत स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि “वंदे मातरम” की गौरवगाथा हर नागरिक तक पहुँचे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और “भारत माता की जय” के नारों के साथ हुआ। इस दौरान पूर्व विधायक जवाहरलाल बानरा, जिला महामंत्री प्रताप कटियार महतो, अभियान संयोजक रूप सिंह दास, महिला मोर्चा प्रमंडलीय प्रभारी सुमन गागराई, एसटी मोर्चा जिला अध्यक्ष तीरथ जमुदा, जय किशन विरूली सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।