राजनीति

नगर निकाय चुनाव 2026: चाईबासा नगर परिषद से भाजपा टिकट के लिए रोहित दास ने किया आवेदन

नगर निकाय चुनाव 2026: चाईबासा नगर परिषद से भाजपा टिकट के लिए रोहित दास ने किया आवेदन

चाईबासा : झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चाईबासा नगर परिषद क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बनने की इच्छा जताते हुए युवा कार्यकर्ता एवं कॉमर्स कॉलेज के पूर्व छात्र नेता रोहित दास ने भाजपा जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू को अपना आवेदन सौंपा।
इस मौके पर रोहित दास ने कहा कि वे लंबे समय से पार्टी संगठन से जुड़े हैं और यदि उन्हें अवसर मिलता है तो वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनता की सेवा करेंगे।
उल्लेखनीय है कि रोहित दास अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में नगर मंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय स्वयंसेवक हैं।

चक्रधरपुर में VB-GRAMG के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला, पूर्व सांसद गीता कोड़ा हुईं शामिल

चक्रधरपुर में VB-GRAMG के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला, पूर्व सांसद गीता कोड़ा हुईं शामिल

पश्चिम सिंहभूम : चक्रधरपुर में विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी (ग्रामीण) VB-GRAMG के तहत एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पूर्व सांसद श्रीमती गीता कोड़ा शामिल हुईं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व मंत्री श्री सुदर्शन भगत उपस्थित रहे।

इस अवसर पर श्री दीपक पासवान, शशिभूषण सामड, गुरुचरण नायक, अशोक षाडंगी, सुरेश साव, मालती गिलुवा, तीरथ जामुदा, अनिमा मिंज, डारे बोदरा, बहनु तिर्की, अनूप दूबे, सुशांत कुमार मंडल, दुर्योधन प्रधान, सरना बोयपाई सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का भयंकर विमान हादसे में निधन

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का भयंकर विमान हादसे में निधन

मुम्बई : महाराष्ट्र के बारामती (पुणे जिला) में 28 जनवरी 2026 की सुबह एक चार्टर्ड Learjet 45 विमान (VT-SSK) लैंडिंग के दौरान क्रैश-लैंड हुआ, जिससे विमान में सवार अजित पवार सहित सभी लोग की मौत हो गई है। विमान मुंबई से बारामती के लिए जा रहा था। हादसा सुबह लगभग 8:48 बजे हुआ जब विमान रनवे के समीप क्रैश-लैंड करते ही आग में जल गया।
इस दुर्घटना में अजित पवार के अलावा उनके पर्सनल सिक्योरिटी अधिकारी, अन्य सहयोगी और विमान के दो क्रू सदस्यों सहित कुल 5 लोग मारे गए। विमान में सवार किसी भी व्यक्ति के बचने की सूचना नहीं है, और दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है।
अजित पवार महाराष्ट्र के एक वरिष्ठ और प्रभावशाली राजनीति नेता थे, जिन्होंने राज्य प्रशासन और चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस हादसे की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक नेता शोक व्यक्त कर रहे हैं और पूरे महाराष्ट्र में भारी क्षोभ का माहौल है।
यह जानकारी विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय समाचार स्रोतों पर आधारित है।

UGC के नई नियमावली जारी, मनुवादियों का विरोध; अभियान के स्टूडेंट्स विंग का समर्थन—29 जनवरी को धरना-प्रदर्शन।

UGC के नई नियमावली जारी, मनुवादियों का विरोध; अभियान के स्टूडेंट्स विंग का समर्थन—29 जनवरी को धरना-प्रदर्शन।

चाईबासा। 13 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा एक महत्वपूर्ण नियमावली जारी की गई, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के साथ जाति, धर्म, लिंग और क्षेत्र के आधार पर हो रहे अन्याय, उत्पीड़न और भेदभाव को रोकना है। यह नियमावली भारतीय संविधान में निहित समानता, गरिमा और सामाजिक न्याय के मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक आवश्यक कदम है।

लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि इस नियमावली के जारी होते ही तथाकथित कुछ वर्गों द्वारा इसका विरोध किया जाने लगा। यह विरोध केवल एक प्रशासनिक असहमति नहीं है, बल्कि यह मनुवादी, ब्राह्मणवादी और ऊँच-नीच पर आधारित उस रुग्ण मानसिकता को उजागर करता है, जो आज भी बहुजन समाज के विद्यार्थियों को समान अवसर मिलने से रोकना चाहती है।

इस विरोध का सीधा अर्थ यही निकाला जा सकता है कि हजारों वर्षों से चली आ रही जातिगत वर्चस्व की मानसिकता को आज भी बहुजन समाज के विद्यार्थियों पर थोपा जा रहा है। विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और अन्य पावर सेंटरों से दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को दूर रखने की एक सुनियोजित कोशिश लगातार जारी है।

यदि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पिछले पाँच वर्षों के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो यह स्पष्ट होता है कि जातीय भेदभाव के मामलों में लगभग 118% की वृद्धि हुई है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि हाल के वर्षों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के साथ विश्वविद्यालयों में भेदभाव और उत्पीड़न बढ़ा है, न कि घटा है।

आज भी समाज का एक वर्ग अपनी वर्चस्ववादी सोच के तहत दबे-कुचले समुदायों के लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार करता है। वे नहीं चाहते कि पिछड़े वर्गों के लोग उच्च पदों पर पहुँचें, निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में भाग लें और देश व समाज की सेवा करें। यही कारण है कि देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में आज भी प्रतिनिधित्व की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है—

अनुसूचित जनजाति के लगभग 83%,

अनुसूचित जाति के लगभग 64%,

और अन्य पिछड़ा वर्ग के लगभग 80%

असिस्टेंट प्रोफेसर के पद खाली पड़े हैं।

ऐसी परिस्थितियों में सामाजिक न्याय और समान अवसर की बात किस आधार पर की जा सकती है? जहाँ दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व नाममात्र का हो, वहाँ वे वर्चस्ववादी समाज के सामने अपनी बात मजबूती से कैसे रख सकते हैं?

विगत वर्षों में अनेक ऐसे मामले सामने आए हैं, जहाँ विश्वविद्यालयों में दलित, पिछड़े और आदिवासी विद्यार्थियों को जाति, धर्म और क्षेत्र के आधार पर इतना प्रताड़ित किया गया कि कई विद्यार्थियों ने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लिया। यह हमारे शैक्षणिक तंत्र और सामाजिक संवेदनशीलता पर एक गहरा प्रश्नचिह्न है।

ऐसी स्थिति में यदि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग उत्पीड़न और भेदभाव को रोकने के लिए नियमावली बनाता है, तो उसका विरोध करना वास्तव में अमानवीय व्यवहार को जायज ठहराने जैसा है। सवाल यह है कि वे कौन लोग हैं, जो आज भी जानवरों जैसा व्यवहार इंसानों के साथ करने को सही ठहराना चाहते हैं?

यह नियमावली किसी के अधिकार छीनने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह उन विद्यार्थियों को सुरक्षा और सम्मान देने की कोशिश है, जिन्हें सदियों से वंचित रखा गया है। यदि हमें एक सच्चे लोकतांत्रिक और संवैधानिक गणराज्य का निर्माण करना है, तो ऐसी प्रगतिशील पहलों का समर्थन करना ही होगा—विरोध नहीं।

लंदन में गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महात्मा गांधी को किया नमन

लंदन में गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महात्मा गांधी को किया नमन

रांची : गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने लंदन स्थित पार्लियामेंट स्क्वायर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू के सत्य, अहिंसा और ईमानदारी के आदर्श आज भी हमें उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व, समाज सेवा और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचार और जीवन मूल्य न केवल नागरिकों के लिए मार्गदर्शक हैं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में झारखंड से अध्ययन के लिए आए स्कॉलर्स, प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्य तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस अवसर को यादगार और प्रेरणादायी बताया।

गणतंत्र दिवस पर कांग्रेस भवन चाईबासा में झंडोत्तोलन, जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने एकजुट होकर चुनौतियों से मुकाबले का किया आह्वान

गणतंत्र दिवस पर कांग्रेस भवन चाईबासा में झंडोत्तोलन, जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने एकजुट होकर चुनौतियों से मुकाबले का किया आह्वान

चाईबासा : गणतंत्र दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस भवन, चाईबासा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने झंडोत्तोलन किया। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सभी चुनौतियों का मिलकर सामना करने का आह्वान किया।
झंडोत्तोलन के बाद जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। भारत की संस्कृति जोड़ने और भाईचारे की संस्कृति है, जिसके कारण पूरा देश एक झंडे के नीचे एकजुट है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की संस्कृति भी जोड़ने की है और यही भारत की मूल पहचान है।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संकल्प लेने का आग्रह किया कि देश के सामने आने वाली हर चुनौती का एकजुट होकर मजबूती से मुकाबला किया जाएगा। कांग्रेस का इतिहास त्याग और बलिदान का रहा है और पार्टी आज भी हर प्रकार की कुर्बानी देने के लिए तैयार है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक देवेंद्र नाथ चांपिया, अंजुमन सदर खलीकुर रहमान सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

गणतंत्र दिवस पर नगर अध्यक्ष शंभू आचार्य ने नगरवासियों को दी शुभकामनाएं, संविधान और कर्तव्यों के पालन का किया आह्वान

गणतंत्र दिवस पर नगर अध्यक्ष शंभू आचार्य ने नगरवासियों को दी शुभकामनाएं, संविधान और कर्तव्यों के पालन का किया आह्वान

सरायकेला : गणतंत्र दिवस के अवसर पर सरायकेला नगर अध्यक्ष शंभू आचार्य ने नगरवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान, समानता और लोकतंत्र के मूल्यों का प्रतीक है। यह दिवस हमें एक सशक्त और समावेशी भारत के निर्माण की प्रेरणा देता है।

शंभू आचार्य ने नगरवासियों से देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए ईमानदारी से योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि संविधान का सम्मान करना और अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना ही सच्ची देशभक्ति है।

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पारलपोसी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस, सांसद जोबा माझी ने किया ध्वजारोहण

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पारलपोसी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस, सांसद जोबा माझी ने किया ध्वजारोहण

सरायकेला : सरायकेला प्रखंड के पारलपोसी स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिंहभूम की सांसद जोबा माझी शामिल हुईं। उन्होंने विद्यालय परिसर में ध्वजारोहण किया।
इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अपने संबोधन में सांसद जोबा माझी ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था, जिससे देश एक संप्रभु गणराज्य बना। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संविधान निर्माताओं के योगदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने देश की एकता, अखंडता और संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में समाजसेवी कालीपद सोरेन, झामुमो नेता जॉनी हाजरा सहित शिक्षक ज्ञानेंद्र कुमार, अनिल कुमार, देवेंद्र प्रसाद वर्मा, सिद्धांत प्रताप सिंह, नीलम कुमारी, अर्चना यादव, रतना माला एवं विद्यालय के बच्चे उपस्थित थे।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान

दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान

नई दिल्ली / रांची : भारत सरकार ने 77वें गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा करते हुए झारखंड आंदोलन के प्रणेता और वरिष्ठ आदिवासी नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। यह सम्मान उन्हें सार्वजनिक कार्यों तथा लोककल्याण के क्षेत्र में उनके बहुसंख्यक योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा।

सम्मान समारोह में प्रोटोकॉल को लेकर विवाद, झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा ने जताई आपत्ति

सम्मान समारोह में प्रोटोकॉल को लेकर विवाद, झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा ने जताई आपत्ति

जगन्नाथपुर : चाईबासा सदर अनुमंडल स्थित मांगीलाल रूंगटा भवन में आयोजित झारखंड आंदोलनकारी सम्मान समारोह के दौरान एक विवाद सामने आया है। कार्यक्रम में झामुमो जिला प्रवक्ता सह झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा के मीडिया प्रभारी बुधराम लागुरी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा था। इसी दौरान एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा पीछे से शॉल ओढ़ाए जाने को लेकर मोर्चा ने गंभीर आपत्ति जताई है।
झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा ने इस घटना को आंदोलनकारियों का अपमान बताया है। मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी मंजीत कोड़ा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि इस मामले को लेकर आगामी फरवरी माह में होने वाली मोर्चा की बैठक में विरोध प्रस्ताव पारित किया जाएगा।